पुराने रिश्ते दोहराए गए, स्वादों से भी मन बहलाए गए, यादगार रहा फ्यूजन फेस्ट

भोपाल। कहीं पुरानी सहेलियां और सहपाठी मिल बैठी थी और बरसों पुरानी यादें ताजा कर रही थीं, तो कहीं स्वादिष्ट व्यंजनों के चटखारे लिए जा रहे थे। जेम्स और स्पोर्ट्स के लिए भी भारी जुनून दिखाई दे रहा था। मौका था कस्तूरबा गर्ल्स कॉलेज द्वारा आयोजित फ्यूजन फेस्ट 2026 का। इस मौके पर पुस्तक विमोचन भी किया गया।
जिसमें देशभर के नामी शख्सियात मौजूद थीं।
कार्यक्रम आयोजक मोहम्मद शोएब कुरैशी और साअदत खान ने बताया कि कस्तूरबा गर्ल्स कॉलेज द्वारा फ्यूज़न फेस्ट 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम गुरुवार को सुबह शुरू हुआ। जिसमें बड़ी तादाद में पूर्व छात्राओं, उनके परिजन और मौजूदा विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।  कार्यक्रम में कई तरह के स्टॉल लगाए गए, जिनमें स्वादिष्ट खाने-पीने की चीज़ें, कपड़े, एक्सेसरीज़ और मज़ेदार गेम्स मौजूद थे। इस अवसर पर कस्तूरबा गर्ल्स कॉलेज की एलुमनी मीट भी रखी गई, जहाँ  पूर्व छात्राएँ अपनी पुरानी सहेलियों और क्लासमेट्स से मिलकर और पुरानी यादें ताज़ा कर सकें।

हुआ पुस्तक विमोचन
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. असलम अब्दुल्ला द्वारा लिखी गई पुस्तक “मुस्लिम एजुकेशन इन इंडिया” का विमोचन किया गया। इस पुस्तक में भारत में मुस्लिम शिक्षा की स्थिति और उसके महत्व के बारे में बताया गया है। कार्यक्रम आयोजक मोहम्मद शोएब कुरैशी और साअदत खान ने अतिथियों का इस्तकबाल किया। कार्यक्रम समापन पर उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी लोगों का शुक्रिया भी अदा किया।

पहले अस्पताल स्टॉफ ने गुंडों को बुलाकर पिटवाया फिर पुलिस ने भी अपनी मर्जी से लिखी एफआईआर

पीड़ित के आरोप से उठ रहे थाने की कार्यशैली पर सवाल

भारत भूषण विश्वकर्मा
7400794801

भोपाल। किसी भी सभ्य समाज में चिकित्सीय पेशे को बेहद सम्मानजनक नजर से देखा जाता है, चिकित्सकों की तारीफ में तो उन्हें जीवित भगवान भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि चिकित्सक अपने परिश्रम से जिंदगी और मौत से लड़ रहे मरीजों को नया जीवन देते हैं, इसके साथ ही उच्च शिक्षित चिकित्सकों के विचार तथा व्यवहार से भी समाज को नई दिशा मिलती है। लेकिन बीते कुछ समय में चिकित्सा क्षेत्र के सम्मान का हास हुआ है, और कई लोग अपने आचरण से इस सम्मानित पेशे को कलंकित करते दिख रहे हैं। ताजा मामला राजधानी के थाना ईंटखेड़ी के अंतर्गत आने वाले लीलावती अस्पताल का है जहां के डॉक्टर स्टॉफ समेत मालिक पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इतना ही नहीं पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से शिकायत करते हुए स्थानीय पुलिस थाने के कर्मचारी पर भी “स्वयं की मर्जी के मुताबिक” एफआईआर दर्ज करने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित मलखान मीणा के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों से उन्हें न्याय मिलने का आश्वासन मिला है।

