भोपाल ग्रामीण पुलिस का व्यापक साइबर जागरूकता अभियान: कॉलेज अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में लगी चौपाल

जीतेन्द्र सेन

भोपाल! पुलिस मुख्यालय भोपाल के दिशा-निर्देशनुसार आम नागरिकों को “रुको, सोचो,एक्शन लो” की थीम पर जागरूक करने हेतु संचालित Safe Click 2.0 – सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन अभियान के छठवें दिन भोपाल (ग्रामीण) पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न कॉलेजों,अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम विशेष संवाद, जागरूकता सत्र एवं साइबर रथ के माध्यम से आमजन को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।

*थाना बिलखिरिया* क्षेत्र अंतर्गत LNCT कॉलेज में पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) पंकज कुमार पाण्डेय द्वारा विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक ने पीपीटी के माध्यम से वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों जैसे फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को बताया कि साइबर अपराधी तकनीक का दुरुपयोग कर लोगों को मानसिक दबाव, लालच या भय में डालकर ठगी करते हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सजग रहना अत्यंत आवश्यक है, “सतर्कता ही हमारा सबसे बड़ा रक्षा कवच है।” साथ ही किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या NCRP Portal पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान छात्रों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के व्यावहारिक उत्तर भी दिए गए। इस अवसर पर कॉलेज डायरेक्टर अशोक राय, एसडीओपी बिलखिरिया अंतिमा समाधिया एवं थाना प्रभारी बिलखिरिया उमेश चौहान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 450 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इसी क्रम में *थाना सूखीसेवनिया* क्षेत्र के आयुष्मान आरोग्य मंदिर इमलिया एवं चोपड़ा कलां में नर्सिंग स्टाफ, महिलाओं एवं परिजनों को साइबर अपराध से बचाव संबंधी जानकारी दी गई। *थाना ईटखेड़ी* क्षेत्र के लीलावती हॉस्पिटल एवं जीवनदान हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के परिजनों एवं नर्सिंग स्टाफ को साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई। *थाना परवलिया सड़क* क्षेत्र के ग्राम झिरनिया बाजार, मुगलिया हाट एवं जीवनज्योति हॉस्पिटल में आयोजित कार्यक्रम में लोग जागरूक हुए। *थाना बैरसिया* क्षेत्र में CHC बैरसिया एवं साइबर जागरूकता रथ के माध्यम से लोग लाभान्वित हुए। *थाना नजीराबाद* क्षेत्र के शासकीय स्वास्थ्य केंद्र नजीराबाद एवं रुनाहा में आयोजित कार्यक्रम में लोग जागरूक हुए। वहीं *थाना गुनगा* क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं साइबर रथ के माध्यम से लोग जागरूक हुए। सभी कार्यक्रमों में आमजन को संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल, OTP शेयरिंग एवं ऑनलाइन ठगी से बचाव हेतु व्यावहारिक सुझाव दिए, तथा साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या NCRP Portal पर शिकायत दर्ज कराने हेतु जानकारी साझा की।आज आयोजित कुल 12 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस अधिकारीयों द्वारा लगभग 1420 से अधिक छात्र-छात्राओं, स्वास्थ्यकर्मियों, महिलाओं एवं ग्रामीण नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने भोपाल की सड़कों के बेहतर रख-रखाव के दिये निर्देश

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने आज भोपाल शहर की सड़कों को लेकर संबंधित एजेंसियों की बैठक ली। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए वर्षाकाल में सडकें दुरुस्त रहें एवं जलभराव की स्थिति नहीं हो। संभागायुक्त शर्मा ने कहा कि भोपाल शहर में सड़कों के निर्माण एवं रख-रखाव के लिए बहुत सारी एजेंसी कार्य करती हैं। इन सभी एजेंसियों में परस्पर समन्वय रहना चाहिए। शर्मा ने संत हिरदाराम नगर में बन रहे ओवर ब्रिज की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त किया और कहा कि यह निर्माण निर्धारित समय में पूरा होना चाहिए।

