अग्निवीर क्रिश सेन प्रशिक्षण पूरा कर गांव लौटे , ग्रामीण व समाज जनों ने किया जोरदार स्वागत

ग्रामीणों ने सम्मान में निकाला 4 किमी लंबा जुलूस

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। म.प्र.विदिशा जिले के एक छोटे से गांव में पले बढ़े बरों गांव निवासी अग्निवीर क्रिश सेन छह माह का सैन्य प्रशिक्षण पूराकर वह मंगलवार को अपने गृह ग्राम बरों विदिशा लौटने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। जिसमें सैकड़ों युवा, समाज जन महिलाएं बच्चे उन्हें लेने बड़ी संख्या में विदिशा रेलवे स्टेशन पहुंचे इसके बाद करीब 4 किलोमीटर लंबा देशभक्ति जुलूस निकाला गया।आपको बता दें कि क्रिश सेन जो कि मनोज सेन के पुत्र हैं,एवं प्रदीप सेन के भतीजे हैं जिन्होंने (महाराष्ट्र नासिक आर्टिलरी रेजिमेंट)में अपनी छह माह की अग्निवीर सैनिक प्रशिक्षण अवधि सफलतापूर्वक पूरी की है। विदिशा रेलवे स्टेशन पर समाज जनों एवं ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया इसके तत्पश्चात भारत माता की छाया चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।उनका रेलवे स्टेशन से लेकर घर तक करीब चार किलोमीटर लंबा स्वागत सम्मान जुलूस निकाला गया। जिसमें सैकड़ों युवाओं महिलाओं और ग्रामीण और समाज जनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जुलूस के दौरान डीजे पर देशभक्ति गीत बज रहे थे, और पूरा मार्ग देशभक्ति नारों से गूंजा और जमकर आतिशबाजी की जुलूस के दौरान उनके घर पर स्वागत सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें बड़ी संख्या में समाज जनों एवं ग्रामीणों ने उन्हें साफा पहनाकर मिठाइयां खिलाकर फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया।

वही युवाओं और ग्रामीणों ने “भारत माता की जय”, “इंडियन आर्मी जिंदाबाद” और अन्य देशभक्ति नारों से माहौल को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। इस भव्य आयोजन मेंसैकड़ों युवा महिलाएं बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस अवसर पर राष्ट्रीय पत्रकार महासभा भोपाल जिला अध्यक्ष जीतेन्द्र सेन प्रदीप सेन रघुवीर सेन विनोद सेनसमेत अनेक लोगों ने क्रिश सेन को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहा और लोगों ने अग्निवीर सैनिक क्रिश सेन की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।

‘ज्ञान’ से ‘ज्ञानी’ तक… मप्र बजट में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के साथ इंडस्ट्री पर भी जोर…!

खान आशु
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ज्ञान’ (GYAN) का लक्ष्य लेकर समग्र समाज के विकास, विस्तार और बेहतरी की बात रखी थी। इसी ‘ज्ञान’ (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) को केंद्र में रखकर विकास योजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। मप्र भी इसी गति पर कदमताल कर रहा है। बुधवार को पेश किए गए बजट में इस ‘ज्ञान’ को ‘ज्ञानी’ तक विस्तार दिया गया है। ‘ज्ञान’ के गर्भ में छिपे चारों वर्गों के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को भी इस बजट में तरजीह दी गई है।
बुधवार को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश किए गए 4 लाख, 38 हजार, 317 करोड़ रुपए के बजट में जहां मूलभूत सुविधाओं को जगह दी गई है, वहीं विकास के लिए आवश्यक क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी सेवाओं को इस बजट से राहत है तो नारी सशक्तिकरण के विभिन्न आयाम भी छूने की कोशिश की गई है। मजदूर और बेरोजगार भी खुद को इस बजट बारिश में तर पा रहे हैं।

