भोपाल ग्रामीण पुलिस का व्यापक साइबर जागरूकता अभियान: कॉलेज अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में लगी चौपाल

जीतेन्द्र सेन

भोपाल! पुलिस मुख्यालय भोपाल के दिशा-निर्देशनुसार आम नागरिकों को “रुको, सोचो,एक्शन लो” की थीम पर जागरूक करने हेतु संचालित Safe Click 2.0 – सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन अभियान के छठवें दिन भोपाल (ग्रामीण) पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न कॉलेजों,अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम विशेष संवाद, जागरूकता सत्र एवं साइबर रथ के माध्यम से आमजन को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।

*थाना बिलखिरिया* क्षेत्र अंतर्गत LNCT कॉलेज में पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) पंकज कुमार पाण्डेय द्वारा विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक ने पीपीटी के माध्यम से वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों जैसे फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को बताया कि साइबर अपराधी तकनीक का दुरुपयोग कर लोगों को मानसिक दबाव, लालच या भय में डालकर ठगी करते हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सजग रहना अत्यंत आवश्यक है, “सतर्कता ही हमारा सबसे बड़ा रक्षा कवच है।” साथ ही किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या NCRP Portal पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान छात्रों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के व्यावहारिक उत्तर भी दिए गए। इस अवसर पर कॉलेज डायरेक्टर अशोक राय, एसडीओपी बिलखिरिया अंतिमा समाधिया एवं थाना प्रभारी बिलखिरिया उमेश चौहान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 450 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इसी क्रम में *थाना सूखीसेवनिया* क्षेत्र के आयुष्मान आरोग्य मंदिर इमलिया एवं चोपड़ा कलां में नर्सिंग स्टाफ, महिलाओं एवं परिजनों को साइबर अपराध से बचाव संबंधी जानकारी दी गई। *थाना ईटखेड़ी* क्षेत्र के लीलावती हॉस्पिटल एवं जीवनदान हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के परिजनों एवं नर्सिंग स्टाफ को साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई। *थाना परवलिया सड़क* क्षेत्र के ग्राम झिरनिया बाजार, मुगलिया हाट एवं जीवनज्योति हॉस्पिटल में आयोजित कार्यक्रम में लोग जागरूक हुए। *थाना बैरसिया* क्षेत्र में CHC बैरसिया एवं साइबर जागरूकता रथ के माध्यम से लोग लाभान्वित हुए। *थाना नजीराबाद* क्षेत्र के शासकीय स्वास्थ्य केंद्र नजीराबाद एवं रुनाहा में आयोजित कार्यक्रम में लोग जागरूक हुए। वहीं *थाना गुनगा* क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं साइबर रथ के माध्यम से लोग जागरूक हुए। सभी कार्यक्रमों में आमजन को संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल, OTP शेयरिंग एवं ऑनलाइन ठगी से बचाव हेतु व्यावहारिक सुझाव दिए, तथा साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या NCRP Portal पर शिकायत दर्ज कराने हेतु जानकारी साझा की।आज आयोजित कुल 12 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस अधिकारीयों द्वारा लगभग 1420 से अधिक छात्र-छात्राओं, स्वास्थ्यकर्मियों, महिलाओं एवं ग्रामीण नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

शून्य से पांच साल तक के बच्चों को आज पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक

जीतेन्द्र सेन

भोपाल।राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत आज रविवार को शून्य से लेकर 5 साल तक की उम्र के बच्चों को पोलियो की दवा का सेवन कराया जाएगा। अभियान के तहत भोपाल जिले के 3 लाख 32 हजार बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। पोलियो दवा सेवन के लिए जिले में 2 हजार 710 बूथ बनाए गए हैं। जिसमें आंगनवाड़ी केंद्रों एवं चिह्नित सरकारी और निजी अस्पतालों में ये बूथ बनाए गए हैं। इसके साथ ही शॉपिंग मॉल्स और बाजारों में भी दवा पिलाने के लिए टीम तैनात की गई हैं। जिले से बाहर जाने वाले एवं जिले में आने वाले 5 साल तक के प्रत्येक बच्चे को दवा पिलाने के लिए एयरपोर्ट, रेल्वे स्टेशन बस स्टेण्ड इत्यादि स्थानों पर ट्रांजिट बूथ बनाए गये है। हाईरिस्क क्षेत्रों जैसे- ईंट भट्टे,क्रेशर, निर्माण स्थल, घुमक्कड़ आबादी में मोबाईल टीमों की तैनाती की गई है।

