हज के दौरान रोक : गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारों पर रहेगी पाबंदी

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भोपाल। हज के दौरान आने वाली अचानक आपदाओं से निपटने के लिए सऊदी हज प्रबंधन ने इंतजाम किए हैं। इसके लिए उसने अति बुजुर्ग लोगों पर पहले ही पाबंदी लागू कर दी थी। इससे आगे बढ़कर अब गंभीर बीमारियों से जूझ रहे आवेदकों को हज सफ़र पर आने से रोक दिया गया है। साथ ही गर्भस्थ महिलाओं पर भी यह पाबंदी लागू होगी।
हज 2026 के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया ने एक ट्रेनिंग प्रोग्राम पिछले दिनों आयोजित किया था। इस दौरान हज आवेदकों के लिए स्वास्थ्य संबंधी अनिवार्यताओं के बारे में जानकारी दी गई है। इस बारे में विस्तृत नियमावली तैयार की जा रही है, जिसके बारे में जल्दी ही हज आवेदकों को सूचित किया जाएगा।

पूरी तरह हों स्वस्थ
जानकारी में आया है कि भारत से हज सफ़र पर जाने वाले हाजी सबसे ज्यादा उम्रदराज होते हैं। ऐसे में उन हाजियों में कई लोगों को उम्रजनित बीमारियां भी होती हैं। ऐसे में हज के दौरान मौत का आंकड़ा भी भारतीय हाजियों का ही ज्यादा होता है। ऐसे हाजियों को संभालने, देखरेख करने या इलाज अथवा मौत होने पर कफन दफन की जिम्मेदारी भी सऊदी सरकार को उठानी पड़ती है। ऐसे मामलों को चिन्हित कर इन स्थितियों पर रोक लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इन पर लगेगी रोक
गंभीर बीमारी वाले मरीज :
डायलिसिस पर चल रहे किडनी मरीज
हल्की मेहनत में भी तकलीफ वाला हार्ट-फेल्युअर
ऑक्सीजन पर निर्भर फेफड़ों की बीमारी
• गंभीर लीवर सिरोसिस / लीवर फेल्युअर
• गंभीर मानसिक या न्यूरोलॉजिकल बीमारी वाले व्यक्ति
• डिमेंशिया (याददाश्त की बीमारी) से पीड़ित बुजुर्ग

गर्भवती महिलाएँ
गर्भावस्था के आखिरी 3 महीनों में
• या किसी भी समय हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी में

संक्रामक बीमारी वाले व्यक्ति
खुली टीबी
• वायरल हैमरेजिक फीवर
• कैंसर मरीज, जो कीमोथेरेपी या इम्यूनिटी कम करने वाला इलाज ले रहे हों

यह करना पड़ेगा
सभी हाजी और हज्जनों को फिर से नया मेडिकल फिटनेस बनाना होगा, जिसकी गाईड लाईन हज कमिटी बहुत जल्द जारी करेगी।

इनका कहना है
हज सफ़र के दौरान किसी भी हानि या उसके परिवार को कोई दिक्कत न हो, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य संबंधी नियम भी इसीलिए बनाए जा रहे हैं।
रफत वारसी
अध्यक्ष, मप्र राज्य हज कमेटी

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