इसी को कहते हैं मक्खन मीडिया…

चकरघिन्नी.कॉम
खान आशु

मीडिया के लिए लोगों के मन खटास ऐसे ही नहीं भर गई… जब एक नेशनल न्यूज चैनल जेफ्री एपस्टीन जैसे नर पिशाच को संत साबित करने पर आमादा हो जाए, तो यह खटास और गहरी हो जाती है…!
चंद सेकंड का एक वीडियो एक महिला एंकर ने सोशल मीडिया पर अपडेट किया है….! इस महिला को छोटी, मासूम और खिलौनों से खेलने की उम्र की बच्चियों की चीत्कार सुनाई नहीं दी…! उसकी आंखों के सामने दुनिया के वह नामवर लोग भी नहीं लहराए जिन्होंने हैवानियत की हदें पार कर दीं…! उसको दिखा तो एक संत समान हैवान एपस्टीन, जिसने शिक्षा जैसे पवित्र पेशे को भी दागदार कर दिया…! अपनी लालच की पराकाष्ठा ने उसे हर बुरा काम करने से जोड़ दिया…! मासूमों का बचपन छीनने से लेकर उनका मांस खाने तक का दोषी इस महिला एंकर को संत समान लग रहा है…!
गोदी मीडिया, मक्खन मीडिया, झोला मीडिया इसीलिए सचेत किया गया है कि अप्सटीन फाइल्स की आग हमारे देश के चमकते चेहरों को दागदार न कर दे…! झूठ को सच कहना, जोर जोर से कहना, तब तक कहते रहना जब तक सच न मान लिया जाए… की थीम पर लगे लोग जमे हैं और तरक्की की फसल(?) काट रहे हैं…!

पुछल्ला
नई नहीं आई है महंगाई
अंदर हंगामा भरा था। बाहर भी शोर। मसला मंहगाई का। गैस सिलेंडर की कीमत बहुत ज्यादा है। विपक्ष में बैठे हैं, तो कोई मुद्दा तो उछालना पड़ेगा। लेकिन विरोध के स्वरों में इसको भुला दिया गया कि मंहगाई देश में किसी सियासी दल ने आयात नहीं की है, बल्कि यह तब भी अपना सुर सुनाती थी, जब वे सत्ताधीश हुआ करते थे।

17/02/2026

उज्जैन में 12 फरवरी से आरंभ हो रहा 139 दिवसीय विक्रमोत्सव

शुभारंभ कार्यक्रम 15 फरवरी को, महाशिवरात्रि पर सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम करेंगे महादेव की आराधाना

भोपाल। सृष्टि सृजनकर्ता महादेव के भव्य-दिव्य महाशिवरात्रि उत्सव से विक्रमोत्सव 2026 का आरंभ कर सृष्टि निर्माण दिवस वर्ष प्रतिपदा से होते हुए पंच महाभूतों में अतिविशिष्ट जल तत्व के संरक्षण, संवर्धन के लिए विशिष्ट रूप से नियोजित जल गंगा संवर्धन अभियान का आयोजन होगा। 12 फरवरी से 30 जून, 2026 की तिथियों में होने वाला यह 139 दिवसीय आयोजन भारत और देश तथा दुनिया में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का एक अनूठा उत्सव होगा। जिसका प्रथम चरण महाशिवरात्रि के अवसर पर सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम द्वारा शिवोऽहम महादेव की आराधना से प्रारंभ होगा। द्वितीय चरण 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत सम्पन्न होगा। जिसमें 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों में 4 हजार से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी जायेंगी। यह जानकारी संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला द्वारा प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दी। इस अवसर पर संस्कृति संचालनालय के संचालक एन. पी. नामदेव, माननीय मुख्यमंत्रीजी के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी एवं दत्तोपंत ठेंगडी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश मिश्रा उपस्थित थे।
अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि 139 दिवसीय इस महोत्सव में 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियाँ शिवरात्रि मेलों का समारंभ, महाकाल वन मेला, कृषि मेला, कलश यात्रा, विक्रम व्यापार मेला, संगीत, नृत्य, वादन, शिवोद्य, शिवपुराण, अनादि पर्व, विक्रम नाट्य समोराह, पुतुल समारोह, संगीत का उद्भव और विकास पर केंद्रित अनहद वैचारिक समागम, चित्र प्रदर्शनियाँ, संगोष्ठी, विक्रमादित्य का न्याय समागम, भारतीय इतिहास समागम, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, वेद अंताक्षरी, कोटि सूर्योपासना, शिल्प कला कार्यशाला, प्रकाशन लोकार्पण, पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, बोलियों एवं हिन्दी रचनाओं का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मातृशक्ति कवयित्री सम्मेलन, ड्रोन शो व ख्यात कलाकारों प्रीतम तथा विशाल मिश्रा की प्रस्तुतियाँ शामिल है। इसके साथ ही भारतीय कालगणना पर केन्द्रित विक्रम पंचांग सहित विविध पुस्तकों का लोकार्पण एवं सबसे महत्वपूर्ण देश का सबसे बड़ा सम्मान सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय अलंकरण विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।

