भोपाल ग्रामीण पुलिस का व्यापक साइबर जागरूकता अभियान: कॉलेज अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में लगी चौपाल

जीतेन्द्र सेन

भोपाल! पुलिस मुख्यालय भोपाल के दिशा-निर्देशनुसार आम नागरिकों को “रुको, सोचो,एक्शन लो” की थीम पर जागरूक करने हेतु संचालित Safe Click 2.0 – सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन अभियान के छठवें दिन भोपाल (ग्रामीण) पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न कॉलेजों,अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम विशेष संवाद, जागरूकता सत्र एवं साइबर रथ के माध्यम से आमजन को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।

*थाना बिलखिरिया* क्षेत्र अंतर्गत LNCT कॉलेज में पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) पंकज कुमार पाण्डेय द्वारा विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक ने पीपीटी के माध्यम से वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों जैसे फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को बताया कि साइबर अपराधी तकनीक का दुरुपयोग कर लोगों को मानसिक दबाव, लालच या भय में डालकर ठगी करते हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सजग रहना अत्यंत आवश्यक है, “सतर्कता ही हमारा सबसे बड़ा रक्षा कवच है।” साथ ही किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या NCRP Portal पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान छात्रों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के व्यावहारिक उत्तर भी दिए गए। इस अवसर पर कॉलेज डायरेक्टर अशोक राय, एसडीओपी बिलखिरिया अंतिमा समाधिया एवं थाना प्रभारी बिलखिरिया उमेश चौहान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 450 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इसी क्रम में *थाना सूखीसेवनिया* क्षेत्र के आयुष्मान आरोग्य मंदिर इमलिया एवं चोपड़ा कलां में नर्सिंग स्टाफ, महिलाओं एवं परिजनों को साइबर अपराध से बचाव संबंधी जानकारी दी गई। *थाना ईटखेड़ी* क्षेत्र के लीलावती हॉस्पिटल एवं जीवनदान हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के परिजनों एवं नर्सिंग स्टाफ को साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई। *थाना परवलिया सड़क* क्षेत्र के ग्राम झिरनिया बाजार, मुगलिया हाट एवं जीवनज्योति हॉस्पिटल में आयोजित कार्यक्रम में लोग जागरूक हुए। *थाना बैरसिया* क्षेत्र में CHC बैरसिया एवं साइबर जागरूकता रथ के माध्यम से लोग लाभान्वित हुए। *थाना नजीराबाद* क्षेत्र के शासकीय स्वास्थ्य केंद्र नजीराबाद एवं रुनाहा में आयोजित कार्यक्रम में लोग जागरूक हुए। वहीं *थाना गुनगा* क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं साइबर रथ के माध्यम से लोग जागरूक हुए। सभी कार्यक्रमों में आमजन को संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल, OTP शेयरिंग एवं ऑनलाइन ठगी से बचाव हेतु व्यावहारिक सुझाव दिए, तथा साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या NCRP Portal पर शिकायत दर्ज कराने हेतु जानकारी साझा की।आज आयोजित कुल 12 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस अधिकारीयों द्वारा लगभग 1420 से अधिक छात्र-छात्राओं, स्वास्थ्यकर्मियों, महिलाओं एवं ग्रामीण नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने भोपाल की सड़कों के बेहतर रख-रखाव के दिये निर्देश

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने आज भोपाल शहर की सड़कों को लेकर संबंधित एजेंसियों की बैठक ली। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए वर्षाकाल में सडकें दुरुस्त रहें एवं जलभराव की स्थिति नहीं हो। संभागायुक्त शर्मा ने कहा कि भोपाल शहर में सड़कों के निर्माण एवं रख-रखाव के लिए बहुत सारी एजेंसी कार्य करती हैं। इन सभी एजेंसियों में परस्पर समन्वय रहना चाहिए। शर्मा ने संत हिरदाराम नगर में बन रहे ओवर ब्रिज की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त किया और कहा कि यह निर्माण निर्धारित समय में पूरा होना चाहिए।

