भोपाल ग्रामीण पुलिस का व्यापक साइबर जागरूकता अभियान: कॉलेज अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में लगी चौपाल

जीतेन्द्र सेन

भोपाल! पुलिस मुख्यालय भोपाल के दिशा-निर्देशनुसार आम नागरिकों को “रुको, सोचो,एक्शन लो” की थीम पर जागरूक करने हेतु संचालित Safe Click 2.0 – सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन अभियान के छठवें दिन भोपाल (ग्रामीण) पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न कॉलेजों,अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम विशेष संवाद, जागरूकता सत्र एवं साइबर रथ के माध्यम से आमजन को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।

*थाना बिलखिरिया* क्षेत्र अंतर्गत LNCT कॉलेज में पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) पंकज कुमार पाण्डेय द्वारा विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक ने पीपीटी के माध्यम से वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों जैसे फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को बताया कि साइबर अपराधी तकनीक का दुरुपयोग कर लोगों को मानसिक दबाव, लालच या भय में डालकर ठगी करते हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सजग रहना अत्यंत आवश्यक है, “सतर्कता ही हमारा सबसे बड़ा रक्षा कवच है।” साथ ही किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या NCRP Portal पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान छात्रों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के व्यावहारिक उत्तर भी दिए गए। इस अवसर पर कॉलेज डायरेक्टर अशोक राय, एसडीओपी बिलखिरिया अंतिमा समाधिया एवं थाना प्रभारी बिलखिरिया उमेश चौहान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 450 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इसी क्रम में *थाना सूखीसेवनिया* क्षेत्र के आयुष्मान आरोग्य मंदिर इमलिया एवं चोपड़ा कलां में नर्सिंग स्टाफ, महिलाओं एवं परिजनों को साइबर अपराध से बचाव संबंधी जानकारी दी गई। *थाना ईटखेड़ी* क्षेत्र के लीलावती हॉस्पिटल एवं जीवनदान हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के परिजनों एवं नर्सिंग स्टाफ को साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई। *थाना परवलिया सड़क* क्षेत्र के ग्राम झिरनिया बाजार, मुगलिया हाट एवं जीवनज्योति हॉस्पिटल में आयोजित कार्यक्रम में लोग जागरूक हुए। *थाना बैरसिया* क्षेत्र में CHC बैरसिया एवं साइबर जागरूकता रथ के माध्यम से लोग लाभान्वित हुए। *थाना नजीराबाद* क्षेत्र के शासकीय स्वास्थ्य केंद्र नजीराबाद एवं रुनाहा में आयोजित कार्यक्रम में लोग जागरूक हुए। वहीं *थाना गुनगा* क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं साइबर रथ के माध्यम से लोग जागरूक हुए। सभी कार्यक्रमों में आमजन को संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल, OTP शेयरिंग एवं ऑनलाइन ठगी से बचाव हेतु व्यावहारिक सुझाव दिए, तथा साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या NCRP Portal पर शिकायत दर्ज कराने हेतु जानकारी साझा की।आज आयोजित कुल 12 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस अधिकारीयों द्वारा लगभग 1420 से अधिक छात्र-छात्राओं, स्वास्थ्यकर्मियों, महिलाओं एवं ग्रामीण नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने भोपाल की सड़कों के बेहतर रख-रखाव के दिये निर्देश

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने आज भोपाल शहर की सड़कों को लेकर संबंधित एजेंसियों की बैठक ली। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए वर्षाकाल में सडकें दुरुस्त रहें एवं जलभराव की स्थिति नहीं हो। संभागायुक्त शर्मा ने कहा कि भोपाल शहर में सड़कों के निर्माण एवं रख-रखाव के लिए बहुत सारी एजेंसी कार्य करती हैं। इन सभी एजेंसियों में परस्पर समन्वय रहना चाहिए। शर्मा ने संत हिरदाराम नगर में बन रहे ओवर ब्रिज की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त किया और कहा कि यह निर्माण निर्धारित समय में पूरा होना चाहिए।

