जनहित के कार्यों में शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं अधिकारी पूरी मुस्तैदी से करें अपने दायित्वों का निर्वहन – कलेक्टर प्रियंक मिश्रा

स्कूल या आंगनवाड़ी भवन जर्जर जीर्ण-क्षीण अवस्था में हैं, उन्हें अविलंब खाली कराया जाए

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा (टीएल) पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के शासकीय कार्यों की सघन समीक्षा करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतर्विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में किसी भी स्तर पर उदासीनता अथवा शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी और सभी अधिकारी लोकहित के कार्यों में पूरी संवेदनशीलता के साथ सक्रिय रहें।आगामी विधानसभा सत्र के दृष्टिगत कलेक्टर मिश्रा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि विधानसभा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर पूर्णतः सटीक, तथ्यात्मक और समय-सीमा के भीतर प्रेषित किए जाएं, इसमें किसी भी प्रकार का विलंब क्षम्य नहीं होगा।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करते हुए उन्होंने कहा कि मानसून एवं अन्य आपात स्थितियों के मद्देनजर सभी विभाग आपस में जीवंत समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करें। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में आपदा प्रबंधन का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम होना चाहिए और पूर्व निर्धारित सभी सुरक्षात्मक कार्यों का निरंतर फॉलो-अप लिया जाए। जल गंगा संवर्धन अभियान की चर्चा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के समापन अवसर पर सभी विभाग गरिमामयी कार्यक्रमों का आयोजन कर उल्लेखनीय कार्यों को प्रमुखता से प्रदर्शित करें तथा इन आयोजनों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। *राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर मिश्रा ने पटवारियों को ‘फॉर्मर रजिस्ट्री’ के कार्य को गति देने के लिए साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने के निर्देश दिए और सचेत किया कि इस कार्य में अपेक्षित प्रगति न लाने वाले संबंधितों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।* इसके साथ ही, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को त्वरित और संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। कृषि विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि वे जिले में उर्वरकों का वितरण अनिवार्य रूप से ‘ई-विकास पोर्टल’ के माध्यम से ही संपादित करें, जिससे संपूर्ण वितरण व्यवस्था पारदर्शी, नियंत्रित और सुगम बनी रहे। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों को उनके मूल प्रशासनिक दायित्वों का स्मरण कराते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र के ‘इंसीडेंट कमांडर’ हैं, अतः वे अपनी सभी प्राथमिक जिम्मेदारियों के प्रति अत्यंत सजग रहें। उन्होंने निर्देश दिए कि क्षेत्र के जो भी स्कूल या आंगनवाड़ी भवन जीर्ण-क्षीण या जर्जर अवस्था में हैं, उन्हें अविलंब खाली कराया जाए जिससे बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं के समाधान हेतु जनप्रतिनिधियों से सतत् समन्वय बनाए रखने तथा क्षेत्र में किसी भी आपात स्थिति के निर्मित होने पर तत्काल धरातल पर मोर्चा संभालते हुए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर मिश्रा ने नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ में छात्र नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि करने तथा ड्रॉप-आउट बच्चों की सटीक ट्रैकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग से समन्वय स्थापित कर ऐसे बच्चों को सूचीबद्ध किया जाए जो पढ़ाई छोड़ चुके हैं, जिससे उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। अधिकारी स्वयं मैदानी क्षेत्रों का दौरा कर बच्चों की ‘अपार आईडी’ बनवाना सुनिश्चित करें और केवल अधीनस्थों की बातों पर निर्भर न रहकर स्वयं स्थलीय निरीक्षण द्वारा समस्याओं का व्यावहारिक निराकरण करें। इसके साथ ही, नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सह-स्थित आंगनवाड़ियों को’ स्कूलों में स्थानांतरित करने हेतु तत्काल सर्वे कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।स्वास्थ्य विभाग के कार्यों को गति देने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे एनीमिया से पीड़ित महिलाओं की शत-प्रतिशत डाटा प्रविष्टि सुनिश्चित करें तथा ‘हाई रिस्क प्रेगनेंसी’ वाली महिलाओं का सघन फॉलो-अप लेते हुए जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में सकारात्मक सुधार लाएं। दवाओं की गुणवत्ता और वैधता को परखने के लिए उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर और फूड सेफ्टी ऑफिसर के साथ मिलकर जिले की मेडिकल दुकानों का संयुक्त रूप से सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए, जिससे चिकित्सा क्षेत्र में शुचिता बनी रहे।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर मिश्रा ने ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजनाओं के सुचारू संचालन पर बल देते हुए कहा कि जिन योजनाओं में जल स्रोत या पाइपलाइन की तकनीकी समस्या है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि नागरिकों को सुगमता से पेयजल उपलब्ध हो सके। अंत में, श्रम विभाग को ‘प्रधानमंत्री श्रमयोगी मान-धन योजना’ के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विभाग को एक विस्तृत और समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर मिशन मोड में कार्य करने के लिए कहा, जिससे इस कल्याणकारी योजना का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े हितग्राहियों तक सुगमता से पहुंच सके।

