बड़बोलेपन ने डाला प्रियंक को मुसीबत में… हो रहीं एक के बाद एक शिकायतें

पहले AI निर्मित तस्वीर, अब प्रताड़ना की एक दास्तां

भोपाल। अब तक एक कौम खास को लेकर टिप्पणियों की बारिश थी, सोचा था कि सरदार खुश होंगे और इनाम भी देंगे… लेकिन कुछ नया पाने की होड़ में लगी इस तेज दौड़ में वे अपनी पार्टी के लोगों को प्रतिद्वंद्वी बना बैठे। नतीजा एक ऐसे प्रकरण के रूप में सामने आया है कि अपने लोगों की नाराज़गी भी ओढ़कर बैठ गए हैं।मामला राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो से जुड़ा है। वैसे तो आयोग के संवैधानिक दायरों में रहते हुए उन्हें सीधे सियासी मामलों में पड़ना नहीं था। लेकिन प्रियंक कानूनगो ने एक कौम खास को टारगेट करते हुए जो बयानबाजी शुरू की तो वे यहां तक भी बोलते गए कि राजधानी की किसी विधानसभा को अपना ठिकाना बनाने की मंशा में घिरे दिखने लगे। मुस्लिम समाज के कई आंतरिक मामलों में वे दखलंदाजी करते दिखाई दिए। इन हालात से वे लोग विचलित भी हुए, जो बरसों से राजधानी में अपनी जमीन तैयार कर रहे हैं। ऐसे में किसी नए समीकरण पर सियासी खलबली का माहौल बन गया। जिसका नतीजा प्रियंक कानूनगो के खिलाफ शिकायतों के रूप में आया है। सूत्र बताते हैं कि इन सब हालात के पीछे कोई और नहीं, बल्कि उनकी अपनी ही पार्टी के लोग लगे हुए हैं।

भगवान को कर दिया कैद

मामला विदिशा जिले की त्योंदा तहसील के ग्राम कस्बा बांगरोद का बताया जा रहा है। यहां स्थित शासन संधारित अति प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर को लेकर उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो के भाई मयंक कानूनगो ने मंदिर पर ताला जड़ दिया है, जिससे भगवान कैद हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि मयंक कानूनगो मंदिर की मूर्तियों को हटवाकर राम जानकी मंदिर में रखवाने पर अड़े रहे जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। इस दौरान जमकर कहासुनी हुई। तब प्रशासनिक अधिकारी द्वारा नवीन पुजारी को व्यस्था सौंपकर मंदिर के ताले खुलवाए।

तुम्हारे पूरे परिवार का पता नहीं चलेगा… धमकीl

मंदिर के पुजारी लकी महाराज ने शिकायत की है कि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो द्वारा उन्हें और उनके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। वह धमकी दे रहे हैं कि तुम यह गांव और जमीन छोड़कर चले जाओ नहीं तो तुम्हारे पूरे परिवार का पता नहीं चलेगा। पुजारी ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रपति को भी की है।

पहले इस तरह किया था माहौल खराब

पिछले सप्ताह प्रियंक कानूनगो के खिलाफ कांग्रेस नेता औसाफ बबलू ने जहांगीराबाद थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि एक AI निर्मित तस्वीर के सहारे प्रियंक ने शहर का माहौल खराब करने की कोशिश की थी। इस तस्वीर में उन्होंने एक मंदिर को जेसीबी से तोड़ते हुए एक कौम खास के लोगों को दिखाया था।

सी.एम.हेल्पलाइन शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु थाना बैरसिया में लगाया गया समाधान शिविर

जीतेन्द्र सेन

बैरसिया।पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) पंकज कुमार पाण्डेय द्वारा जिले में लंबित सी.एम. हेल्पलाइन शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हेतु समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। उक्त निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) डॉ. नीरज चौरसिया के मार्गदर्शन में एसडीओपी बैरसिया वैशाली कराहलिया एवं थाना प्रभारी वीरेन्द्र सेन बैरसिया द्वारा थाना बैरसिया परिसर में सी.एम. हेल्पलाइन शिकायत निवारण शिविर आयोजित किया गया।