अग्निवीर क्रिश सेन प्रशिक्षण पूरा कर गांव लौटे , ग्रामीण व समाज जनों ने किया जोरदार स्वागत

ग्रामीणों ने सम्मान में निकाला 4 किमी लंबा जुलूस

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। म.प्र.विदिशा जिले के एक छोटे से गांव में पले बढ़े बरों गांव निवासी अग्निवीर क्रिश सेन छह माह का सैन्य प्रशिक्षण पूराकर वह मंगलवार को अपने गृह ग्राम बरों विदिशा लौटने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। जिसमें सैकड़ों युवा, समाज जन महिलाएं बच्चे उन्हें लेने बड़ी संख्या में विदिशा रेलवे स्टेशन पहुंचे इसके बाद करीब 4 किलोमीटर लंबा देशभक्ति जुलूस निकाला गया।आपको बता दें कि क्रिश सेन जो कि मनोज सेन के पुत्र हैं,एवं प्रदीप सेन के भतीजे हैं जिन्होंने (महाराष्ट्र नासिक आर्टिलरी रेजिमेंट)में अपनी छह माह की अग्निवीर सैनिक प्रशिक्षण अवधि सफलतापूर्वक पूरी की है। विदिशा रेलवे स्टेशन पर समाज जनों एवं ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया इसके तत्पश्चात भारत माता की छाया चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।उनका रेलवे स्टेशन से लेकर घर तक करीब चार किलोमीटर लंबा स्वागत सम्मान जुलूस निकाला गया। जिसमें सैकड़ों युवाओं महिलाओं और ग्रामीण और समाज जनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जुलूस के दौरान डीजे पर देशभक्ति गीत बज रहे थे, और पूरा मार्ग देशभक्ति नारों से गूंजा और जमकर आतिशबाजी की जुलूस के दौरान उनके घर पर स्वागत सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें बड़ी संख्या में समाज जनों एवं ग्रामीणों ने उन्हें साफा पहनाकर मिठाइयां खिलाकर फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया।

वही युवाओं और ग्रामीणों ने “भारत माता की जय”, “इंडियन आर्मी जिंदाबाद” और अन्य देशभक्ति नारों से माहौल को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। इस भव्य आयोजन मेंसैकड़ों युवा महिलाएं बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस अवसर पर राष्ट्रीय पत्रकार महासभा भोपाल जिला अध्यक्ष जीतेन्द्र सेन प्रदीप सेन रघुवीर सेन विनोद सेनसमेत अनेक लोगों ने क्रिश सेन को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहा और लोगों ने अग्निवीर सैनिक क्रिश सेन की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।

पंचायत राज : कारनामा गबन का… कार्यवाही मात्र ट्रांसफर

नए स्थान पर पुराना काम, अपराध की सजा अदा कर किश्तों में

खान अशु

यह हुई दिखावे की कार्रवाई

सूत्रों का कहना है कि उमरबन ब्लॉक की विभिन्न पंचायतों में राजेश गिरवाल(लवाणी), राजाराम कनेल(मिर्जापुर), सुरेश डाबर(जलाखेड़ा), पप्पू निगवार(लवाणी), हुकुम भगोरे(झिरवी), तुकाराम चौहान, (पेटल), आरती ग्वाले(अमलाह), मांगीलाल, अमर सिंह कनेल, सीताराम कनेल, बलराम मंडलोई, कैलाश चौहान, छोटू शंकर मौर्य, तुकाराम चौहान, हुकुम भगोरे, निर्मल सिसोदिया, सोहन, फाल सिंह भवल, अनिल सेन(मंडावद) आदि भ्रष्टाचार के आरोप में आरोपी साबित हुए। सूत्र बताते हैं कि विभाग ने इन सचिवों पर कार्रवाई के नाम पर महज इनका ट्रांसफर अन्यत्र कर दिया है। जबकि इनके वित्तीय अधिकार पूर्ववत ही रखे गए। जिससे यह लोग जगह बदलने के अलावा अपना कार्य और व्यवहार पहले जैसा ही बनाए हुए हैं। भ्रष्टाचार के इनके कार्यक्रम बदले गए स्थान पर भी अनवरत जारी हैं, फर्क यह आया है कि अब यह भ्रष्टाचार करने से पहले सतर्क रहते हैं।