संभागायुक्त शर्मा ने कहा कि सभी निर्माण एजेंसी ध्यान रखें कि निर्माण के दौरान शहर में पी.एन.जी. गैस सप्लाई बाधित नहीं होनी चाहिए। गैस एजेंसी के प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थिति थे।शर्मा ने कहा कि सभी के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। शर्मा ने नगर निगम के इंजीनियर से कहा कि बारिश के दौरान सड़कों के रख-रखाव के लिए पूरी तैयारी बनाकर रखें। जहाँ कहीं भी शिकायत आती है वहाँ रिस्पांस टाइम अत्यंत कम होना चाहिए। शर्मा ने भोपाल शहर की ओर आने वाले मार्गों पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के समय भोपाल के बाहरी मार्गों में बेहतर आगमन हो यह सुनिश्चित करें। बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ दौरान भोपाल-सागर-कानपुर मार्ग अत्यधिक परिवहन वाला संभावित है। शर्मा ने कहा कि इस मार्ग में आगमन सुचारू रूप से होना चाहिए। शर्मा ने बैठक में भोपाल शहर एवं आस-पास की सड़कों में ब्लैक स्पॉट दूर करने के लिए प्रभावी करवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में यातायात पुलिस से बेहतर समन्वय रखें। जहाँ ब्लैक स्पॉट तत्काल में दूर नहीं हो सकते वहाँ पर बेहतर एवं प्रभावी संकेतक लगाए जाएँ। संभागायुक्त ने कहा कि आगामी जनवरी माह में भोपाल में जीआईएस प्रस्तावित है। भोपाल के आसपास सांची, भोजपुर जैसे पर्यटन स्थलों की सड़कों पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए। मेट्रो के निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कें सुधारने में तत्परता बरतने के निर्देश उन्होंने दिए। उन्होंने कहा कि समग्र रूप से यह सुनिश्चित करें कि सड़कें बेहतर हों और आम जनता को इसमें परेशानी नहीं हो।

जनहित के कार्यों में शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं अधिकारी पूरी मुस्तैदी से करें अपने दायित्वों का निर्वहन – कलेक्टर प्रियंक मिश्रा

स्कूल या आंगनवाड़ी भवन जर्जर जीर्ण-क्षीण अवस्था में हैं, उन्हें अविलंब खाली कराया जाए

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा (टीएल) पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के शासकीय कार्यों की सघन समीक्षा करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतर्विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में किसी भी स्तर पर उदासीनता अथवा शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी और सभी अधिकारी लोकहित के कार्यों में पूरी संवेदनशीलता के साथ सक्रिय रहें।आगामी विधानसभा सत्र के दृष्टिगत कलेक्टर मिश्रा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि विधानसभा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर पूर्णतः सटीक, तथ्यात्मक और समय-सीमा के भीतर प्रेषित किए जाएं, इसमें किसी भी प्रकार का विलंब क्षम्य नहीं होगा।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करते हुए उन्होंने कहा कि मानसून एवं अन्य आपात स्थितियों के मद्देनजर सभी विभाग आपस में जीवंत समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करें। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में आपदा प्रबंधन का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम होना चाहिए और पूर्व निर्धारित सभी सुरक्षात्मक कार्यों का निरंतर फॉलो-अप लिया जाए। जल गंगा संवर्धन अभियान की चर्चा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के समापन अवसर पर सभी विभाग गरिमामयी कार्यक्रमों का आयोजन कर उल्लेखनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रदर्शित करें तथा इन आयोजनों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। *राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर मिश्रा ने पटवारियों को ‘फॉर्मर रजिस्ट्री’ के कार्य को गति देने के लिए साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने के निर्देश दिए और सचेत किया कि इस कार्य में अपेक्षित प्रगति न लाने वाले संबंधितों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।* इसके साथ ही, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को त्वरित और संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। कृषि विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि वे जिले में उर्वरकों का वितरण अनिवार्य रूप से ‘ई-विकास पोर्टल’ के माध्यम से ही संपादित करें, जिससे संपूर्ण वितरण व्यवस्था पारदर्शी, नियंत्रित और सुगम बनी रहे। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों को उनके मूल प्रशासनिक दायित्वों का स्मरण कराते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र के ‘इंसीडेंट कमांडर’ हैं, अतः वे अपनी सभी प्राथमिक जिम्मेदारियों के प्रति अत्यंत सजग रहें। उन्होंने निर्देश दिए कि क्षेत्र के जो भी स्कूल या आंगनवाड़ी भवन जीर्ण-क्षीण या जर्जर अवस्था में हैं, उन्हें अविलंब खाली कराया जाए जिससे बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं के समाधान हेतु जनप्रतिनिधियों से सतत् समन्वय बनाए रखने तथा क्षेत्र में किसी भी आपात स्थिति के निर्मित होने पर तत्काल धरातल पर मोर्चा संभालते हुए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर मिश्रा ने नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ में छात्र नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि करने तथा ड्रॉप-आउट बच्चों की सटीक ट्रैकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग से समन्वय स्थापित कर ऐसे बच्चों को सूचीबद्ध किया जाए जो पढ़ाई छोड़ चुके हैं, जिससे उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। अधिकारी स्वयं मैदानी क्षेत्रों का दौरा कर बच्चों की ‘अपार आईडी’ बनवाना सुनिश्चित करें और केवल अधीनस्थों की बातों पर निर्भर न रहकर स्वयं स्थलीय निरीक्षण द्वारा समस्याओं का व्यावहारिक निराकरण करें। इसके साथ ही, नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सह-स्थित आंगनवाड़ियों को’ स्कूलों में स्थानांतरित करने हेतु तत्काल सर्वे कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।स्वास्थ्य विभाग के कार्यों को गति देने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे एनीमिया से पीड़ित महिलाओं की शत-प्रतिशत डाटा प्रविष्टि सुनिश्चित करें तथा ‘हाई रिस्क प्रेगनेंसी’ वाली महिलाओं का सघन फॉलो-अप लेते हुए जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में सकारात्मक सुधार लाएं। दवाओं की गुणवत्ता और वैधता को परखने के लिए उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर और फूड सेफ्टी ऑफिसर के साथ मिलकर जिले की मेडिकल दुकानों का संयुक्त रूप से सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए, जिससे चिकित्सा क्षेत्र में शुचिता बनी रहे।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर मिश्रा ने ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजनाओं के सुचारू संचालन पर बल देते हुए कहा कि जिन योजनाओं में जल स्रोत या पाइपलाइन की तकनीकी समस्या है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि नागरिकों को सुगमता से पेयजल उपलब्ध हो सके। अंत में, श्रम विभाग को ‘प्रधानमंत्री श्रमयोगी मान-धन योजना’ के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विभाग को एक विस्तृत और समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर मिशन मोड में कार्य करने के लिए कहा, जिससे इस कल्याणकारी योजना का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े हितग्राहियों तक सुगमता से पहुंच सके।