संभागायुक्त शर्मा ने कहा कि सभी निर्माण एजेंसी ध्यान रखें कि निर्माण के दौरान शहर में पी.एन.जी. गैस सप्लाई बाधित नहीं होनी चाहिए। गैस एजेंसी के प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थिति थे।शर्मा ने कहा कि सभी के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। शर्मा ने नगर निगम के इंजीनियर से कहा कि बारिश के दौरान सड़कों के रख-रखाव के लिए पूरी तैयारी बनाकर रखें। जहाँ कहीं भी शिकायत आती है वहाँ रिस्पांस टाइम अत्यंत कम होना चाहिए। शर्मा ने भोपाल शहर की ओर आने वाले मार्गों पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के समय भोपाल के बाहरी मार्गों में बेहतर आगमन हो यह सुनिश्चित करें। बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ दौरान भोपाल-सागर-कानपुर मार्ग अत्यधिक परिवहन वाला संभावित है। शर्मा ने कहा कि इस मार्ग में आगमन सुचारू रूप से होना चाहिए। शर्मा ने बैठक में भोपाल शहर एवं आस-पास की सड़कों में ब्लैक स्पॉट दूर करने के लिए प्रभावी करवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में यातायात पुलिस से बेहतर समन्वय रखें। जहाँ ब्लैक स्पॉट तत्काल में दूर नहीं हो सकते वहाँ पर बेहतर एवं प्रभावी संकेतक लगाए जाएँ। संभागायुक्त ने कहा कि आगामी जनवरी माह में भोपाल में जीआईएस प्रस्तावित है। भोपाल के आसपास सांची, भोजपुर जैसे पर्यटन स्थलों की सड़कों पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए। मेट्रो के निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कें सुधारने में तत्परता बरतने के निर्देश उन्होंने दिए। उन्होंने कहा कि समग्र रूप से यह सुनिश्चित करें कि सड़कें बेहतर हों और आम जनता को इसमें परेशानी नहीं हो।

जनहित के कार्यों में शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं अधिकारी पूरी मुस्तैदी से करें अपने दायित्वों का निर्वहन – कलेक्टर प्रियंक मिश्रा

स्कूल या आंगनवाड़ी भवन जर्जर जीर्ण-क्षीण अवस्था में हैं, उन्हें अविलंब खाली कराया जाए

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा (टीएल) पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के शासकीय कार्यों की सघन समीक्षा करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतर्विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में किसी भी स्तर पर उदासीनता अथवा शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी और सभी अधिकारी लोकहित के कार्यों में पूरी संवेदनशीलता के साथ सक्रिय रहें।आगामी विधानसभा सत्र के दृष्टिगत कलेक्टर मिश्रा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि विधानसभा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर पूर्णतः सटीक, तथ्यात्मक और समय-सीमा के भीतर प्रेषित किए जाएं, इसमें किसी भी प्रकार का विलंब क्षम्य नहीं होगा।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करते हुए उन्होंने कहा कि मानसून एवं अन्य आपात स्थितियों के मद्देनजर सभी विभाग आपस में जीवंत समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करें। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में आपदा प्रबंधन का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम होना चाहिए और पूर्व निर्धारित सभी सुरक्षात्मक कार्यों का निरंतर फॉलो-अप लिया जाए। जल गंगा संवर्धन अभियान की चर्चा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के समापन अवसर पर सभी विभाग गरिमामयी कार्यक्रमों का आयोजन कर उल्लेखनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रदर्शित करें तथा इन आयोजनों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। *राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर मिश्रा ने पटवारियों को ‘फॉर्मर रजिस्ट्री’ के कार्य को गति देने के लिए साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने के निर्देश दिए और सचेत किया कि इस कार्य में अपेक्षित प्रगति न लाने वाले संबंधितों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।* इसके साथ ही, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को त्वरित और संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। कृषि विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि वे जिले में उर्वरकों का वितरण अनिवार्य रूप से ‘ई-विकास पोर्टल’ के माध्यम से ही संपादित करें, जिससे संपूर्ण वितरण व्यवस्था पारदर्शी, नियंत्रित और सुगम बनी रहे। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों को उनके मूल प्रशासनिक दायित्वों का स्मरण कराते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र के ‘इंसीडेंट कमांडर’ हैं, अतः वे अपनी सभी प्राथमिक जिम्मेदारियों के प्रति अत्यंत सजग रहें। उन्होंने निर्देश दिए कि क्षेत्र के जो भी स्कूल या आंगनवाड़ी भवन जीर्ण-क्षीण या जर्जर अवस्था में हैं, उन्हें अविलंब खाली कराया जाए जिससे बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं के समाधान हेतु जनप्रतिनिधियों से सतत् समन्वय बनाए रखने तथा क्षेत्र में किसी भी आपात स्थिति के निर्मित होने पर तत्काल धरातल पर मोर्चा संभालते हुए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर मिश्रा ने नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ में छात्र नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि करने तथा ड्रॉप-आउट बच्चों की सटीक ट्रैकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग से समन्वय स्थापित कर ऐसे बच्चों को सूचीबद्ध किया जाए जो पढ़ाई छोड़ चुके हैं, जिससे उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। अधिकारी स्वयं मैदानी क्षेत्रों का दौरा कर बच्चों की ‘अपार आईडी’ बनवाना सुनिश्चित करें और केवल अधीनस्थों की बातों पर निर्भर न रहकर स्वयं स्थलीय निरीक्षण द्वारा समस्याओं का व्यावहारिक निराकरण करें। इसके साथ ही, नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सह-स्थित आंगनवाड़ियों को’ स्कूलों में स्थानांतरित करने हेतु तत्काल सर्वे कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।स्वास्थ्य विभाग के कार्यों को गति देने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे एनीमिया से पीड़ित महिलाओं की शत-प्रतिशत डाटा प्रविष्टि सुनिश्चित करें तथा ‘हाई रिस्क प्रेगनेंसी’ वाली महिलाओं का सघन फॉलो-अप लेते हुए जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में सकारात्मक सुधार लाएं। दवाओं की गुणवत्ता और वैधता को परखने के लिए उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर और फूड सेफ्टी ऑफिसर के साथ मिलकर जिले की मेडिकल दुकानों का संयुक्त रूप से सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए, जिससे चिकित्सा क्षेत्र में शुचिता बनी रहे।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर मिश्रा ने ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजनाओं के सुचारू संचालन पर बल देते हुए कहा कि जिन योजनाओं में जल स्रोत या पाइपलाइन की तकनीकी समस्या है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि नागरिकों को सुगमता से पेयजल उपलब्ध हो सके। अंत में, श्रम विभाग को ‘प्रधानमंत्री श्रमयोगी मान-धन योजना’ के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विभाग को एक विस्तृत और समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर मिशन मोड में कार्य करने के लिए कहा, जिससे इस कल्याणकारी योजना का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े हितग्राहियों तक सुगमता से पहुंच सके।

