पंचायत राज : कारनामा गबन का… कार्यवाही मात्र ट्रांसफर

नए स्थान पर पुराना काम, अपराध की सजा अदा कर किश्तों में

खान अशु

यह हुई दिखावे की कार्रवाई

सूत्रों का कहना है कि उमरबन ब्लॉक की विभिन्न पंचायतों में राजेश गिरवाल(लवाणी), राजाराम कनेल(मिर्जापुर), सुरेश डाबर(जलाखेड़ा), पप्पू निगवार(लवाणी), हुकुम भगोरे(झिरवी), तुकाराम चौहान, (पेटल), आरती ग्वाले(अमलाह), मांगीलाल, अमर सिंह कनेल, सीताराम कनेल, बलराम मंडलोई, कैलाश चौहान, छोटू शंकर मौर्य, तुकाराम चौहान, हुकुम भगोरे, निर्मल सिसोदिया, सोहन, फाल सिंह भवल, अनिल सेन(मंडावद) आदि भ्रष्टाचार के आरोप में आरोपी साबित हुए। सूत्र बताते हैं कि विभाग ने इन सचिवों पर कार्रवाई के नाम पर महज इनका ट्रांसफर अन्यत्र कर दिया है। जबकि इनके वित्तीय अधिकार पूर्ववत ही रखे गए। जिससे यह लोग जगह बदलने के अलावा अपना कार्य और व्यवहार पहले जैसा ही बनाए हुए हैं। भ्रष्टाचार के इनके कार्यक्रम बदले गए स्थान पर भी अनवरत जारी हैं, फर्क यह आया है कि अब यह भ्रष्टाचार करने से पहले सतर्क रहते हैं।

क्या कहता है नियम

मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 में धारा 40 और धारा 92 के तहत पंचायत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए कठोर प्रावधान किए गए हैं। भ्रष्टाचार या आर्थिक अनियमितता पाए जाने पर उन्हें पद से हटाने या वित्तीय अधिकार छीन लिए जाने की व्यवस्था है। साथ ही ऐसे कर्मचारियों से गबन या भ्रष्टाचार की राशि वसूलने का भी प्रावधान है।

हर माह किश्तों में सजा

सूत्रों का कहना है कि भ्रष्टाचार के इन आरोपियों को वित्तीय अधिकार वापस लिए बिना दूसरे स्थान पर पदस्थ कर दिया गया है। जहां वे पहले की ही तरह भ्रष्टाचार करके पिछले आरोप की राशि हर माह किश्तों में जमा कर रहे हैं।

एक उदाहरण यह भी

इतने घपलों घोटाले के बीच इस ब्लॉक में नारी सशक्तिकरण की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। श्रीमती आरती ने ग्राम पंचायत की राशि विद्युत प्रकाश व्यवस्था के लिए निकाली और ग्रामीणों के विरोध करने पर की दूसरे विकास कामों में राशि खर्च कर दी। बाद में सचिव श्रीमती आरती ने बापा ग्राम पंचायत के खाते में जमा भी कर दी इतनी। उनकी इस गलती पर भी धारा 92 एवं धारा 40 लगाकर वित्तीय प्रभार से अलग कर दिया गया है, लंबे अंतराल के बाद भी उन्हें वित्तीय नहीं दिए गए हैं, जबकि अन्य सचिवों ने डाके डाले फिर भी वित्तीय प्रभार देकर पुनः बंदर बांट खा खेल अनवरत जारी है।

अधिकारियों का लचीलापन

सूत्र बताते हैं कि भ्रष्टाचार के इन आरोपी सचिवों का रिकॉर्ड वर्षों से विभाग की पेंडेंसी बना हुआ था। जिला मुख्यालय से लेकर तहसील और ब्लॉक के अधिकारियों की जानकारी में होने के बाद भी उन भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

मामला पहुंचा राजधानी

इस मामले को लेकर जल्दी ही राजधानी भोपाल में शिकायत का दौर शुरू होने वाला है। पंचायत मंत्री से लेकर उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से मामले की शिकायत की जाने की तैयारी की गई है। इस मामले में जब उमरबन पंचायत के सीईओ पचौरी से जानकारी चाही तो उन्होंने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया।

इनका कहना

भ्रष्टाचार किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।शिकायत मिलने पर दोषी अधिकारी-कर्मचारियों कार्यवाही की जाएगी।प्रह्लाद पटेल,पंचायत मंत्री

थाना बैरसिया पुलिस को मिली बड़ी सफलताअपहृत नाबालिक बालिका को सकुशल किया दस्तयाब

नाबालिग विदिशा से बरामद अपहरण करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