स्वास्थ्य,शिक्षा और औद्योगीकरण पर फोकस करें कलेक्टर:मुख्य सचिव अनुराग जैन

आमजन से जुड़़ी योजनाओं और लक्ष्य आधारित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में आसान प्रक्रिया अपनाने पर जोर

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टर्स से कहा है कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश को विकसित किए जाने के लिए बुनियादी रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगीकरण और मानवसंसाधन को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने निर्देश दिए कि आमजन से जुड़़ी योजनाओं और लक्ष्य आधारित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए आसान प्रक्रिया अपनाएं। उन्होंने सुशासन के अनेक बिंदुओं की नियमित समीक्षा से आए बदलाव के लिए कलेक्टर्स की तारीफ की। मुख्य सचिव जैन ने गुरूवार को मंत्रालय से वी.सी के माध्यम से कलेक्टर, कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों के साथ कलेक्टर्स कांफ्रेंस में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर भोपाल कमिश्नर कार्यालय से संभागीय आयुक्त कर्मवीर शर्मा एवं कलेक्टर कार्यालय से भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा भी शामिल हुए।मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टर्स से कहा कि शहरीकरण के तहत मास्टर प्लान तैयार करने के साथ औद्योगीकरण के लिए निवेश आकर्षित करने पर भी काम किया जाए। उन्होंने मध्यप्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और मानवसंसाधन के कौशल विकास पर भी काम करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि पी.एम गतिशक्ति पर निर्माण कार्यों और संपत्ति की मेपिंग चल रही है, कलेक्टर्स सी.एम गतिशक्ति पर भी प्रदेश के निर्माण कार्यों और समस्त प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी अपडेट करें जिससे नियमित समीक्षा हों सके। उन्होंने शासकीय संपत्ति का उपयोग अन्य विभागों द्वारा किए जाने पर भी बल दिया। जैन ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय भवन के निर्माण के बाद रिक्त हुए स्कूल भवनों में आयुष बेलनेस सेंटर,उप-स्वास्थ्य केंद्र,आगंनवाड़ी आदि संचालित किए जा सकते है।

कानून व्यवस्था पर समन्वित प्रयास करने के निर्देश

बैठक की शुरूआत में कानून व्यवस्था की समीक्षा की गयी। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने निर्देश दिए कि अनुभाग स्तर पर एसडीएम और एस.डी.ओपी तथा जिला स्तर पर डी.एम और एसपी संयुक्त रूप से भ्रमण आदि कर कानून व्यवस्था उत्कृष्ट बनाएं। उन्होंने एनकार्ड की नियमित बैठक करने और साइबर फ्राड जैसी घटनाएं रोकने के लिए गम्भीरता से कार्यवाही करने को कहा है। डीजीपी कैलाश मकवाना ने सभी शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास के क्षेत्र को ड्रग फ्री जोन बनाने और साइबर धोखाधडी को रोकने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने पाक्सो एक्ट के तहत एक माह में चार्ज सीट प्रस्तुत करने का लक्ष्य रखने के लिए कहा है। विस्फोटक अधिनियम की शर्तों का शतप्रतिशत पालन कराने के लिए लाइसेंसी संस्थानों का संयुक्त पुलिस और प्रशासन को निरीक्षण करने के निर्देश दिए है। बैठक में नवीन न्याय संहिता के क्रियान्वयन के लिए न्यू क्रिमीनल लॉ और ई-साक्ष्य में गम्भीरता से कार्य करने और समय सीमा में चालान पेश करने को कहा है। डीजीपी ने कहा कि रियल टाइम में संवाद हो जिससे अपराधों को रोका जा सके। इस दौरान अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर कार्यवाही के लिए विशेष कार्यवाही सतत् रूप से करने के निर्देश दिए गए है।