क्या है पूरा मामला
अस्पताल में भर्ती अपने भाई से मिलने जाना पीड़ित मलखान  को उस समय बेहद भारी पड़ गया जब अस्पताल के डॉक्टर ने पीड़ित के साथ बिना वज़ह गाली गलौज और मारपीट कर दी। पीड़ित का शिकायती आवेदन बताता है कि इसके बाद भी डॉक्टर गोलू धाकड़ द्वारा लगभग एक दर्जन से अधिक गुंडो को बुलाकर उनके साथ दोबारा मारपीट कराई गई। पीड़ित मलखान मीणा के अनुसार उनके साथ लगभग दर्जनभर से अधिक बदमाशों द्वारा मारपीट की गई है। वहीं लीलावती अस्पताल के मालिक वीरेंद्र सैनी और उनकी पत्नी पर भी धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित मलखान मीणा ने जैसे तैसे पुलिस को बुलाकर अपनी जान बचाई, लेकिन इस घटना ने अस्पताल प्रबंधन के माफिया रूप को उजागर कर दिया है।

क्या, वाकई अपनी मर्जी से रिपोर्ट लिख रही पुलिस
पीड़ित के अनुसार मारपीट के बाद उसने पुलिस को बुलाया और उसी पुलिसकर्मी के साथ रिपोर्ट लिखाने थाना ईंटखेड़ी पहुंचा। वरिष्ठ अधिकारियों को दिए शिकायती आवेदन में मलखान ने स्पष्ट आरोप लगाए हैं कि पुलिस ने उनके बताए विवरण की जगह खुद की मर्जी से एफआईआर दर्ज की है। पीड़ित का कहना है कि लीलावती अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में उसके साथ हुई मारपीट के साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें स्थानीय पुलिस द्वारा अभी तक बरामद नहीं किया गया है। इसके साथ ही पीड़ित का कहना है कि अस्पताल मालिक वीरेंद्र सैनी की कार से ही आए बदमाशों द्वारा उनपर हमला किया गया, जबकि पीड़ित द्वारा उपलब्ध कराए जाने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट में न तो वीरेंद्र सैनी का जिक्र किया है और न ही उनकी कार का का। एक तरफ पीड़ित के गंभीर आरोप पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं वहीं दूसरी ओर पीड़ित मलखान वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय की आस लगाए हुए है।


इनका कहना है

पीड़ित की शिकायत के अनुसार हर बिंदु पर जांच कराई जाएगी।

मंजू चौहान, एसडीओपी ईंटखेड़ी

बैरसिया क्षेत्र के गांव-गांव में अघोषित बिजली कटौती और बिजली काटना बंद करे बिजली विभाग

नहीं तो संबंधित विद्युत मंडल कार्यालय की बिजली किसान कांग्रेस काट देगी-


जीतेन्द्र सेन
बैरसिया। बुधवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी हर्राखेड़ा के अध्यक्ष बाला प्रसाद लोधी की अगुवाई में बैरसिया विधानसभा के ग्राम गुनगा क्षेत्र बैरसिया में अघोषित रूप से बिजली कटौती और अवैध वसूली के विरोध में कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं समेत ग्रामीण जनों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए गुनगा विद्युत मंडल कार्यालय का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया इस अवसर पर मध्यप्रदेश कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक अवनीश भार्गव जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनोखी मानसिंह पटेल,किसान कांग्रेस नेता रामभाई मेहर जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीता शर्मा एवं जिला किसान कांग्रेस भोपाल ग्रामीण प्रकाश जाट अमान सिंह ठाकुर इंद्रजीत सिंह जाट पहलवान सिंह ठाकुर समेत कांग्रेस पार्टी के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता गण और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहें।

संकल्प से समाधान” अभियान भोपाल जिले में विभिन्न योजनाओं और सेवाओं में हितग्राहियों को दिया जाएगा लाभ

चार चरणों में 31 मार्च तक चलेगा अभियान उत्कृष्ट कार्य करने वालों को दिये जाएंगे पुरूस्कार

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने टीएल बैठक में अभियान के तैयारियों की समीक्षा की