क्या कहता है नियम

मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 में धारा 40 और धारा 92 के तहत पंचायत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए कठोर प्रावधान किए गए हैं। भ्रष्टाचार या आर्थिक अनियमितता पाए जाने पर उन्हें पद से हटाने या वित्तीय अधिकार छीन लिए जाने की व्यवस्था है। साथ ही ऐसे कर्मचारियों से गबन या भ्रष्टाचार की राशि वसूलने का भी प्रावधान है।

हर माह किश्तों में सजा

सूत्रों का कहना है कि भ्रष्टाचार के इन आरोपियों को वित्तीय अधिकार वापस लिए बिना दूसरे स्थान पर पदस्थ कर दिया गया है। जहां वे पहले की ही तरह भ्रष्टाचार करके पिछले आरोप की राशि हर माह किश्तों में जमा कर रहे हैं।

एक उदाहरण यह भी

इतने घपलों घोटाले के बीच इस ब्लॉक में नारी सशक्तिकरण की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। श्रीमती आरती ने ग्राम पंचायत की राशि विद्युत प्रकाश व्यवस्था के लिए निकाली और ग्रामीणों के विरोध करने पर की दूसरे विकास कामों में राशि खर्च कर दी। बाद में सचिव श्रीमती आरती ने बापा ग्राम पंचायत के खाते में जमा भी कर दी इतनी। उनकी इस गलती पर भी धारा 92 एवं धारा 40 लगाकर वित्तीय प्रभार से अलग कर दिया गया है, लंबे अंतराल के बाद भी उन्हें वित्तीय नहीं दिए गए हैं, जबकि अन्य सचिवों ने डाके डाले फिर भी वित्तीय प्रभार देकर पुनः बंदर बांट खा खेल अनवरत जारी है।

अधिकारियों का लचीलापन

सूत्र बताते हैं कि भ्रष्टाचार के इन आरोपी सचिवों का रिकॉर्ड वर्षों से विभाग की पेंडेंसी बना हुआ था। जिला मुख्यालय से लेकर तहसील और ब्लॉक के अधिकारियों की जानकारी में होने के बाद भी उन भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

मामला पहुंचा राजधानी

इस मामले को लेकर जल्दी ही राजधानी भोपाल में शिकायत का दौर शुरू होने वाला है। पंचायत मंत्री से लेकर उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से मामले की शिकायत की जाने की तैयारी की गई है। इस मामले में जब उमरबन पंचायत के सीईओ पचौरी से जानकारी चाही तो उन्होंने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया।

इनका कहना

भ्रष्टाचार किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।शिकायत मिलने पर दोषी अधिकारी-कर्मचारियों कार्यवाही की जाएगी।प्रह्लाद पटेल,पंचायत मंत्री

गड़बड़झाला : वर्ष 2012 में थी वक्फ सिंचित भूमि, अब हो गई निजी, बिक भी गई

ताबड़तोड़ नामांतरण पर जुटे खरीदार, बेचवाल, प्रशासन

भोपाल। खसरा नंबर 35/1 की जो जमीन वर्ष 2012 में शेख सुभान शेख नत्थु के नाम पर सरकारी दस्तावेज में इन्द्राज थी, वह कुछ सालों का सफ़र पूरा कर शालिनी प्रजापति के नाम पर हो चुकी है। वक्फ की सिंचित इस भूमि को इन्हीं दस्तावेज के आधार पर सवा करोड़ रुपए में बेच भी दिया गया है। अब खरीदार से लेकर प्रशासन तक को इस भूमि के नामांतरण की जल्दी है। लेकिन इस मामले को लेकर अदालत पहुंचे कुछ वक्फ हितैषियों की वजह से फिलहाल गड़बड़झाले भरी इस कार्यवाही पर रोक लग गई है।मामला नरसिंहपुर जिले का है, जहां जिला मुख्यालय पर स्थित एक दरगाह जहांगीर शाह एवं इमामबाड़ा की बेशकीमती जमीन औनेपौने दाम पर बेच दी गई है। मामले को लेकर हुई शिकायत और मप्र वक्फ बोर्ड की सक्रियता ने आगे की कार्रवाई फिलहाल रोक दी है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि जिला प्रशासन इस मामले को लेकर नामांतरण करने की तैयारी में जुटा हुआ है। कहा जा रहा है कि इस मामले से नजर हटते ही कोई बड़ा गोंडोबल किया जा सकता है।