बेसिक सुशासन आवश्यक

सुशासन की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव जैन लोक सेवा गांरटी और सीएम हेल्पलाइन के समय-सीमा से बाहर के लंबित प्रकरणों के निराकरण में सुधार होने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा से स्थिति में सुधार हुआ है। मुख्य सचिव ने भू-अधिग्रहण मामलों में समय पर अवार्ड आदि पारित करने के कलेक्टर को निर्देश दिए जिससे नागरिक अनावश्यक रूप से परेशान न हों और परियोजनाएं समय से पूरी हो सकें। इस दौरान नामातरण, सीमांकन, बटवारा और शासकीय विभागों को भूमि आवंटन के प्रकरणों की भी समीक्षा की गयी।

उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि लोकसेवा गारंटी और सीएम हेल्पलाइन से आमजन को बेसिक सुशासन दिया जा सकता है। स्वास्थ्य एवं पोषण की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कलेक्टर से कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अधिकाधिक समय दें और स्वास्थ्य तथा महिला बाल विकास के अमले का संयुक्त भ्रमण कराकर स्वास्थ्य कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को बेहतर स्थिति में लाएं। शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमीं लाने के लिए सतत् प्रयास करने की जरूतर बताई और प्रसव पूर्व होने वाली जाँच तथा संस्थागत प्रसव कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने अनमोल 2.0 कार्यक्रम में सही डाटा एंट्री करने पर बल दिया। मुख्य सचिव ने कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को पोषण के साथ ही उचित उपचार उपलब्ध कराने को कहा है। अगले माह होने वाले दस्तक सह स्टॉप डायरिया अभियान के लिए अभी से योजना बनाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सुनिश्चित किया जाए कि पेयजल स्त्रोतों की जाँच हो और उनका शुद्धीकरण किया जाए। मुख्य सचिव ने निक्षयमित्र टी.बी मुक्त भारत अभियान को प्रधानमंत्री की प्राथमिकता का अभियान बताते हुए कहा है कि क्षय रोग के मरीजों को उपचार के साथ ही पोषण किट उपलब्ध कराने के लिए जनप्रतिनिधियों का भी योगदान लिया जाए। बैठक में 1075 पीएससी से चयनित डाक्टर्स के अस्पतालों में पदभार ग्रहण करने के जानकारी दी गयी है। कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए कि स्वास्थ्य विभाग की नियमित समीक्षा करें और स्वास्थ्य संस्थाओं के निर्माण कार्यों की निगरानी करें।मुख्य सचिव जैन ने जिलों में एकल नल-जल योजना के संचालन की समीक्षा की और निर्देश दिए कि इन योजनाओं के संचालन के लिए मापदंड अनुसार संचालन समिति बनाएं। उन्होंने पेयजल स्त्रोतों की शुद्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा है। मुख्य सचिव ने कुछ जिलों में मानसून की देरी के दृष्टिगत पेयजल की उपलब्धता निरंतर बनाएं रखने के निर्देश दिए। जनजातीय मामलों की समीक्षा में मुख्य सचिव ने सामुदायिक वन संसाधन के संरक्षण एवं प्रबंधन की समीक्षा करते हुए समुदाय से अभी तक प्राप्त वन अधिकार अधिनियम के तहत नवीन दावों और निरस्त दावों के प्रकरणों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि वन,राजस्व और जनजातीय कार्य विभाग इस दिशा में संयुक्त पहल करें। विशेष ग्राम सभाओं में दावों पर चर्चा करें जिससे गुणवत्ता बेहतर हों।*100 प्रतिशत बच्चों का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करें*मुख्य सचिव ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए स्कूल जाने योग्य बच्चों के प्रवेश और ड्रॉप आउट बच्चों के पुन:प्रवेश की स्थिति पर संतोष्व्यक्त किया। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में आस-पास के बसाहटों के बच्चों का सौ फीसदी नामांकन हो। उन्होंने आगंनबाड़ी की स्कूल से मैपिंग के कार्य की भी समीक्षा की। इस दौरान उल्लास नवभारत साक्षारता कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए असाक्षर व्यक्तियों को चिह्न्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर विद्यार्थी की अपार आइडी बनाने के निर्देश दिए।बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं आपूर्ति ने बताया कि कामर्शियल एलपीजी सिलेंडर के लिए पूर्व में लगायी गयी सीलिंग को शिथिल कर दिया गया है। शहरों में पीएनजी कलेक्शन दिए जाने के काम में काफी तेजी आई है। मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि शहरों में पीएनजी के कार्य में और तेजी लाए जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके। बैठक में पांडुलपियों के डिजिटलीकरण कार्य की समीक्षा हुई और मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स से कहा कि ऐतिहासिक पृष्ठ भूमि वाले जिले रूचि लेकर पांडुलिपियां संगृहित करें और उनका डिजिटलीकरण कराएं। प्रदेश में अबतक 18 लाख से अधिक पांडुलिपि डिजिटलीकृत हुई हैं।*प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में प्रदेश अव्वल*मुख्य सचिव ने 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के लिए लागू प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में मध्यप्रदेश के प्रथम स्थान पर आने पर कलेक्टर्स की तारीफ की। इस योजना के तहत पंजीकृत श्रमिक को 60 वर्ष की आयु के बाद 3000 रूपये मासिक पेंशन मिलती है। उन्होंने संबल योजना के प्रकरणों को समय पर निराकृत करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने जी राम जी योजना में पंजीकृत श्रमिकों को बीओसीडब्ल्यू श्रम सेवा पोर्टल पर रजिस्ट्रर करने के लिए कहा है। बैठक के अंत में डॉग वाइट के प्रकरणों की समीक्षा की गयी और वन-पशुपालन तथा नगरीय निकायों को समन्वित रूप से पशु आश्रय स्थल सभी 55 जिलों में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों में न्यूनतम 1-1 एबीसी सेंटर स्थापित करने के लिए भी कहा है। बैठक में बताया गया कि सभी 55 जिलों में पशुनिगरानी समिति गठित की जा चुकी है।