उज्जैन के दशहरा मैदान में महाकाल वनमेला का आयोजन
विक्रमोत्सव अंतर्गत 12 से 16 फरवरी की तिथियों में उज्जैन के दशहरा मैदान में महाकाल वन मेला आयोजित किया जा रहा है। जिसमें हर्बल उत्पादों एवं पारंपरिक हर्बल ज्ञान के विषय में प्रदर्शनी, उत्पादकों का प्रदर्शन किया जायेगा। साथ ही इसमें आयुर्वेदिक डॉक्टरों द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच की जायेगी। तथा इस मौके पर सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही है।

देव महादेव पर्वः प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलों का आयोजन
महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की कलापरक और सांस्कृतिक आराधना के अंतर्गत प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलो का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मंदिरों की साजसज्जा, साफ-सफाई एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ प्रमुख है।

पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, जनजातीय विषयों पर केन्द्रित प्रदर्शनियाँ
विक्रमोत्सव अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर एवं कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, जनजातीय विषयों पर 7 विभिन्न प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह, पताकाएँ, शंख, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक, श्रीकृष्ण प्रभात एवं रागमाला प्रमुख है। इन प्रदर्शनियों को महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा तैयार किया गया है।

विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की प्रस्तुतियों का मंचन
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुकी नाट्य प्रस्तुतियों पर केन्द्रित दस दिवसीय इस विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा तैयार की गया प्रस्तुतियों जटायुवधम्, चारूदत्तम, भरतवाक्य, जाति जीवनम्, अभिज्ञान शाकुन्तलम् और चतुर्भाणी शामिल है। इसके साथ ही अंधायुग, भूमि सूर्य वीरगाथा, आदि-अनंत, अभंग नाद, सौगंधिकाहरणं का भी मंचन होगा।

25 से 28 फरवरी में होगा पुतुल समारोह
भारत की विभिन्न पुतुल (कठपुतली) शैलियों पर आधारित पुतुल समारोह में 6 विभिन्न शैलियों में कठपुतलियों के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य, भीम और बकासुर, आठवां, द आर्चर स्टूड अलोन, दुर्योधन वधम् व पद्मगाथा की प्रस्तुतियाँ होगी।

भारतीय कवि सम्मेलनों का आयोजन
1 मार्च को लोकरंजन के अंतर्गत जनजातीय भाषा एवं बोलियों का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिसमें देश भर के विभिन्न बोलियों एवं भाषा के लगभग 9 कवि अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर नारी शक्ति अखिल भारतीय कवयित्री सम्मेलन आयोजित किया जायेगा। जिसमें देश-प्रदेश की 9 महिला कवयित्रियों का कविता पाठ होगा। इसके साथ ही 14 मार्च को देशभर के 10 सुप्रसिद्ध एवं जाने-माने कवियों का कविता पाठ होगा। जिसका संचालन अंतरराष्ट्रीय कवि दिनेश दिग्गज करेंगे।