शिविर के दौरान 25 शिकायतकर्ताओं ने उपस्थित होकर अपनी समस्याएं एवं शिकायतें दर्ज कराईं। शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा संबंधित शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही की गई। पुलिस अधिकारियों द्वारा शिकायतकर्ताओं को उनकी शिकायतों की स्थिति से अवगत कराते हुए संतुष्टिपूर्ण निराकरण के प्रयास किये गये।भोपाल देहात पुलिस द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं बेहतर पुलिसिंग के उद्देश्य से इस प्रकार के शिविर लगातार आयोजित किये जा रहे हैं, जिससे जनता और पुलिस के मध्य विश्वास एवं संवाद को और अधिक सुदृढ किया जा सके।

कानून व्यवस्था,अपराध नियंत्रण एवं ऑनलाइन साइबर फ्रॉड पर सतर्कता अपनाएं – SP पंकज पाण्डेय

अधीक्षक द्वारा थाना गुनगा एवं थाना नजीराबाद का औचक निरीक्षण

जीतेन्द्र सेन

भोपाल। पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) पंकज कुमार पाण्डेय द्वारा ग्रामीण क्षेत्र का भ्रमण कर थाना गुनगा एवं थाना नजीराबाद का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दोनों थानों के पुलिस स्टाफ से परिचय प्राप्त कर थाना स्तर पर संचालित कार्यों, अपराध नियंत्रण संबंधी गतिविधियों एवं कानून व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली गई।निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना परिसर,अभिलेखों,लंबित प्रकरणों,मालखाना, रोजनामचा एवं प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों का अवलोकन किया गया।

साथ ही रात्रि गश्त, फरार आरोपियों की धरपकड़,वारंट तामीली एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बनाए रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पाण्डेय ने थाना स्टाफ को आमजन के प्रति संवेदनशील एवं जनसेवा की भावना से कार्य करते हुए शिकायतों पर त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की सतत उपस्थिति एवं प्रभावी गश्त से अपराधों पर नियंत्रण के साथ आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है।इसके अतिरिक्त ऑनलाइन साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक,ओटीपी धोखाधड़ी एवं सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने तथा साइबर संबंधी शिकायतों पर तत्काल कार्यवाही करने हेतु भी निर्देश दिए गए।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस का प्राथमिक उद्देश्य आमजन में सुरक्षा, विश्वास एवं कानून के प्रति भरोसे का वातावरण स्थापित करना है, जिसके लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण निष्ठा, सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।

कलाकार भी पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद गंभीर : शिवराज

मंच कलाकार अदनान खान ने पूर्व मुख्यमंत्री के अभियान में दिया योगदान

भोपाल। पर्यावरण संरक्षण और इसके विकास एवं विस्तार के लिए लगातार काम जारी रहना चाहिए। हर इंसान की इसके लिए ज़िम्मेदारी है। रंगमंच से लेकर सुनहरी पर्दे तक से बेहतर समाज और उज्ज्वल भविष्य के लिए संदेश देने वाले कलाकार भी इस दिशा में अपनी कोशिशें जारी रखे हुए हैं। उम्मीद की जाना चाहिए कि हर मामले में इनको फालो करने वाले इनके लाखों फॉलोअर्स इस भलाई की दिशा को भी चुनेंगे।केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पर्यावरण को लेकर किए जाने वाले हरदिन पौधारोपण में रविवार को रंगमंच के वरिष्ठ कलाकार अदनान खान ने हिस्सा लिया। उन्होंने राजधानी भोपाल में शिवराज के साथ पौधा लगाया और इसको फलने फूलने में और सतत देखभाल का भी संकल्प लिया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज ने अदनान का स्वागत किया। उन्होंने अदनान के इस सहयोग का धन्यवाद भी किया।