ज्ञान सूत्र
प्रस्तुत हुए प्रदेश के बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्ञान सूत्र गरीब के कल्याण की उन योजनाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं, जो उसके लिए इस श्रेणी से बाहर निकलकर जीने की राह देते हैं। सस्ता अनाज, रियायती घरेलू गैस, पक्के मकान जैसी सुविधाओं का इसमें समावेश है। देश के युवा के शिक्षा, उच्च शिक्षा से लेकर स्पोर्ट्स गतिविधियों को इस बजट में शामिल किया गया है। साथ ही कृषिप्रधान इस देश को गति देने वाले किसान भी इस बजट में कई तरह से लाभांवित होते नजर आ रहे हैं। सिंचाई के माकूल प्रबंध, सौर ऊर्जा के जरिए बिजली खर्च की बचत, उन्नत खाद और बीज एवं बिक्री का उचित दाम उन्हें मिलेगा, ऐसी व्यवस्था यहां कर दी गई है। यह बजट नारी सशक्तिकरण के विभिन्न आयाम भी छूने जैसा है, जिसमें महिलाओं को राहत देने वाला बहुत कुछ शामिल किया गया है।

और ऐसे हुआ ज्ञानी
मप्र सरकार ने अपनी ज्ञान सूत्र प्रतिबद्धता में इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को भी शामिल कर लिया है। अब तक किए जा रहे प्रयासों को विस्तार देते हुए अब प्रदेश में तेजी से फैल रहे उद्योग को और अधिक प्रभावी बनाने के जतन इस बजट व्यवस्था से हो रहे हैं। विभिन्न स्तर पर किए गए निवेश प्रयासों को मूर्त रूप देने के लिए ज्ञान सूत्र की ज्ञानी तक ले जाने की कोशिश की गई है।

क्या कहते हैं मुखिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बजट पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के संकल्प के साथ आज मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के संकल्प में हमारी सरकार ने आई भी जोड़ा है। वर्ष 2026-27 का बजट ज्ञानी (GYA NII) के मार्गदर्शी सिद्धांत पर है। सीएम मोहन ने कहा कि इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर दो दिखते हैं। यह देश का पहला बजट है, जो रोलिंग बजट है। इस बजट के जरिए अगले दो साल के डेवलपमेंट का ब्लूप्रिंट खींचा जाएगा। अमृतकाल 2047 के लिए डेवलपमेंट का पैमाना बनाया गया है।

