खान आशु
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ज्ञान’ (GYAN) का लक्ष्य लेकर समग्र समाज के विकास, विस्तार और बेहतरी की बात रखी थी। इसी ‘ज्ञान’ (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) को केंद्र में रखकर विकास योजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। मप्र भी इसी गति पर कदमताल कर रहा है। बुधवार को पेश किए गए बजट में इस ‘ज्ञान’ को ‘ज्ञानी’ तक विस्तार दिया गया है। ‘ज्ञान’ के गर्भ में छिपे चारों वर्गों के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को भी इस बजट में तरजीह दी गई है।
बुधवार को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश किए गए 4 लाख, 38 हजार, 317 करोड़ रुपए के बजट में जहां मूलभूत सुविधाओं को जगह दी गई है, वहीं विकास के लिए आवश्यक क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी सेवाओं को इस बजट से राहत है तो नारी सशक्तिकरण के विभिन्न आयाम भी छूने की कोशिश की गई है। मजदूर और बेरोजगार भी खुद को इस बजट बारिश में तर पा रहे हैं।
ज्ञान सूत्र
प्रस्तुत हुए प्रदेश के बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्ञान सूत्र गरीब के कल्याण की उन योजनाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं, जो उसके लिए इस श्रेणी से बाहर निकलकर जीने की राह देते हैं। सस्ता अनाज, रियायती घरेलू गैस, पक्के मकान जैसी सुविधाओं का इसमें समावेश है। देश के युवा के शिक्षा, उच्च शिक्षा से लेकर स्पोर्ट्स गतिविधियों को इस बजट में शामिल किया गया है। साथ ही कृषिप्रधान इस देश को गति देने वाले किसान भी इस बजट में कई तरह से लाभांवित होते नजर आ रहे हैं। सिंचाई के माकूल प्रबंध, सौर ऊर्जा के जरिए बिजली खर्च की बचत, उन्नत खाद और बीज एवं बिक्री का उचित दाम उन्हें मिलेगा, ऐसी व्यवस्था यहां कर दी गई है। यह बजट नारी सशक्तिकरण के विभिन्न आयाम भी छूने जैसा है, जिसमें महिलाओं को राहत देने वाला बहुत कुछ शामिल किया गया है।
और ऐसे हुआ ज्ञानी
मप्र सरकार ने अपनी ज्ञान सूत्र प्रतिबद्धता में इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को भी शामिल कर लिया है। अब तक किए जा रहे प्रयासों को विस्तार देते हुए अब प्रदेश में तेजी से फैल रहे उद्योग को और अधिक प्रभावी बनाने के जतन इस बजट व्यवस्था से हो रहे हैं। विभिन्न स्तर पर किए गए निवेश प्रयासों को मूर्त रूप देने के लिए ज्ञान सूत्र की ज्ञानी तक ले जाने की कोशिश की गई है।
क्या कहते हैं मुखिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बजट पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के संकल्प के साथ आज मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के संकल्प में हमारी सरकार ने आई भी जोड़ा है। वर्ष 2026-27 का बजट ज्ञानी (GYA NII) के मार्गदर्शी सिद्धांत पर है। सीएम मोहन ने कहा कि इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर दो दिखते हैं। यह देश का पहला बजट है, जो रोलिंग बजट है। इस बजट के जरिए अगले दो साल के डेवलपमेंट का ब्लूप्रिंट खींचा जाएगा। अमृतकाल 2047 के लिए डेवलपमेंट का पैमाना बनाया गया है।
‘ज्ञान’ से ‘ज्ञानी’ तक… मप्र बजट में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के साथ इंडस्ट्री पर भी जोर…!