इस सप्ताह जाएंगे कोर्ट

सूत्रों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा अवैध खरीदी -बिक्री को दिए जा रहे प्रोत्साहन और इस अवैध सौदे को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया जा रहा है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान ने भोपाल वक्फ ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं से चर्चा की है। उन्होंने जमीन से संबंधित सभी पुराने दस्तावेज वकील को उपलब्ध करा दिए हैं। जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि इस सप्ताह में इस मामले को कोर्ट में फाइल कर दिया जाएगा।

रुकेगी वक्फ संपत्ति की खरीद फरोख्त

मामले में अदालत से माकूल न्याय मिलने की उम्मीद की जा रही है। इस वक्फ संपत्ति की खरीदी-बिक्री रुकने से इस बात की प्रबल संभावना व्यक्त की जा रही है कि भविष्य में इस तरह की खरीद-फरोख्त पर रोक लगेगी।

बना रहे सांप्रदायिक सौहाद्र

सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद तारिक का कहना है कि नरसिंहपुर जैसी छोटी जगह में वक्फ संपत्ति को लेकर इस तरह के कुत्सित प्रयास किए जा रहे हैं। यह मामला अगर प्रशासन के साये में गति पकड़ जाता है तो भविष्य के लिए तहरीर बन जाएगा। इसलिए सांप्रदायिक सौहाद्र बचाए रखने के लिए इस सौदे का निरस्त होना जरूरी है। प्रशासन को इस मामले में गंभीर कार्यवाही करना चाहिए।

फ़ारूक़ और मरियम से अदनान की नई उड़ान

रंगमंच से वेब सीरीज़ तक… अभिनय, लेखन और निर्देशन का अनवरत सफ़र

खान आशु

भोपाल। रानी कुबरी गणेश, ओरछा के राम, दारा शिकोह और काहिलों की जमात जैसे चर्चित नाटकों से अपनी पहचान बनाने वाले युवा रंगकर्मी अदनान आज अभिनय के साथ-साथ लेखन और निर्देशन के क्षेत्र में भी अपनी अलग छाप छोड़ रहे हैं।दो दर्जन से अधिक नाटकों में अभिनय करते-करते कब उनका रुझान लेखन और निर्देशन की ओर बढ़ गया, इसका एहसास उन्हें स्वयं भी नहीं हुआ। रंगमंच के प्रति उनका समर्पण और निरंतर सीखने की ललक उन्हें नए मुकामों की ओर ले जा रही है।

एक डायलॉग जिसने बदल दी ज़िंदगी”

टक से मौत को छूकर दो मिनट में वापस आ जाता हूँ…”फिल्म अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का यह चर्चित संवाद अदनान के जीवन में निर्णायक मोड़ बनकर आया। इस संवाद की मिमिक्री और अभिनय ने उन्हें रंगमंच की दुनिया में कदम रखने का आत्मविश्वास दिया और अगले ही दिन वे मंच की प्रतिष्ठित शख्सियत राजीव बाबा के सान्निध्य में पहुँच गए।तनवीर और मरहूम इरफान साहब जैसे मार्गदर्शकों से सीखते हुए उनका सफर आगे बढ़ा और फिर प्रदीप अहिरवार के साथ रंगकर्म की नई दिशाएँ खुलती चली गईं।

दिल्ली से मुंबई तक, मंच से वेब सीरीज़ तक

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, इलाहाबाद समेत अनेक शहरों में रंगमंच, टीवी धारावाहिकों और वेब सीरीज़ के अनुभवों ने अदनान की कला को परिपक्व बनाया।उनकी लेखनी पर मरहूम हाजी अनवर साहब और मशहूर शायर डॉ. राहत इंदौरी की साहित्यिक विरासत की छाप स्पष्ट दिखाई देती है। लेखन के प्रति उनकी समझ और संवेदनशीलता उन्हें समकालीन युवा रचनाकारों में अलग पहचान दिलाती है।

