जनहित के कार्यों में शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं अधिकारी पूरी मुस्तैदी से करें अपने दायित्वों का निर्वहन – कलेक्टर प्रियंक मिश्रा

स्कूल या आंगनवाड़ी भवन जर्जर जीर्ण-क्षीण अवस्था में हैं, उन्हें अविलंब खाली कराया जाए

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा (टीएल) पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के शासकीय कार्यों की सघन समीक्षा करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतर्विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में किसी भी स्तर पर उदासीनता अथवा शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी और सभी अधिकारी लोकहित के कार्यों में पूरी संवेदनशीलता के साथ सक्रिय रहें।आगामी विधानसभा सत्र के दृष्टिगत कलेक्टर मिश्रा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि विधानसभा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर पूर्णतः सटीक, तथ्यात्मक और समय-सीमा के भीतर प्रेषित किए जाएं, इसमें किसी भी प्रकार का विलंब क्षम्य नहीं होगा।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करते हुए उन्होंने कहा कि मानसून एवं अन्य आपात स्थितियों के मद्देनजर सभी विभाग आपस में जीवंत समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करें। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में आपदा प्रबंधन का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम होना चाहिए और पूर्व निर्धारित सभी सुरक्षात्मक कार्यों का निरंतर फॉलो-अप लिया जाए। जल गंगा संवर्धन अभियान की चर्चा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के समापन अवसर पर सभी विभाग गरिमामयी कार्यक्रमों का आयोजन कर उल्लेखनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रदर्शित करें तथा इन आयोजनों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। *राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर मिश्रा ने पटवारियों को ‘फॉर्मर रजिस्ट्री’ के कार्य को गति देने के लिए साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने के निर्देश दिए और सचेत किया कि इस कार्य में अपेक्षित प्रगति न लाने वाले संबंधितों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।* इसके साथ ही, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को त्वरित और संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। कृषि विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि वे जिले में उर्वरकों का वितरण अनिवार्य रूप से ‘ई-विकास पोर्टल’ के माध्यम से ही संपादित करें, जिससे संपूर्ण वितरण व्यवस्था पारदर्शी, नियंत्रित और सुगम बनी रहे। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों को उनके मूल प्रशासनिक दायित्वों का स्मरण कराते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र के ‘इंसीडेंट कमांडर’ हैं, अतः वे अपनी सभी प्राथमिक जिम्मेदारियों के प्रति अत्यंत सजग रहें। उन्होंने निर्देश दिए कि क्षेत्र के जो भी स्कूल या आंगनवाड़ी भवन जीर्ण-क्षीण या जर्जर अवस्था में हैं, उन्हें अविलंब खाली कराया जाए जिससे बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं के समाधान हेतु जनप्रतिनिधियों से सतत् समन्वय बनाए रखने तथा क्षेत्र में किसी भी आपात स्थिति के निर्मित होने पर तत्काल धरातल पर मोर्चा संभालते हुए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर मिश्रा ने नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ में छात्र नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि करने तथा ड्रॉप-आउट बच्चों की सटीक ट्रैकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग से समन्वय स्थापित कर ऐसे बच्चों को सूचीबद्ध किया जाए जो पढ़ाई छोड़ चुके हैं, जिससे उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। अधिकारी स्वयं मैदानी क्षेत्रों का दौरा कर बच्चों की ‘अपार आईडी’ बनवाना सुनिश्चित करें और केवल अधीनस्थों की बातों पर निर्भर न रहकर स्वयं स्थलीय निरीक्षण द्वारा समस्याओं का व्यावहारिक निराकरण करें। इसके साथ ही, नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सह-स्थित आंगनवाड़ियों को’ स्कूलों में स्थानांतरित करने हेतु तत्काल सर्वे कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।स्वास्थ्य विभाग के कार्यों को गति देने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे एनीमिया से पीड़ित महिलाओं की शत-प्रतिशत डाटा प्रविष्टि सुनिश्चित करें तथा ‘हाई रिस्क प्रेगनेंसी’ वाली महिलाओं का सघन फॉलो-अप लेते हुए जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में सकारात्मक सुधार लाएं। दवाओं की गुणवत्ता और वैधता को परखने के लिए उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर और फूड सेफ्टी ऑफिसर के साथ मिलकर जिले की मेडिकल दुकानों का संयुक्त रूप से सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए, जिससे चिकित्सा क्षेत्र में शुचिता बनी रहे।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर मिश्रा ने ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजनाओं के सुचारू संचालन पर बल देते हुए कहा कि जिन योजनाओं में जल स्रोत या पाइपलाइन की तकनीकी समस्या है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि नागरिकों को सुगमता से पेयजल उपलब्ध हो सके। अंत में, श्रम विभाग को ‘प्रधानमंत्री श्रमयोगी मान-धन योजना’ के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विभाग को एक विस्तृत और समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर मिशन मोड में कार्य करने के लिए कहा, जिससे इस कल्याणकारी योजना का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े हितग्राहियों तक सुगमता से पहुंच सके।