शिव पुराण
13 से 17 मार्च तक शिवपुराण के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा के अठारह पुराणों में से एक शिव पुराण आख्यान पर आधरित चित्र प्रदर्शनी, लोक नृत्य तथा नृत्य नाटिकाओं का आयोजन होगा।

अंतरराष्ट्रीय पौराणिक फिल्म महोत्सव में इस बार 25 से अधिक देश होंगे शामिल
पौराणिक फिल्मों का अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव 13 से 17 मार्च 2026 तक उज्जैन में आयोजित किया जा रहा है। जिसमें 25 से देश शामिल हो रहे है। इसके साथ ही समारोह में अंग्रेजी, फ्रेंच, हिबरू, रसियन, स्पेनिश, अइसलेन्दीक, इटेलियन, डच, मंगोलियन, फिजियन, इन्डोनेशियन, अफरीकन, नाइजिरियन, सिंहली, ग्रीक,, भाषाओ की 25 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन होगा। इस फिल्म समारोह में महाभारत पर केन्द्रित फिल्मों का भी प्रदर्शन किया जायेगा।

देश का सबसे बड़ा सम्मान होगा सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण
मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ ने ऐसे युग निर्माता गणनायक की स्मृति को सुरक्षित रखने तथा उनके शौर्य, औदार्य, न्यायप्रियता तथा धर्म एवं प्रजावत्सल गुणों को समाज में पुनःस्थापित करने की दृष्टि से राशि रूपये 1 करोड़ 1 लाख का अंतरराष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया गया है। यह देश का सबसे बड़ा सम्मान होने जा रहा है। इसके अलावा सम्राट विक्रमादित्य के नाम से 21 लाख रूपये का एक राष्ट्रीय सम्मान एवं 5-5 लाख रुपये राशि के तीन राज्य स्तरीय सम्मान स्थापित किये हैं।

नेशनल पार्क से आई खुशखबरी, आशा ने पाँच स्वस्थ शावकों को दिया जन्म, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश के लिए अभूतपूर्व क्षण

भोपाल|मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क से  बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहां मादा चीता ‘आशा’ मां बनी हैं।खास बात ये है कि, उन्होंने एक साथ पांच शावकों को जन्म दिया है। कूनों प्रबंधन ने इसकी पुष्टि कर एक वीडियो जारी किया है, जिसमें मादा चीता अपने शावकों को दुलारती नजर आ रही हैं।

भारत में जन्मे शावकों की संख्या बढ़कर हुई 24, सीएम डॉ.यादव ने शेयर किया वीडियो

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो शेयर कर लिखा कि कूनो ने गर्व के एक अभूतपूर्व क्षण का अनुभव किया है क्योंकि आशा ने पाँच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है, जिससे भारत की चीता संरक्षण यात्रा को और अधिक मजबूती मिली है।इसके साथ ही, भारत में जन्मे शावकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है और चीतों की कुल आबादी 35 तक पहुँच गई है।यह उपलब्धि हमारे वन कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों के अथक समर्पण को दर्शाती है। यह राज्य वन्यजीव संरक्षण के एक प्रमुख केंद्र (एपिसेंटर) के रूप में उभर रहा है।

इंदौर में दिनेश प्रजापत की समस्या का मानवीय संवेदनशीलता के साथ समाधान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जताया आभार

भोपाल। इंदौर में सामने आए एक प्रकरण को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए त्वरित और संवेदनशील हस्तक्षेप किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर दिनेश प्रजापत एवं उनकी माता  रामप्यारी बाई की वर्षों से चली आ रही समस्या का मानवीय दृष्टिकोण के साथ समाधान सुनिश्चित किया गया।
परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल KYC पूर्ण कर पेंशन प्रक्रिया प्रारंभ कराई गई, वहीं अरविंदो अस्पताल में समुचित उपचार की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की गई तथा BLO के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू कराई गई है।

https://www.instagram.com/reel/DUc03OLEeiI/?igsh=ejg4dmZkZjZqN3Bv

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इस त्वरित कार्रवाई से परिवार को बड़ी राहत मिली है, मुख्यमंत्री का जताया आभार