जीतेन्द्र सेन

बैरसिया। देहात पुलिस द्वारा लापता और अपहृत नाबालिग बच्चों की सुरक्षित घर वापसी के लिए चलाए जा रहे विशेष मुस्कान अभियान के तहत बैरसिया थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए एक नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। इसके साथ ही वारदात में संलिप्त विदिशा जिले के दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।जानकारी के अनुसार बैरसिया निवासी एक पीड़ित ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी नाबालिग पुत्री रात को परिवार के साथ भोजन करने के बाद अपने बिस्तर पर सोई थी। रात करीब दो बजे जब परिजनों की आंख खुली तो बालिका घर में नहीं थी और बिना बताए कहीं चली गई थी। परिजनों ने अपने स्तर पर आसपास के गांवों और रिश्तेदारों में हर संभव तलाश की लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं लगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बैरसिया थाना प्रभारी वीरेन्द्र सेन ने एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। टीम ने जमीनी स्तर पर मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ-साथ साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला। पुलिस टीम की कुशल रणनीति और अथक प्रयासों के चलते अंततः अपहृत नाबालिग बालिका को सकुशल ढूंढ निकाला गया और वैधानिक औपचारिकताएं पूरी कर उसे परिजनों के सुपुर्द किया गया। अपहरण करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार: दस्तयाबी के बाद जब महिला,पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में पीड़िता की काउंसलिंग की गई और उसके बयान दर्ज किए गए, तो उसने अपने साथ हुई घटना का खुलासा किया। इस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया। दोनों आरोपियों सुनील बाल्मीकि और अजय बाल्मीकि निवासी विदिशा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी वीरेन्द्र कुमार सेन, उपनिरीक्षक हेमंत सिंह, प्रधान आरक्षक मलखान सिंह दांगी आरक्षक रामसेवक एवं साइबर सेल के प्रआर योगेश मिश्रा की सराहनीय भूमिका रही है

गड़बड़झाला : वर्ष 2012 में थी वक्फ सिंचित भूमि, अब हो गई निजी, बिक भी गई

ताबड़तोड़ नामांतरण पर जुटे खरीदार, बेचवाल, प्रशासन

भोपाल। खसरा नंबर 35/1 की जो जमीन वर्ष 2012 में शेख सुभान शेख नत्थु के नाम पर सरकारी दस्तावेज में इन्द्राज थी, वह कुछ सालों का सफ़र पूरा कर शालिनी प्रजापति के नाम पर हो चुकी है। वक्फ की सिंचित इस भूमि को इन्हीं दस्तावेज के आधार पर सवा करोड़ रुपए में बेच भी दिया गया है। अब खरीदार से लेकर प्रशासन तक को इस भूमि के नामांतरण की जल्दी है। लेकिन इस मामले को लेकर अदालत पहुंचे कुछ वक्फ हितैषियों की वजह से फिलहाल गड़बड़झाले भरी इस कार्यवाही पर रोक लग गई है।मामला नरसिंहपुर जिले का है, जहां जिला मुख्यालय पर स्थित एक दरगाह जहांगीर शाह एवं इमामबाड़ा की बेशकीमती जमीन औनेपौने दाम पर बेच दी गई है। मामले को लेकर हुई शिकायत और मप्र वक्फ बोर्ड की सक्रियता ने आगे की कार्रवाई फिलहाल रोक दी है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि जिला प्रशासन इस मामले को लेकर नामांतरण करने की तैयारी में जुटा हुआ है। कहा जा रहा है कि इस मामले से नजर हटते ही कोई बड़ा गोंडोबल किया जा सकता है।

इस सप्ताह जाएंगे कोर्ट

सूत्रों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा अवैध खरीदी -बिक्री को दिए जा रहे प्रोत्साहन और इस अवैध सौदे को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया जा रहा है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान ने भोपाल वक्फ ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं से चर्चा की है। उन्होंने जमीन से संबंधित सभी पुराने दस्तावेज वकील को उपलब्ध करा दिए हैं। जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि इस सप्ताह में इस मामले को कोर्ट में फाइल कर दिया जाएगा।

रुकेगी वक्फ संपत्ति की खरीद फरोख्त

मामले में अदालत से माकूल न्याय मिलने की उम्मीद की जा रही है। इस वक्फ संपत्ति की खरीदी-बिक्री रुकने से इस बात की प्रबल संभावना व्यक्त की जा रही है कि भविष्य में इस तरह की खरीद-फरोख्त पर रोक लगेगी।