स्वास्थ्य,शिक्षा और औद्योगीकरण पर फोकस करें कलेक्टर:मुख्य सचिव अनुराग जैन

आमजन से जुड़़ी योजनाओं और लक्ष्य आधारित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में आसान प्रक्रिया अपनाने पर जोर

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टर्स से कहा है कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश को विकसित किए जाने के लिए बुनियादी रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगीकरण और मानवसंसाधन को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने निर्देश दिए कि आमजन से जुड़़ी योजनाओं और लक्ष्य आधारित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए आसान प्रक्रिया अपनाएं। उन्होंने सुशासन के अनेक बिंदुओं की नियमित समीक्षा से आए बदलाव के लिए कलेक्टर्स की तारीफ की। मुख्य सचिव जैन ने गुरूवार को मंत्रालय से वी.सी के माध्यम से कलेक्टर, कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों के साथ कलेक्टर्स कांफ्रेंस में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर भोपाल कमिश्नर कार्यालय से संभागीय आयुक्त कर्मवीर शर्मा एवं कलेक्टर कार्यालय से भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा भी शामिल हुए।मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टर्स से कहा कि शहरीकरण के तहत मास्टर प्लान तैयार करने के साथ औद्योगीकरण के लिए निवेश आकर्षित करने पर भी काम किया जाए। उन्होंने मध्यप्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और मानवसंसाधन के कौशल विकास पर भी काम करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि पी.एम गतिशक्ति पर निर्माण कार्यों और संपत्ति की मेपिंग चल रही है, कलेक्टर्स सी.एम गतिशक्ति पर भी प्रदेश के निर्माण कार्यों और समस्त प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी अपडेट करें जिससे नियमित समीक्षा हों सके। उन्होंने शासकीय संपत्ति का उपयोग अन्य विभागों द्वारा किए जाने पर भी बल दिया। जैन ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय भवन के निर्माण के बाद रिक्त हुए स्कूल भवनों में आयुष बेलनेस सेंटर,उप-स्वास्थ्य केंद्र,आगंनवाड़ी आदि संचालित किए जा सकते है।

कानून व्यवस्था पर समन्वित प्रयास करने के निर्देश

बैठक की शुरूआत में कानून व्यवस्था की समीक्षा की गयी। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने निर्देश दिए कि अनुभाग स्तर पर एसडीएम और एस.डी.ओपी तथा जिला स्तर पर डी.एम और एसपी संयुक्त रूप से भ्रमण आदि कर कानून व्यवस्था उत्कृष्ट बनाएं। उन्होंने एनकार्ड की नियमित बैठक करने और साइबर फ्राड जैसी घटनाएं रोकने के लिए गम्भीरता से कार्यवाही करने को कहा है। डीजीपी कैलाश मकवाना ने सभी शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास के क्षेत्र को ड्रग फ्री जोन बनाने और साइबर धोखाधडी को रोकने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने पाक्सो एक्ट के तहत एक माह में चार्ज सीट प्रस्तुत करने का लक्ष्य रखने के लिए कहा है। विस्फोटक अधिनियम की शर्तों का शतप्रतिशत पालन कराने के लिए लाइसेंसी संस्थानों का संयुक्त पुलिस और प्रशासन को निरीक्षण करने के निर्देश दिए है। बैठक में नवीन न्याय संहिता के क्रियान्वयन के लिए न्यू क्रिमीनल लॉ और ई-साक्ष्य में गम्भीरता से कार्य करने और समय सीमा में चालान पेश करने को कहा है। डीजीपी ने कहा कि रियल टाइम में संवाद हो जिससे अपराधों को रोका जा सके। इस दौरान अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर कार्यवाही के लिए विशेष कार्यवाही सतत् रूप से करने के निर्देश दिए गए है।