संभागायुक्त शर्मा ने कहा कि सभी निर्माण एजेंसी ध्यान रखें कि निर्माण के दौरान शहर में पी.एन.जी. गैस सप्लाई बाधित नहीं होनी चाहिए। गैस एजेंसी के प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थिति थे।शर्मा ने कहा कि सभी के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। शर्मा ने नगर निगम के इंजीनियर से कहा कि बारिश के दौरान सड़कों के रख-रखाव के लिए पूरी तैयारी बनाकर रखें। जहाँ कहीं भी शिकायत आती है वहाँ रिस्पांस टाइम अत्यंत कम होना चाहिए। शर्मा ने भोपाल शहर की ओर आने वाले मार्गों पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के समय भोपाल के बाहरी मार्गों में बेहतर आगमन हो यह सुनिश्चित करें। बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ दौरान भोपाल-सागर-कानपुर मार्ग अत्यधिक परिवहन वाला संभावित है। शर्मा ने कहा कि इस मार्ग में आगमन सुचारू रूप से होना चाहिए। शर्मा ने बैठक में भोपाल शहर एवं आस-पास की सड़कों में ब्लैक स्पॉट दूर करने के लिए प्रभावी करवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में यातायात पुलिस से बेहतर समन्वय रखें। जहाँ ब्लैक स्पॉट तत्काल में दूर नहीं हो सकते वहाँ पर बेहतर एवं प्रभावी संकेतक लगाए जाएँ। संभागायुक्त ने कहा कि आगामी जनवरी माह में भोपाल में जीआईएस प्रस्तावित है। भोपाल के आसपास सांची, भोजपुर जैसे पर्यटन स्थलों की सड़कों पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए। मेट्रो के निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कें सुधारने में तत्परता बरतने के निर्देश उन्होंने दिए। उन्होंने कहा कि समग्र रूप से यह सुनिश्चित करें कि सड़कें बेहतर हों और आम जनता को इसमें परेशानी नहीं हो।

जनहित के कार्यों में शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं अधिकारी पूरी मुस्तैदी से करें अपने दायित्वों का निर्वहन – कलेक्टर प्रियंक मिश्रा

स्कूल या आंगनवाड़ी भवन जर्जर जीर्ण-क्षीण अवस्था में हैं, उन्हें अविलंब खाली कराया जाए