जीतेन्द्र सेन
भोपाल।कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने टीएल बैठक में जिले के सभी एसडीएम को अपने – अपने क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हुजूर एवं बैरसिया तहसील अंतर्गत कलेक्टर द्वारा पारित आदेश पर संबंधित अवैध कालोनी के कालोनाइजर पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिह ने टीएल बैठक में संकल्प से समाधान” अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शासन सुशासन और स्वराज के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य की प्राप्ति के लिये केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र लोगों को दिलाने के लिये प्रदेश में 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक “संकल्प से समाधान” अभियान चलाया जा रहा है। “युवा दिवस” पर शुरू हुए इस अभियान में ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय एवं जिला स्तर पर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिये अभियान 4 चरणों में चलाया जायेगा। अभियान में ग्राम पंचायत और नगरीय निकायों में वार्ड स्तरीय समिति और आवेदन/शिकायतों के एकत्रीकरण के लिए दल गठित किए गए है, जिसका एक नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने नगरीय क्षेत्र के लिए आयुक्त नगर निगम एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए जिला पंचायत सीईओ को नोडल अधिकारी एवं दलों के गठन के आदेश जारी करने, शिविरों की तिथि एवं हितग्राहियों के चिन्हाकन के लिए डोर टू डोर व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सभी एसडीएम अपने – अपने क्षेत्र में अभियान की मॉनीटरिंग करेंगे। ग्राम एवं वार्ड स्तर से प्रारंभ होकर जिला स्तर तक चलाये जाने वाले इस अभियान में कोई भी पात्र हितग्राही शासन की किसी भी योजनाओें से वंचित न रहे।

कलेक्टर सिंह ने समय – सीमा बैठक में आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों, सीएम हेल्पलाइन, वित्तीय वर्ष में शासन की योजनाओं के लक्ष्य के अनुरूप हितग्राहियों को लाभांवित करने, सभी एसडीएम को स्कूल, कॉलेज, अस्पतालों का समय – समय निरीक्षण, आरटीओ को वाहनों की चैंकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ एडीएम, एसडीएम सहित सभी जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

हज के दौरान रोक : गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारों पर रहेगी पाबंदी

भोपाल। हज के दौरान आने वाली अचानक आपदाओं से निपटने के लिए सऊदी हज प्रबंधन ने इंतजाम किए हैं। इसके लिए उसने अति बुजुर्ग लोगों पर पहले ही पाबंदी लागू कर दी थी। इससे आगे बढ़कर अब गंभीर बीमारियों से जूझ रहे आवेदकों को हज सफ़र पर आने से रोक दिया गया है। साथ ही गर्भस्थ महिलाओं पर भी यह पाबंदी लागू होगी।
हज 2026 के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया ने एक ट्रेनिंग प्रोग्राम पिछले दिनों आयोजित किया था। इस दौरान हज आवेदकों के लिए स्वास्थ्य संबंधी अनिवार्यताओं के बारे में जानकारी दी गई है। इस बारे में विस्तृत नियमावली तैयार की जा रही है, जिसके बारे में जल्दी ही हज आवेदकों को सूचित किया जाएगा।

पूरी तरह हों स्वस्थ
जानकारी में आया है कि भारत से हज सफ़र पर जाने वाले हाजी सबसे ज्यादा उम्रदराज होते हैं। ऐसे में उन हाजियों में कई लोगों को उम्रजनित बीमारियां भी होती हैं। ऐसे में हज के दौरान मौत का आंकड़ा भी भारतीय हाजियों का ही ज्यादा होता है। ऐसे हाजियों को संभालने, देखरेख करने या इलाज अथवा मौत होने पर कफन दफन की जिम्मेदारी भी सऊदी सरकार को उठानी पड़ती है। ऐसे मामलों को चिन्हित कर इन स्थितियों पर रोक लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इन पर लगेगी रोक
गंभीर बीमारी वाले मरीज :
डायलिसिस पर चल रहे किडनी मरीज
हल्की मेहनत में भी तकलीफ वाला हार्ट-फेल्युअर
ऑक्सीजन पर निर्भर फेफड़ों की बीमारी
• गंभीर लीवर सिरोसिस / लीवर फेल्युअर
• गंभीर मानसिक या न्यूरोलॉजिकल बीमारी वाले व्यक्ति
• डिमेंशिया (याददाश्त की बीमारी) से पीड़ित बुजुर्ग