शून्य से पांच साल तक के बच्चों को आज पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक

जीतेन्द्र सेन

भोपाल।राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत आज रविवार को शून्य से लेकर 5 साल तक की उम्र के बच्चों को पोलियो की दवा का सेवन कराया जाएगा। अभियान के तहत भोपाल जिले के 3 लाख 32 हजार बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। पोलियो दवा सेवन के लिए जिले में 2 हजार 710 बूथ बनाए गए हैं। जिसमें आंगनवाड़ी केंद्रों एवं चिह्नित सरकारी और निजी अस्पतालों में ये बूथ बनाए गए हैं। इसके साथ ही शॉपिंग मॉल्स और बाजारों में भी दवा पिलाने के लिए टीम तैनात की गई हैं। जिले से बाहर जाने वाले एवं जिले में आने वाले 5 साल तक के प्रत्येक बच्चे को दवा पिलाने के लिए एयरपोर्ट, रेल्वे स्टेशन बस स्टेण्ड इत्यादि स्थानों पर ट्रांजिट बूथ बनाए गये है। हाईरिस्क क्षेत्रों जैसे- ईंट भट्टे,क्रेशर, निर्माण स्थल, घुमक्कड़ आबादी में मोबाईल टीमों की तैनाती की गई है।

स्वास्थ्य,शिक्षा और औद्योगीकरण पर फोकस करें कलेक्टर:मुख्य सचिव अनुराग जैन

आमजन से जुड़़ी योजनाओं और लक्ष्य आधारित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में आसान प्रक्रिया अपनाने पर जोर

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टर्स से कहा है कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश को विकसित किए जाने के लिए बुनियादी रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगीकरण और मानवसंसाधन को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने निर्देश दिए कि आमजन से जुड़़ी योजनाओं और लक्ष्य आधारित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए आसान प्रक्रिया अपनाएं। उन्होंने सुशासन के अनेक बिंदुओं की नियमित समीक्षा से आए बदलाव के लिए कलेक्टर्स की तारीफ की। मुख्य सचिव जैन ने गुरूवार को मंत्रालय से वी.सी के माध्यम से कलेक्टर, कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों के साथ कलेक्टर्स कांफ्रेंस में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर भोपाल कमिश्नर कार्यालय से संभागीय आयुक्त कर्मवीर शर्मा एवं कलेक्टर कार्यालय से भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा भी शामिल हुए।मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टर्स से कहा कि शहरीकरण के तहत मास्टर प्लान तैयार करने के साथ औद्योगीकरण के लिए निवेश आकर्षित करने पर भी काम किया जाए। उन्होंने मध्यप्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और मानवसंसाधन के कौशल विकास पर भी काम करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि पी.एम गतिशक्ति पर निर्माण कार्यों और संपत्ति की मेपिंग चल रही है, कलेक्टर्स सी.एम गतिशक्ति पर भी प्रदेश के निर्माण कार्यों और समस्त प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी अपडेट करें जिससे नियमित समीक्षा हों सके। उन्होंने शासकीय संपत्ति का उपयोग अन्य विभागों द्वारा किए जाने पर भी बल दिया। जैन ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय भवन के निर्माण के बाद रिक्त हुए स्कूल भवनों में आयुष बेलनेस सेंटर,उप-स्वास्थ्य केंद्र,आगंनवाड़ी आदि संचालित किए जा सकते है।