कलाकार भी पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद गंभीर : शिवराज

मंच कलाकार अदनान खान ने पूर्व मुख्यमंत्री के अभियान में दिया योगदान

भोपाल। पर्यावरण संरक्षण और इसके विकास एवं विस्तार के लिए लगातार काम जारी रहना चाहिए। हर इंसान की इसके लिए ज़िम्मेदारी है। रंगमंच से लेकर सुनहरी पर्दे तक से बेहतर समाज और उज्ज्वल भविष्य के लिए संदेश देने वाले कलाकार भी इस दिशा में अपनी कोशिशें जारी रखे हुए हैं। उम्मीद की जाना चाहिए कि हर मामले में इनको फालो करने वाले इनके लाखों फॉलोअर्स इस भलाई की दिशा को भी चुनेंगे।केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पर्यावरण को लेकर किए जाने वाले हरदिन पौधारोपण में रविवार को रंगमंच के वरिष्ठ कलाकार अदनान खान ने हिस्सा लिया। उन्होंने राजधानी भोपाल में शिवराज के साथ पौधा लगाया और इसको फलने फूलने में और सतत देखभाल का भी संकल्प लिया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज ने अदनान का स्वागत किया। उन्होंने अदनान के इस सहयोग का धन्यवाद भी किया।

5 साल का अभियान

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पौधारोपण की शुरुआत 19 फरवरी 2021 को अमरकंटक से हुई थी। इसके तहत वे प्रतिदिन एक पौधा लगाते हैं और आम जनता से भी अपने जन्मदिन या वर्षगांठ जैसे विशेष अवसरों पर पेड़ लगाने की अपील करते हैं।

शिवराज का प्रयास

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अभियान को अधिक विकसित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे अधिक से अधिक नागरिक इस पहल से जुड़ सकें। उन्होंने संतों, मनीषियों, सामाजिक संगठनों और पर्यावरणविदों से भी अपने प्रवचनों और अभियानों के माध्यम से पौधारोपण के लिए जन-जन को प्रेरित करने का आह्वान किया।