‘फ़ारूक़ और मरियम’ — सोशल मीडिया पर बढ़ती लोकप्रियता

आज अदनान अपनी नई वेब सीरीज़ “फ़ारूक़ और मरियम” के साथ सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म्स पर मौजूद हैं। दर्शकों के बीच इस सीरीज़ को लगातार सराहना मिल रही है और इसकी कहानी को लेकर उत्सुकता बढ़ती जा रही है।

अदनान के बारे में

वर्टिकल ड्रामा सीरीज “नाटक जारी है” के निर्माता, लेखक और निर्देशक अदनान खान रंगमंच की दुनिया से जुड़े एक बेहद प्रतिभाशाली फिल्ममेकर और थिएटर आर्टिस्ट हैं। वे मुंबई के मनोरंजन उद्योग में सक्रिय हैं और मुख्य रूप से उर्दू एडॉप्टेशन, स्क्रीन राइटिंग और डायलॉग स्पेशलिस्ट के रूप में जाने जाते हैं। अदनान खान लंबे समय से ग्राउंड थिएटर और नाटकों से जुड़े रहे हैं। यही वजह है कि “नाटक जारी है” में उन्होंने रिहर्सल और बैकस्टेज की बारीकियों को इतने असली और मजेदार ढंग से दिखाया है। वे नाटकों के उर्दू रूपांतरण और गहरे संवाद लिखने में माहिर हैं। अदनान ने इस सीरीज को पूरी तरह एक स्वतंत्र प्रोजेक्ट के रूप में खुद लिखा और निर्देशित किया है। उन्होंने मोबाइल दर्शकों की नब्ज को पहचानते हुए पारंपरिक थिएटर को आधुनिक रील्स/वर्टिकल वीडियो फॉर्मेट (9:16 आस्पेक्ट रेशियो) में ढालकर पेश किया है। अदनान खान अपने काम और सीरीज के सभी नए एपिसोड्स को मुख्य रूप से अपने सोशल मीडिया हैंडल्स जैसे Adnan Khan Facebook और इंस्टाग्राम प्रोफाइल [@adnan.fromstage] पर रिलीज करते हैं।

अदनान का मानना है कि उनकी यात्रा अभी शुरुआत भर है। मंज़िल से अधिक उन्हें सफ़र पर भरोसा है, क्योंकि रुकना और ठहर जाना उनकी शब्दावली का हिस्सा नहीं है।

बैरसिया के ईजगिरी गांव में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई-महीनेभर से बिजली गुल, अंधेरे में जीवन गुजरने को मजबूर ग्रामीण जन

जीतेन्द्र सेन

बैरसिया। म.प्र.की राजधानी भोपाल के नजदीक बैरसिया तहसील के ग्राम पंचायत गुनगा अंतर्गत आने वाले ईजगिरी गांव में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गांव में पिछले एक महीने से बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे ग्रामीणजन भीषण गर्मी,उमस से बेहद परेशान है और अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव ने गांव का दौरा किया और ग्रामीण जनों की दर्द भरी पीड़ा सुनी। वहीं ग्रामीण जनों का आरोप ग्रामीणों ने अवनीश भार्गव को बताया कि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली जमकर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। ग्रामीण जनों का कहना है कि बिजली बंद होने के बाद जब उन्होंने शिकायत की, तो पहले उनसे पुराने बिल जमा करने का दबाव बनाया गया।

बिल जमा करने के बाद विभाग ने यह तर्क देकर पल्ला झाड़ लिया कि ट्रांसफार्मर का तेल (ऑयल) कम है और उसे डालने के लिए 12,000 रुपये की मांग की गई। बाद में लाइनमैन द्वारा राशि घटाकर 11,000 रुपये कर दी गई। भ्रष्टाचार की हदें पार विभाग की इस मनमानी से तंग आकर ग्रामीणों ने खुद चंदा इकट्ठा किया और 25 लीटर तेल के लिए 3,000 रुपये की राशि जुटाई, फिर भी बिजली बहाल नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग न केवल बिल वसूल रहा है, बल्कि अवैध रूप से मेंटेनेंस के नाम पर भी उगाही कर रहा है, जबकि बुनियादी सुविधा बिजली देने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्षअवनीश भार्गव ने इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार बिजली देने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर ईजगिरी जैसे गांवों में ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। बिजली विभाग की यह वसूली और लापरवाही सीधे तौर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। भार्गव ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से गांव की बिजली बहाल की जाए और अवैध वसूली करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पाण्डेय ने अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित फेक्ट्रीयों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