बना रहे सांप्रदायिक सौहाद्र

सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद तारिक का कहना है कि नरसिंहपुर जैसी छोटी जगह में वक्फ संपत्ति को लेकर इस तरह के कुत्सित प्रयास किए जा रहे हैं। यह मामला अगर प्रशासन के साये में गति पकड़ जाता है तो भविष्य के लिए तहरीर बन जाएगा। इसलिए सांप्रदायिक सौहाद्र बचाए रखने के लिए इस सौदे का निरस्त होना जरूरी है। प्रशासन को इस मामले में गंभीर कार्यवाही करना चाहिए।

पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पाण्डेय ने अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित फेक्ट्रीयों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

गोकुलदास फैक्ट्री एवं बंसल ट्रेडिंग कंपनी अचारपुरा में कार्यरत महिला कर्मचारियों से किया संवाद, सुरक्षा व्यवस्थाओं की ली जानकारी

जीतेन्द्र सेन

भोपाल।पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) पंकज कुमार पाण्डेय द्वारा थाना ईंटखेड़ी अंतर्गत चौकी अचारपुरा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान चौकी परिसर में साफ-सफाई एवं पुलिसकर्मियों को प्रभावी पेट्रोलिंग के निर्देश दिए निरीक्षण उपरांत पुलिस अधीक्षक द्वारा अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया का भ्रमण किया गया तथा गोकुलदास फैक्ट्री एवं बंसल ट्रेडिंग कंपनी अचारपुरा पहुंचकर वहां कार्यरत महिला कर्मचारियों से संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान गोकुलदास फैक्ट्री में कार्यरत लगभग 2500 महिला कर्मचारियों से सीधे संवाद कर उनकी सुरक्षा, कार्यस्थल की व्यवस्थाओं, आवागमन सुविधा तथा फैक्ट्री आने-जाने के दौरान होने वाली समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। संवाद कार्यक्रम के दौरान अति. पुलिस अधीक्षक डाॅ नीरज चौरसिया,एसडीओपी ईंटखेड़ी सुश्री मंजू चौहान भी उपस्थित रहीं।पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पाण्डेय द्वारा फैक्ट्री प्रबंधन एवं सेंट्रल कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक कर महिलाओं की सुरक्षा संबंधी विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में फैक्ट्री परिसर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा उपकरण, सुरक्षा गार्ड, महिलाओं के कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था एवं महिला कर्मचारियों के आवागमन हेतु उपयोग किए जाने वाले वाहनों में सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।पुलिस अधीक्षक द्वारा संबंधित थाना पुलिस को फैक्ट्री क्षेत्र एवं आसपास नियमित गश्त, संवेदनशील स्थानों पर निगरानी एवं महिला कर्मचारियों के आने-जाने वाले रूट पर विशेष सतर्कता रखने के निर्देश दिए गए।

साथ ही महिला कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल डायल 112 पर पुलिस से संपर्क करने हेतु प्रेरित किया गया।इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों द्वारा महिला सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी एवं सुरक्षा उपायों के संबंध में जागरूक किया गया।भोपाल (देहात) पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को लेकर निरंतर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

राज्यपाल मांगूभाई पटेल ने किया कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को प्रशिस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह से किया सम्मानित

सशस्त्र सेना झंडा दिवस

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि के लिए निर्धारित लक्ष्य राशि की सफलता पूर्वक पूर्ति करने पर प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उक्त प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह कर्नल राजीव खत्री द्वारा कलेक्टर भोपाल को औपचारिक रूप से भेंट किया गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन एवं जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के अधिकारियों ने इसे पूर्व सैनिकों, वीरनारियों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के प्रति समाज की संवेदनशीलता एवं सहयोग का प्रतीक बताया। साथ ही सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में योगदान देने वाले सभी नागरिकों, संस्थाओं एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

आगामी त्यौहार ईद -उल-अजहा को लेकर थाना गुन्गा में शांति समिति की बैठक सम्पन्न

जीतेन्द्र सेन

बैरसिया। गुनगा थाना परिसर में आगामी त्योहार ईद उल अजहा को लेकर गुरुवार को शांति समिति की बैठक का आयोजन थाना प्रभारी रिंकू जाटव की उपस्थिति में किया गया। बैठक में थाना प्रभारी रिंकू जाटव ने क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों धर्मगुरुओं को आगामी त्योहार को शांति सद्भावना भाईचारे और साफ सफाई के साथ मनाने की अपील की गई। साथ ही किसी भी असामाजिक गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की बात कही गई वहीं त्यौहार पर सायबर सुरक्षा को लेकर भी जागरूक किया गया इस दौरान पुलिस स्टाफ एवं क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