देश विदेश की 25 महिला विभूतियों को ऊर्जस्विता सम्मान

जयश्री कियावत को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार

भोपाल! अनुनय एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में भारतीय होटल प्रबंधन संस्थान भोपाल में बुधवार को 25 महिला विभूतियों को ऊर्जस्विता सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया ने की और मुख्य अतिथि की भूमिका पशुपालन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने निभाई। महापौर मालती राय और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे विशेष अतिथि के तौर पर मौजूद थे। इस अवसर पर कई जिलों में कलेक्टर की भूमिका निभाने वाली जयश्री कियावत को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।महिला एवं बाल विकास मंत्री भूरिया ने कहा कि महिलाएं घर का काम तो करती हैं, लेकिन जब बाहर निकलती हैं तो औरों को भी प्रेरणा देने का काम करती हैं। आज जिन महिलाओं को सम्मानित किया गया है, वह अपने-अपने क्षेत्रों में अलग मुकाम बना चुकी है। इससे निश्चित ही बड़ी संख्या में महिलाओं को और भी बेहतर काम करने की प्रेरणा मिल रही है। हमारी सरकार भी महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर योजनाओं को क्रियान्वित कर रही हैं।
इस अवसर पर पटेल ने कहा कि भागवत कथा का आयोजन हो या समाज की बेहतरी के लिए कुछ अन्य आयोजन, बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी उसमें होती है। इस तरह के आयोजन होते रहना चाहिए, जिससे महिलाओं को प्रेरणा मिलती है। अनुनय संस्था की अध्यक्ष माही भजनी ने संस्था के साथ ही पुरस्कारों की जानकारी दी। संस्था के सचिव रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी डॉ. एके भट्टाचार्य ने पुरस्कार के लिए चुनी गई महिलाओं के साथ ही प्रक्रिया की जानकारी दी। इस अवसर पर पार्षद अरविंद वर्मा भी मौजूद थे।
इन महिला विभूतियों का किया गया सम्मानः स्विट्जरलैंड से इजाबेल (इकोटूरिज्म), इंदौर से डॉ. सीमा अलावा (प्रशासनिक सेवा), उज्जैन से महामंडलेश्वर देवी माँ शिवांगी नंद गिरी जी (अध्यात्म), उत्तराखंड से अनुपमा जोशी (डिफेंस सर्विसेस), नीतू शर्मा (सामाजिक नेतृत्व), नर्मदापुरम से डॉ. स्मिता रिछारिया (लेखक), यूके से सोफी हार्टमैन (कम्युनिटी डेवलपमेंट), ग्वालियर से डॉ. महिमा तारे (महिला सशक्तिकरण), छत्तीसगढ़ से तान्या मरावी (आदिवासी कला) और दीप्ति ओग्रे (जनजातीय संस्कृति एवं उद्यमिता), शाजापुर से अनुज्ञा शर्मा (स्पोर्ट्स), भोपाल से  डॉली शर्मा (समाज सेवा), प्रीति शर्मा जैन (प्रिंट मीडिया), डॉ. प्रिया सिंह कुशवाह (स्वास्थ्य सेवा) ,  गुंजन चौकसे (राजनीति) , विनीता सिंह तोमर (समाज सेवा) , जया शर्मा (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) , मुद्रा केसवानी (इन्फ्लुएंसर) , तरु सक्सेना (आतिथ्य शिक्षा) , अविशी श्रीवास्तव (शिक्षा और प्रशिक्षण), डॉ. मनेन्द्र कटियार (लोक स्वास्थ्य), डॉ. राखी माहेश्वरी (स्वास्थ्य सेवा प्रशासन), दिल्ली से नमिता छेत्री (सामाजिक उद्यमिता), छतरपुर से डॉ. श्वेता गर्ग (सामुदायिक विकास)।