गड़बड़झाला : वर्ष 2012 में थी वक्फ सिंचित भूमि, अब हो गई निजी, बिक भी गई

ताबड़तोड़ नामांतरण पर जुटे खरीदार, बेचवाल, प्रशासन

भोपाल। खसरा नंबर 35/1 की जो जमीन वर्ष 2012 में शेख सुभान शेख नत्थु के नाम पर सरकारी दस्तावेज में इन्द्राज थी, वह कुछ सालों का सफ़र पूरा कर शालिनी प्रजापति के नाम पर हो चुकी है। वक्फ की सिंचित इस भूमि को इन्हीं दस्तावेज के आधार पर सवा करोड़ रुपए में बेच भी दिया गया है। अब खरीदार से लेकर प्रशासन तक को इस भूमि के नामांतरण की जल्दी है। लेकिन इस मामले को लेकर अदालत पहुंचे कुछ वक्फ हितैषियों की वजह से फिलहाल गड़बड़झाले भरी इस कार्यवाही पर रोक लग गई है।मामला नरसिंहपुर जिले का है, जहां जिला मुख्यालय पर स्थित एक दरगाह जहांगीर शाह एवं इमामबाड़ा की बेशकीमती जमीन औनेपौने दाम पर बेच दी गई है। मामले को लेकर हुई शिकायत और मप्र वक्फ बोर्ड की सक्रियता ने आगे की कार्रवाई फिलहाल रोक दी है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि जिला प्रशासन इस मामले को लेकर नामांतरण करने की तैयारी में जुटा हुआ है। कहा जा रहा है कि इस मामले से नजर हटते ही कोई बड़ा गोंडोबल किया जा सकता है।

इस सप्ताह जाएंगे कोर्ट

सूत्रों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा अवैध खरीदी -बिक्री को दिए जा रहे प्रोत्साहन और इस अवैध सौदे को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया जा रहा है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान ने भोपाल वक्फ ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं से चर्चा की है। उन्होंने जमीन से संबंधित सभी पुराने दस्तावेज वकील को उपलब्ध करा दिए हैं। जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि इस सप्ताह में इस मामले को कोर्ट में फाइल कर दिया जाएगा।

रुकेगी वक्फ संपत्ति की खरीद फरोख्त

मामले में अदालत से माकूल न्याय मिलने की उम्मीद की जा रही है। इस वक्फ संपत्ति की खरीदी-बिक्री रुकने से इस बात की प्रबल संभावना व्यक्त की जा रही है कि भविष्य में इस तरह की खरीद-फरोख्त पर रोक लगेगी।