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा (टीएल) पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के शासकीय कार्यों की सघन समीक्षा करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतर्विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में किसी भी स्तर पर उदासीनता अथवा शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी और सभी अधिकारी लोकहित के कार्यों में पूरी संवेदनशीलता के साथ सक्रिय रहें।आगामी विधानसभा सत्र के दृष्टिगत कलेक्टर मिश्रा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि विधानसभा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर पूर्णतः सटीक, तथ्यात्मक और समय-सीमा के भीतर प्रेषित किए जाएं, इसमें किसी भी प्रकार का विलंब क्षम्य नहीं होगा।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करते हुए उन्होंने कहा कि मानसून एवं अन्य आपात स्थितियों के मद्देनजर सभी विभाग आपस में जीवंत समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करें। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में आपदा प्रबंधन का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम होना चाहिए और पूर्व निर्धारित सभी सुरक्षात्मक कार्यों का निरंतर फॉलो-अप लिया जाए। जल गंगा संवर्धन अभियान की चर्चा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के समापन अवसर पर सभी विभाग गरिमामयी कार्यक्रमों का आयोजन कर उल्लेखनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रदर्शित करें तथा इन आयोजनों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। *राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर मिश्रा ने पटवारियों को ‘फॉर्मर रजिस्ट्री’ के कार्य को गति देने के लिए साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने के निर्देश दिए और सचेत किया कि इस कार्य में अपेक्षित प्रगति न लाने वाले संबंधितों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।* इसके साथ ही, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को त्वरित और संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। कृषि विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि वे जिले में उर्वरकों का वितरण अनिवार्य रूप से ‘ई-विकास पोर्टल’ के माध्यम से ही संपादित करें, जिससे संपूर्ण वितरण व्यवस्था पारदर्शी, नियंत्रित और सुगम बनी रहे। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों को उनके मूल प्रशासनिक दायित्वों का स्मरण कराते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र के ‘इंसीडेंट कमांडर’ हैं, अतः वे अपनी सभी प्राथमिक जिम्मेदारियों के प्रति अत्यंत सजग रहें। उन्होंने निर्देश दिए कि क्षेत्र के जो भी स्कूल या आंगनवाड़ी भवन जीर्ण-क्षीण या जर्जर अवस्था में हैं, उन्हें अविलंब खाली कराया जाए जिससे बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं के समाधान हेतु जनप्रतिनिधियों से सतत् समन्वय बनाए रखने तथा क्षेत्र में किसी भी आपात स्थिति के निर्मित होने पर तत्काल धरातल पर मोर्चा संभालते हुए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर मिश्रा ने नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ में छात्र नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि करने तथा ड्रॉप-आउट बच्चों की सटीक ट्रैकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग से समन्वय स्थापित कर ऐसे बच्चों को सूचीबद्ध किया जाए जो पढ़ाई छोड़ चुके हैं, जिससे उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। अधिकारी स्वयं मैदानी क्षेत्रों का दौरा कर बच्चों की ‘अपार आईडी’ बनवाना सुनिश्चित करें और केवल अधीनस्थों की बातों पर निर्भर न रहकर स्वयं स्थलीय निरीक्षण द्वारा समस्याओं का व्यावहारिक निराकरण करें। इसके साथ ही, नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सह-स्थित आंगनवाड़ियों को’ स्कूलों में स्थानांतरित करने हेतु तत्काल सर्वे कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।स्वास्थ्य विभाग के कार्यों को गति देने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे एनीमिया से पीड़ित महिलाओं की शत-प्रतिशत डाटा प्रविष्टि सुनिश्चित करें तथा ‘हाई रिस्क प्रेगनेंसी’ वाली महिलाओं का सघन फॉलो-अप लेते हुए जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में सकारात्मक सुधार लाएं। दवाओं की गुणवत्ता और वैधता को परखने के लिए उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर और फूड सेफ्टी ऑफिसर के साथ मिलकर जिले की मेडिकल दुकानों का संयुक्त रूप से सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए, जिससे चिकित्सा क्षेत्र में शुचिता बनी रहे।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर मिश्रा ने ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजनाओं के सुचारू संचालन पर बल देते हुए कहा कि जिन योजनाओं में जल स्रोत या पाइपलाइन की तकनीकी समस्या है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि नागरिकों को सुगमता से पेयजल उपलब्ध हो सके। अंत में, श्रम विभाग को ‘प्रधानमंत्री श्रमयोगी मान-धन योजना’ के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विभाग को एक विस्तृत और समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर मिशन मोड में कार्य करने के लिए कहा, जिससे इस कल्याणकारी योजना का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े हितग्राहियों तक सुगमता से पहुंच सके।

पंचायत राज : कारनामा गबन का… कार्यवाही मात्र ट्रांसफर

नए स्थान पर पुराना काम, अपराध की सजा अदा कर किश्तों में

खान अशु

यह हुई दिखावे की कार्रवाई

सूत्रों का कहना है कि उमरबन ब्लॉक की विभिन्न पंचायतों में राजेश गिरवाल(लवाणी), राजाराम कनेल(मिर्जापुर), सुरेश डाबर(जलाखेड़ा), पप्पू निगवार(लवाणी), हुकुम भगोरे(झिरवी), तुकाराम चौहान, (पेटल), आरती ग्वाले(अमलाह), मांगीलाल, अमर सिंह कनेल, सीताराम कनेल, बलराम मंडलोई, कैलाश चौहान, छोटू शंकर मौर्य, तुकाराम चौहान, हुकुम भगोरे, निर्मल सिसोदिया, सोहन, फाल सिंह भवल, अनिल सेन(मंडावद) आदि भ्रष्टाचार के आरोप में आरोपी साबित हुए। सूत्र बताते हैं कि विभाग ने इन सचिवों पर कार्रवाई के नाम पर महज इनका ट्रांसफर अन्यत्र कर दिया है। जबकि इनके वित्तीय अधिकार पूर्ववत ही रखे गए। जिससे यह लोग जगह बदलने के अलावा अपना कार्य और व्यवहार पहले जैसा ही बनाए हुए हैं। भ्रष्टाचार के इनके कार्यक्रम बदले गए स्थान पर भी अनवरत जारी हैं, फर्क यह आया है कि अब यह भ्रष्टाचार करने से पहले सतर्क रहते हैं।