गर्भवती महिलाएँ
गर्भावस्था के आखिरी 3 महीनों में
• या किसी भी समय हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी में

संक्रामक बीमारी वाले व्यक्ति
खुली टीबी
• वायरल हैमरेजिक फीवर
• कैंसर मरीज, जो कीमोथेरेपी या इम्यूनिटी कम करने वाला इलाज ले रहे हों

यह करना पड़ेगा
सभी हाजी और हज्जनों को फिर से नया मेडिकल फिटनेस बनाना होगा, जिसकी गाईड लाईन हज कमिटी बहुत जल्द जारी करेगी।

इनका कहना है
हज सफ़र के दौरान किसी भी हानि या उसके परिवार को कोई दिक्कत न हो, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य संबंधी नियम भी इसीलिए बनाए जा रहे हैं।
रफत वारसी
अध्यक्ष, मप्र राज्य हज कमेटी

अंतरराष्ट्रीय ठहाका सम्मेलन : हुआ हास्य काव्य पाठ

भोपाल। विश्व हिन्दी दिवस के उपलक्ष में महाकाल की नगरी उज्जैन में 26वा अंतरराष्ट्रीय ठहाका महोत्सव हुआ। कवि कालिदास संस्कृत अकादमी में आयोजित इस तीन दिन के इस कार्यक्रम के अंतिम दिन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मनपसंंद हास्य योग कला साहित्य मंच, इंदौर के कवियों को भी आमंत्रित किया गया था। देश विदेश से आए कवियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया। जिन्होंने विभिन्न प्रकार के हास, परिहास की रचनाओं से श्रोताओं ने खूब ठहाके लगाए। मनपसंंद मंच के संस्थापक अध्यक्ष जनार्दन शर्मा ने “चाय से ज्यादा केतली गरम है” व अन्य हास्य रचनाओं पर हंसाकर खूब तालियां बटोरी और सभी श्रोताओं से हास्य योग का ठहाका भी लगवाया।
अन्य कवियित्रियों में गायत्री शर्मा, रंजना शर्मा, उर्मिला उर्मी ने भी रचना पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम के अंत में सभी कवियों को ठहाका महोत्सव के संस्थापक अध्यक्ष व मंडल सदस्यों द्वारा प्रतीक चिन्ह व सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता आशीष विद्यार्थी के कार्यक्रम से संपन्न हुआ।