5 साल का अभियान

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पौधारोपण की शुरुआत 19 फरवरी 2021 को अमरकंटक से हुई थी। इसके तहत वे प्रतिदिन एक पौधा लगाते हैं और आम जनता से भी अपने जन्मदिन या वर्षगांठ जैसे विशेष अवसरों पर पेड़ लगाने की अपील करते हैं।

शिवराज का प्रयास

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अभियान को अधिक विकसित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे अधिक से अधिक नागरिक इस पहल से जुड़ सकें। उन्होंने संतों, मनीषियों, सामाजिक संगठनों और पर्यावरणविदों से भी अपने प्रवचनों और अभियानों के माध्यम से पौधारोपण के लिए जन-जन को प्रेरित करने का आह्वान किया।

भाजपा में पदों को लेकर बढ़ी बेचैनी, इंदौर-भोपाल विकास प्राधिकरण समेत कई बड़े पद अब भी खाली

भोपाल। मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों और विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर भाजपा के भीतर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। करीब 70 पदों पर नियुक्तियां होने के बाद अब भी 150 से ज्यादा नेताओं की नजर बाकी खाली पदों पर टिकी हुई है। पार्टी के अंदर वरिष्ठ नेताओं से लेकर क्षेत्रीय पदाधिकारियों तक में समायोजन को लेकर जबरदस्त बेचैनी देखी जा रही है।सूत्रों के मुताबिक ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे कई विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियां हो चुकी हैं, लेकिन भोपाल, इंदौर, खजुराहो और ओरछा विकास प्राधिकरण सहित कई अहम संस्थानों में अब तक नाम तय नहीं हो पाए हैं। यही वजह है कि संगठन और सत्ता के गलियारों में लगातार लॉबिंग और खींचतान की चर्चाएं चल रही हैं।राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने फिलहाल नियुक्तियों की प्रक्रिया पर कुछ समय के लिए विराम के संकेत दिए हैं। बताया जा रहा है कि लगातार बढ़ती अंदरूनी नाराजगी और संगठनात्मक संतुलन को देखते हुए पार्टी अब सावधानी से कदम बढ़ाना चाहती है।वहीं पार्टी के भीतर प्रदेश कार्यसमिति को लेकर भी मंथन जारी है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश नेतृत्व के बीच कई दौर की बैठकों में संभावित नामों पर चर्चा हो चुकी है, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम सहमति का इंतजार किया जा रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निगम-मंडलों की नियुक्तियां केवल प्रशासनिक फैसले नहीं होतीं, बल्कि संगठनात्मक शक्ति संतुलन का बड़ा माध्यम भी होती हैं। ऐसे में हर नियुक्ति के पीछे क्षेत्रीय समीकरण, जातीय संतुलन और राजनीतिक वफादारी का गणित भी जुड़ा रहता है।प्रदेश भाजपा में अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि अगली सूची में किन नेताओं को मौका मिलता है और किनकी राजनीतिक नाराजगी और बढ़ती है।

इंसाफ की मांग करने वाले ही कटघरे में…

आयोग सदस्य कानूनगो की शिकायत

भोपाल। वैसे जिम्मेदारी तो उन्हें मानवों के अधिकार की सुरक्षा की दी गई। चिंता वे सियासत की बहती धारा में हाथ धोने की कर रहे हैं। लागतार बयानों और क्रियाकलाप में खुद को हिंदूवादी बताने के प्रयास कर रहे हैं। इन कोशिशों में मुस्लिम समाज को भी अपना लक्ष्य उन्होंने बना लिया है। राजधानी भोपाल के एक मामले को गलत तरीके से पेश करते हुए वैमनस्यता फैलाने की हिमाकत उन्होंने कर दी है। जिसे लेकर समाज का एक धड़ा नाराज है और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करा आया है।

