पहले AI निर्मित तस्वीर, अब प्रताड़ना की एक दास्तां
भोपाल। अब तक एक कौम खास को लेकर टिप्पणियों की बारिश थी, सोचा था कि सरदार खुश होंगे और इनाम भी देंगे… लेकिन कुछ नया पाने की होड़ में लगी इस तेज दौड़ में वे अपनी पार्टी के लोगों को प्रतिद्वंद्वी बना बैठे। नतीजा एक ऐसे प्रकरण के रूप में सामने आया है कि अपने लोगों की नाराज़गी भी ओढ़कर बैठ गए हैं।मामला राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो से जुड़ा है। वैसे तो आयोग के संवैधानिक दायरों में रहते हुए उन्हें सीधे सियासी मामलों में पड़ना नहीं था। लेकिन प्रियंक कानूनगो ने एक कौम खास को टारगेट करते हुए जो बयानबाजी शुरू की तो वे यहां तक भी बोलते गए कि राजधानी की किसी विधानसभा को अपना ठिकाना बनाने की मंशा में घिरे दिखने लगे। मुस्लिम समाज के कई आंतरिक मामलों में वे दखलंदाजी करते दिखाई दिए। इन हालात से वे लोग विचलित भी हुए, जो बरसों से राजधानी में अपनी जमीन तैयार कर रहे हैं। ऐसे में किसी नए समीकरण पर सियासी खलबली का माहौल बन गया। जिसका नतीजा प्रियंक कानूनगो के खिलाफ शिकायतों के रूप में आया है। सूत्र बताते हैं कि इन सब हालात के पीछे कोई और नहीं, बल्कि उनकी अपनी ही पार्टी के लोग लगे हुए हैं।
भगवान को कर दिया कैद
मामला विदिशा जिले की त्योंदा तहसील के ग्राम कस्बा बांगरोद का बताया जा रहा है। यहां स्थित शासन संधारित अति प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर को लेकर उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो के भाई मयंक कानूनगो ने मंदिर पर ताला जड़ दिया है, जिससे भगवान कैद हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि मयंक कानूनगो मंदिर की मूर्तियों को हटवाकर राम जानकी मंदिर में रखवाने पर अड़े रहे जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। इस दौरान जमकर कहासुनी हुई। तब प्रशासनिक अधिकारी द्वारा नवीन पुजारी को व्यस्था सौंपकर मंदिर के ताले खुलवाए।
तुम्हारे पूरे परिवार का पता नहीं चलेगा… धमकीl
मंदिर के पुजारी लकी महाराज ने शिकायत की है कि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो द्वारा उन्हें और उनके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। वह धमकी दे रहे हैं कि तुम यह गांव और जमीन छोड़कर चले जाओ नहीं तो तुम्हारे पूरे परिवार का पता नहीं चलेगा। पुजारी ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रपति को भी की है।
पहले इस तरह किया था माहौल खराब
पिछले सप्ताह प्रियंक कानूनगो के खिलाफ कांग्रेस नेता औसाफ बबलू ने जहांगीराबाद थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि एक AI निर्मित तस्वीर के सहारे प्रियंक ने शहर का माहौल खराब करने की कोशिश की थी। इस तस्वीर में उन्होंने एक मंदिर को जेसीबी से तोड़ते हुए एक कौम खास के लोगों को दिखाया था।