घर घर स्वदेशी की मंशा के साथ MLB कॉलेज में मना विवेकानंद दिवस

भोपाल। आध्यात्मिक गुरु, दार्शनिक स्वामी विवेकानंद जयन्ती के अवसर पर राजधानी के शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई स्नातकोत्तर महाविद्यालय राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया।
इस अवसर पर रन फॉर स्वदेशी उद्देश्य के तहत महाविद्यालय की छात्राओं ने विवेकानंद चौराहे पॉलीटेक्निक पर एक भव्य रैली का प्रदर्शन करते हुए “घर घर स्वदेशी, हर घर स्वदेशी“ के नारे लगाए।
रैली में छात्राओं के साथ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० अजय अग्रवाल और प्राध्यापक भी शामिल हुए। तत्पश्चात महाविद्यालय के सभागार में आयोजित सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में डॉ० नीना जांगले विभागाध्यक्ष योग विभाग के निर्देशन में छात्राओं ने योगाभ्यास किया। कार्यक्रम का समापन वनवासी कल्याण परिषद के संगठन मंत्री और प्रचारक तिलकराज दाँगी के उद्बोधन से हुआ। इस अवसर पर तिलकराज ने अपने वक्तव्य की शुरुआत स्वामी विवेकानंद द्वारा शिकागो में दिए गए भाषण से की। उन्होंने कहा कि 11 सितंबर 1893 को उनके द्वारा धर्म संसद में दिए गए भाषण आज भी उतना ही तर्कसंगत है, जितना उस समय था और तब से पूरा विश्व भारत को अध्यात्म के रूप में जानने लगा। तिलकराज ने विवेकानंद के जीवन की कई घटनाओं को सुनाते हुए छात्राओं के प्रेरणा लेने पर ज़ोर दिया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ० धनंजय वर्मा ने विवेकानंद के दार्शनिक सिद्धांतों पर बोलते हुए स्पष्ट किया कि स्वामी विवेकानंद जी के पूरे दर्शन को हम इस तरह युवाओं के लिए कह सकते हैं कि वह SPAM की शिक्षा देते हैं S for स्पिरिचुअल ग्रोथ यानी आध्यात्मिक वृद्धि P मतलब फिजिकल Strength यानि शारीरिक शक्ति और M फॉर मेंटल डिसिप्लिन मानसिक अनुशासन आज की युवा यदि इस तीनों को लेकर चलेंगे तो भारत आने वाले समय में निश्चित रूप से वैश्विक गुरु बनेंगे। उनके द्वारा उनके जयंती पर 1985 से हम युवा दिवस मनाने लगे हैं और जब उनकी 150 में जयंती थी तब हम उनके जयंती के अवसर पर 2012 2013 से सूर्य नमस्कार भी करने लगे हैं। विवेकानंद की जयन्ती को युवा दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है और सूर्य नमस्कार, योगाभ्यास क्यों शामिल किया जाता है। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० अजय अग्रवाल ने अपने विचार प्रकट किए और अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

मिल बैठे देशभर के माहेश्वरी समाज के व्यापारी, वैश्विक पहचान की पहल

भोपाल। माहेश्वरी इंटरनेशनल बिजनेस फाउंडेशन द्वारा जोधपुर में आयोजित  व्यापारिक संवाद बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश-विदेश से जुड़े माहेश्वरी समाज के प्रमुख उद्योगपतियों, उद्यमियों एवं पेशेवरों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। बैठक ने संगठित व्यापारिक नेटवर्किंग को एक नई दिशा प्रदान की।
कार्यक्रम में अनेक विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही, जिनमें अनिल कुमार लाहोटी चेयरमैन, दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण एवं पूर्व चेयरमैन एवं सीईओ रेलवे बोर्ड राजेश मालपानी (मालपानी समूह), विनीत सरडा (पीटीआई इम्पैक्स), गोपाल काबरा (आरआर केबल), प्रदीप गांधी, पूर्व सांसद (14वीं लोकसभा), शोभा सदानी, चेयरमैन माहेश्वरी महिला उद्योग एवं सुनील जागेटिया, सन मैनेजमेंट ग्रुप, दुबई प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

एमआईबीएफ के संस्थापक महामंत्री संतोष लाहोटी एवं प्रशांत माहेश्वरी ने मंच को संबोधित करते हुए संस्था के मिशन, विजन एवं भावी विकास योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने समाज के सभी प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे भारत सहित विदेशों में बसे माहेश्वरी व्यवसायियों और पेशेवरों को एक साझा मंच पर जोड़ने का प्रयास करें, जिससे एक सशक्त एवं वास्तविक वैश्विक माहेश्वरी व्यापार नेटवर्क का निर्माण हो सके और समाज के समग्र आर्थिक विकास को गति मिले।
बैठक में 100 से अधिक उद्योगपतियों, उद्यमियों एवं पेशेवरों ने सक्रिय सहभागिता की। सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने व्यवसायिक क्षेत्रों का परिचय साझा किया, जिससे आपसी सहयोग, नेटवर्किंग एवं व्यापारिक संभावनाओं के नए द्वार खुले। इस अवसर पर कई गणमान्य सदस्यों की विशेष उपस्थिति रही, जिनमें भाविका माहेश्वरी, योगेश बिड़ला, सुनीता महेश्वरी, रानू परवाल, विनोद लाहोटी,  अतुल लाहोटी, मुकुल राठी (अमेरिका), अनिरुद्ध राठी, मधुर झंवर, मुकेश जाकेटिया, सुरेश लाखोटिया, महावीर लाहोटी, मुकेश चेचानी, अजय गट्टानी, कैलाश काबरा तथा  विकास मूंदड़ा प्रमुख रूप से सम्मिलित रहे।
कार्यक्रम का संचालन दीपिका बियानी द्वारा किया गया। दीपक माहेश्वरी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा आगामी 18 जनवरी को मुंबई में आयोजित होने जा रहे एमआईबीएफ के “कॉन्क्लेव ऑन फ्यूचर ऑफ इन्वेस्टिंग” की विस्तृत जानकारी साझा की।