मामला राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो से जुड़ा है। जिन्हें लेकर राजधानी भोपाल में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता औसाफ बबलू और साथियों ने पुलिस को लिखित आवेदन दिया है। जिसमें कहा गया है कि आयोग सदस्य कानूनगो ने एकएआई जनरेटेड भ्रामक पोस्ट से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की है। उन्होंने इस मामले में भोपाल पुलिस से सख्त कार्यवाही की मांग की है।

यह है मामला

मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म फेसबुक पर एक कथित एआई जनरेटेड तस्वीर साझा की गई है। जिसको लेकर शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने गंभीर आपत्ति व्यक्त की है।वायरल तस्वीर में संत रविदास मंदिर के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों को टोपी पहने हुए तथा जेसीबी मशीन के साथ मंदिर तोड़ते हुए दर्शाया गया है। साथ ही मंदिर के समीप मस्जिद को भी दिखाया गया है। आपत्ति करने वालों का कहना है कि यह तस्वीर पूरी तरह काल्पनिक, भ्रामक और सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाली है, जिसका उद्देश्य शहर की शांति और भाईचारे को प्रभावित करना प्रतीत होता है।*सब कुछ काल्पनिक*सामाजिक प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम समाज का न तो इस कथित घटना से कोई संबंध है और न ही समुदाय का कोई व्यक्ति जेसीबी मशीन लेकर वहाँ पहुँचा था। यदि किसी निर्माण या संरचना को हटाने का प्रस्ताव है, तो वह मेट्रो परियोजना अथवा अन्य शासकीय विकास कार्यों के अंतर्गत प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। ऐसे मामलों को किसी विशेष समुदाय से जोड़कर प्रस्तुत करना दुर्भावनापूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना कदम माना जा रहा है।

बताया शांति को खतरा

शिकायतकर्ता का कहना है कि सबंधित व्यक्ति आयोग के पद पर बैठ कर एक समुदाय विशेष के खिलाफ दूसरे समुदायों को भड़का रहा है फेसबुक पेज https://www.facebook.com/share/18Zxshkptp/जबकि संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह समाज में विश्वास, शांति और सद्भाव को मजबूत करे। बिना सत्यापन के भ्रामक सामग्री साझा करना न केवल पद की गरिमा के प्रतिकूल है, बल्कि इससे सामाजिक तनाव भी बढ़ सकता है।

उठी कार्यवाही की मांग

शिकायतकर्ता ओसाफ बबलू द्वारा जहांगीराबाद थाना में एक शिकायती आवेदन प्रस्तुत कर मांग की है कि पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी आदेश के अनुसार एआई जनरेटेड और भ्रामक सामग्री के माध्यम से समाज में तनाव फैलाने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति भोपाल की गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक सौहार्द से खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।===============

मैं घोर सनातनी, भोजशाला फैसले से कोई विरोध नहीं: दिग्विजय

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का एक वार्तालाप शनिवार को सोशल मीडिया पर जमकर वायरल रहा। भाजपा नेत्री ऊषा ठाकुर के साथ बातचीत के इस वीडियो में वे सनातन पर जमकर ज्ञान दे रहे हैं और खुद को पक्का सनातनी भी करार दे रहे हैं। इस बातचीत में उन्होंने धार स्थित कमाल मौला मस्जिद को लेकर दिए गए अदालत के फैसले से भी सहमति जताई।वीडियो किसी कार्यक्रम का बताया जा रहा है। जिसमें दिग्विजय सिंह शामिल थे। यहां भाजपा नेत्री ऊषा ठाकुर भी दिखाई दे रही हैं। ऊषा ने दिग्विजय सिंह को अपना भाई करार दिया। इस पर दिग्विजय ने खुलकर कहा कि वे घोर सनातनी हैं और उनके बाद ही भाजपा ने इसको अपना मुद्दा बनाया। उन्होंने ठाकुर से सवाल भी किया कि क्या उन्होंने नर्मदा परिक्रमा की है या उपवास व्रत का पालन करती हैं। इस बीच जब ऊषा ठाकुर ने दिग्विजय से कहा कि आपको हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए तो दिग्विजय ने जवाब दिया कि ऐसा किसने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ हैं?