क्या कहता है नियम

मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 में धारा 40 और धारा 92 के तहत पंचायत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए कठोर प्रावधान किए गए हैं। भ्रष्टाचार या आर्थिक अनियमितता पाए जाने पर उन्हें पद से हटाने या वित्तीय अधिकार छीन लिए जाने की व्यवस्था है। साथ ही ऐसे कर्मचारियों से गबन या भ्रष्टाचार की राशि वसूलने का भी प्रावधान है।

हर माह किश्तों में सजा

सूत्रों का कहना है कि भ्रष्टाचार के इन आरोपियों को वित्तीय अधिकार वापस लिए बिना दूसरे स्थान पर पदस्थ कर दिया गया है। जहां वे पहले की ही तरह भ्रष्टाचार करके पिछले आरोप की राशि हर माह किश्तों में जमा कर रहे हैं।

एक उदाहरण यह भी

इतने घपलों घोटाले के बीच इस ब्लॉक में नारी सशक्तिकरण की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। श्रीमती आरती ने ग्राम पंचायत की राशि विद्युत प्रकाश व्यवस्था के लिए निकाली और ग्रामीणों के विरोध करने पर की दूसरे विकास कामों में राशि खर्च कर दी। बाद में सचिव श्रीमती आरती ने बापा ग्राम पंचायत के खाते में जमा भी कर दी इतनी। उनकी इस गलती पर भी धारा 92 एवं धारा 40 लगाकर वित्तीय प्रभार से अलग कर दिया गया है, लंबे अंतराल के बाद भी उन्हें वित्तीय नहीं दिए गए हैं, जबकि अन्य सचिवों ने डाके डाले फिर भी वित्तीय प्रभार देकर पुनः बंदर बांट खा खेल अनवरत जारी है।

अधिकारियों का लचीलापन

सूत्र बताते हैं कि भ्रष्टाचार के इन आरोपी सचिवों का रिकॉर्ड वर्षों से विभाग की पेंडेंसी बना हुआ था। जिला मुख्यालय से लेकर तहसील और ब्लॉक के अधिकारियों की जानकारी में होने के बाद भी उन भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

मामला पहुंचा राजधानी

इस मामले को लेकर जल्दी ही राजधानी भोपाल में शिकायत का दौर शुरू होने वाला है। पंचायत मंत्री से लेकर उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से मामले की शिकायत की जाने की तैयारी की गई है। इस मामले में जब उमरबन पंचायत के सीईओ पचौरी से जानकारी चाही तो उन्होंने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया।

इनका कहना

भ्रष्टाचार किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।शिकायत मिलने पर दोषी अधिकारी-कर्मचारियों कार्यवाही की जाएगी।प्रह्लाद पटेल,पंचायत मंत्री

