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आंखों में उतर आए मदीने के मंजर, जुबां पर अल्लाह का शुक्र

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हज 2027 के लिए मप्र से चुने गए 5998 आवेदक, 4060 वेटिंग में

भोपाल। आंखों में खुशी के मारे भर आए आंसुओं का सैलाब था, जुबां पर अल्लाह का शुक्र और दिल में उठते हुए हजारों खयालात… देवास के मोहम्मद इरफान ने पहली बार हज आवेदन किया था, इस लॉटरी प्रक्रिया में वे चुन लिए गए थे। वे खुदकिस्मत करार दे रहे थे कि पहली बार में उनके लिए हज का बुलावा आ गया।हालात भोपाल में उस वक्त बने जब मुम्बई हज कमेटी ऑफ इंडिया से प्रदेश के हज आवेदकों का कुर्रा कंप्यूटर पर डिस्प्ले हुआ। प्रदेश के कुल 10058 आवेदकों का कुर्रा किया। जिनमें से प्रदेश के कोटे के मुताबिक 5998 लोगों को हज पर जाने के लिए चुना गया। इसके बाद करीब 4060 लोगों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। अन्य प्रदेशों से बचे हुए कोटे से ऐसे आवेदकों को एडजस्ट किया जाएगा। गत वर्ष भी प्रदेश को मिले अतिरिक्त कोटे से बड़ी संख्या में लोगों को हज पर जाने का मौका मिला था। चुने गए हाजियों में 65+ आयु के 972 आवेदकों को आरक्षित श्रेणी में रखा गया है, जबकि उनमें 65 महिलाएं ऐसी भी हैं, जो बिना मेहरम के हजयात्रा पर जाएंगी।

अभी से तैयारी शुरू करें: नदवी

हज हाउस में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत में शहर मुफ्ती अब्दुल कलाम साहब कासमी ने तिलावत -ए-कुरआन की। इस मौके पर मौजूद काजी-ए-शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी ने कहा कि एक दौर था, जब हज सफ़र मुश्किल हुआ करता था और हज आसान था। लेकिन अब सफ़र आसान हो गया है और हज मुश्किल बात हो गई है। उन्होंने कहा कि अपनी दैनिक जिंदगी की आदतों की वजह से यह हालात बने हुए हैं। उन्होंने चुने गए हाजियों को मशविरा दिया कि अभी से हज की तैयारी शुरू करें, पैदल चलने, दुआएं सीखने और सफर की परेशानियों की आदत डालें, ताकि हज सफ़र में दिक्कत न आए। इस मौके पर मप्र वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने कहा कि हज और हाजियों की खिदमत नसीब की बात है। अल्लाह ने उन्हें सेंट्रल हज कमेटी से लेकर प्रदेश हज कमेटी तक में बहुत काम करने का मौका दिया, जिसके लिए वे अल्लाह के शुक्रगुजार हैं। डॉ पटेल ने कहा कि उनके कार्यकाल में हज हाउस निर्माण, हज इम्बोरकेशन प्वाइंट और हज मुसाफिरों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की गईं। इस मौके पर हज कमेटी की प्रशासनिक अधिकारी डॉ फरजाना ग़जाल ने भी विचार व्यक्त किए।

उत्साह खत्म या कमेटी की अलाली

हज हाउस में आयोजित कुर्रा प्रसारण का लाइव प्रसारण देखने के लिए गिनती के लोग हाजिर हुए थे। हज आवेदकों की तादाद कमेटी कर्मचारियों और मीडिया से भी कम कही जा सकती है। इसको लेकर उठी बात पर जिला हज कमेटी अध्यक्ष असलम इलयास ने कहा कि यह प्रक्रिया हाजियों की सुविधा के लिए ही की गई थी। कमेटी ने आवेदकों को कुर्रा आयोजन का दावतनामा भेजा ही नहीं, कारण यह है कि ऑनलाइन कुर्रा आवेदक अपने स्थान से ही देख सकते हैं, उन्हें भोपाल तक आने जाने की परेशानी से निजात देने के लिए यह कयास किया गया था।

फैक्ट फाइल

प्रदेश से आवेदक 10058 प्रदेश का हज कोटा 599865+ बुजुर्ग हजयात्री 972बिना मेहरम की हज्जानी 65वेटिंग लिस्ट में शामिल 4060

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