चल पड़ी सियासत

दिग्विजय और ऊषा की इस वार्तालाप से उस बात को बल मिल गया है, जिसमें कहा जाता है सभी राजनीतिक जन आपस में बेहतर रिश्ते रखते हैं। उनकी लड़ाई मंच और पोस्टरों पर ही दिखाई देती है।

एक पक्ष में खुशी, दूसरा मायूस

कांग्रेस के दिग्गज और वरिष्ठ नेता का इस तरह खुलेआम चर्चा करना कुछ लोगों के लिए पीड़ा का कारण बन गया है। खासकर उनके लिए जिनसे 80 प्रतिशत वोटों की अपेक्षा की जाती है। इसी बात पर सामने वाली पार्टी उन्हें खुलकर गाली बक रही है। इसके विपरीत वे लोग इस मुलाकात और बातचीत के बिंदुओं से खुश भी हैं, जिनके लिए हमेशा यह चर्चा रही है कि दिग्विजय जब भी कुछ करते हैं, उससे कांग्रेस का नुकसान और भाजपा का फायदा हुआ है।

एक शायर : 40 बरस से कर रहा दुनिया में भारत का नाम रौशन

1987 में पढ़ा पहला अंतरराष्ट्रीय मुशायरा

दुनिया के पहले शायर मंजर भोपाली, जिन्हें अमेरिका ने दी है मानद नागरिकता

खान आशु
भोपाल। शायर न होते तो वह एक अच्छे हॉकी खिलाड़ी होते या कहीं सरकारी मुलाजमत कर रहे होते। लेकिन किस्मत ने पैर में यायावरी का भंवरा डाल रखा था, एक दिन हॉकी का शौक और लगी लगाई पोस्ट ऑफिस की सरकारी नौकरी ताक पर रख आए। अपने अंदर छुपे शायर को जिंदा किया, और देवास छोटे मंच से जो शुरुआत हुई तो आधी दुनिया के मंचों की कामयाबी की गारंटी बन गए।
अंतर्राष्ट्रीय शायर मंजर भोपाली ने अपनी शायरी के 50 बरस पूरे कर लिए हैं और इनमें भी उनका 40 सालों का साथ अंतरराष्ट्रीय मुशायरों से जुड़ा हुआ है।
1987 में जब पहली बार करांची के एक अंतरराष्ट्रीय मुशायरे का दावतनामा हाथ लगा तो उस समय न अंतरराष्ट्रीय तहज़ीब साथ थी, न बदन पर तरीके के कपड़े और न विदेश यात्रा करने के लिए पासपोर्ट। साथी शायर मरहूम डॉ. राहत इंदौरी और अंजुम रहबर भी पासपोर्ट न होने के अवसाद में थे, तीनों ने मिलकर पासपोर्ट बनवाया और इस 20/29 दिन के प्रोग्राम में शिरकत की। उस पहली विदेश यात्रा को लेकर मंजर कहते हैं कि दुनिया के तमाम बड़े शायरों की मौजूदगी वाली इस महफिल में उन्हें जो शेर सुनाने के लिए कहा गया था, मंच पर जाकर उसको ही भूल गए। हिम्मत बटोरकर उन्होंने एक कंठस्थ शेर
‘कोई बचने का नहीं
सबका पता जानती है
किस तरफ आग लगाना है
हवा जानती है…!’
सुना दिया, जो उस मंच पर काफी पसंद किया गया।

अमेरिका जा चुके 38 बार
अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मंजर भोपाली की मकबूलियत बढ़ी तो वे इन चालीस सालों में आधी दुनिया नाप चुके हैं। अमेरिका के अलग अलग शहरों में करीब 38 बार अपनी आमद दर्ज करवाकर करीब 600/700 प्रोग्राम का हिस्सा बन चुके हैं। भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के वे ऐसे इकलौते हिंदी या उर्दू के शायर कहे जा सकते हैं, जिन्हें अमेरिका ने मानद नागरिकता प्रदान की है।