न नक्शा मांग पा रहा निगम, न अदालत के आदेश पर अमल हो रहा

वीआईपी पर खड़ी है भ्रष्टाचार की इमारत

भोपाल। साजिशों, गड़बड़ियों और मिलीभगत की एक इमारत राजधानी के वीआईपी रोड पर खड़ी है। पर्याप्त दस्तावेज और अनुमतियों का हिसाब नगर निगम इनसे नहीं मांग पा रहा है। न ही बरसों पूर्व अदालत द्वारा इस भवन को ढहाने की कार्यवाही आगे बढ़ पाई है। इस मामले में सीएम हेल्पलाइन प्लेटफॉर्म पर की शिकायत भी बेअसर है, इस शिकायत पर भी नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा ने संबंधित से कोई सवाल नहीं किया है।
सूत्रों का कहना है कि शहर के वीआईपी मूवमेंट वाले इलाके में हुए एक अवैध निर्माण पर नगर निगम की कृपा बनी हुई है। नगर निगम के ही कर्मचारी रहे मोहम्मद बशीर ने यहां नशेमन विला के नाम से भवन तान दिया है। इनकी बीवी के नाम पर एक फर्जी हिबानामे को इसका आधार बनाया गया है। जबकि इसके लिए नगर निगम से नियमानुसार कोई अनुमति हासिल नहीं ली गई है। हिबानामा को लेकर कई गड़बड़ियों के बावजूद इस नशेमन विला का विक्रय भी कर दिया गया और इसका नामांतरण भी हो गया है। इस विला को लेकर प्रचलित कई अदालती मामले भी हैं। जिनमें इसको जमींदोज करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं, लेकिन नगर निगम इसका पालन भी नहीं कर पा रहा है।

दस्तावेजों की गैरमौजूदगी
सूत्रों का कहना है कि इस नशेमन विला के लिए न्यायोचित हिबानामा, भवन अनुज्ञा, नक्शा और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते विभागों द्वारा या अदालत में मांगे जाने पर बार बार अलग दस्तावेज प्रस्तुत किए जाते रहे हैं। जांच करने पर इनका फर्जीवाड़ा उजागर भी हो सकता है।

सीएम हेल्पलाइन बेअसर
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में सीएम हेल्पलाइन प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज कराई गई है। लेकिन शिकायत के कई हफ्ते गुजर जाने के बाद भी नगर निगम ने अब तक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की है। बताया जाता है कि पूर्व नगर निगम कर्मचारी को कार्यवाही से बचाने के लिए नगर निगम कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है।

अजीम प्रेम जी , JNCT , मानसरोवर , LNCT , महर्षि , शुभम ज्ञानवीर सहित कई अन्य यूनिवर्सिटी डिफाल्टर घोषित

एमपी की ये 10 प्राइवेट यूनिवर्सिटी डिफॉल्टर घोषित

भोपाल|मध्यप्रदेश की 10 प्राइवेट यूनिवर्सिटियों को यूजीसी ने डिफॉल्टर घोषित किया है। बड़ी चौंकाने वाली बात यह है कि इन संस्थानों ने अपनी आवश्यक जानकारी तक आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड नहीं की थी। देशभर में चलाए गए इस अभियान के दौरान कई राज्यों की कुल 54 यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई हुई, जिसमें एमपी की 10 यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं।
यूजीसी ने साफ निर्देश दिए हैं कि विश्वविद्यालयों को अपने कोर्स, फैकल्टी, एडमिशन, फीस स्ट्रक्चर और अन्य अनिवार्य जानकारियां सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। नियमों का पालन न करने वाली यूनिवर्सिटी पर आगे और सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि प्रवेश लेने से पहले यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट और मान्यता संबंधी जानकारी ज़रूर जांचें।

इन यूनिवर्सिटीज़ ने अपनी वेबसाइट पर जरूरी जानकारी अपलोड नहीं की और लोकपाल की नियुक्ति नहीं की, जो यूजीसी के नियमों के अनुसार अनिवार्य है।

डिफॉल्टर यूनिवर्सिटी की सूची:

भोपाल
– अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी
– जेएनसीटी यूनिवर्सिटी
– शुभम यूनिवर्सिटी
सीहोर
– आर्यावर्त यूनिवर्सिटी
– मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी
इंदौर
– एलएनसीटी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी
जबलपुर
– महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय
– महाकौशल यूनिवर्सिटी
सागर
– ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी
शिवपुरी
– प्रीति ग्लोबल यूनजी