दिनेश प्रजापत ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनकी माता की पेंशन प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और सरकार द्वारा इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील सहयोग के लिए वे माननीय मुख्यमंत्री जी के सदैव कृतज्ञ रहेंगे।
इंदौर में हुए इस प्रकरण को संज्ञान लेते हुए‌ दिनेश प्रजापत एवं उनकी माता रामप्यारी बाई की समस्या का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया गया है। परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल KYC कर पेंशन प्रक्रिया शुरू कराई गई एवं अरविंदो अस्पताल में उपचार की व्यवस्था की गई है।
परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ ही BLO द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है।

तालीम के साथ तरबियत भी, ईमान की हिफ़ाज़त के साथ आगे बढ़ने का रास्ता…

भोपाल। तालीम और तरबियत एक साथ मिल जाए तो इंसान को आने वाले वक्त की आसानियां मिल सकती हैं। एक ऐसी जगह जहां दीनी माहौल में दुनियावी तालीम दी जाए, इसकी लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। इसी कमी को पूरी करने के लिए कस्तूरबा शिक्षा समिति ने पहल की है। परवरिश इंटरनेशनल स्कूल की शुरुआत इसी मंशा को पूरा करने के लिए की गई। जिसमें फिलहाल नर्सरी से पांचवीं तक के बच्चों को दाखिला दिया जा रहा है।
संस्थान से जुड़े शिक्षाविद मोहम्मद शोएब कुरैशी बताते हैं कि आज के दौर में बच्चों और अभिभावकों को क्वालिटी एजुकेशन की दरकार है। उन्हें बेहतर पढ़ाई के साथ सौम्य वातावरण की भी जरूरत है।

वे अपने बच्चों को ऐसे स्कूल में दाखिला चाहते हैं, जहां वे दुनियावी तालीम के साथ दीन की बारीकियां भी सीख सकें। उन्हें ऐसा संस्थान भी चाहिए, जिससे फारिग होकर वे भविष्य की तालीम अच्छे संस्थानों से आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। स्कूली जीवन में ही उनके अंदर तरबियत के वह बीज अंकुरित हो सकें, जिनसे वे कल के बेहतर समाज की कल्पना को साकार कर सकें। शोएब कहते हैं कि इस तरह के संस्थान की कमी महसूस की जा रही थी। परवरिश इंटरनेशनल स्कूल इन्हीं सब ख्वाहिशात को पूरी करेगा। उन्होंने बताया कि एयरोसिटी रोड पर बिशनखेड़ी की खुली वादियों में इस आधुनिक शिक्षण संस्थान को आकार दिया गया है। जहां वर्तमान में नर्सरी से पांचवीं तक के होनहार बच्चों को दाखिला दिया जा रहा है। भविष्य की आवश्यकता के लिहाज से इसका विस्तार किया जाएगा। इस संस्थान से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी के लिए 0755=3178196 या 9926671653 एवं 9300612709 पर संपर्क किया जा सकता है।

पुराने रिश्ते दोहराए गए, स्वादों से भी मन बहलाए गए, यादगार रहा फ्यूजन फेस्ट

भोपाल। कहीं पुरानी सहेलियां और सहपाठी मिल बैठी थी और बरसों पुरानी यादें ताजा कर रही थीं, तो कहीं स्वादिष्ट व्यंजनों के चटखारे लिए जा रहे थे। जेम्स और स्पोर्ट्स के लिए भी भारी जुनून दिखाई दे रहा था। मौका था कस्तूरबा गर्ल्स कॉलेज द्वारा आयोजित फ्यूजन फेस्ट 2026 का। इस मौके पर पुस्तक विमोचन भी किया गया।
जिसमें देशभर के नामी शख्सियात मौजूद थीं।
कार्यक्रम आयोजक मोहम्मद शोएब कुरैशी और साअदत खान ने बताया कि कस्तूरबा गर्ल्स कॉलेज द्वारा फ्यूज़न फेस्ट 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम गुरुवार को सुबह शुरू हुआ। जिसमें बड़ी तादाद में पूर्व छात्राओं, उनके परिजन और मौजूदा विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।  कार्यक्रम में कई तरह के स्टॉल लगाए गए, जिनमें स्वादिष्ट खाने-पीने की चीज़ें, कपड़े, एक्सेसरीज़ और मज़ेदार गेम्स मौजूद थे। इस अवसर पर कस्तूरबा गर्ल्स कॉलेज की एलुमनी मीट भी रखी गई, जहाँ  पूर्व छात्राएँ अपनी पुरानी सहेलियों और क्लासमेट्स से मिलकर और पुरानी यादें ताज़ा कर सकें।