कानून व्यवस्था पर समन्वित प्रयास करने के निर्देश

बैठक की शुरूआत में कानून व्यवस्था की समीक्षा की गयी। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने निर्देश दिए कि अनुभाग स्तर पर एसडीएम और एस.डी.ओपी तथा जिला स्तर पर डी.एम और एसपी संयुक्त रूप से भ्रमण आदि कर कानून व्यवस्था उत्कृष्ट बनाएं। उन्होंने एनकार्ड की नियमित बैठक करने और साइबर फ्राड जैसी घटनाएं रोकने के लिए गम्भीरता से कार्यवाही करने को कहा है। डीजीपी कैलाश मकवाना ने सभी शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास के क्षेत्र को ड्रग फ्री जोन बनाने और साइबर धोखाधडी को रोकने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने पाक्सो एक्ट के तहत एक माह में चार्ज सीट प्रस्तुत करने का लक्ष्य रखने के लिए कहा है। विस्फोटक अधिनियम की शर्तों का शतप्रतिशत पालन कराने के लिए लाइसेंसी संस्थानों का संयुक्त पुलिस और प्रशासन को निरीक्षण करने के निर्देश दिए है। बैठक में नवीन न्याय संहिता के क्रियान्वयन के लिए न्यू क्रिमीनल लॉ और ई-साक्ष्य में गम्भीरता से कार्य करने और समय सीमा में चालान पेश करने को कहा है। डीजीपी ने कहा कि रियल टाइम में संवाद हो जिससे अपराधों को रोका जा सके। इस दौरान अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर कार्यवाही के लिए विशेष कार्यवाही सतत् रूप से करने के निर्देश दिए गए है।

बेसिक सुशासन आवश्यक

सुशासन की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव जैन लोक सेवा गांरटी और सीएम हेल्पलाइन के समय-सीमा से बाहर के लंबित प्रकरणों के निराकरण में सुधार होने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा से स्थिति में सुधार हुआ है। मुख्य सचिव ने भू-अधिग्रहण मामलों में समय पर अवार्ड आदि पारित करने के कलेक्टर को निर्देश दिए जिससे नागरिक अनावश्यक रूप से परेशान न हों और परियोजनाएं समय से पूरी हो सकें। इस दौरान नामातरण, सीमांकन, बटवारा और शासकीय विभागों को भूमि आवंटन के प्रकरणों की भी समीक्षा की गयी।

उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि लोकसेवा गारंटी और सीएम हेल्पलाइन से आमजन को बेसिक सुशासन दिया जा सकता है। स्वास्थ्य एवं पोषण की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कलेक्टर से कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अधिकाधिक समय दें और स्वास्थ्य तथा महिला बाल विकास के अमले का संयुक्त भ्रमण कराकर स्वास्थ्य कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को बेहतर स्थिति में लाएं। शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमीं लाने के लिए सतत् प्रयास करने की जरूतर बताई और प्रसव पूर्व होने वाली जाँच तथा संस्थागत प्रसव कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने अनमोल 2.0 कार्यक्रम में सही डाटा एंट्री करने पर बल दिया। मुख्य सचिव ने कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को पोषण के साथ ही उचित उपचार उपलब्ध कराने को कहा है। अगले माह होने वाले दस्तक सह स्टॉप डायरिया अभियान के लिए अभी से योजना बनाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सुनिश्चित किया जाए कि पेयजल स्त्रोतों की जाँच हो और उनका शुद्धीकरण किया जाए। मुख्य सचिव ने निक्षयमित्र टी.बी मुक्त भारत अभियान को प्रधानमंत्री की प्राथमिकता का अभियान बताते हुए कहा है कि क्षय रोग के मरीजों को उपचार के साथ ही पोषण किट उपलब्ध कराने के लिए जनप्रतिनिधियों का भी योगदान लिया जाए। बैठक में 1075 पीएससी से चयनित डाक्टर्स के अस्पतालों में पदभार ग्रहण करने के जानकारी दी गयी है। कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए कि स्वास्थ्य विभाग की नियमित समीक्षा करें और स्वास्थ्य संस्थाओं के निर्माण कार्यों की निगरानी करें।मुख्य सचिव जैन ने जिलों में एकल नल-जल योजना के संचालन की समीक्षा की और निर्देश दिए कि इन योजनाओं के संचालन के लिए मापदंड अनुसार संचालन समिति बनाएं। उन्होंने पेयजल स्त्रोतों की शुद्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा है। मुख्य सचिव ने कुछ जिलों में मानसून की देरी के दृष्टिगत पेयजल की उपलब्धता निरंतर बनाएं रखने के निर्देश दिए। जनजातीय मामलों की समीक्षा में मुख्य सचिव ने सामुदायिक वन संसाधन के संरक्षण एवं प्रबंधन की समीक्षा करते हुए समुदाय से अभी तक प्राप्त वन अधिकार अधिनियम के तहत नवीन दावों और निरस्त दावों के प्रकरणों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि वन,राजस्व और जनजातीय कार्य विभाग इस दिशा में संयुक्त पहल करें। विशेष ग्राम सभाओं में दावों पर चर्चा करें जिससे गुणवत्ता बेहतर हों।*100 प्रतिशत बच्चों का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करें*मुख्य सचिव ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए स्कूल जाने योग्य बच्चों के प्रवेश और ड्रॉप आउट बच्चों के पुन:प्रवेश की स्थिति पर संतोष्व्यक्त किया। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में आस-पास के बसाहटों के बच्चों का सौ फीसदी नामांकन हो। उन्होंने आगंनबाड़ी की स्कूल से मैपिंग के कार्य की भी समीक्षा की। इस दौरान उल्लास नवभारत साक्षारता कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए असाक्षर व्यक्तियों को चिह्न्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर विद्यार्थी की अपार आइडी बनाने के निर्देश दिए।बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं आपूर्ति ने बताया कि कामर्शियल एलपीजी सिलेंडर के लिए पूर्व में लगायी गयी सीलिंग को शिथिल कर दिया गया है। शहरों में पीएनजी कलेक्शन दिए जाने के काम में काफी तेजी आई है। मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि शहरों में पीएनजी के कार्य में और तेजी लाए जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके। बैठक में पांडुलपियों के डिजिटलीकरण कार्य की समीक्षा हुई और मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स से कहा कि ऐतिहासिक पृष्ठ भूमि वाले जिले रूचि लेकर पांडुलिपियां संगृहित करें और उनका डिजिटलीकरण कराएं। प्रदेश में अबतक 18 लाख से अधिक पांडुलिपि डिजिटलीकृत हुई हैं।*प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में प्रदेश अव्वल*मुख्य सचिव ने 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के लिए लागू प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में मध्यप्रदेश के प्रथम स्थान पर आने पर कलेक्टर्स की तारीफ की। इस योजना के तहत पंजीकृत श्रमिक को 60 वर्ष की आयु के बाद 3000 रूपये मासिक पेंशन मिलती है। उन्होंने संबल योजना के प्रकरणों को समय पर निराकृत करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने जी राम जी योजना में पंजीकृत श्रमिकों को बीओसीडब्ल्यू श्रम सेवा पोर्टल पर रजिस्ट्रर करने के लिए कहा है। बैठक के अंत में डॉग वाइट के प्रकरणों की समीक्षा की गयी और वन-पशुपालन तथा नगरीय निकायों को समन्वित रूप से पशु आश्रय स्थल सभी 55 जिलों में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों में न्यूनतम 1-1 एबीसी सेंटर स्थापित करने के लिए भी कहा है। बैठक में बताया गया कि सभी 55 जिलों में पशुनिगरानी समिति गठित की जा चुकी है।