गोकुलदास फैक्ट्री एवं बंसल ट्रेडिंग कंपनी अचारपुरा में कार्यरत महिला कर्मचारियों से किया संवाद, सुरक्षा व्यवस्थाओं की ली जानकारी

जीतेन्द्र सेन

भोपाल।पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) पंकज कुमार पाण्डेय द्वारा थाना ईंटखेड़ी अंतर्गत चौकी अचारपुरा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान चौकी परिसर में साफ-सफाई एवं पुलिसकर्मियों को प्रभावी पेट्रोलिंग के निर्देश दिए निरीक्षण उपरांत पुलिस अधीक्षक द्वारा अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया का भ्रमण किया गया तथा गोकुलदास फैक्ट्री एवं बंसल ट्रेडिंग कंपनी अचारपुरा पहुंचकर वहां कार्यरत महिला कर्मचारियों से संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान गोकुलदास फैक्ट्री में कार्यरत लगभग 2500 महिला कर्मचारियों से सीधे संवाद कर उनकी सुरक्षा, कार्यस्थल की व्यवस्थाओं, आवागमन सुविधा तथा फैक्ट्री आने-जाने के दौरान होने वाली समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। संवाद कार्यक्रम के दौरान अति. पुलिस अधीक्षक डाॅ नीरज चौरसिया,एसडीओपी ईंटखेड़ी सुश्री मंजू चौहान भी उपस्थित रहीं।पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पाण्डेय द्वारा फैक्ट्री प्रबंधन एवं सेंट्रल कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक कर महिलाओं की सुरक्षा संबंधी विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में फैक्ट्री परिसर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा उपकरण, सुरक्षा गार्ड, महिलाओं के कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था एवं महिला कर्मचारियों के आवागमन हेतु उपयोग किए जाने वाले वाहनों में सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।पुलिस अधीक्षक द्वारा संबंधित थाना पुलिस को फैक्ट्री क्षेत्र एवं आसपास नियमित गश्त, संवेदनशील स्थानों पर निगरानी एवं महिला कर्मचारियों के आने-जाने वाले रूट पर विशेष सतर्कता रखने के निर्देश दिए गए।

साथ ही महिला कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल डायल 112 पर पुलिस से संपर्क करने हेतु प्रेरित किया गया।इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों द्वारा महिला सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी एवं सुरक्षा उपायों के संबंध में जागरूक किया गया।भोपाल (देहात) पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को लेकर निरंतर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

एमपी में ग्राम स्तर तक नियुक्त होंगे “बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी”

जिला कलेक्टर से लेकर पटवारी तक की जवाबदेही तय

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। बाल विवाह पर प्रभावी रोक लगाने और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित अभियानों को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य शासन ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने पूर्व में जारी अधिसूचना को निरस्त करते हुए अब जिला से लेकर ग्राम स्तर तक विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को “बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी” के रूप में अधिसूचित किया है। यह निर्णय बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 16 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों के तहत लिया गया है। भारत सरकार के निर्देशों के अनुपालन में नई व्यवस्था लागू की गई है, जिससे बाल विवाह की रोकथाम, निगरानी और त्वरित कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।इस नई व्यवस्था के लागू होने से अब बाल विवाह रोकने के लिए एक बेहद मजबूत और त्रि-स्तरीय से भी बड़ा प्रशासनिक तंत्र काम करेगा। जिला स्तर पर इसकी कमान जिला कलेक्टर, अपर कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संभालेंगे, जबकि अनुभाग स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को यह जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह तहसील स्तर पर तहसीलदार और सभी नायब तहसीलदारों को कानूनन सशक्त बनाया गया है। ब्लॉक स्तर पर मोर्चा संभालते हुए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के सेक्टर स्तर पर निगरानी रखने के लिए सभी राजस्व निरीक्षकों और महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव जमीनी स्तर पर करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सीधे पटवारी को और शहरी क्षेत्रों में नगर पालिक निगमों के जोनल अधिकारी, राजस्व अधिकारी, सहायक राजस्व अधिकारी और स्वास्थ्य अधिकारियों को इस कानून को लागू करने का जिम्मा सौंपा गया है। इसके अलावा छोटे शहरों की नगर पालिका परिषदों और नगर परिषदों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, उप राजस्व निरीक्षक और मुख्य स्वच्छता निरीक्षकों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया। ग्राम स्तर तक प्रशासनिक जवाबदेही तय होने से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रभावी अंकुश लगेगा तथा बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों को बेहतर संरक्षण मिलेगा।