देश विदेश की 25 महिला विभूतियों को ऊर्जस्विता सम्मान

जयश्री कियावत को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार

भोपाल! अनुनय एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में भारतीय होटल प्रबंधन संस्थान भोपाल में बुधवार को 25 महिला विभूतियों को ऊर्जस्विता सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया ने की और मुख्य अतिथि की भूमिका पशुपालन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने निभाई। महापौर मालती राय और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे विशेष अतिथि के तौर पर मौजूद थे। इस अवसर पर कई जिलों में कलेक्टर की भूमिका निभाने वाली जयश्री कियावत को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।महिला एवं बाल विकास मंत्री भूरिया ने कहा कि महिलाएं घर का काम तो करती हैं, लेकिन जब बाहर निकलती हैं तो औरों को भी प्रेरणा देने का काम करती हैं। आज जिन महिलाओं को सम्मानित किया गया है, वह अपने-अपने क्षेत्रों में अलग मुकाम बना चुकी है। इससे निश्चित ही बड़ी संख्या में महिलाओं को और भी बेहतर काम करने की प्रेरणा मिल रही है। हमारी सरकार भी महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर योजनाओं को क्रियान्वित कर रही हैं।
इस अवसर पर पटेल ने कहा कि भागवत कथा का आयोजन हो या समाज की बेहतरी के लिए कुछ अन्य आयोजन, बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी उसमें होती है। इस तरह के आयोजन होते रहना चाहिए, जिससे महिलाओं को प्रेरणा मिलती है। अनुनय संस्था की अध्यक्ष माही भजनी ने संस्था के साथ ही पुरस्कारों की जानकारी दी। संस्था के सचिव रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी डॉ. एके भट्टाचार्य ने पुरस्कार के लिए चुनी गई महिलाओं के साथ ही प्रक्रिया की जानकारी दी। इस अवसर पर पार्षद अरविंद वर्मा भी मौजूद थे।
इन महिला विभूतियों का किया गया सम्मानः स्विट्जरलैंड से इजाबेल (इकोटूरिज्म), इंदौर से डॉ. सीमा अलावा (प्रशासनिक सेवा), उज्जैन से महामंडलेश्वर देवी माँ शिवांगी नंद गिरी जी (अध्यात्म), उत्तराखंड से अनुपमा जोशी (डिफेंस सर्विसेस), नीतू शर्मा (सामाजिक नेतृत्व), नर्मदापुरम से डॉ. स्मिता रिछारिया (लेखक), यूके से सोफी हार्टमैन (कम्युनिटी डेवलपमेंट), ग्वालियर से डॉ. महिमा तारे (महिला सशक्तिकरण), छत्तीसगढ़ से तान्या मरावी (आदिवासी कला) और दीप्ति ओग्रे (जनजातीय संस्कृति एवं उद्यमिता), शाजापुर से अनुज्ञा शर्मा (स्पोर्ट्स), भोपाल से  डॉली शर्मा (समाज सेवा), प्रीति शर्मा जैन (प्रिंट मीडिया), डॉ. प्रिया सिंह कुशवाह (स्वास्थ्य सेवा) ,  गुंजन चौकसे (राजनीति) , विनीता सिंह तोमर (समाज सेवा) , जया शर्मा (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) , मुद्रा केसवानी (इन्फ्लुएंसर) , तरु सक्सेना (आतिथ्य शिक्षा) , अविशी श्रीवास्तव (शिक्षा और प्रशिक्षण), डॉ. मनेन्द्र कटियार (लोक स्वास्थ्य), डॉ. राखी माहेश्वरी (स्वास्थ्य सेवा प्रशासन), दिल्ली से नमिता छेत्री (सामाजिक उद्यमिता), छतरपुर से डॉ. श्वेता गर्ग (सामुदायिक विकास)।

माज़िन अली ने क्वालीफाई किया 68वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप

भोपाल। कैंपियन स्कूल, शाहपुरा के सातवीं कक्षा के छात्र माज़िन अली ने 68वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता में राइफल प्रोन पोजीशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए नेशनल स्तर के लिए क्वालीफाई कर लिया है। कम उम्र में प्राप्त यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है।
माज़िन अली की इस सफलता में उनके कोच साद शाह एवं उनकी पूरी टीम का विशेष योगदान रहा है। साथ ही परिवार के निरंतर समर्पण, सहयोग और मार्गदर्शन ने भी उनकी इस उपलब्धि को संभव बनाया। माज़िन की मेहनत और लगन के चलते उन्होंने यह महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है।
इस उल्लेखनीय सफलता पर शहरवासियों, विद्यालय प्रबंधन, परिवारजनों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए माज़िन अली को बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य और खेल जीवन में और अधिक सफलता के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। माज़िन की यह उपलब्धि न केवल विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव पंचायतों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने राज्य स्तरीय कार्यशाला का आज करेंगे शुभारंभ

कार्यशाला में 24 से 26 नवंबर तक कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कंन्वेंशन सेंटर में होगा मंथन

जीतेन्द्र सेन
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाने के लिए राज्यस्तरीय कार्यशाला का आज सोमवार को शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 24 से 26 नवंबर तक कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कंन्वेंशन सेंटर, भोपाल में आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में तीन दिन तक मंथन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाटर शेड महोत्सव का शुभारंभ के साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को पुरस्कृत करेंगे।
कार्यशाला में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल,जगदीश देवड़ा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, संपतिया उइके, कुंवर विजय शाह, राधा सिंह समेत बड़ी संख्या में जन-प्रतिनिधि, विषय-विशेषज्ञ व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

कार्यशाला का उद्देश्य:

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पंचायतों को प्रशासनिक, वित्तीय एवं सामुदायिक स्तर पर मजबूत बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार करना है। इसके अंतर्गत स्थानीय शासन की पारदर्शिता व जवाबदेही, मनरेगा, आजीविका मिशन, सामाजिक अंकेक्षण, डिजिटल ट्रैकिंग एवं मॉनिटरिंग, वित्तीय प्रबंधन एवं पंचायत शासन, “स्‍वनिधि से समृद्धि” अभियान, वाटरशेड परियोजनाओं का क्रियान्वयन, शुद्ध पेयजल, स्वच्छ ग्राम तथा विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं का प्रभावी संचालन, पेसा ग्राम सभाओं की वर्तमान स्थिति एवं सफल क्रियान्वयन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा और प्रशिक्षण दिया जाएगा।

भोपाल ज़िले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के समय में हुआ परिवर्तन

सुबह 8.30 बजे के बाद लगेंगे पहली से आठवीं तक के स्कूल


जीतेन्द्र सेन
भोपाल।। भोपाल ज़िले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के समय में परिवर्तन किया गया है जहां सुबह 8.30 बजे के बाद लगेंगे पहली से आठवीं तक के स्कूल गौरतलब हैं कि भोपाल ज़िले में तापमान में गिरावट के चलते सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के समय में ज़िला शिक्षा अधिकारी एन.के.अहिरवार द्वारा परिवर्तन के आदेश जारी किए गए हैं। जारी हुआ  आदेश में कहा गया है कि तापमान में गिरावट होने से संस्थाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पढ़ने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए भोपाल जिले में संचालित समस्त शासकीय अशासकीय,केन्द्रीय विद्यालय,जवाहर नवोदय विद्यालय,आई.सी.एस.ई सी.बी.एस.ई,अनुदान प्राप्त एवं अन्य मान्यता प्राप्त कक्षा नर्सरी से कक्षा आठवी तक की कक्षाएं  प्रातः 08:30 बजे से पूर्व संचालित नहीं की जायें।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा।

खसरा नंबर 78:  लगी हुई थी हिबानामा पर पाबंदी, कैसे हो गई, अब दस्तावेज लापता

भोपाल। शत्रु संपत्ति में शामिल शहर का वीआईपी रोड कई अव्यवस्था, कोताही, भ्रष्टाचार, बेइमानी से भरा हुआ है। यहां हुए निर्माण में कई गड़बड़ियां मौजूद हैं। इन कोताहीयों को छिपाने के लिए दस्तावेजों को गायब कर दिया गया है। बार बार मांगे जाने पर इन्हें देने में असमर्थता जताई जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि खसरा नंबर 78 पर स्थित मकान नंबर 1322 है। इस मकान के निर्माण में कई गड़बड़ियां बताई जाती हैं। सूत्रों का कहना है कि इस भूमि के किसी भी हिस्से पर मरहूम इनाम उल्लाह खान का अधिकार नहीं रहा है। लेकिन उन्होंने उन्होंने जरीना बशीर साहिबा के नाम पर फर्जी हिबानामे पर जमीन लिख दी।

सीएम दरबार में पहुंचा खसरा नंबर 78 का मामला 



कैसे हुई बिल्डिंग परमिशन
बिना वैध हिबानामा के इस जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई। इसी फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर नगर निगम ने परमिशन भी जारी कर दी। लेकिन इस अवैध रजिस्ट्री को गुपचुप तरीके से गायब कर दिया गया है। जिसके चलते सूचना के अधिकार में मांगे जाने पर इसकी प्रति नहीं दी जा रही है। सूत्र बताते हैं कि इस बारे में 3 बार सूचना का अधिकार आवेदन लगाया जा चुका है।

किसी के पास नहीं उपलब्ध
बताया जाता है कि मकान नंबर 1322 पर निर्माण कराने वाले बशीर नामक व्यक्ति पूर्व में नगर निगम के कर्मचारी रहे हैं। इसके चलते उन्होंने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए दस्तावेज गायब करवा दिए हैं। सूत्रों का कहना है उन्होंने अपनी पत्नी जरीना बशीर के नाम बनाए अवैध मकान को दस्तावेज के रूप में नगर निगम रिकॉर्ड से गायब कर दिया है। बताया जाता है कि इस मकान के रिकॉर्ड थाने, कोर्ट, नगर निगम या नजूल में कहीं भी उपलब्ध नहीं है।