बेसिक सुशासन आवश्यक

सुशासन की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव जैन लोक सेवा गांरटी और सीएम हेल्पलाइन के समय-सीमा से बाहर के लंबित प्रकरणों के निराकरण में सुधार होने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा से स्थिति में सुधार हुआ है। मुख्य सचिव ने भू-अधिग्रहण मामलों में समय पर अवार्ड आदि पारित करने के कलेक्टर को निर्देश दिए जिससे नागरिक अनावश्यक रूप से परेशान न हों और परियोजनाएं समय से पूरी हो सकें। इस दौरान नामातरण, सीमांकन, बटवारा और शासकीय विभागों को भूमि आवंटन के प्रकरणों की भी समीक्षा की गयी।

उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि लोकसेवा गारंटी और सीएम हेल्पलाइन से आमजन को बेसिक सुशासन दिया जा सकता है। स्वास्थ्य एवं पोषण की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कलेक्टर से कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अधिकाधिक समय दें और स्वास्थ्य तथा महिला बाल विकास के अमले का संयुक्त भ्रमण कराकर स्वास्थ्य कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को बेहतर स्थिति में लाएं। शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमीं लाने के लिए सतत् प्रयास करने की जरूतर बताई और प्रसव पूर्व होने वाली जाँच तथा संस्थागत प्रसव कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने अनमोल 2.0 कार्यक्रम में सही डाटा एंट्री करने पर बल दिया। मुख्य सचिव ने कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को पोषण के साथ ही उचित उपचार उपलब्ध कराने को कहा है। अगले माह होने वाले दस्तक सह स्टॉप डायरिया अभियान के लिए अभी से योजना बनाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सुनिश्चित किया जाए कि पेयजल स्त्रोतों की जाँच हो और उनका शुद्धीकरण किया जाए। मुख्य सचिव ने निक्षयमित्र टी.बी मुक्त भारत अभियान को प्रधानमंत्री की प्राथमिकता का अभियान बताते हुए कहा है कि क्षय रोग के मरीजों को उपचार के साथ ही पोषण किट उपलब्ध कराने के लिए जनप्रतिनिधियों का भी योगदान लिया जाए। बैठक में 1075 पीएससी से चयनित डाक्टर्स के अस्पतालों में पदभार ग्रहण करने के जानकारी दी गयी है। कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए कि स्वास्थ्य विभाग की नियमित समीक्षा करें और स्वास्थ्य संस्थाओं के निर्माण कार्यों की निगरानी करें।मुख्य सचिव जैन ने जिलों में एकल नल-जल योजना के संचालन की समीक्षा की और निर्देश दिए कि इन योजनाओं के संचालन के लिए मापदंड अनुसार संचालन समिति बनाएं। उन्होंने पेयजल स्त्रोतों की शुद्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा है। मुख्य सचिव ने कुछ जिलों में मानसून की देरी के दृष्टिगत पेयजल की उपलब्धता निरंतर बनाएं रखने के निर्देश दिए। जनजातीय मामलों की समीक्षा में मुख्य सचिव ने सामुदायिक वन संसाधन के संरक्षण एवं प्रबंधन की समीक्षा करते हुए समुदाय से अभी तक प्राप्त वन अधिकार अधिनियम के तहत नवीन दावों और निरस्त दावों के प्रकरणों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि वन,राजस्व और जनजातीय कार्य विभाग इस दिशा में संयुक्त पहल करें। विशेष ग्राम सभाओं में दावों पर चर्चा करें जिससे गुणवत्ता बेहतर हों।*100 प्रतिशत बच्चों का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करें*मुख्य सचिव ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए स्कूल जाने योग्य बच्चों के प्रवेश और ड्रॉप आउट बच्चों के पुन:प्रवेश की स्थिति पर संतोष्व्यक्त किया। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में आस-पास के बसाहटों के बच्चों का सौ फीसदी नामांकन हो। उन्होंने आगंनबाड़ी की स्कूल से मैपिंग के कार्य की भी समीक्षा की। इस दौरान उल्लास नवभारत साक्षारता कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए असाक्षर व्यक्तियों को चिह्न्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर विद्यार्थी की अपार आइडी बनाने के निर्देश दिए।बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं आपूर्ति ने बताया कि कामर्शियल एलपीजी सिलेंडर के लिए पूर्व में लगायी गयी सीलिंग को शिथिल कर दिया गया है। शहरों में पीएनजी कलेक्शन दिए जाने के काम में काफी तेजी आई है। मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि शहरों में पीएनजी के कार्य में और तेजी लाए जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके। बैठक में पांडुलपियों के डिजिटलीकरण कार्य की समीक्षा हुई और मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स से कहा कि ऐतिहासिक पृष्ठ भूमि वाले जिले रूचि लेकर पांडुलिपियां संगृहित करें और उनका डिजिटलीकरण कराएं। प्रदेश में अबतक 18 लाख से अधिक पांडुलिपि डिजिटलीकृत हुई हैं।*प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में प्रदेश अव्वल*मुख्य सचिव ने 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के लिए लागू प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में मध्यप्रदेश के प्रथम स्थान पर आने पर कलेक्टर्स की तारीफ की। इस योजना के तहत पंजीकृत श्रमिक को 60 वर्ष की आयु के बाद 3000 रूपये मासिक पेंशन मिलती है। उन्होंने संबल योजना के प्रकरणों को समय पर निराकृत करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने जी राम जी योजना में पंजीकृत श्रमिकों को बीओसीडब्ल्यू श्रम सेवा पोर्टल पर रजिस्ट्रर करने के लिए कहा है। बैठक के अंत में डॉग वाइट के प्रकरणों की समीक्षा की गयी और वन-पशुपालन तथा नगरीय निकायों को समन्वित रूप से पशु आश्रय स्थल सभी 55 जिलों में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों में न्यूनतम 1-1 एबीसी सेंटर स्थापित करने के लिए भी कहा है। बैठक में बताया गया कि सभी 55 जिलों में पशुनिगरानी समिति गठित की जा चुकी है।