हुआ पुस्तक विमोचन
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. असलम अब्दुल्ला द्वारा लिखी गई पुस्तक “मुस्लिम एजुकेशन इन इंडिया” का विमोचन किया गया। इस पुस्तक में भारत में मुस्लिम शिक्षा की स्थिति और उसके महत्व के बारे में बताया गया है। कार्यक्रम आयोजक मोहम्मद शोएब कुरैशी और साअदत खान ने अतिथियों का इस्तकबाल किया। कार्यक्रम समापन पर उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी लोगों का शुक्रिया भी अदा किया।

पहले अस्पताल स्टॉफ ने गुंडों को बुलाकर पिटवाया फिर पुलिस ने भी अपनी मर्जी से लिखी एफआईआर

पीड़ित के आरोप से उठ रहे थाने की कार्यशैली पर सवाल

भारत भूषण विश्वकर्मा
7400794801

भोपाल। किसी भी सभ्य समाज में चिकित्सीय पेशे को बेहद सम्मानजनक नजर से देखा जाता है, चिकित्सकों की तारीफ में तो उन्हें जीवित भगवान भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि चिकित्सक अपने परिश्रम से जिंदगी और मौत से लड़ रहे मरीजों को नया जीवन देते हैं, इसके साथ ही उच्च शिक्षित चिकित्सकों के विचार तथा व्यवहार से भी समाज को नई दिशा मिलती है। लेकिन बीते कुछ समय में चिकित्सा क्षेत्र के सम्मान का हास हुआ है, और कई लोग अपने आचरण से इस सम्मानित पेशे को कलंकित करते दिख रहे हैं। ताजा मामला राजधानी के थाना ईंटखेड़ी के अंतर्गत आने वाले लीलावती अस्पताल का है जहां के डॉक्टर स्टॉफ समेत मालिक पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इतना ही नहीं पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से शिकायत करते हुए स्थानीय पुलिस थाने के कर्मचारी पर भी “स्वयं की मर्जी के मुताबिक” एफआईआर दर्ज करने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित मलखान मीणा के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों से उन्हें न्याय मिलने का आश्वासन मिला है।

क्या है पूरा मामला
अस्पताल में भर्ती अपने भाई से मिलने जाना पीड़ित मलखान  को उस समय बेहद भारी पड़ गया जब अस्पताल के डॉक्टर ने पीड़ित के साथ बिना वज़ह गाली गलौज और मारपीट कर दी। पीड़ित का शिकायती आवेदन बताता है कि इसके बाद भी डॉक्टर गोलू धाकड़ द्वारा लगभग एक दर्जन से अधिक गुंडो को बुलाकर उनके साथ दोबारा मारपीट कराई गई। पीड़ित मलखान मीणा के अनुसार उनके साथ लगभग दर्जनभर से अधिक बदमाशों द्वारा मारपीट की गई है। वहीं लीलावती अस्पताल के मालिक वीरेंद्र सैनी और उनकी पत्नी पर भी धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित मलखान मीणा ने जैसे तैसे पुलिस को बुलाकर अपनी जान बचाई, लेकिन इस घटना ने अस्पताल प्रबंधन के माफिया रूप को उजागर कर दिया है।