थाना बैरसिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 54 लीटर अवैध शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार पल्सर बाइक और माल जब्त

जीतेन्द्र सेन

बैरसिया। थाना बैरसिया पुलिस द्वारा शराब माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से 54 लीटर अवैध देशी मदिरा और तस्करी में इस्तेमाल मोटरसाइकिल जब्त की है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 1 लाख 13 हजार रुपये बताई जा रही है।​पुलिस के अनुसार, भोपाल देहात के एसपी पंकज कुमार पाण्डे, एएसपी डॉ.नीरज चौरसिया और एसडीओपी वैशाली कराहलिया के निर्देशन में अवैध शराब तस्करों के खिलाफ लगातार धरपकड़ की जा रही है। इसी कड़ी में बैरसिया थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि झिकरिया के आगे ठाकुर ढाबे के पीछे हिनोतिया रोड (दामखेड़ा) के पास एक व्यक्ति प्लास्टिक की बोरी में अवैध शराब लेकर खड़ा है।

घेराबंदी कर दबोचा आरोपी

सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदेही को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम देवेन्द्र कुमार केवट (24 वर्ष),निवासी ग्राम खेजड़ा घाट बताया। जब पुलिस ने उसके पास मौजूद नीले रंग की प्लास्टिक की बोरी की तलाशी ली,तो उसमें से देशी मदिरा मसाला के 300 क्वार्टर बरामद हुए।​जब्त सामान की कीमत: पुलिस ने 33 हजार रुपये कीमत की 54 लीटर अवैध शराब और तस्करी में प्रयुक्त बिना नंबर की पल्सर मोटरसाइकिल (कीमत करीब 80 हजार रुपये) जब्त की है।

जेल भेजा गया आरोपी

आरोपी का यह कृत्य आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत दंडनीय होने के कारण पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत (जेल) भेज दिया गया है। पुलिस अब आरोपी के बयानों के आधार पर इस रैकेट से जुड़े अन्य शराब तस्करों की तलाश में जुट गई है।​सराहनीय भूमिका: इस पूरी कार्रवाई में बैरसिया थाना प्रभारी (निरीक्षक) वीरेन्द्र कुमार सेन के मार्गदर्शन में उप निरीक्षक हेमंत सिंह,प्रधान आरक्षक रूपसिंह सिसोदिया, आरक्षक अमर सिंह और आरक्षक अंकित गोस्वामी का विशेष योगदान रहा।

बड़बोलेपन ने डाला प्रियंक को मुसीबत में… हो रहीं एक के बाद एक शिकायतें

पहले AI निर्मित तस्वीर, अब प्रताड़ना की एक दास्तां

भोपाल। अब तक एक कौम खास को लेकर टिप्पणियों की बारिश थी, सोचा था कि सरदार खुश होंगे और इनाम भी देंगे… लेकिन कुछ नया पाने की होड़ में लगी इस तेज दौड़ में वे अपनी पार्टी के लोगों को प्रतिद्वंद्वी बना बैठे। नतीजा एक ऐसे प्रकरण के रूप में सामने आया है कि अपने लोगों की नाराज़गी भी ओढ़कर बैठ गए हैं।मामला राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो से जुड़ा है। वैसे तो आयोग के संवैधानिक दायरों में रहते हुए उन्हें सीधे सियासी मामलों में पड़ना नहीं था। लेकिन प्रियंक कानूनगो ने एक कौम खास को टारगेट करते हुए जो बयानबाजी शुरू की तो वे यहां तक भी बोलते गए कि राजधानी की किसी विधानसभा को अपना ठिकाना बनाने की मंशा में घिरे दिखने लगे। मुस्लिम समाज के कई आंतरिक मामलों में वे दखलंदाजी करते दिखाई दिए। इन हालात से वे लोग विचलित भी हुए, जो बरसों से राजधानी में अपनी जमीन तैयार कर रहे हैं। ऐसे में किसी नए समीकरण पर सियासी खलबली का माहौल बन गया। जिसका नतीजा प्रियंक कानूनगो के खिलाफ शिकायतों के रूप में आया है। सूत्र बताते हैं कि इन सब हालात के पीछे कोई और नहीं, बल्कि उनकी अपनी ही पार्टी के लोग लगे हुए हैं।