पंचायत राज : कारनामा गबन का… कार्यवाही मात्र ट्रांसफर

नए स्थान पर पुराना काम, अपराध की सजा अदा कर किश्तों में

खान अशु

यह हुई दिखावे की कार्रवाई

सूत्रों का कहना है कि उमरबन ब्लॉक की विभिन्न पंचायतों में राजेश गिरवाल(लवाणी), राजाराम कनेल(मिर्जापुर), सुरेश डाबर(जलाखेड़ा), पप्पू निगवार(लवाणी), हुकुम भगोरे(झिरवी), तुकाराम चौहान, (पेटल), आरती ग्वाले(अमलाह), मांगीलाल, अमर सिंह कनेल, सीताराम कनेल, बलराम मंडलोई, कैलाश चौहान, छोटू शंकर मौर्य, तुकाराम चौहान, हुकुम भगोरे, निर्मल सिसोदिया, सोहन, फाल सिंह भवल, अनिल सेन(मंडावद) आदि भ्रष्टाचार के आरोप में आरोपी साबित हुए। सूत्र बताते हैं कि विभाग ने इन सचिवों पर कार्रवाई के नाम पर महज इनका ट्रांसफर अन्यत्र कर दिया है। जबकि इनके वित्तीय अधिकार पूर्ववत ही रखे गए। जिससे यह लोग जगह बदलने के अलावा अपना कार्य और व्यवहार पहले जैसा ही बनाए हुए हैं। भ्रष्टाचार के इनके कार्यक्रम बदले गए स्थान पर भी अनवरत जारी हैं, फर्क यह आया है कि अब यह भ्रष्टाचार करने से पहले सतर्क रहते हैं।

क्या कहता है नियम

मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 में धारा 40 और धारा 92 के तहत पंचायत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए कठोर प्रावधान किए गए हैं। भ्रष्टाचार या आर्थिक अनियमितता पाए जाने पर उन्हें पद से हटाने या वित्तीय अधिकार छीन लिए जाने की व्यवस्था है। साथ ही ऐसे कर्मचारियों से गबन या भ्रष्टाचार की राशि वसूलने का भी प्रावधान है।

हर माह किश्तों में सजा

सूत्रों का कहना है कि भ्रष्टाचार के इन आरोपियों को वित्तीय अधिकार वापस लिए बिना दूसरे स्थान पर पदस्थ कर दिया गया है। जहां वे पहले की ही तरह भ्रष्टाचार करके पिछले आरोप की राशि हर माह किश्तों में जमा कर रहे हैं।

एक उदाहरण यह भी

इतने घपलों घोटाले के बीच इस ब्लॉक में नारी सशक्तिकरण की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। श्रीमती आरती ने ग्राम पंचायत की राशि विद्युत प्रकाश व्यवस्था के लिए निकाली और ग्रामीणों के विरोध करने पर की दूसरे विकास कामों में राशि खर्च कर दी। बाद में सचिव श्रीमती आरती ने बापा ग्राम पंचायत के खाते में जमा भी कर दी इतनी। उनकी इस गलती पर भी धारा 92 एवं धारा 40 लगाकर वित्तीय प्रभार से अलग कर दिया गया है, लंबे अंतराल के बाद भी उन्हें वित्तीय नहीं दिए गए हैं, जबकि अन्य सचिवों ने डाके डाले फिर भी वित्तीय प्रभार देकर पुनः बंदर बांट खा खेल अनवरत जारी है।