बना रहे सांप्रदायिक सौहाद्र

सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद तारिक का कहना है कि नरसिंहपुर जैसी छोटी जगह में वक्फ संपत्ति को लेकर इस तरह के कुत्सित प्रयास किए जा रहे हैं। यह मामला अगर प्रशासन के साये में गति पकड़ जाता है तो भविष्य के लिए तहरीर बन जाएगा। इसलिए सांप्रदायिक सौहाद्र बचाए रखने के लिए इस सौदे का निरस्त होना जरूरी है। प्रशासन को इस मामले में गंभीर कार्यवाही करना चाहिए।

राज्यपाल मांगूभाई पटेल ने किया कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को प्रशिस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह से किया सम्मानित

सशस्त्र सेना झंडा दिवस

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि के लिए निर्धारित लक्ष्य राशि की सफलता पूर्वक पूर्ति करने पर प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उक्त प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह कर्नल राजीव खत्री द्वारा कलेक्टर भोपाल को औपचारिक रूप से भेंट किया गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन एवं जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के अधिकारियों ने इसे पूर्व सैनिकों, वीरनारियों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के प्रति समाज की संवेदनशीलता एवं सहयोग का प्रतीक बताया। साथ ही सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में योगदान देने वाले सभी नागरिकों, संस्थाओं एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

हर वर्ग और हर समाज को मिले समान अवसर और सम्मान

राहुल गांधी से अल्पसंख्यक एडवाइज़री काउंसिल की लंबी बातचीत

भोपाल। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अल्पसंख्यक एडवाइज़री काउंसिल के पचास से अधिक सदस्यों के साथ विस्तृत संवाद किया। यह बैठक खुली बातचीत और खुली मानसिकता के साथ हुई, जिसमें हर वर्ग और हर समाज के समान अवसर व सम्मान पर जोर दिया गया। राहुल गांधी ने भाजपा के नफ़रत के एजेंडे के खिलाफ “मुहब्बत की राजनीति” के विचार को दोहराते हुए कहा कि हर समुदाय को बराबरी का मुकाम मिलना चाहिए।अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने राहुल गांधी का आभार व्यक्त किया और उनके प्रति धन्यवाद जताया कि उन्होंने अल्पसंख्यक समाज के नेताओं को सुना और उनकी समस्याओं तथा सुझावों को गंभीरता से समझा। बैठक में शामिल प्रमुख प्रतिनिधियों में तारिक अनवर, अभिषेक मनु सिंहवी, अजहरूद्दीन, गुपदीप सप्पल, विधायक आरिफ मसूद, क़नीज़ फ़ातिमा, क्रिस्टोफ़र तिलक, नासिर हुसैन, इमरान मसूद, असलम शेख़, साजिद पठान, इरफ़ान अंसारी, रक़ीबुद्दीन, हमदुल्ला सईद, जेबी माथेर हिशाम सहित अन्य अनेक सदस्य शामिल थे।विशेष रूप से भोपाल से विधायक आरिफ मसूद ने राहुल गांधी को मुस्लिम समुदाय से जुड़ी निर्मनों और सुझावों को बेबाकी से रखा, जिन्हें राहुल गांधी ने ध्यानपूर्वक सुना और गंभीरता से ग्रहण किया। बैठक के दौरान सामाजिक समानता, सुरक्षा, शिक्षा एवं रोजगार जैसी अहम पहलुओं पर चर्चा हुई और कई ठोस सुझाव रखे गए जिन पर आगे कार्यवाही करने का आश्वासन भी दिया गया।बैठक का स्वर समावेशी रहा और प्रतिनिधि मंडल ने आशा जताई कि यह संवाद आगे भी जारी रहेगा तथा समुदायों के बीच भरोसा और आपसी समझ बढ़ाने में मदद करेगा।

भाजपा में पदों को लेकर बढ़ी बेचैनी, इंदौर-भोपाल विकास प्राधिकरण समेत कई बड़े पद अब भी खाली