यूजीसी ने इन यूनिवर्सिटीज़ को डिफॉल्टर घोषित करने के पीछे का कारण पब्लिक सेल्फ डिस्क्लोजर गाइडलाइन्स का पालन न करना है। इन यूनिवर्सिटीज़ को अंतिम नोटिस जारी कर दिया गया है और उन्हें तुरंत नियमों का पालन करना होगा

मिट्टी के गणेश निर्माण “मेरे माटी के गणेश” कार्यशाला भोपाल में

भोपाल। पिछले कई वर्षों से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गणेश प्रतिमाओं को मिट्टी से बनाने की परंपरा को अभियान का रूप दिया गया है। इसी दिशा में संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय, मध्यप्रदेश द्वारा 25 अगस्त 2025 को “मेरे माटी के गणेश” शीर्षक से एक दिवसीय मिट्टी गणेश निर्माण कार्यशाला का आयोजन बाणगंगा रोड स्थित मुख्यालय परिसर में किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण अनुकूल पर्व मनाने को बढ़ावा देना है, जिसके अंतर्गत प्रतिभागियों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागी स्वयं प्रतिमा बनाएंगे और उसे अपने साथ घर ले जा सकेंगे। संचालनालय की ओर से मिट्टी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, कार्यशाला में संचालनालय के प्रतिकृति-निर्माण कार्य की जानकारी भी दी जाएगी।
प्रतिभागी शुल्क ₹100 प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है। इच्छुक व्यक्ति विभागीय वेबसाइट (https://archaeology.mp.gov.in) से पंजीकरण प्रपत्र डाउनलोड कर 24 अगस्त 2025, शाम 6:00 बजे तक mparchaeology@gmail.com पर भेज सकते हैं। पंजीकरण 25 अगस्त 2025 को प्रातः 10:00 बजे तक संचालनालय कार्यालय स्थल पर भी स्वीकार किए जाएंगे। प्रवेश पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा।

राज्य संग्रहालय भोपाल में रायन इंटरनेशनल स्कूल द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन

पर्यावरण सप्ताह : स्कूली बच्चों ने रोपे पौधे, खुशबू, छाया, हवा के लिए दिखाई उमंग

भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय, मध्यप्रदेश के तत्वावधान में आज राज्य संग्रहालय, भोपाल परिसर में रायन इंटरनेशनल स्कूल, भोपाल द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पहल स्कूल द्वारा 8 से 12 जुलाई तक मनाए गए ‘पर्यावरण सप्ताह’ के समापन अवसर पर आयोजित की गई।

संचालनालय की आयुक्त उर्मिला शुक्ला, IAS की अनुमति एवं प्रेरणा से आयोजित इस कार्यक्रम में रायन स्कूल के छात्र प्रतिनिधि मंडल ने सक्रिय सहभागिता की। विद्यार्थियों ने संग्रहालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे, प्रकृति भ्रमण में भाग लिया तथा पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाने की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. रविंद्र ठाकुर ने छात्रों को मृदा संरक्षण, जल-स्रोतों के पुनर्भरण तथा वनों के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पौधारोपण न केवल हरियाली बढ़ाता है, बल्कि यह धरती की उर्वरता बनाए रखने, जलवायु संतुलन में योगदान देने और शहरी प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को राज्य संग्रहालय परिसर का भ्रमण भी कराया गया, जिसमें उन्होंने केवल प्रकृति से ही नहीं, बल्कि संग्रहालय में संरक्षित ऐतिहासिक धरोहरों से भी सीधा संवाद स्थापित किया। इस तरह यह आयोजन न केवल पर्यावरणीय चेतना को बढ़ावा देने वाला सिद्ध हुआ, बल्कि भावी पीढ़ी को संस्कृति और विरासत के संरक्षण के प्रति भी संवेदनशील बनाने में सहायक रहा।
संचालनालय द्वारा ऐसे प्रयासों का स्वागत किया जाता है, जो भावी पीढ़ी को प्राकृतिक और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में प्रेरित करें।