अधिकारियों का लचीलापन

सूत्र बताते हैं कि भ्रष्टाचार के इन आरोपी सचिवों का रिकॉर्ड वर्षों से विभाग की पेंडेंसी बना हुआ था। जिला मुख्यालय से लेकर तहसील और ब्लॉक के अधिकारियों की जानकारी में होने के बाद भी उन भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

मामला पहुंचा राजधानी

इस मामले को लेकर जल्दी ही राजधानी भोपाल में शिकायत का दौर शुरू होने वाला है। पंचायत मंत्री से लेकर उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से मामले की शिकायत की जाने की तैयारी की गई है। इस मामले में जब उमरबन पंचायत के सीईओ पचौरी से जानकारी चाही तो उन्होंने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया।

इनका कहना

भ्रष्टाचार किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।शिकायत मिलने पर दोषी अधिकारी-कर्मचारियों कार्यवाही की जाएगी।प्रह्लाद पटेल,पंचायत मंत्री

कलाकार भी पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद गंभीर : शिवराज

मंच कलाकार अदनान खान ने पूर्व मुख्यमंत्री के अभियान में दिया योगदान

भोपाल। पर्यावरण संरक्षण और इसके विकास एवं विस्तार के लिए लगातार काम जारी रहना चाहिए। हर इंसान की इसके लिए ज़िम्मेदारी है। रंगमंच से लेकर सुनहरी पर्दे तक से बेहतर समाज और उज्ज्वल भविष्य के लिए संदेश देने वाले कलाकार भी इस दिशा में अपनी कोशिशें जारी रखे हुए हैं। उम्मीद की जाना चाहिए कि हर मामले में इनको फालो करने वाले इनके लाखों फॉलोअर्स इस भलाई की दिशा को भी चुनेंगे।केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पर्यावरण को लेकर किए जाने वाले हरदिन पौधारोपण में रविवार को रंगमंच के वरिष्ठ कलाकार अदनान खान ने हिस्सा लिया। उन्होंने राजधानी भोपाल में शिवराज के साथ पौधा लगाया और इसको फलने फूलने में और सतत देखभाल का भी संकल्प लिया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज ने अदनान का स्वागत किया। उन्होंने अदनान के इस सहयोग का धन्यवाद भी किया।

5 साल का अभियान

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पौधारोपण की शुरुआत 19 फरवरी 2021 को अमरकंटक से हुई थी। इसके तहत वे प्रतिदिन एक पौधा लगाते हैं और आम जनता से भी अपने जन्मदिन या वर्षगांठ जैसे विशेष अवसरों पर पेड़ लगाने की अपील करते हैं।

शिवराज का प्रयास

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अभियान को अधिक विकसित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे अधिक से अधिक नागरिक इस पहल से जुड़ सकें। उन्होंने संतों, मनीषियों, सामाजिक संगठनों और पर्यावरणविदों से भी अपने प्रवचनों और अभियानों के माध्यम से पौधारोपण के लिए जन-जन को प्रेरित करने का आह्वान किया।

बैरसिया इलाके के कई गांवों में बे मौसम बारिश हवा आंधी तूफान से हुआ फसलों में नुकसान

किसानों के अरमानों पर फिरा पानी चार महीने की मेहनत मिट्टी में मिली

जीतेन्द्र सेन
बैरसिया।। बीते बुधवार गुरुवार की रात बे मौसम हल्की बारिश और हवा आंधी तूफान से बैरसिया तहसील के कई इलाकों में गेहूं चना यदि की पकी खड़ी फसलें तो कही  कच्ची ओर हरी फासले पूरी तरह से जमीन में बिछकर धराशाई हो गई जिससे किसानों की पूरी चार महीने की मेहनत पर पानी फिर गया और भारी नुकसान होने की संभावना है। गौरतलब हैं कि एक तरफ किसानों ने महंगे महंगे दामों में खाद,बीज दवाइयां आदि खरीदी और चार महीने तक किसान अपना सीना ताने दिनरात खेतों में खड़ा रहा तब जाकर फसल तैयार की थी, लेकिन बे मौसम बारिश आंधी तूफान ने कई खेतों की फसलों को बुरी तरह से नष्ट कर दिया जिससे किसान दुखी और चिंतित नजर आ रहे हैं। वहीं किसानों की मांग है कि शीघ्र ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और शासन प्रशासन इस और ध्यान आकर्षण कर जल्द ही अधिकारी कर्मचारियों ओर पटवारीयों का दल बनाकर गांवों में भेजे जाए और नुकसान हुई फसलों का निष्पक्षता के साथ शीघ्र ही सर्वे कराकर उचित मुआवजा राशि तत्काल दी जाए जिससे किसानों को कुछ राहत मिल सके।

‘ज्ञान’ से ‘ज्ञानी’ तक… मप्र बजट में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के साथ इंडस्ट्री पर भी जोर…!