मामला शत्रु संपत्ति का : नवाब परिवार पहुंचा अदालत, फैसला बदलने की अपील

लगाई है खरीद-बिक्री पर रोक
भोपाल रियासत की मर्जर, शत्रु, इनायतनामा, हिब्बानामा और नवाबी संपत्तियों की खरीदी-बिक्री, नामांतरण, रजिस्ट्री, बिल्डिंग परमिशन और अनापत्ति प्रमाण पत्र पर रोक लगाई जाए। यह मांग समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री ने भोपाल कलेक्टर को 47 पृष्ठों का ज्ञापन सौंपते हुए की। उन्होंने कहा कि 16 जनवरी 2002 को याचिका क्रमांक 6054/2001 में भोपाल की मर्जर संपत्तियों पर रोक लगाई थी। इसके पालन में कलेक्टर भोपाल ने 23 मार्च 2002 को आदेश जारी कर खरीदी-बिक्री और नामांतरण पर रोक लगाई थी। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के शत्रु संपत्ति कार्यालय, दिल्ली द्वारा 8 मई 2025 को जारी पत्र में बताया गया कि भोपाल सहित सभी जिलों में शत्रु संपत्तियों की पहचान के लिए संयुक्त निरीक्षण चल रहा है।

इनायतनामा और हिब्बानामा  पर थी रोक
बताया गया कि 14 अप्रैल 1934 से 26 जनवरी 1950 तक इनायतनामा और हिब्बानामा पर रोक थी। इस अवधि की संपत्तियों की जांच की माँग की गई।

अजीम प्रेम जी , JNCT , मानसरोवर , LNCT , महर्षि , शुभम ज्ञानवीर सहित कई अन्य यूनिवर्सिटी डिफाल्टर घोषित

एमपी की ये 10 प्राइवेट यूनिवर्सिटी डिफॉल्टर घोषित

भोपाल|मध्यप्रदेश की 10 प्राइवेट यूनिवर्सिटियों को यूजीसी ने डिफॉल्टर घोषित किया है। बड़ी चौंकाने वाली बात यह है कि इन संस्थानों ने अपनी आवश्यक जानकारी तक आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड नहीं की थी। देशभर में चलाए गए इस अभियान के दौरान कई राज्यों की कुल 54 यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई हुई, जिसमें एमपी की 10 यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं।
यूजीसी ने साफ निर्देश दिए हैं कि विश्वविद्यालयों को अपने कोर्स, फैकल्टी, एडमिशन, फीस स्ट्रक्चर और अन्य अनिवार्य जानकारियां सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। नियमों का पालन न करने वाली यूनिवर्सिटी पर आगे और सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि प्रवेश लेने से पहले यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट और मान्यता संबंधी जानकारी ज़रूर जांचें।

इन यूनिवर्सिटीज़ ने अपनी वेबसाइट पर जरूरी जानकारी अपलोड नहीं की और लोकपाल की नियुक्ति नहीं की, जो यूजीसी के नियमों के अनुसार अनिवार्य है।

डिफॉल्टर यूनिवर्सिटी की सूची:

भोपाल
– अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी
– जेएनसीटी यूनिवर्सिटी
– शुभम यूनिवर्सिटी
सीहोर
– आर्यावर्त यूनिवर्सिटी
– मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी
इंदौर
– एलएनसीटी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी
जबलपुर
– महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय
– महाकौशल यूनिवर्सिटी
सागर
– ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी
शिवपुरी
– प्रीति ग्लोबल यूनजी

यूजीसी ने इन यूनिवर्सिटीज़ को डिफॉल्टर घोषित करने के पीछे का कारण पब्लिक सेल्फ डिस्क्लोजर गाइडलाइन्स का पालन न करना है। इन यूनिवर्सिटीज़ को अंतिम नोटिस जारी कर दिया गया है और उन्हें तुरंत नियमों का पालन करना होगा