गड़बड़झाला : वर्ष 2012 में थी वक्फ सिंचित भूमि, अब हो गई निजी, बिक भी गई

ताबड़तोड़ नामांतरण पर जुटे खरीदार, बेचवाल, प्रशासन

भोपाल। खसरा नंबर 35/1 की जो जमीन वर्ष 2012 में शेख सुभान शेख नत्थु के नाम पर सरकारी दस्तावेज में इन्द्राज थी, वह कुछ सालों का सफ़र पूरा कर शालिनी प्रजापति के नाम पर हो चुकी है। वक्फ की सिंचित इस भूमि को इन्हीं दस्तावेज के आधार पर सवा करोड़ रुपए में बेच भी दिया गया है। अब खरीदार से लेकर प्रशासन तक को इस भूमि के नामांतरण की जल्दी है। लेकिन इस मामले को लेकर अदालत पहुंचे कुछ वक्फ हितैषियों की वजह से फिलहाल गड़बड़झाले भरी इस कार्यवाही पर रोक लग गई है।मामला नरसिंहपुर जिले का है, जहां जिला मुख्यालय पर स्थित एक दरगाह जहांगीर शाह एवं इमामबाड़ा की बेशकीमती जमीन औनेपौने दाम पर बेच दी गई है। मामले को लेकर हुई शिकायत और मप्र वक्फ बोर्ड की सक्रियता ने आगे की कार्रवाई फिलहाल रोक दी है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि जिला प्रशासन इस मामले को लेकर नामांतरण करने की तैयारी में जुटा हुआ है। कहा जा रहा है कि इस मामले से नजर हटते ही कोई बड़ा गोंडोबल किया जा सकता है।

इस सप्ताह जाएंगे कोर्ट

सूत्रों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा अवैध खरीदी -बिक्री को दिए जा रहे प्रोत्साहन और इस अवैध सौदे को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया जा रहा है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान ने भोपाल वक्फ ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं से चर्चा की है। उन्होंने जमीन से संबंधित सभी पुराने दस्तावेज वकील को उपलब्ध करा दिए हैं। जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि इस सप्ताह में इस मामले को कोर्ट में फाइल कर दिया जाएगा।

रुकेगी वक्फ संपत्ति की खरीद फरोख्त

मामले में अदालत से माकूल न्याय मिलने की उम्मीद की जा रही है। इस वक्फ संपत्ति की खरीदी-बिक्री रुकने से इस बात की प्रबल संभावना व्यक्त की जा रही है कि भविष्य में इस तरह की खरीद-फरोख्त पर रोक लगेगी।

बना रहे सांप्रदायिक सौहाद्र

सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद तारिक का कहना है कि नरसिंहपुर जैसी छोटी जगह में वक्फ संपत्ति को लेकर इस तरह के कुत्सित प्रयास किए जा रहे हैं। यह मामला अगर प्रशासन के साये में गति पकड़ जाता है तो भविष्य के लिए तहरीर बन जाएगा। इसलिए सांप्रदायिक सौहाद्र बचाए रखने के लिए इस सौदे का निरस्त होना जरूरी है। प्रशासन को इस मामले में गंभीर कार्यवाही करना चाहिए।

हर वर्ग और हर समाज को मिले समान अवसर और सम्मान

राहुल गांधी से अल्पसंख्यक एडवाइज़री काउंसिल की लंबी बातचीत

भोपाल। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अल्पसंख्यक एडवाइज़री काउंसिल के पचास से अधिक सदस्यों के साथ विस्तृत संवाद किया। यह बैठक खुली बातचीत और खुली मानसिकता के साथ हुई, जिसमें हर वर्ग और हर समाज के समान अवसर व सम्मान पर जोर दिया गया। राहुल गांधी ने भाजपा के नफ़रत के एजेंडे के खिलाफ “मुहब्बत की राजनीति” के विचार को दोहराते हुए कहा कि हर समुदाय को बराबरी का मुकाम मिलना चाहिए।अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने राहुल गांधी का आभार व्यक्त किया और उनके प्रति धन्यवाद जताया कि उन्होंने अल्पसंख्यक समाज के नेताओं को सुना और उनकी समस्याओं तथा सुझावों को गंभीरता से समझा। बैठक में शामिल प्रमुख प्रतिनिधियों में तारिक अनवर, अभिषेक मनु सिंहवी, अजहरूद्दीन, गुपदीप सप्पल, विधायक आरिफ मसूद, क़नीज़ फ़ातिमा, क्रिस्टोफ़र तिलक, नासिर हुसैन, इमरान मसूद, असलम शेख़, साजिद पठान, इरफ़ान अंसारी, रक़ीबुद्दीन, हमदुल्ला सईद, जेबी माथेर हिशाम सहित अन्य अनेक सदस्य शामिल थे।विशेष रूप से भोपाल से विधायक आरिफ मसूद ने राहुल गांधी को मुस्लिम समुदाय से जुड़ी निर्मनों और सुझावों को बेबाकी से रखा, जिन्हें राहुल गांधी ने ध्यानपूर्वक सुना और गंभीरता से ग्रहण किया। बैठक के दौरान सामाजिक समानता, सुरक्षा, शिक्षा एवं रोजगार जैसी अहम पहलुओं पर चर्चा हुई और कई ठोस सुझाव रखे गए जिन पर आगे कार्यवाही करने का आश्वासन भी दिया गया।बैठक का स्वर समावेशी रहा और प्रतिनिधि मंडल ने आशा जताई कि यह संवाद आगे भी जारी रहेगा तथा समुदायों के बीच भरोसा और आपसी समझ बढ़ाने में मदद करेगा।