क्या, वाकई अपनी मर्जी से रिपोर्ट लिख रही पुलिस
पीड़ित के अनुसार मारपीट के बाद उसने पुलिस को बुलाया और उसी पुलिसकर्मी के साथ रिपोर्ट लिखाने थाना ईंटखेड़ी पहुंचा। वरिष्ठ अधिकारियों को दिए शिकायती आवेदन में मलखान ने स्पष्ट आरोप लगाए हैं कि पुलिस ने उनके बताए विवरण की जगह खुद की मर्जी से एफआईआर दर्ज की है। पीड़ित का कहना है कि लीलावती अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में उसके साथ हुई मारपीट के साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें स्थानीय पुलिस द्वारा अभी तक बरामद नहीं किया गया है। इसके साथ ही पीड़ित का कहना है कि अस्पताल मालिक वीरेंद्र सैनी की कार से ही आए बदमाशों द्वारा उनपर हमला किया गया, जबकि पीड़ित द्वारा उपलब्ध कराए जाने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट में न तो वीरेंद्र सैनी का जिक्र किया है और न ही उनकी कार का का। एक तरफ पीड़ित के गंभीर आरोप पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं वहीं दूसरी ओर पीड़ित मलखान वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय की आस लगाए हुए है।


इनका कहना है

पीड़ित की शिकायत के अनुसार हर बिंदु पर जांच कराई जाएगी।

मंजू चौहान, एसडीओपी ईंटखेड़ी

संकल्प से समाधान” अभियान भोपाल जिले में विभिन्न योजनाओं और सेवाओं में हितग्राहियों को दिया जाएगा लाभ

चार चरणों में 31 मार्च तक चलेगा अभियान उत्कृष्ट कार्य करने वालों को दिये जाएंगे पुरूस्कार

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने टीएल बैठक में अभियान के तैयारियों की समीक्षा की


जीतेन्द्र सेन
भोपाल।कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने टीएल बैठक में जिले के सभी एसडीएम को अपने – अपने क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हुजूर एवं बैरसिया तहसील अंतर्गत कलेक्टर द्वारा पारित आदेश पर संबंधित अवैध कालोनी के कालोनाइजर पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिह ने टीएल बैठक में संकल्प से समाधान” अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शासन सुशासन और स्वराज के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य की प्राप्ति के लिये केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र लोगों को दिलाने के लिये प्रदेश में 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक “संकल्प से समाधान” अभियान चलाया जा रहा है। “युवा दिवस” पर शुरू हुए इस अभियान में ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय एवं जिला स्तर पर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिये अभियान 4 चरणों में चलाया जायेगा। अभियान में ग्राम पंचायत और नगरीय निकायों में वार्ड स्तरीय समिति और आवेदन/शिकायतों के एकत्रीकरण के लिए दल गठित किए गए है, जिसका एक नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने नगरीय क्षेत्र के लिए आयुक्त नगर निगम एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए जिला पंचायत सीईओ को नोडल अधिकारी एवं दलों के गठन के आदेश जारी करने, शिविरों की तिथि एवं हितग्राहियों के चिन्हाकन के लिए डोर टू डोर व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सभी एसडीएम अपने – अपने क्षेत्र में अभियान की मॉनीटरिंग करेंगे। ग्राम एवं वार्ड स्तर से प्रारंभ होकर जिला स्तर तक चलाये जाने वाले इस अभियान में कोई भी पात्र हितग्राही शासन की किसी भी योजनाओें से वंचित न रहे।

कलेक्टर सिंह ने समय – सीमा बैठक में आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों, सीएम हेल्पलाइन, वित्तीय वर्ष में शासन की योजनाओं के लक्ष्य के अनुरूप हितग्राहियों को लाभांवित करने, सभी एसडीएम को स्कूल, कॉलेज, अस्पतालों का समय – समय निरीक्षण, आरटीओ को वाहनों की चैंकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ एडीएम, एसडीएम सहित सभी जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