शासकीय माध्यमिक शाला चौपड़ा कलां में स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत रैली एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन

भोपाल |शासकीय माध्यमिक शाला चौपड़ा कलां के छात्र-छात्राओं द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त गाँव बनाने के उद्देश्य से आज जागरूकता रैली निकाली गई।

रैली के दौरान बच्चों ने दुर्गा जी की झांकी स्थलों एवं गाँव के विभिन्न स्थानों पर पहुँचकर सिंगल यूज़ प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभावों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। साथ ही नागरिकों को कपड़े की थैली का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर विद्यालय के HM प्रेम सिंह कीर, शिक्षिकाएँ नंधिनी एवं दीपिका उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की सफलता में SRF Foundation से प्रोग्राम ऑफिसर विष्णु वर्मा,  निशा सैनी एवं राखी कुशवाहा का विशेष सहयोग रहा।

जिला पंचायत सभागार में जिला शिक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई !

समय पर स्कूल नहीं पहुंचने व शिक्षा नीति का पालन नहीं करने वाले शिक्षकों पर हो कड़ी कार्यवाही,विनय मेहर

जीतेन्द्र सेन
भोपाल।। जिला पंचायत कार्यालय में गुरुवार को जिला शिक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई जिसमें भोपाल जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष सदस्य और डीईओ डीपीसी बीआरसी जन शिक्षक सीएम राइज स्कूल प्राचार्य हाई स्कूल हाई सेकेंडरी एवं मिडिल स्कूल प्राथमिक स्कूल के प्रभारी एवं प्राचार्य उपस्थित रहे !
जिसमें जिला पंचायत सदस्य विनय मेहर द्वारा उठाए गए मुद्दों में बरसों पुरानी जर्जर बिल्डिंग है वहां नई बिल्डिंग स्वीकृत हो जिन ग्रामों तक सीएम राइज स्कूल जाने के लिए बस व्यवस्था नहीं है वहां तत्काल बस की व्यवस्था की जाए और जो शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंचते हैं तथा शिक्षा नीति का पालन नहीं करते हैं ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए वहीं मेहर ने आगे कहा कि हमारी भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए अथक प्रयास किये जा रहे हैं जिसमें मध्य प्रदेश के बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा उपलब्ध हो सरकार ने कई हाईटेक स्कूल भी बनाए है!

भाजपा सरकार द्वारा जो पुराने स्कूल हो गए हैं उनके लिए उनकी मरम्मत के लिए करोड़ों रुपए हर वर्ष भेजती है लेकिन कुछ अधिकारियों की मिली भगत से उनके चहेतों को काम दे देते हैं और सरकार के पैसों का दुरुपयोग होता है यह बात जिला पंचायत सदस्य विनय मेहर ने बैठक के दौरान कही  स्कूलों की मरम्मत के लिए जो लिस्ट जाती है बगैर पैसा स्वीकृत हुए ही विभाग के अधिकारी मिलकर के उनके चाहते  ठेकेदारों को मरम्मत का एग्रीमेंट करवा देते यह गलत है और हम जनप्रतिनिधि होने के नाते हमारी देखरेख में यह काम होने चाहिए और वही सभी  एग्रीमेंट निरस्त किए जाए और टेंडर प्रक्रिया की जाए हर वर्ष करोड़ों के काम होने के बाद भी वही आलम होता है कि स्कूलों कि छतो से पानी टपक रहा है बाथरूम नहीं है और जहां बाथरूम बने हैं उसमें कंडे और लकडियां भरी पड़ी हैं। ऐसे प्रभारी प्राचार्य पर भी कार्रवाई हो जहां बच्चों के लिए बनाए गए टॉयलेटों में लकडियां और कंडे भरे रखे हो या फिर कोई अन्य उपयोग कर रहा हो। कानून और नियम सबके लिए बराबर है शिक्षा के क्षेत्र में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी चाहे हम हो या शिक्षा विभाग का कोई भी अधिकारी हो बख्शा नहीं जाएगा।

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