अग्निवीर क्रिश सेन प्रशिक्षण पूरा कर गांव लौटे , ग्रामीण व समाज जनों ने किया जोरदार स्वागत

ग्रामीणों ने सम्मान में निकाला 4 किमी लंबा जुलूस

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। म.प्र.विदिशा जिले के एक छोटे से गांव में पले बढ़े बरों गांव निवासी अग्निवीर क्रिश सेन छह माह का सैन्य प्रशिक्षण पूराकर वह मंगलवार को अपने गृह ग्राम बरों विदिशा लौटने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। जिसमें सैकड़ों युवा, समाज जन महिलाएं बच्चे उन्हें लेने बड़ी संख्या में विदिशा रेलवे स्टेशन पहुंचे इसके बाद करीब 4 किलोमीटर लंबा देशभक्ति जुलूस निकाला गया।आपको बता दें कि क्रिश सेन जो कि मनोज सेन के पुत्र हैं,एवं प्रदीप सेन के भतीजे हैं जिन्होंने (महाराष्ट्र नासिक आर्टिलरी रेजिमेंट)में अपनी छह माह की अग्निवीर सैनिक प्रशिक्षण अवधि सफलतापूर्वक पूरी की है। विदिशा रेलवे स्टेशन पर समाज जनों एवं ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया इसके तत्पश्चात भारत माता की छाया चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।उनका रेलवे स्टेशन से लेकर घर तक करीब चार किलोमीटर लंबा स्वागत सम्मान जुलूस निकाला गया। जिसमें सैकड़ों युवाओं महिलाओं और ग्रामीण और समाज जनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जुलूस के दौरान डीजे पर देशभक्ति गीत बज रहे थे, और पूरा मार्ग देशभक्ति नारों से गूंजा और जमकर आतिशबाजी की जुलूस के दौरान उनके घर पर स्वागत सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें बड़ी संख्या में समाज जनों एवं ग्रामीणों ने उन्हें साफा पहनाकर मिठाइयां खिलाकर फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया।

वही युवाओं और ग्रामीणों ने “भारत माता की जय”, “इंडियन आर्मी जिंदाबाद” और अन्य देशभक्ति नारों से माहौल को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। इस भव्य आयोजन मेंसैकड़ों युवा महिलाएं बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस अवसर पर राष्ट्रीय पत्रकार महासभा भोपाल जिला अध्यक्ष जीतेन्द्र सेन प्रदीप सेन रघुवीर सेन विनोद सेनसमेत अनेक लोगों ने क्रिश सेन को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहा और लोगों ने अग्निवीर सैनिक क्रिश सेन की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।