जिन किसानों के स्लॉट बुक हैं, उनसे 28 मई तक गेहूं खरीदेगी सरकार, सीएम डॉ. मोहन बोले- किसान कल्याण के लिए हम प्रतिबद्ध

बड़ी राहत, जिनके 23 मई तक स्लॉट बुक

स्लॉट बुकिंग के बावजूद खरीदी में आ रही थीं समस्याएं

मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास से इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन होगा

भोपाल। गेहूं उपार्जन के लिए जिन किसानों के स्लॉट 23 मई तक बुक हो चुके हैं, उनके लिए बड़ी खुशखबरी है। अब सरकार उनका गेहूं 28 मई तक खरीदेगी। सरकार ने अंतिम 23 मई की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 20 मई को इस बात की घोषणा की। मध्यप्रदेश सरकार किसान कल्याण के प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास से इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन होगा। इससे किसानों को बड़ा फायदा पहुंचेगा। गेहूं उपार्जन की तारीख को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि किसान कल्याण वर्ष में हमारी सरकार लगातार किसान हितैषी निर्णय ले रही है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि हमने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बीते वर्ष हमने लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने जा रहे हैं। पूरे देश में अगर सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदा गया, तो वो हमारे राज्य मध्यप्रदेश में खरीदा गया है। अभी तक हम 91 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद चुके हैं। इसके लिए अंतिम तारीख 23 मई निर्धारित थी। मुझे किसानों द्वारा बताया गया कि उन्होंने स्लॉट तो बुक कर लिए, लेकिन लाइन लंबी है। इस पर हमने कहा कि जिनके भी स्लॉट बुक हुए हैं, ऐसे सभी किसानों से हम गेहूं खरीदेंगे। इसलिए उन किसानों के गेहूं उपार्जन की तारीख 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक करने की मैं घोषणा करता हूं।

वैश्विक चुनौतियों के बीच समाधान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान-गरीब-महिला-युवा, चारों वर्गों की हम चिंता करते हैं। मैं किसान भाई-बहनों से निवेदन करता हूं कि आप चिंता मत करिए, हम स्लॉट बुकिंग का गेहूं खरीदने का प्रबंधन कर रहे हैं। वैश्विक चुनौतियों के बीच गेहूं भंडारण भी हमारे लिए चुनौती है। बारदाना खरीदना-लाना भी एक चुनौती है। हमारे सामने मौसम और ट्रांसपोर्टेशन भी चुनौती है। इसके बावजूद हमने भंडारण की क्षमता बढ़ाई। उन्होंने कहा कि हम किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम खरीदी केंद्र पर 2625 रुपये क्विंटल गेहूं का दाम देंगे।

भाजपा में पदों को लेकर बढ़ी बेचैनी, इंदौर-भोपाल विकास प्राधिकरण समेत कई बड़े पद अब भी खाली