तुरंत एफआईआर और कार्रवाई

अब अगर कहीं से भी बाल विवाह की सूचना मिलती है, तो वहां के पटवारी या सेक्टर पर्यवेक्षक कानूनी तौर पर सीधे दखल दे सकेगा और उसे रोकने के लिए अधिकृत होगा। अधिकारियों की इतनी बड़ी चेन होने से अब शादियों के सीजन में ‘चाइल्ड मैरिज’ पर पूरी तरह से नकेल कसी जा सकेगी। यह कदम महिला एवं बाल विकास विभाग और राजस्व विभाग के आपसी समन्वय से बालिकाओं के अधिकारों की सुरक्षा में एक गेम-चेंजर साबित होगी। राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आगामी त्यौहारों को दृष्टिगत रखते हुए निकाला गया फ्लैग मार्च

त्योहारों को लेकर पुलिस सतर्क, असामाजिक तत्वों को पुलिस अधीक्षक की सख्त चेतावनी

बलवा ड्रिल सामग्री से लैस पुलिस बल ने बैरसिया में किया शक्ति एवं सतर्कता प्रदर्शन

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। आमजन में सुरक्षा का विश्वास, असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देते हुए आगामी त्यौहारों को दृष्टिगत रखते हुए जिले में शांति, कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से भोपाल देहात पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसी क्रम में दिनांक 25 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) पंकज कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में बैरसिया के प्रमुख मार्गों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में सशक्त फ्लैग मार्च आयोजित किया गया।फ्लैग मार्च थाना बैरसिया से प्रारंभ होकर प्रमुख बाजार क्षेत्रों, मिश्रित आबादी वाले इलाकों एवं मुख्य चौराहों से गुजरते हुए संपन्न हुआ। इस दौरान पुलिस बल की सक्रिय उपस्थिति एवं अनुशासित व्यवस्था ने नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना को और मजबूत किया।

अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डाॅ नीरज चौरसिया, एसडीओपी कराहलिया, रक्षित निरीक्षक थाना प्रभारी वीरेन्द्र सेन सहित बैरसिया, पुलिस लाइन, कार्यालय का पुलिस बल शामिल रहा। पुलिस बल पूर्ण दंगा नियंत्रण उपकरणों जैसे सुरक्षा हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, शील्ड, लाठी एवं संचार संसाधनों से सुसज्जित रहा। पुलिस अधीक्षक का संदेश फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पाण्डेय ने कहा कि जिला पुलिस का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित एवं संरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि सभी समुदाय आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ पर्व मना सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहारों के दौरान सतर्क निगरानी, रात्रिकालीन गश्त, त्वरित प्रतिक्रिया एवं संवेदनशील व्यवहार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं शांति समितियों के साथ सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।

सुरक्षा व्यवस्था के प्रमुख बिंदु

▪️ संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती

▪️ प्रमुख बाजारों एवं चौराहों पर सघन पेट्रोलिंग

▪️ ड्रोन एवं सीसीटीवी कैमरों से सतत निगरानी

▪️ कंट्रोल रूम से 24×7 मॉनिटरिंग व्यवस्था

▪️ सीमावर्ती क्षेत्रों एवं प्रवेश मार्गों पर चेकिंग अभियान

▪️ सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के माध्यम से अफवाहों पर नजर

▪️ शांति समिति एवं गणमान्य नागरिकों के साथ समन्वय बैठकें

नागरिकों से अपील

भोपाल देहात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे त्योहार आपसी सद्भाव एवं शांति के साथ मनाएँ, किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें।भोपाल देहात पुलिस सजग सुरक्षा, शांतिपूर्ण समाज और जनविश्वास के लिए प्रतिबद्ध

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