इन देशों का लगाया फेरा
अमेरिका की 38 यात्राओं का दंभ रखने वाले मंजर भोपाली
केनेड़ा, ऑस्ट्रेलिया, नार्वे, इंग्लैंड, एम्सतर्डन, मलेशिया, सऊदी अरब, यूएई, सल्तनत ए ओमान, दोहा क़तर, पाकिस्तान, अफ्रीका, ईरान, कुवैत, सिंगापुर के मंच भी गुलजार कर चुके हैं।

अब रुख ब्रिटानिया का
शायर मंजर भोपाली ने बताया कि जुलाई माह में दो सप्ताह की विदेश यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान वे इंग्लैंड, फ्रांस और जर्मन में मुशायरों की महफिल की रौनक बनेंगे।

सुनने वाले अच्छे हो तो सुनाने का मज़ा: मंजर
मंजर भोपाली बताते हैं कि दुनिया के किसी भी कोने में होने वाली मुशायरा महफिल हैदराबाद, अलीगढ़, कराची के लोगों की मौजूदगी के बिना पूरी भी नहीं होती और निखर भी नहीं पाती। वे कहते हैं सुनाने वाले शायर को अपना कलाम सुनाने का उत्साह तभी आता है, जब सुनने वाले उसी शिद्दत के साथ मौजूद हों। मंजर कहने से नहीं चूकते कि वे बड़े शायर नहीं हैं, लेकिन लोगों ने उन्हें वह मुकाम दे दिया है। डॉ. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, बशीर बद्र या प्रो वसीम बरेलवी की मंचीय गैरमौजूदगी ने उनके लिए जिम्मेदारियां बढ़ा दी हैं, यह मंजर भोपाली का मानना है।

‘ज्ञान’ से ‘ज्ञानी’ तक… मप्र बजट में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के साथ इंडस्ट्री पर भी जोर…!

खान आशु
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ज्ञान’ (GYAN) का लक्ष्य लेकर समग्र समाज के विकास, विस्तार और बेहतरी की बात रखी थी। इसी ‘ज्ञान’ (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) को केंद्र में रखकर विकास योजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। मप्र भी इसी गति पर कदमताल कर रहा है। बुधवार को पेश किए गए बजट में इस ‘ज्ञान’ को ‘ज्ञानी’ तक विस्तार दिया गया है। ‘ज्ञान’ के गर्भ में छिपे चारों वर्गों के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को भी इस बजट में तरजीह दी गई है।
बुधवार को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश किए गए 4 लाख, 38 हजार, 317 करोड़ रुपए के बजट में जहां मूलभूत सुविधाओं को जगह दी गई है, वहीं विकास के लिए आवश्यक क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी सेवाओं को इस बजट से राहत है तो नारी सशक्तिकरण के विभिन्न आयाम भी छूने की कोशिश की गई है। मजदूर और बेरोजगार भी खुद को इस बजट बारिश में तर पा रहे हैं।

ज्ञान सूत्र
प्रस्तुत हुए प्रदेश के बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्ञान सूत्र गरीब के कल्याण की उन योजनाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं, जो उसके लिए इस श्रेणी से बाहर निकलकर जीने की राह देते हैं। सस्ता अनाज, रियायती घरेलू गैस, पक्के मकान जैसी सुविधाओं का इसमें समावेश है। देश के युवा के शिक्षा, उच्च शिक्षा से लेकर स्पोर्ट्स गतिविधियों को इस बजट में शामिल किया गया है। साथ ही कृषिप्रधान इस देश को गति देने वाले किसान भी इस बजट में कई तरह से लाभांवित होते नजर आ रहे हैं। सिंचाई के माकूल प्रबंध, सौर ऊर्जा के जरिए बिजली खर्च की बचत, उन्नत खाद और बीज एवं बिक्री का उचित दाम उन्हें मिलेगा, ऐसी व्यवस्था यहां कर दी गई है। यह बजट नारी सशक्तिकरण के विभिन्न आयाम भी छूने जैसा है, जिसमें महिलाओं को राहत देने वाला बहुत कुछ शामिल किया गया है।