भोपाल। मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों और विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर भाजपा के भीतर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। करीब 70 पदों पर नियुक्तियां होने के बाद अब भी 150 से ज्यादा नेताओं की नजर बाकी खाली पदों पर टिकी हुई है। पार्टी के अंदर वरिष्ठ नेताओं से लेकर क्षेत्रीय पदाधिकारियों तक में समायोजन को लेकर जबरदस्त बेचैनी देखी जा रही है।सूत्रों के मुताबिक ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे कई विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियां हो चुकी हैं, लेकिन भोपाल, इंदौर, खजुराहो और ओरछा विकास प्राधिकरण सहित कई अहम संस्थानों में अब तक नाम तय नहीं हो पाए हैं। यही वजह है कि संगठन और सत्ता के गलियारों में लगातार लॉबिंग और खींचतान की चर्चाएं चल रही हैं।राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने फिलहाल नियुक्तियों की प्रक्रिया पर कुछ समय के लिए विराम के संकेत दिए हैं। बताया जा रहा है कि लगातार बढ़ती अंदरूनी नाराजगी और संगठनात्मक संतुलन को देखते हुए पार्टी अब सावधानी से कदम बढ़ाना चाहती है।वहीं पार्टी के भीतर प्रदेश कार्यसमिति को लेकर भी मंथन जारी है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश नेतृत्व के बीच कई दौर की बैठकों में संभावित नामों पर चर्चा हो चुकी है, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम सहमति का इंतजार किया जा रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निगम-मंडलों की नियुक्तियां केवल प्रशासनिक फैसले नहीं होतीं, बल्कि संगठनात्मक शक्ति संतुलन का बड़ा माध्यम भी होती हैं। ऐसे में हर नियुक्ति के पीछे क्षेत्रीय समीकरण, जातीय संतुलन और राजनीतिक वफादारी का गणित भी जुड़ा रहता है।प्रदेश भाजपा में अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि अगली सूची में किन नेताओं को मौका मिलता है और किनकी राजनीतिक नाराजगी और बढ़ती है।

एक शायर : 40 बरस से कर रहा दुनिया में भारत का नाम रौशन

1987 में पढ़ा पहला अंतरराष्ट्रीय मुशायरा

दुनिया के पहले शायर मंजर भोपाली, जिन्हें अमेरिका ने दी है मानद नागरिकता

खान आशु
भोपाल। शायर न होते तो वह एक अच्छे हॉकी खिलाड़ी होते या कहीं सरकारी मुलाजमत कर रहे होते। लेकिन किस्मत ने पैर में यायावरी का भंवरा डाल रखा था, एक दिन हॉकी का शौक और लगी लगाई पोस्ट ऑफिस की सरकारी नौकरी ताक पर रख आए। अपने अंदर छुपे शायर को जिंदा किया, और देवास छोटे मंच से जो शुरुआत हुई तो आधी दुनिया के मंचों की कामयाबी की गारंटी बन गए।
अंतर्राष्ट्रीय शायर मंजर भोपाली ने अपनी शायरी के 50 बरस पूरे कर लिए हैं और इनमें भी उनका 40 सालों का साथ अंतरराष्ट्रीय मुशायरों से जुड़ा हुआ है।
1987 में जब पहली बार करांची के एक अंतरराष्ट्रीय मुशायरे का दावतनामा हाथ लगा तो उस समय न अंतरराष्ट्रीय तहज़ीब साथ थी, न बदन पर तरीके के कपड़े और न विदेश यात्रा करने के लिए पासपोर्ट। साथी शायर मरहूम डॉ. राहत इंदौरी और अंजुम रहबर भी पासपोर्ट न होने के अवसाद में थे, तीनों ने मिलकर पासपोर्ट बनवाया और इस 20/29 दिन के प्रोग्राम में शिरकत की। उस पहली विदेश यात्रा को लेकर मंजर कहते हैं कि दुनिया के तमाम बड़े शायरों की मौजूदगी वाली इस महफिल में उन्हें जो शेर सुनाने के लिए कहा गया था, मंच पर जाकर उसको ही भूल गए। हिम्मत बटोरकर उन्होंने एक कंठस्थ शेर
‘कोई बचने का नहीं
सबका पता जानती है
किस तरफ आग लगाना है
हवा जानती है…!’
सुना दिया, जो उस मंच पर काफी पसंद किया गया।