पंचायत राज : कारनामा गबन का… कार्यवाही मात्र ट्रांसफर

नए स्थान पर पुराना काम, अपराध की सजा अदा कर किश्तों में

खान अशु

यह हुई दिखावे की कार्रवाई

सूत्रों का कहना है कि उमरबन ब्लॉक की विभिन्न पंचायतों में राजेश गिरवाल(लवाणी), राजाराम कनेल(मिर्जापुर), सुरेश डाबर(जलाखेड़ा), पप्पू निगवार(लवाणी), हुकुम भगोरे(झिरवी), तुकाराम चौहान, (पेटल), आरती ग्वाले(अमलाह), मांगीलाल, अमर सिंह कनेल, सीताराम कनेल, बलराम मंडलोई, कैलाश चौहान, छोटू शंकर मौर्य, तुकाराम चौहान, हुकुम भगोरे, निर्मल सिसोदिया, सोहन, फाल सिंह भवल, अनिल सेन(मंडावद) आदि भ्रष्टाचार के आरोप में आरोपी साबित हुए। सूत्र बताते हैं कि विभाग ने इन सचिवों पर कार्रवाई के नाम पर महज इनका ट्रांसफर अन्यत्र कर दिया है। जबकि इनके वित्तीय अधिकार पूर्ववत ही रखे गए। जिससे यह लोग जगह बदलने के अलावा अपना कार्य और व्यवहार पहले जैसा ही बनाए हुए हैं। भ्रष्टाचार के इनके कार्यक्रम बदले गए स्थान पर भी अनवरत जारी हैं, फर्क यह आया है कि अब यह भ्रष्टाचार करने से पहले सतर्क रहते हैं।

क्या कहता है नियम

मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 में धारा 40 और धारा 92 के तहत पंचायत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए कठोर प्रावधान किए गए हैं। भ्रष्टाचार या आर्थिक अनियमितता पाए जाने पर उन्हें पद से हटाने या वित्तीय अधिकार छीन लिए जाने की व्यवस्था है। साथ ही ऐसे कर्मचारियों से गबन या भ्रष्टाचार की राशि वसूलने का भी प्रावधान है।

हर माह किश्तों में सजा

सूत्रों का कहना है कि भ्रष्टाचार के इन आरोपियों को वित्तीय अधिकार वापस लिए बिना दूसरे स्थान पर पदस्थ कर दिया गया है। जहां वे पहले की ही तरह भ्रष्टाचार करके पिछले आरोप की राशि हर माह किश्तों में जमा कर रहे हैं।

एक उदाहरण यह भी

इतने घपलों घोटाले के बीच इस ब्लॉक में नारी सशक्तिकरण की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। श्रीमती आरती ने ग्राम पंचायत की राशि विद्युत प्रकाश व्यवस्था के लिए निकाली और ग्रामीणों के विरोध करने पर की दूसरे विकास कामों में राशि खर्च कर दी। बाद में सचिव श्रीमती आरती ने बापा ग्राम पंचायत के खाते में जमा भी कर दी इतनी। उनकी इस गलती पर भी धारा 92 एवं धारा 40 लगाकर वित्तीय प्रभार से अलग कर दिया गया है, लंबे अंतराल के बाद भी उन्हें वित्तीय नहीं दिए गए हैं, जबकि अन्य सचिवों ने डाके डाले फिर भी वित्तीय प्रभार देकर पुनः बंदर बांट खा खेल अनवरत जारी है।

अधिकारियों का लचीलापन

सूत्र बताते हैं कि भ्रष्टाचार के इन आरोपी सचिवों का रिकॉर्ड वर्षों से विभाग की पेंडेंसी बना हुआ था। जिला मुख्यालय से लेकर तहसील और ब्लॉक के अधिकारियों की जानकारी में होने के बाद भी उन भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

मामला पहुंचा राजधानी

इस मामले को लेकर जल्दी ही राजधानी भोपाल में शिकायत का दौर शुरू होने वाला है। पंचायत मंत्री से लेकर उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से मामले की शिकायत की जाने की तैयारी की गई है। इस मामले में जब उमरबन पंचायत के सीईओ पचौरी से जानकारी चाही तो उन्होंने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया।

इनका कहना

भ्रष्टाचार किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।शिकायत मिलने पर दोषी अधिकारी-कर्मचारियों कार्यवाही की जाएगी।प्रह्लाद पटेल,पंचायत मंत्री

थाना बैरसिया पुलिस को मिली बड़ी सफलताअपहृत नाबालिक बालिका को सकुशल किया दस्तयाब

नाबालिग विदिशा से बरामद अपहरण करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