युवाओं को पसंद आ रही “कमरे की दीवारों ने देखा है ”  पुस्तक

अमित सेन
8085661177

शुभम सक्सेना की पहली पुस्तक ने विश्व पुस्तक मेले में बनाई अलग पहचान।

भोपाल! भोपाल के युवा लेखक शुभम सक्सेना के लिए यह क्षण गर्व का है कि उनकी पहली काव्य पुस्तक “कमरे की दीवारों ने देखा है” देश के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजन विश्व पुस्तक मेला, भारत मंडपम (नई दिल्ली) में प्रदर्शित की गई है। यह मेला 10 से 18 जनवरी तक आयोजित हो रहा है, जिसमें देश-विदेश के हजारों प्रकाशक और लेखक भाग ले रहे हैं।
इस पुस्तक का चयन ऐसे समय में हुआ है जब यहां गुलज़ार, चेतन भगत, मुंशी प्रेमचंद, विनोद कुमार शुक्ल और सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जैसे दिग्गज लेखकों की कृतियां भी मौजूद हैं। ऐसे साहित्यिक दिग्गजों के बीच एक युवा लेखक की पहली पुस्तक का स्थान पाना अपने-आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
“कमरे की दीवारों ने देखा है” एक कविता और शायरी संग्रह है, जिसमें आम आदमी की भावनाएं, अकेलापन, संघर्ष, सपने और समाज की सच्चाइयों को संवेदनशील शब्दों में पिरोया गया है। पुस्तक विशेष रूप से युवाओं की आंतरिक दुनिया और आज के दौर की चुप्पी को आवाज़ देती है इस पुस्तक का प्रकाशन मांडा पब्लिकेशन के द्वारा किया गया है ।

विश्व पुस्तक मेला, भारत मंडपम (नई दिल्ली) में किताब पड़ती छात्रा

चित्रकारी , फोटोग्राफी , और लेखनी के शौकीन शुभम
शुभम सक्सेना भोपाल के युवा लेखक और कवि हैं। वे पत्रकारिता (मास कम्युनिकेशन) के विद्यार्थी हैं और साथ ही सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। लेखन उनके लिए केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मसंवाद और समाज से जुड़ने का तरीका है। आज इस पुस्तक की उपलब्धि के अलावा चित्रकारी , फोटोग्राफी और कविता, थोट, शायरी लिखने में माहिर है वहीं भास्कर , पत्रिका जैसे बड़े अखबारों की प्रतियोगिताओं में भी शुभम अव्वल रहे है !

युवाओं को भा गई ” कमरे की दीवारों ने देखा है !

शुभम ने इस किताब में अपने उन पलों को उकेरा है, जिन्हें व्यक्ति अक्सर अकेले में जीता है—जहाँ कमरे की दीवारें ही उसकी गवाह बनती हैं। पुस्तक विशेष रूप से युवा पाठकों से संवाद स्थापित करती है और उन्हें आत्ममंथन के लिए प्रेरित करती है।
वहीं भारत मंडपम (नई दिल्ली) में लगे पुस्तक मेले में युवाओं को यह किताब खूब भा रही है और युवा इस किताब को खासा पसंद कर रहे हैं !