इस करवा चौथ कुछ नजाकत से निकलेगा आसमान में चांद, करना होगा कुछ कम इंतजार

भोपाल। करवाचौथ के चंद्रमा का शाम होते ही इंतजार आरंभ हो जाएगा। चंद्रोदय के समय को सोशल मीडिया द्वारा तो बताया जा रहा है। लेकिन वह आपके शहर का ही समय हो यह जरूरी नहीं है। इसके लिए करवाचौथ का चंद्रमा आपके शहर में कब उदित होगा, इसकी जानकारी नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने दी।
सारिका ने बताया कि देश के पूर्वी राज्यों में यह सबसे पहले दर्शन देकर उसके लगभग दो घंटे बाद पश्चिमी शहरों में उदित होगा। अरूणाचल प्रदेश के इटानगर में यह शाम छह बजकर 50 मिनट पर उदित होना आरंभ होगा तो पश्चिम में सोमनाथ में चद्रदर्शन के लिए आठ बजकर 43 मिनट तक का इंतजार करना होगा। इसी प्रकार मध्यप्रदेश में सिंगरौली में यह सात बजकर 44 मिनट पर उदित होगा तो पश्चिम के नीमच में इसके दर्शन आठ बजकर 17 मिनट से आरंभ होंगे।
सारिका ने बताया कि पंचांग कैलेंडर में किसी खास शहर का चंद्रोदय का समय होता है। लेकिन आपके शहर के लिए यह अलग हो सकता है।  चंद्रोदय होना और आपके घर आंगन से चंद्रदर्शन होना दो अलग-अलग स्थितियां हैं। चंद्रोदय का जो समय किसी शहर के लिए बताया जाता है, उस समय चंद्रमा क्षितिज से ऊपर आना आरंभ करता है। इसके लगभग 15 मिनट बाद वह उस उंचाई को प्राप्त करता है, जब आप इसके दर्शन करने की स्थिति में आ पाती हैं। आपके शहर में चंद्रोदय का समय है। इसके लगभग 15 मिनट बाद आप सुविधा से इसके दर्शन कर पाएंगी।

स्थान                       चंद्रोदय का समय (रात्रि)
नर्मदापुरम                 08 बजकर 08 मिनट
इटारसी                     08 बजकर 09 मिनट
भोपाल                      08 बजकर 08 मिनट
सीहोर                       08 बजकर 09 मिनट
रायसेन                      08 बजकर 06 मिनट
उज्जैन                      08 बजकर 15 मिनट
देवास                       08 बजकर 15 मिनट
इंदौर                        08 बजकर 16 मिनट
बड़वानी                    08 बजकर 21 मिनट
खरगौन                     08 बजकर 21 मिनट
झाबुआ                     08 बजकर 21 मिनट
जबलपुर                   07 बजकर 58 मिनट
छिंदवाड़ा                  08 बजकर 04 मिनट
जयपुर                      08 बजकर 05 मिनट
बांसवाड़ा                   08 बजकर 19 मिनट
जोधपुर                      08 बजकर 18 मिनट
अंबिकापुर                  07 बजकर 44 मिनट
नई दिल्ली                  07 बजकर 54 मिनट
मुंबई                         08 बजकर 37 मिनट
कोलकाता                  07 बजकर 24 मिनट
अमृतसर                    07 बजकर 55 मिनट
गुड़गांव                      07 बजकर 55 मिनट
पटना                         07 बजकर 30 मिनट