जीतेन्द्र सेन

बैरसिया। देहात पुलिस द्वारा लापता और अपहृत नाबालिग बच्चों की सुरक्षित घर वापसी के लिए चलाए जा रहे विशेष मुस्कान अभियान के तहत बैरसिया थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए एक नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। इसके साथ ही वारदात में संलिप्त विदिशा जिले के दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।जानकारी के अनुसार बैरसिया निवासी एक पीड़ित ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी नाबालिग पुत्री रात को परिवार के साथ भोजन करने के बाद अपने बिस्तर पर सोई थी। रात करीब दो बजे जब परिजनों की आंख खुली तो बालिका घर में नहीं थी और बिना बताए कहीं चली गई थी। परिजनों ने अपने स्तर पर आसपास के गांवों और रिश्तेदारों में हर संभव तलाश की लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं लगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बैरसिया थाना प्रभारी वीरेन्द्र सेन ने एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। टीम ने जमीनी स्तर पर मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ-साथ साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला। पुलिस टीम की कुशल रणनीति और अथक प्रयासों के चलते अंततः अपहृत नाबालिग बालिका को सकुशल ढूंढ निकाला गया और वैधानिक औपचारिकताएं पूरी कर उसे परिजनों के सुपुर्द किया गया। अपहरण करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार: दस्तयाबी के बाद जब महिला,पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में पीड़िता की काउंसलिंग की गई और उसके बयान दर्ज किए गए, तो उसने अपने साथ हुई घटना का खुलासा किया। इस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया। दोनों आरोपियों सुनील बाल्मीकि और अजय बाल्मीकि निवासी विदिशा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी वीरेन्द्र कुमार सेन, उपनिरीक्षक हेमंत सिंह, प्रधान आरक्षक मलखान सिंह दांगी आरक्षक रामसेवक एवं साइबर सेल के प्रआर योगेश मिश्रा की सराहनीय भूमिका रही है

गड़बड़झाला : वर्ष 2012 में थी वक्फ सिंचित भूमि, अब हो गई निजी, बिक भी गई

ताबड़तोड़ नामांतरण पर जुटे खरीदार, बेचवाल, प्रशासन

भोपाल। खसरा नंबर 35/1 की जो जमीन वर्ष 2012 में शेख सुभान शेख नत्थु के नाम पर सरकारी दस्तावेज में इन्द्राज थी, वह कुछ सालों का सफ़र पूरा कर शालिनी प्रजापति के नाम पर हो चुकी है। वक्फ की सिंचित इस भूमि को इन्हीं दस्तावेज के आधार पर सवा करोड़ रुपए में बेच भी दिया गया है। अब खरीदार से लेकर प्रशासन तक को इस भूमि के नामांतरण की जल्दी है। लेकिन इस मामले को लेकर अदालत पहुंचे कुछ वक्फ हितैषियों की वजह से फिलहाल गड़बड़झाले भरी इस कार्यवाही पर रोक लग गई है।मामला नरसिंहपुर जिले का है, जहां जिला मुख्यालय पर स्थित एक दरगाह जहांगीर शाह एवं इमामबाड़ा की बेशकीमती जमीन औनेपौने दाम पर बेच दी गई है। मामले को लेकर हुई शिकायत और मप्र वक्फ बोर्ड की सक्रियता ने आगे की कार्रवाई फिलहाल रोक दी है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि जिला प्रशासन इस मामले को लेकर नामांतरण करने की तैयारी में जुटा हुआ है। कहा जा रहा है कि इस मामले से नजर हटते ही कोई बड़ा गोंडोबल किया जा सकता है।

इस सप्ताह जाएंगे कोर्ट

सूत्रों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा अवैध खरीदी -बिक्री को दिए जा रहे प्रोत्साहन और इस अवैध सौदे को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया जा रहा है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान ने भोपाल वक्फ ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं से चर्चा की है। उन्होंने जमीन से संबंधित सभी पुराने दस्तावेज वकील को उपलब्ध करा दिए हैं। जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि इस सप्ताह में इस मामले को कोर्ट में फाइल कर दिया जाएगा।

रुकेगी वक्फ संपत्ति की खरीद फरोख्त

मामले में अदालत से माकूल न्याय मिलने की उम्मीद की जा रही है। इस वक्फ संपत्ति की खरीदी-बिक्री रुकने से इस बात की प्रबल संभावना व्यक्त की जा रही है कि भविष्य में इस तरह की खरीद-फरोख्त पर रोक लगेगी।

बना रहे सांप्रदायिक सौहाद्र

सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद तारिक का कहना है कि नरसिंहपुर जैसी छोटी जगह में वक्फ संपत्ति को लेकर इस तरह के कुत्सित प्रयास किए जा रहे हैं। यह मामला अगर प्रशासन के साये में गति पकड़ जाता है तो भविष्य के लिए तहरीर बन जाएगा। इसलिए सांप्रदायिक सौहाद्र बचाए रखने के लिए इस सौदे का निरस्त होना जरूरी है। प्रशासन को इस मामले में गंभीर कार्यवाही करना चाहिए।