खान आशु
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ज्ञान’ (GYAN) का लक्ष्य लेकर समग्र समाज के विकास, विस्तार और बेहतरी की बात रखी थी। इसी ‘ज्ञान’ (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) को केंद्र में रखकर विकास योजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। मप्र भी इसी गति पर कदमताल कर रहा है। बुधवार को पेश किए गए बजट में इस ‘ज्ञान’ को ‘ज्ञानी’ तक विस्तार दिया गया है। ‘ज्ञान’ के गर्भ में छिपे चारों वर्गों के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को भी इस बजट में तरजीह दी गई है।
बुधवार को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश किए गए 4 लाख, 38 हजार, 317 करोड़ रुपए के बजट में जहां मूलभूत सुविधाओं को जगह दी गई है, वहीं विकास के लिए आवश्यक क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी सेवाओं को इस बजट से राहत है तो नारी सशक्तिकरण के विभिन्न आयाम भी छूने की कोशिश की गई है। मजदूर और बेरोजगार भी खुद को इस बजट बारिश में तर पा रहे हैं।

ज्ञान सूत्र
प्रस्तुत हुए प्रदेश के बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्ञान सूत्र गरीब के कल्याण की उन योजनाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं, जो उसके लिए इस श्रेणी से बाहर निकलकर जीने की राह देते हैं। सस्ता अनाज, रियायती घरेलू गैस, पक्के मकान जैसी सुविधाओं का इसमें समावेश है। देश के युवा के शिक्षा, उच्च शिक्षा से लेकर स्पोर्ट्स गतिविधियों को इस बजट में शामिल किया गया है। साथ ही कृषिप्रधान इस देश को गति देने वाले किसान भी इस बजट में कई तरह से लाभांवित होते नजर आ रहे हैं। सिंचाई के माकूल प्रबंध, सौर ऊर्जा के जरिए बिजली खर्च की बचत, उन्नत खाद और बीज एवं बिक्री का उचित दाम उन्हें मिलेगा, ऐसी व्यवस्था यहां कर दी गई है। यह बजट नारी सशक्तिकरण के विभिन्न आयाम भी छूने जैसा है, जिसमें महिलाओं को राहत देने वाला बहुत कुछ शामिल किया गया है।

और ऐसे हुआ ज्ञानी
मप्र सरकार ने अपनी ज्ञान सूत्र प्रतिबद्धता में इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को भी शामिल कर लिया है। अब तक किए जा रहे प्रयासों को विस्तार देते हुए अब प्रदेश में तेजी से फैल रहे उद्योग को और अधिक प्रभावी बनाने के जतन इस बजट व्यवस्था से हो रहे हैं। विभिन्न स्तर पर किए गए निवेश प्रयासों को मूर्त रूप देने के लिए ज्ञान सूत्र की ज्ञानी तक ले जाने की कोशिश की गई है।

क्या कहते हैं मुखिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बजट पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के संकल्प के साथ आज मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के संकल्प में हमारी सरकार ने आई भी जोड़ा है। वर्ष 2026-27 का बजट ज्ञानी (GYA NII) के मार्गदर्शी सिद्धांत पर है। सीएम मोहन ने कहा कि इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर दो दिखते हैं। यह देश का पहला बजट है, जो रोलिंग बजट है। इस बजट के जरिए अगले दो साल के डेवलपमेंट का ब्लूप्रिंट खींचा जाएगा। अमृतकाल 2047 के लिए डेवलपमेंट का पैमाना बनाया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव पंचायतों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने राज्य स्तरीय कार्यशाला का आज करेंगे शुभारंभ

कार्यशाला में 24 से 26 नवंबर तक कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कंन्वेंशन सेंटर में होगा मंथन

जीतेन्द्र सेन
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाने के लिए राज्यस्तरीय कार्यशाला का आज सोमवार को शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 24 से 26 नवंबर तक कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कंन्वेंशन सेंटर, भोपाल में आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में तीन दिन तक मंथन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाटर शेड महोत्सव का शुभारंभ के साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को पुरस्कृत करेंगे।
कार्यशाला में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल,जगदीश देवड़ा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, संपतिया उइके, कुंवर विजय शाह, राधा सिंह समेत बड़ी संख्या में जन-प्रतिनिधि, विषय-विशेषज्ञ व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