अंतरराष्ट्रीय ठहाका सम्मेलन : हुआ हास्य काव्य पाठ

भोपाल। विश्व हिन्दी दिवस के उपलक्ष में महाकाल की नगरी उज्जैन में 26वा अंतरराष्ट्रीय ठहाका महोत्सव हुआ। कवि कालिदास संस्कृत अकादमी में आयोजित इस तीन दिन के इस कार्यक्रम के अंतिम दिन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मनपसंंद हास्य योग कला साहित्य मंच, इंदौर के कवियों को भी आमंत्रित किया गया था। देश विदेश से आए कवियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया। जिन्होंने विभिन्न प्रकार के हास, परिहास की रचनाओं से श्रोताओं ने खूब ठहाके लगाए। मनपसंंद मंच के संस्थापक अध्यक्ष जनार्दन शर्मा ने “चाय से ज्यादा केतली गरम है” व अन्य हास्य रचनाओं पर हंसाकर खूब तालियां बटोरी और सभी श्रोताओं से हास्य योग का ठहाका भी लगवाया।
अन्य कवियित्रियों में गायत्री शर्मा, रंजना शर्मा, उर्मिला उर्मी ने भी रचना पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम के अंत में सभी कवियों को ठहाका महोत्सव के संस्थापक अध्यक्ष व मंडल सदस्यों द्वारा प्रतीक चिन्ह व सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता आशीष विद्यार्थी के कार्यक्रम से संपन्न हुआ।

घर घर स्वदेशी की मंशा के साथ MLB कॉलेज में मना विवेकानंद दिवस

भोपाल। आध्यात्मिक गुरु, दार्शनिक स्वामी विवेकानंद जयन्ती के अवसर पर राजधानी के शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई स्नातकोत्तर महाविद्यालय राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया।
इस अवसर पर रन फॉर स्वदेशी उद्देश्य के तहत महाविद्यालय की छात्राओं ने विवेकानंद चौराहे पॉलीटेक्निक पर एक भव्य रैली का प्रदर्शन करते हुए “घर घर स्वदेशी, हर घर स्वदेशी“ के नारे लगाए।
रैली में छात्राओं के साथ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० अजय अग्रवाल और प्राध्यापक भी शामिल हुए। तत्पश्चात महाविद्यालय के सभागार में आयोजित सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में डॉ० नीना जांगले विभागाध्यक्ष योग विभाग के निर्देशन में छात्राओं ने योगाभ्यास किया। कार्यक्रम का समापन वनवासी कल्याण परिषद के संगठन मंत्री और प्रचारक तिलकराज दाँगी के उद्बोधन से हुआ। इस अवसर पर तिलकराज ने अपने वक्तव्य की शुरुआत स्वामी विवेकानंद द्वारा शिकागो में दिए गए भाषण से की। उन्होंने कहा कि 11 सितंबर 1893 को उनके द्वारा धर्म संसद में दिए गए भाषण आज भी उतना ही तर्कसंगत है, जितना उस समय था और तब से पूरा विश्व भारत को अध्यात्म के रूप में जानने लगा। तिलकराज ने विवेकानंद के जीवन की कई घटनाओं को सुनाते हुए छात्राओं के प्रेरणा लेने पर ज़ोर दिया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ० धनंजय वर्मा ने विवेकानंद के दार्शनिक सिद्धांतों पर बोलते हुए स्पष्ट किया कि स्वामी विवेकानंद जी के पूरे दर्शन को हम इस तरह युवाओं के लिए कह सकते हैं कि वह SPAM की शिक्षा देते हैं S for स्पिरिचुअल ग्रोथ यानी आध्यात्मिक वृद्धि P मतलब फिजिकल Strength यानि शारीरिक शक्ति और M फॉर मेंटल डिसिप्लिन मानसिक अनुशासन आज की युवा यदि इस तीनों को लेकर चलेंगे तो भारत आने वाले समय में निश्चित रूप से वैश्विक गुरु बनेंगे। उनके द्वारा उनके जयंती पर 1985 से हम युवा दिवस मनाने लगे हैं और जब उनकी 150 में जयंती थी तब हम उनके जयंती के अवसर पर 2012 2013 से सूर्य नमस्कार भी करने लगे हैं। विवेकानंद की जयन्ती को युवा दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है और सूर्य नमस्कार, योगाभ्यास क्यों शामिल किया जाता है। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० अजय अग्रवाल ने अपने विचार प्रकट किए और अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

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