भोपाल। मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों और विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर भाजपा के भीतर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। करीब 70 पदों पर नियुक्तियां होने के बाद अब भी 150 से ज्यादा नेताओं की नजर बाकी खाली पदों पर टिकी हुई है। पार्टी के अंदर वरिष्ठ नेताओं से लेकर क्षेत्रीय पदाधिकारियों तक में समायोजन को लेकर जबरदस्त बेचैनी देखी जा रही है।सूत्रों के मुताबिक ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे कई विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियां हो चुकी हैं, लेकिन भोपाल, इंदौर, खजुराहो और ओरछा विकास प्राधिकरण सहित कई अहम संस्थानों में अब तक नाम तय नहीं हो पाए हैं। यही वजह है कि संगठन और सत्ता के गलियारों में लगातार लॉबिंग और खींचतान की चर्चाएं चल रही हैं।राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने फिलहाल नियुक्तियों की प्रक्रिया पर कुछ समय के लिए विराम के संकेत दिए हैं। बताया जा रहा है कि लगातार बढ़ती अंदरूनी नाराजगी और संगठनात्मक संतुलन को देखते हुए पार्टी अब सावधानी से कदम बढ़ाना चाहती है।वहीं पार्टी के भीतर प्रदेश कार्यसमिति को लेकर भी मंथन जारी है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश नेतृत्व के बीच कई दौर की बैठकों में संभावित नामों पर चर्चा हो चुकी है, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम सहमति का इंतजार किया जा रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निगम-मंडलों की नियुक्तियां केवल प्रशासनिक फैसले नहीं होतीं, बल्कि संगठनात्मक शक्ति संतुलन का बड़ा माध्यम भी होती हैं। ऐसे में हर नियुक्ति के पीछे क्षेत्रीय समीकरण, जातीय संतुलन और राजनीतिक वफादारी का गणित भी जुड़ा रहता है।प्रदेश भाजपा में अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि अगली सूची में किन नेताओं को मौका मिलता है और किनकी राजनीतिक नाराजगी और बढ़ती है।

एक शायर : 40 बरस से कर रहा दुनिया में भारत का नाम रौशन

1987 में पढ़ा पहला अंतरराष्ट्रीय मुशायरा

दुनिया के पहले शायर मंजर भोपाली, जिन्हें अमेरिका ने दी है मानद नागरिकता

खान आशु
भोपाल। शायर न होते तो वह एक अच्छे हॉकी खिलाड़ी होते या कहीं सरकारी मुलाजमत कर रहे होते। लेकिन किस्मत ने पैर में यायावरी का भंवरा डाल रखा था, एक दिन हॉकी का शौक और लगी लगाई पोस्ट ऑफिस की सरकारी नौकरी ताक पर रख आए। अपने अंदर छुपे शायर को जिंदा किया, और देवास छोटे मंच से जो शुरुआत हुई तो आधी दुनिया के मंचों की कामयाबी की गारंटी बन गए।
अंतर्राष्ट्रीय शायर मंजर भोपाली ने अपनी शायरी के 50 बरस पूरे कर लिए हैं और इनमें भी उनका 40 सालों का साथ अंतरराष्ट्रीय मुशायरों से जुड़ा हुआ है।
1987 में जब पहली बार करांची के एक अंतरराष्ट्रीय मुशायरे का दावतनामा हाथ लगा तो उस समय न अंतरराष्ट्रीय तहज़ीब साथ थी, न बदन पर तरीके के कपड़े और न विदेश यात्रा करने के लिए पासपोर्ट। साथी शायर मरहूम डॉ. राहत इंदौरी और अंजुम रहबर भी पासपोर्ट न होने के अवसाद में थे, तीनों ने मिलकर पासपोर्ट बनवाया और इस 20/29 दिन के प्रोग्राम में शिरकत की। उस पहली विदेश यात्रा को लेकर मंजर कहते हैं कि दुनिया के तमाम बड़े शायरों की मौजूदगी वाली इस महफिल में उन्हें जो शेर सुनाने के लिए कहा गया था, मंच पर जाकर उसको ही भूल गए। हिम्मत बटोरकर उन्होंने एक कंठस्थ शेर
‘कोई बचने का नहीं
सबका पता जानती है
किस तरफ आग लगाना है
हवा जानती है…!’
सुना दिया, जो उस मंच पर काफी पसंद किया गया।

अमेरिका जा चुके 38 बार
अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मंजर भोपाली की मकबूलियत बढ़ी तो वे इन चालीस सालों में आधी दुनिया नाप चुके हैं। अमेरिका के अलग अलग शहरों में करीब 38 बार अपनी आमद दर्ज करवाकर करीब 600/700 प्रोग्राम का हिस्सा बन चुके हैं। भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के वे ऐसे इकलौते हिंदी या उर्दू के शायर कहे जा सकते हैं, जिन्हें अमेरिका ने मानद नागरिकता प्रदान की है।

इन देशों का लगाया फेरा
अमेरिका की 38 यात्राओं का दंभ रखने वाले मंजर भोपाली
केनेड़ा, ऑस्ट्रेलिया, नार्वे, इंग्लैंड, एम्सतर्डन, मलेशिया, सऊदी अरब, यूएई, सल्तनत ए ओमान, दोहा क़तर, पाकिस्तान, अफ्रीका, ईरान, कुवैत, सिंगापुर के मंच भी गुलजार कर चुके हैं।