कार्यशाला का उद्देश्य:

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पंचायतों को प्रशासनिक, वित्तीय एवं सामुदायिक स्तर पर मजबूत बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार करना है। इसके अंतर्गत स्थानीय शासन की पारदर्शिता व जवाबदेही, मनरेगा, आजीविका मिशन, सामाजिक अंकेक्षण, डिजिटल ट्रैकिंग एवं मॉनिटरिंग, वित्तीय प्रबंधन एवं पंचायत शासन, “स्‍वनिधि से समृद्धि” अभियान, वाटरशेड परियोजनाओं का क्रियान्वयन, शुद्ध पेयजल, स्वच्छ ग्राम तथा विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं का प्रभावी संचालन, पेसा ग्राम सभाओं की वर्तमान स्थिति एवं सफल क्रियान्वयन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा और प्रशिक्षण दिया जाएगा।

किसानों के हित में बड़ा फैसला : 16 जिलों में बचे हुए किसानों का धान पंजीयन अब 6 नवंबर तक होगा

सरकार की मंशा, “हर किसान को मिले उसका हक

भोपाल। किसानों के हित में मध्यप्रदेश सरकार ने एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु बचे हुए किसानों का पंजीयन अब 6 नवंबर तक हो सकेगा। यह निर्णय प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की विशेष पहल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसान-हितैषी सोच का परिणाम है।
मप्र के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस संबंध में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार डिण्डौरी, मण्डला, बालाघाट, सतना, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनूपपुर, दमोह, सिवनी, मैहर, उमरिया, जबलपुर, सीधी, अलीराजपुर, बैतूल और पन्ना जिलों में अब शेष किसानों का पंजीयन निर्धारित नोडल अधिकारियों की उपस्थिति में किया जाएगा।
खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों से यह सुझाव प्राप्त हुए थे कि तकनीकी कारणों, समयाभाव या मौसम की बाधाओं के चलते कुछ किसान समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन नहीं करा पाए हैं। कलेक्टरों द्वारा भेजे गए इन प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करते हुए सरकार ने कृषक पंजीयन की अवधि में विस्तार का निर्णय लिया है ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी खरीदी से वंचित न रह जाए।

पंजीयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी :

खाद्य संचालनालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि, प्रत्येक पंजीयन केन्द्र पर खाद्य, सहकारिता, राजस्व एवं कृषि विभाग के नोडल अधिकारी की उपस्थिति में ही बचे हुए किसानों का पंजीयन किया जाएगा।
केन्द्रवार केवल उन शेष कृषकों का ही पंजीयन होगा, जिनके नाम जिला प्रस्ताव में उल्लेखित हैं। किसान पंजीयन हेतु आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद ही पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि 6 नवंबर तक शेष रहे किसानों का पंजीयन हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए।

सरकार की मंशा, “हर किसान को मिले उसका हक” :

खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार किसानों के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कोई भी किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने से वंचित न रह जाए, यह हमारा दायित्व है। इसीलिए पंजीयन अवधि बढ़ाई गई है।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खरीफ उपार्जन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाया जा रहा है ताकि किसान को मंडियों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हमेशा किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा है। उनकी पहल पर प्रदेश में कृषि आधारित योजनाओं का विस्तार किया गया है। सिंचाई, बीज, खाद, बिजली और फसल बीमा जैसी योजनाओं से किसानों को लगातार राहत दी जा रही है। धान उपार्जन पंजीयन अवधि बढ़ाए जाने का यह निर्णय इसी दृष्टि का विस्तार है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि राज्य का कोई भी किसान समर्थन मूल्य का लाभ पाने से वंचित न रहे।
सरकार के इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलेगी, जो अभी तक पंजीयन नहीं करा पाए थे। अब वे 6 नवंबर तक अपने नजदीकी पंजीयन केन्द्रों पर जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन करा सकते हैं। यह कदम प्रदेश सरकार की “किसान हित सर्वोपरि” नीति को एक बार फिर पुष्ट करता है।

सभी पात्र हितग्राहियों को मिले योजनाओं का लाभ-कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह

कलेक्टर ने ग्राम भानपुर केकड़िया में शिविर का किया निरीक्षण एक बगिया मां के नाम” योजना में आम के पौधे का किया रोपण


