भारत भूषण विश्वकर्मा
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भोपाल। बीते दिनों नियमों को ताक पर रखकर शासन द्वारा निर्धारित समय से पहले शराब बिक्री को उजागर करने वाले पत्रकार अमित सेन को शराब माफिया द्वारा प्राइवेट नम्बर से फोन पर गाली गलौज कर धमकी दी गयी थी। राजधानी में पत्रकार को धमकाने के इस मामले ने खूब तूल पकड़ा और प्रदेश के पत्रकारों के बीच भी ये मामला चर्चा का केन्द्र बना रहा। अमित सेन की शिकायत पर 24 नवंबर को सूखी सेवनिया थाने में अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन पुलिस की पड़ताल आज भी आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है। एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस का आरोपी तक न पहुंच पाना कहीं न कहीं इस मामले में पुलिस की विवेचना की रफ्तार पर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि इस मामले में पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पत्रकार को धमकाने के लिए प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल किया है, जिसके चलते तकनीकी तौर पर आरोपी की पहचान में कठिनाई आ रही है। वहीं इस मामले पर देहात एसपी प्रमोद कुमार सिन्हा का कहना है कि पुलिस इस प्रकरण पर निरंतर जांच कर रही है, उन्होंने कहा कि बहुत ही जल्द पुलिस आरोपी तक पहुंच जाएगी।
क्या कहना है पीड़ित पत्रकार का
शराब माफिया की गुंडागर्दी का शिकार बने अमित सेन अपने ही मामले में पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली से खिन्न हैं, उनका कहना है कि एक महीने से भी अधिक समय मे पुलिस की जांच का बेनतीजा रहना पुलिस की सुस्ती को उजागर कर रहा है। उन्होंने पुलिस द्वारा जानबूझकर आरोपी को बचने का समय देने की शंका जाहिर करते हुए कहा कि, एक पत्रकार के मामले में पुलिस के लचर रवैये से यह आंकलन किया जा सकता है कि आम ग्रामीणों के प्रकरण पर पुलिस कैसे कार्यवाही करती होगी।