अब रुख ब्रिटानिया का
शायर मंजर भोपाली ने बताया कि जुलाई माह में दो सप्ताह की विदेश यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान वे इंग्लैंड, फ्रांस और जर्मन में मुशायरों की महफिल की रौनक बनेंगे।

सुनने वाले अच्छे हो तो सुनाने का मज़ा: मंजर
मंजर भोपाली बताते हैं कि दुनिया के किसी भी कोने में होने वाली मुशायरा महफिल हैदराबाद, अलीगढ़, कराची के लोगों की मौजूदगी के बिना पूरी भी नहीं होती और निखर भी नहीं पाती। वे कहते हैं सुनाने वाले शायर को अपना कलाम सुनाने का उत्साह तभी आता है, जब सुनने वाले उसी शिद्दत के साथ मौजूद हों। मंजर कहने से नहीं चूकते कि वे बड़े शायर नहीं हैं, लेकिन लोगों ने उन्हें वह मुकाम दे दिया है। डॉ. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, बशीर बद्र या प्रो वसीम बरेलवी की मंचीय गैरमौजूदगी ने उनके लिए जिम्मेदारियां बढ़ा दी हैं, यह मंजर भोपाली का मानना है।

‘ज्ञान’ से ‘ज्ञानी’ तक… मप्र बजट में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के साथ इंडस्ट्री पर भी जोर…!

खान आशु
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ज्ञान’ (GYAN) का लक्ष्य लेकर समग्र समाज के विकास, विस्तार और बेहतरी की बात रखी थी। इसी ‘ज्ञान’ (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) को केंद्र में रखकर विकास योजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। मप्र भी इसी गति पर कदमताल कर रहा है। बुधवार को पेश किए गए बजट में इस ‘ज्ञान’ को ‘ज्ञानी’ तक विस्तार दिया गया है। ‘ज्ञान’ के गर्भ में छिपे चारों वर्गों के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को भी इस बजट में तरजीह दी गई है।
बुधवार को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश किए गए 4 लाख, 38 हजार, 317 करोड़ रुपए के बजट में जहां मूलभूत सुविधाओं को जगह दी गई है, वहीं विकास के लिए आवश्यक क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी सेवाओं को इस बजट से राहत है तो नारी सशक्तिकरण के विभिन्न आयाम भी छूने की कोशिश की गई है। मजदूर और बेरोजगार भी खुद को इस बजट बारिश में तर पा रहे हैं।

ज्ञान सूत्र
प्रस्तुत हुए प्रदेश के बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्ञान सूत्र गरीब के कल्याण की उन योजनाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं, जो उसके लिए इस श्रेणी से बाहर निकलकर जीने की राह देते हैं। सस्ता अनाज, रियायती घरेलू गैस, पक्के मकान जैसी सुविधाओं का इसमें समावेश है। देश के युवा के शिक्षा, उच्च शिक्षा से लेकर स्पोर्ट्स गतिविधियों को इस बजट में शामिल किया गया है। साथ ही कृषिप्रधान इस देश को गति देने वाले किसान भी इस बजट में कई तरह से लाभांवित होते नजर आ रहे हैं। सिंचाई के माकूल प्रबंध, सौर ऊर्जा के जरिए बिजली खर्च की बचत, उन्नत खाद और बीज एवं बिक्री का उचित दाम उन्हें मिलेगा, ऐसी व्यवस्था यहां कर दी गई है। यह बजट नारी सशक्तिकरण के विभिन्न आयाम भी छूने जैसा है, जिसमें महिलाओं को राहत देने वाला बहुत कुछ शामिल किया गया है।

और ऐसे हुआ ज्ञानी
मप्र सरकार ने अपनी ज्ञान सूत्र प्रतिबद्धता में इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को भी शामिल कर लिया है। अब तक किए जा रहे प्रयासों को विस्तार देते हुए अब प्रदेश में तेजी से फैल रहे उद्योग को और अधिक प्रभावी बनाने के जतन इस बजट व्यवस्था से हो रहे हैं। विभिन्न स्तर पर किए गए निवेश प्रयासों को मूर्त रूप देने के लिए ज्ञान सूत्र की ज्ञानी तक ले जाने की कोशिश की गई है।

क्या कहते हैं मुखिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बजट पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के संकल्प के साथ आज मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के संकल्प में हमारी सरकार ने आई भी जोड़ा है। वर्ष 2026-27 का बजट ज्ञानी (GYA NII) के मार्गदर्शी सिद्धांत पर है। सीएम मोहन ने कहा कि इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर दो दिखते हैं। यह देश का पहला बजट है, जो रोलिंग बजट है। इस बजट के जरिए अगले दो साल के डेवलपमेंट का ब्लूप्रिंट खींचा जाएगा। अमृतकाल 2047 के लिए डेवलपमेंट का पैमाना बनाया गया है।

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