Bhopal News : MLB की श्रद्धा के नाम WWF अवॉर्ड, राज्यपाल ने किया सम्मानित

भोपाल। राजधानी में वन विहार ने WWF जिला स्तरीय वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया। जिले भर के विभिन्न कॉलेजों की छात्राओं की मौजूदगी वाले इस आयोजन में महारानी लक्ष्मीबाई स्वशासी कन्या महाविद्यालय की छात्रा श्रद्धा जैन ने पहला पुरस्कार जीता। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने उन्हें अवार्ड से नवाजा।
महारानी लक्ष्मीबाई स्वशासी कन्या महाविद्यालय (MLB) के प्राचार्य डॉ अग्रवाल ने कॉलेज की इस उपलब्धि पर श्रद्धा जैन को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डॉ अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां MLB कॉलेज की विशेषताओं में शामिल है। हमने स्टूडेंट्स को स्पोर्ट्स, सांस्कृतिक, साहित्यिक, प्रतियोगी और शारीरिक व्यायाम के कई अवसर उपलब्ध कराए हैं। पर्यावरण से लेकर सामाजिक सरोकार के कई आयोजन भी कॉलेज में सतत चलते रहते हैं। डॉ अग्रवाल ने बताया कि वन विहार में आयोजित वाद विवाद प्रतियोगिता एक प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन था। जिसमें विभिन्न कॉलेजों के स्टूडेंट्स शामिल थे। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि इस प्रतियोगिता में हमारी स्टूडेंट्स श्रद्धा जैन ने उपलब्धि हासिल की है। हमारे लिए सम्मान और गर्व के क्षण और गहरा गए, जब महामहिम राज्यपाल ने हमारी स्टूडेंट को आशीर्वाद प्रदान किया। श्रद्धा की उपलब्धि पर कॉलेज में हर्ष का माहौल छाया हुआ है। कॉलेज के NSS अधिकारी डॉ शालिनी सक्सेना समेत अन्य स्टॉफ ने श्रद्धा को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

चंद्रमा बनेगा बिंदी, शुक्र का होगा चमकीला रूप…

शनिवार की शाम आसमान में होगा यह खास नज़ारा

भोपाल। नवरात्रि की शनिवार की शाम यानी पांच अक्टूबर को दक्षिण-पश्चिमी आकाश में सूर्यास्त के तुरंत बाद एक अद्भुत खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। इस दृश्य में हंसियाकार चंद्रमा और चमकता हुआ शुक्र एक जोड़ी के रूप में दिखेंगे। नेशनल अवार्ड प्राप्त सारिका घारू ने बताया कि यह जोड़ी पांच डिग्री से कम के अंतर पर होगी, जिसे एपल्स कहा जाता है। यह नजारा बिना टेलीस्कोप के एक घंटे तक देखा जा सकेगा। चंद्रमा और शुक्र के मैग्नीट्यूड इस नजदीकी को और भी खास बनाएंगे।
नेशनल अवार्ड प्राप्त सारिका घारू ने बताया कि शनिवार की शाम दक्षिण-पश्चिमी आकाश में सूर्य के अस्त होने के तुरंत बाद ही ये आकर्षक नजारा देखने को मिलेगा। इसमें चंद्रमा और बिंदी के रूप में चमकता शुक्र जोड़ी बनाते दिखेंगे। ये नजारा स्पष्ट रूप से हर कोई देख सकता है। वीनस और मून की इस नजदीकियों को टेक्निकल रूप से एपल्स कहा जाता है।
सारिका ने बताया कि ये खगोलीय जोड़ी क्षितिज से लगभग 14 डिग्री ऊपर रहकर धीरे-धीरे नीचे आते जाएंगे। इस जोड़ी को सूर्यास्त के बाद एक घंटे से कुछ अधिक समय तक देखा जा सकेगा। इस समय हंसियाकार चंद्रमा माईनस 9.9 के मैग्नीटयूड से चमक रहा होगा। तो वीनस माईनस 4 मैग्नीटयूड से चमक रहा होगा। तो मत चूकिंए किसी खुले स्थान से इस मनोहर आकाशीय जोड़ी से साक्षात्कार करने के लिए। ध्यान रखिये ये सिंदूरी शाम को यह समीपता केवल सीमित समय तक ही दिखेगी।

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