अमेरिका जा चुके 38 बार
अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मंजर भोपाली की मकबूलियत बढ़ी तो वे इन चालीस सालों में आधी दुनिया नाप चुके हैं। अमेरिका के अलग अलग शहरों में करीब 38 बार अपनी आमद दर्ज करवाकर करीब 600/700 प्रोग्राम का हिस्सा बन चुके हैं। भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के वे ऐसे इकलौते हिंदी या उर्दू के शायर कहे जा सकते हैं, जिन्हें अमेरिका ने मानद नागरिकता प्रदान की है।

इन देशों का लगाया फेरा
अमेरिका की 38 यात्राओं का दंभ रखने वाले मंजर भोपाली
केनेड़ा, ऑस्ट्रेलिया, नार्वे, इंग्लैंड, एम्सतर्डन, मलेशिया, सऊदी अरब, यूएई, सल्तनत ए ओमान, दोहा क़तर, पाकिस्तान, अफ्रीका, ईरान, कुवैत, सिंगापुर के मंच भी गुलजार कर चुके हैं।

अब रुख ब्रिटानिया का
शायर मंजर भोपाली ने बताया कि जुलाई माह में दो सप्ताह की विदेश यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान वे इंग्लैंड, फ्रांस और जर्मन में मुशायरों की महफिल की रौनक बनेंगे।

सुनने वाले अच्छे हो तो सुनाने का मज़ा: मंजर
मंजर भोपाली बताते हैं कि दुनिया के किसी भी कोने में होने वाली मुशायरा महफिल हैदराबाद, अलीगढ़, कराची के लोगों की मौजूदगी के बिना पूरी भी नहीं होती और निखर भी नहीं पाती। वे कहते हैं सुनाने वाले शायर को अपना कलाम सुनाने का उत्साह तभी आता है, जब सुनने वाले उसी शिद्दत के साथ मौजूद हों। मंजर कहने से नहीं चूकते कि वे बड़े शायर नहीं हैं, लेकिन लोगों ने उन्हें वह मुकाम दे दिया है। डॉ. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, बशीर बद्र या प्रो वसीम बरेलवी की मंचीय गैरमौजूदगी ने उनके लिए जिम्मेदारियां बढ़ा दी हैं, यह मंजर भोपाली का मानना है।

बैरसिया इलाके के कई गांवों में बे मौसम बारिश हवा आंधी तूफान से हुआ फसलों में नुकसान

किसानों के अरमानों पर फिरा पानी चार महीने की मेहनत मिट्टी में मिली

जीतेन्द्र सेन
बैरसिया।। बीते बुधवार गुरुवार की रात बे मौसम हल्की बारिश और हवा आंधी तूफान से बैरसिया तहसील के कई इलाकों में गेहूं चना यदि की पकी खड़ी फसलें तो कही  कच्ची ओर हरी फासले पूरी तरह से जमीन में बिछकर धराशाई हो गई जिससे किसानों की पूरी चार महीने की मेहनत पर पानी फिर गया और भारी नुकसान होने की संभावना है। गौरतलब हैं कि एक तरफ किसानों ने महंगे महंगे दामों में खाद,बीज दवाइयां आदि खरीदी और चार महीने तक किसान अपना सीना ताने दिनरात खेतों में खड़ा रहा तब जाकर फसल तैयार की थी, लेकिन बे मौसम बारिश आंधी तूफान ने कई खेतों की फसलों को बुरी तरह से नष्ट कर दिया जिससे किसान दुखी और चिंतित नजर आ रहे हैं। वहीं किसानों की मांग है कि शीघ्र ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और शासन प्रशासन इस और ध्यान आकर्षण कर जल्द ही अधिकारी कर्मचारियों ओर पटवारीयों का दल बनाकर गांवों में भेजे जाए और नुकसान हुई फसलों का निष्पक्षता के साथ शीघ्र ही सर्वे कराकर उचित मुआवजा राशि तत्काल दी जाए जिससे किसानों को कुछ राहत मिल सके।

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