फ़ारूक़ और मरियम से अदनान की नई उड़ान

रंगमंच से वेब सीरीज़ तक… अभिनय, लेखन और निर्देशन का अनवरत सफ़र

खान आशु

भोपाल। रानी कुबरी गणेश, ओरछा के राम, दारा शिकोह और काहिलों की जमात जैसे चर्चित नाटकों से अपनी पहचान बनाने वाले युवा रंगकर्मी अदनान आज अभिनय के साथ-साथ लेखन और निर्देशन के क्षेत्र में भी अपनी अलग छाप छोड़ रहे हैं।दो दर्जन से अधिक नाटकों में अभिनय करते-करते कब उनका रुझान लेखन और निर्देशन की ओर बढ़ गया, इसका एहसास उन्हें स्वयं भी नहीं हुआ। रंगमंच के प्रति उनका समर्पण और निरंतर सीखने की ललक उन्हें नए मुकामों की ओर ले जा रही है।

एक डायलॉग जिसने बदल दी ज़िंदगी”

टक से मौत को छूकर दो मिनट में वापस आ जाता हूँ…”फिल्म अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का यह चर्चित संवाद अदनान के जीवन में निर्णायक मोड़ बनकर आया। इस संवाद की मिमिक्री और अभिनय ने उन्हें रंगमंच की दुनिया में कदम रखने का आत्मविश्वास दिया और अगले ही दिन वे मंच की प्रतिष्ठित शख्सियत राजीव बाबा के सान्निध्य में पहुँच गए।तनवीर और मरहूम इरफान साहब जैसे मार्गदर्शकों से सीखते हुए उनका सफर आगे बढ़ा और फिर प्रदीप अहिरवार के साथ रंगकर्म की नई दिशाएँ खुलती चली गईं।

दिल्ली से मुंबई तक, मंच से वेब सीरीज़ तक

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, इलाहाबाद समेत अनेक शहरों में रंगमंच, टीवी धारावाहिकों और वेब सीरीज़ के अनुभवों ने अदनान की कला को परिपक्व बनाया।उनकी लेखनी पर मरहूम हाजी अनवर साहब और मशहूर शायर डॉ. राहत इंदौरी की साहित्यिक विरासत की छाप स्पष्ट दिखाई देती है। लेखन के प्रति उनकी समझ और संवेदनशीलता उन्हें समकालीन युवा रचनाकारों में अलग पहचान दिलाती है।

‘फ़ारूक़ और मरियम’ — सोशल मीडिया पर बढ़ती लोकप्रियता

आज अदनान अपनी नई वेब सीरीज़ “फ़ारूक़ और मरियम” के साथ सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म्स पर मौजूद हैं। दर्शकों के बीच इस सीरीज़ को लगातार सराहना मिल रही है और इसकी कहानी को लेकर उत्सुकता बढ़ती जा रही है।

अदनान के बारे में

वर्टिकल ड्रामा सीरीज “नाटक जारी है” के निर्माता, लेखक और निर्देशक अदनान खान रंगमंच की दुनिया से जुड़े एक बेहद प्रतिभाशाली फिल्ममेकर और थिएटर आर्टिस्ट हैं। वे मुंबई के मनोरंजन उद्योग में सक्रिय हैं और मुख्य रूप से उर्दू एडॉप्टेशन, स्क्रीन राइटिंग और डायलॉग स्पेशलिस्ट के रूप में जाने जाते हैं। अदनान खान लंबे समय से ग्राउंड थिएटर और नाटकों से जुड़े रहे हैं। यही वजह है कि “नाटक जारी है” में उन्होंने रिहर्सल और बैकस्टेज की बारीकियों को इतने असली और मजेदार ढंग से दिखाया है। वे नाटकों के उर्दू रूपांतरण और गहरे संवाद लिखने में माहिर हैं। अदनान ने इस सीरीज को पूरी तरह एक स्वतंत्र प्रोजेक्ट के रूप में खुद लिखा और निर्देशित किया है। उन्होंने मोबाइल दर्शकों की नब्ज को पहचानते हुए पारंपरिक थिएटर को आधुनिक रील्स/वर्टिकल वीडियो फॉर्मेट (9:16 आस्पेक्ट रेशियो) में ढालकर पेश किया है। अदनान खान अपने काम और सीरीज के सभी नए एपिसोड्स को मुख्य रूप से अपने सोशल मीडिया हैंडल्स जैसे Adnan Khan Facebook और इंस्टाग्राम प्रोफाइल [@adnan.fromstage] पर रिलीज करते हैं।

अदनान का मानना है कि उनकी यात्रा अभी शुरुआत भर है। मंज़िल से अधिक उन्हें सफ़र पर भरोसा है, क्योंकि रुकना और ठहर जाना उनकी शब्दावली का हिस्सा नहीं है।

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