और ऐसे हुआ ज्ञानी
मप्र सरकार ने अपनी ज्ञान सूत्र प्रतिबद्धता में इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को भी शामिल कर लिया है। अब तक किए जा रहे प्रयासों को विस्तार देते हुए अब प्रदेश में तेजी से फैल रहे उद्योग को और अधिक प्रभावी बनाने के जतन इस बजट व्यवस्था से हो रहे हैं। विभिन्न स्तर पर किए गए निवेश प्रयासों को मूर्त रूप देने के लिए ज्ञान सूत्र की ज्ञानी तक ले जाने की कोशिश की गई है।

क्या कहते हैं मुखिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बजट पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के संकल्प के साथ आज मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के संकल्प में हमारी सरकार ने आई भी जोड़ा है। वर्ष 2026-27 का बजट ज्ञानी (GYA NII) के मार्गदर्शी सिद्धांत पर है। सीएम मोहन ने कहा कि इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर दो दिखते हैं। यह देश का पहला बजट है, जो रोलिंग बजट है। इस बजट के जरिए अगले दो साल के डेवलपमेंट का ब्लूप्रिंट खींचा जाएगा। अमृतकाल 2047 के लिए डेवलपमेंट का पैमाना बनाया गया है।

इसी को कहते हैं मक्खन मीडिया…

चकरघिन्नी.कॉम
खान आशु

मीडिया के लिए लोगों के मन खटास ऐसे ही नहीं भर गई… जब एक नेशनल न्यूज चैनल जेफ्री एपस्टीन जैसे नर पिशाच को संत साबित करने पर आमादा हो जाए, तो यह खटास और गहरी हो जाती है…!
चंद सेकंड का एक वीडियो एक महिला एंकर ने सोशल मीडिया पर अपडेट किया है….! इस महिला को छोटी, मासूम और खिलौनों से खेलने की उम्र की बच्चियों की चीत्कार सुनाई नहीं दी…! उसकी आंखों के सामने दुनिया के वह नामवर लोग भी नहीं लहराए जिन्होंने हैवानियत की हदें पार कर दीं…! उसको दिखा तो एक संत समान हैवान एपस्टीन, जिसने शिक्षा जैसे पवित्र पेशे को भी दागदार कर दिया…! अपनी लालच की पराकाष्ठा ने उसे हर बुरा काम करने से जोड़ दिया…! मासूमों का बचपन छीनने से लेकर उनका मांस खाने तक का दोषी इस महिला एंकर को संत समान लग रहा है…!
गोदी मीडिया, मक्खन मीडिया, झोला मीडिया इसीलिए सचेत किया गया है कि अप्सटीन फाइल्स की आग हमारे देश के चमकते चेहरों को दागदार न कर दे…! झूठ को सच कहना, जोर जोर से कहना, तब तक कहते रहना जब तक सच न मान लिया जाए… की थीम पर लगे लोग जमे हैं और तरक्की की फसल(?) काट रहे हैं…!

पुछल्ला
नई नहीं आई है महंगाई
अंदर हंगामा भरा था। बाहर भी शोर। मसला मंहगाई का। गैस सिलेंडर की कीमत बहुत ज्यादा है। विपक्ष में बैठे हैं, तो कोई मुद्दा तो उछालना पड़ेगा। लेकिन विरोध के स्वरों में इसको भुला दिया गया कि मंहगाई देश में किसी सियासी दल ने आयात नहीं की है, बल्कि यह तब भी अपना सुर सुनाती थी, जब वे सत्ताधीश हुआ करते थे।

17/02/2026

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