जीतेन्द्र सेन
भोपाल।। कलेक्टर  कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने ग्राम भानपुर केकड़िया के ग्राम पंचायत भवन में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत आयोजित शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाए तथा निरंतर हितग्राहियों के लिए शिविरों का आयोजन कर योजनाओं का लाभ सुलभ तरीके से उपलब्ध कराया जाए।
इसके पश्चात कलेक्टर  सिंह ने साईं बाबा समूह की हितग्राही श्रीमती मंजू बाई पति सूरज सिंह के “एक बगिया मां के नाम” योजना में आम के पौधे का रोपण किया। हितग्राही श्रीमती मंजू बाई को ₹2.79 लाख की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत हितग्राही द्वारा आम के 100 पौधे रोपित किए जाएंगे।

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत भोपाल जिले के एकमात्र ग्राम भानपुर केकड़िया में 17 विभागों की 25 अधोसंरचना एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाना है। इस अभियान के अंतर्गत ग्राम चयन हेतु 500 या उससे अधिक जनसंख्या तथा 50 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या होना अनिवार्य है। ग्राम भानपुर केकड़िया की कुल जनसंख्या 2120 है, जिसमें से 1119 जनसंख्या जनजाति वर्ग की है।

भावांतर योजना के माध्यम से हर घर मनेगी खुशियों की दिवाली : गोविंद सिंह राजपूत

1 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक होगा इस योजना में  रजिस्ट्रेशन

भोपाल। किसी भी क्षेत्र के विकास  में सड़के मील का पत्थर होती है जिनके द्वारा क्षेत्र का विकास सुनिश्चित होता है। यह बात खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने ग्राम सरखड़ी, बांसा, तेंदुडावर में 20 करोड़ के विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि पूजन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र के हर गांव में हर कस्बे में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है ताकि क्षेत्र वासियों को आवागमन में सुविधा मिले साथ ही इससे रोजगार के अवसर मिल सके श्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र का हर गांव अब पक्की सड़कों से जुड़ रहा है । बांसा सरखड़ी मार्ग बनने से करहद ,ताजपुर ,महुआखेड़ा ,खरमऊ,तोड़ा तरफदार, पड़रियाकला एवं तेंदू डाबर से सेमरा गोपालमन मार्ग बनने से ग्राम मोचल, बडेरा,परगासपूरा , तेंदूडाबर सहित लगभग 15 ग्रामों को इससे फायदा मिलेगा।
विकास की यह इबारत सुरखी की तकदीर बदल रही है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा सरकार विकास करने वाली सरकार है जिसने किसानों के लिए भावांतर योजना के माध्यम से खुशियां दी हैं उन्होंने कहा कि भावांतर योजना के माध्यम से हर किसान भाई के घर में खुशियों की दीपावली मनाई जाएगी साथ ही उन्होंने आवाहन किया कि सभी किसान भाई 1 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक इस योजना में अपना रजिस्ट्रेशन कराए और योजना का लाभ उठाएं। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि फसलों का सर्वे शुरू हो चुका है  दल क्षेत्र में पहुंच रहा है सभी लोग अपनी फसलों का सर्वे करवाए।

20 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया भूमि पूजन एवं लोकार्पण

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत द्वारा ग्राम सरखड़ी से बांसा मार्ग, चबूतरा निर्माण, पेवर ब्लॉक कार्य स्कूल परिसर में, शांति धाम में बाउंड्री बाल, हनुमान मंदिर के पास चबूतरा निर्माण कार्य ,बांसा से सरखड़ी मार्ग, ग्राम बांसा में सीसी रोड तथा आरसीसी नाली निर्माण सहित पंचायत भवन गौशाला में मोरम फाइलिंग फर्श शासकीय हाई स्कूल में खेल सामग्री एवं ग्राम तेंदुडाबर से सेमरा गोपालमन में कई विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष रामबाबू बृजेंद्र सिंह ,मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र पटेल, लोकमन लोधी, पूर्व मंडल अध्यक्ष हरनाम सिंह ,किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष धीरज सिंह, योगेश गोलू पड़रई,हेमंत सिंह, सानिल सिंह सरपंच सुरेंद्र सिंह बुंदेला,मनोज कुर्मी, कमल सिंह ,रामचरण कुर्मी, बद्री प्रसाद ,प्रभु दयाल, राजू बड़ोनिया ,शिवदयाल गोस्वामी, पवन साहू दीपक चढ़ार ,गंधर्व सिंह शहर शहर क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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