सपना हो गया साकार

लेखक शुभम सक्सेना

अपनी इस उपलब्धि पर शुभम सक्सेना कहते हैं , “यह सिर्फ मेरी नहीं, हर उस युवा की जीत है जो अपने शब्दों से कुछ कहना चाहता है। विश्व पुस्तक मेले में अपनी पहली किताब को देखना मेरे लिए सपने के सच होने जैसा है।

युवाओं को भा गई कमरे की दीवारों ने देखा है!

ज़िंदगी की डोर पर भारी पड़ रहा जानलेवा मांझा, मौत का जिम्मा किसके सर…?

पटियेबाजी

बड़ा सवाल, और कितनी जिंदगियों को लीलेगी प्रशासनिक नाकामी…?

भारत भूषण विश्वकर्मा
7400794801

बेशक वो घर को चलाने वाला ही रहा होगा तभी “इतवार” को भी काम खोजने निकल पड़ा… वरना किसी निकम्मे और बेशर्म सरकारी करिंदे की तरह “संडे” की मौज काट रहा होता… कहने को तो छुट्टी इंसान की जिंदगी में थोड़ा सा आराम और अगले हफ्ते भर चलने की ताज़गी लेकर आती है… लेकिन उसके लिए ये इतवार आखिरी साबित होते हुए, जीवन को जद्दोजहद और संघर्ष से मुक्त कर गया… चलती सड़क पर किसी तेज़ नश्तरी धागे से भी मौत हो सकती है ये बात उन नौकरशाहों की समझ नहीं आ सकती जो खुद बंद शीशे वाली “सरकारी” कारों में चलते हैं… जिनकी औलादों के पास महंगी लग्ज़री गाड़ियां हैं, जिनके अधिकतर काम करने को नौकर चाकरों की फ़ौज लगी होती है… शायद इसी बेफिक्री के चलते अब मोटी पगार पाने वाले सरकारी मुस्टंडों का काम फ़िलहाल “एडवायजरी” और सख़्त कार्यवाही की चेतावनी देते “प्रेस नोट” जारी करना ही रह गया है… अगर जमीन पर काम हो रहा होता तो वो हमारे बीच मौजूद होता जिसकी जिंदगी का दीया आज बुझ चुका है… ये मुद्दा आम आदमी का है, इन जैसे तमाम मामलों पर आम आदमी को ही लड़ना पड़ेगा… जिंदा रहना हर आदमी का अधिकार है और उसके जिंदा रहने के हक़ पर डाका किसी भी सूरत में बर्दाश्त के काबिल नहीं है… अब वक़्त है कि जिम्मेदारों की गिरेबाँ पकड़ कर उनसे पूछा जाए कि ये जानलेवा मांझा शहर में कैसे आया? कैसे बिका…? हर अधिकारी कर्मचारी और विभाग की जवाबदेही किसी भी इंसानी जान की सलामती के लिए तय होना ही चाहिए… ऐसी घटनाओं का दोहराव हर साल देखने सुनने को मिलता है, जहां मांझे से इंसानों और पक्षियों के घायल होते हैं यहां तक कि उनकी मौत भी हो जाती है… इसके बाद भी अगर कोई ठोस कदम उठता नहीं दिखता तो ये इस बात कर प्रमाण है कि प्रशासनिक अमले न सिर्फ नाकामी बो रहे हैं बल्कि दूसरों की जान को बेहद सस्ती चीज समझ रहे हैं… एक जान गई है इंदौर में, एक अस्पताल में गंभीर जख्मी होकर भर्ती है, अब इन घटनाओं के जिम्मेदारों की खोज होना ही चाहिए… अब ये तय होना जरूरी है कि मांझे से होने वाली मौत का जिम्मा किसके सर जाना चाहिए…? शासन और प्रशासन की नाकामी आखिर कितने प्राणों का होम लेगी ये भी बड़ा सवाल है…?


11-01-2026

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