भगवान को कर दिया कैद

मामला विदिशा जिले की त्योंदा तहसील के ग्राम कस्बा बांगरोद का बताया जा रहा है। यहां स्थित शासन संधारित अति प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर को लेकर उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो के भाई मयंक कानूनगो ने मंदिर पर ताला जड़ दिया है, जिससे भगवान कैद हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि मयंक कानूनगो मंदिर की मूर्तियों को हटवाकर राम जानकी मंदिर में रखवाने पर अड़े रहे जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। इस दौरान जमकर कहासुनी हुई। तब प्रशासनिक अधिकारी द्वारा नवीन पुजारी को व्यस्था सौंपकर मंदिर के ताले खुलवाए।

तुम्हारे पूरे परिवार का पता नहीं चलेगा… धमकीl

मंदिर के पुजारी लकी महाराज ने शिकायत की है कि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो द्वारा उन्हें और उनके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। वह धमकी दे रहे हैं कि तुम यह गांव और जमीन छोड़कर चले जाओ नहीं तो तुम्हारे पूरे परिवार का पता नहीं चलेगा। पुजारी ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रपति को भी की है।

पहले इस तरह किया था माहौल खराब

पिछले सप्ताह प्रियंक कानूनगो के खिलाफ कांग्रेस नेता औसाफ बबलू ने जहांगीराबाद थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि एक AI निर्मित तस्वीर के सहारे प्रियंक ने शहर का माहौल खराब करने की कोशिश की थी। इस तस्वीर में उन्होंने एक मंदिर को जेसीबी से तोड़ते हुए एक कौम खास के लोगों को दिखाया था।

सी.एम.हेल्पलाइन शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु थाना बैरसिया में लगाया गया समाधान शिविर

जीतेन्द्र सेन

बैरसिया।पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) पंकज कुमार पाण्डेय द्वारा जिले में लंबित सी.एम. हेल्पलाइन शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हेतु समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। उक्त निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) डॉ. नीरज चौरसिया के मार्गदर्शन में एसडीओपी बैरसिया वैशाली कराहलिया एवं थाना प्रभारी वीरेन्द्र सेन बैरसिया द्वारा थाना बैरसिया परिसर में सी.एम. हेल्पलाइन शिकायत निवारण शिविर आयोजित किया गया।

शिविर के दौरान 25 शिकायतकर्ताओं ने उपस्थित होकर अपनी समस्याएं एवं शिकायतें दर्ज कराईं। शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा संबंधित शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही की गई। पुलिस अधिकारियों द्वारा शिकायतकर्ताओं को उनकी शिकायतों की स्थिति से अवगत कराते हुए संतुष्टिपूर्ण निराकरण के प्रयास किये गये।भोपाल देहात पुलिस द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं बेहतर पुलिसिंग के उद्देश्य से इस प्रकार के शिविर लगातार आयोजित किये जा रहे हैं, जिससे जनता और पुलिस के मध्य विश्वास एवं संवाद को और अधिक सुदृढ किया जा सके।

कानून व्यवस्था,अपराध नियंत्रण एवं ऑनलाइन साइबर फ्रॉड पर सतर्कता अपनाएं – SP पंकज पाण्डेय

अधीक्षक द्वारा थाना गुनगा एवं थाना नजीराबाद का औचक निरीक्षण

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) पंकज कुमार पाण्डेय द्वारा ग्रामीण क्षेत्र का भ्रमण कर थाना गुनगा एवं थाना नजीराबाद का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दोनों थानों के पुलिस स्टाफ से परिचय प्राप्त कर थाना स्तर पर संचालित कार्यों, अपराध नियंत्रण संबंधी गतिविधियों एवं कानून व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली गई।निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना परिसर,अभिलेखों,लंबित प्रकरणों,मालखाना, रोजनामचा एवं प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों का अवलोकन किया गया।

साथ ही रात्रि गश्त, फरार आरोपियों की धरपकड़,वारंट तामीली एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बनाए रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पाण्डेय ने थाना स्टाफ को आमजन के प्रति संवेदनशील एवं जनसेवा की भावना से कार्य करते हुए शिकायतों पर त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की सतत उपस्थिति एवं प्रभावी गश्त से अपराधों पर नियंत्रण के साथ आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है।इसके अतिरिक्त ऑनलाइन साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक,ओटीपी धोखाधड़ी एवं सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने तथा साइबर संबंधी शिकायतों पर तत्काल कार्यवाही करने हेतु भी निर्देश दिए गए।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस का प्राथमिक उद्देश्य आमजन में सुरक्षा, विश्वास एवं कानून के प्रति भरोसे का वातावरण स्थापित करना है, जिसके लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण निष्ठा, सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।

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