इंसाफ की मांग करने वाले ही कटघरे में…

आयोग सदस्य कानूनगो की शिकायत

भोपाल। वैसे जिम्मेदारी तो उन्हें मानवों के अधिकार की सुरक्षा की दी गई। चिंता वे सियासत की बहती धारा में हाथ धोने की कर रहे हैं। लागतार बयानों और क्रियाकलाप में खुद को हिंदूवादी बताने के प्रयास कर रहे हैं। इन कोशिशों में मुस्लिम समाज को भी अपना लक्ष्य उन्होंने बना लिया है। राजधानी भोपाल के एक मामले को गलत तरीके से पेश करते हुए वैमनस्यता फैलाने की हिमाकत उन्होंने कर दी है। जिसे लेकर समाज का एक धड़ा नाराज है और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करा आया है।

मामला राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो से जुड़ा है। जिन्हें लेकर राजधानी भोपाल में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता औसाफ बबलू और साथियों ने पुलिस को लिखित आवेदन दिया है। जिसमें कहा गया है कि आयोग सदस्य कानूनगो ने एकएआई जनरेटेड भ्रामक पोस्ट से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की है। उन्होंने इस मामले में भोपाल पुलिस से सख्त कार्यवाही की मांग की है।

यह है मामला

मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म फेसबुक पर एक कथित एआई जनरेटेड तस्वीर साझा की गई है। जिसको लेकर शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने गंभीर आपत्ति व्यक्त की है।वायरल तस्वीर में संत रविदास मंदिर के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों को टोपी पहने हुए तथा जेसीबी मशीन के साथ मंदिर तोड़ते हुए दर्शाया गया है। साथ ही मंदिर के समीप मस्जिद को भी दिखाया गया है। आपत्ति करने वालों का कहना है कि यह तस्वीर पूरी तरह काल्पनिक, भ्रामक और सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाली है, जिसका उद्देश्य शहर की शांति और भाईचारे को प्रभावित करना प्रतीत होता है।*सब कुछ काल्पनिक*सामाजिक प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम समाज का न तो इस कथित घटना से कोई संबंध है और न ही समुदाय का कोई व्यक्ति जेसीबी मशीन लेकर वहाँ पहुँचा था। यदि किसी निर्माण या संरचना को हटाने का प्रस्ताव है, तो वह मेट्रो परियोजना अथवा अन्य शासकीय विकास कार्यों के अंतर्गत प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। ऐसे मामलों को किसी विशेष समुदाय से जोड़कर प्रस्तुत करना दुर्भावनापूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना कदम माना जा रहा है।

बताया शांति को खतरा

शिकायतकर्ता का कहना है कि सबंधित व्यक्ति आयोग के पद पर बैठ कर एक समुदाय विशेष के खिलाफ दूसरे समुदायों को भड़का रहा है फेसबुक पेज https://www.facebook.com/share/18Zxshkptp/जबकि संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह समाज में विश्वास, शांति और सद्भाव को मजबूत करे। बिना सत्यापन के भ्रामक सामग्री साझा करना न केवल पद की गरिमा के प्रतिकूल है, बल्कि इससे सामाजिक तनाव भी बढ़ सकता है।

उठी कार्यवाही की मांग

शिकायतकर्ता ओसाफ बबलू द्वारा जहांगीराबाद थाना में एक शिकायती आवेदन प्रस्तुत कर मांग की है कि पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी आदेश के अनुसार एआई जनरेटेड और भ्रामक सामग्री के माध्यम से समाज में तनाव फैलाने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति भोपाल की गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक सौहार्द से खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।===============

मैं घोर सनातनी, भोजशाला फैसले से कोई विरोध नहीं: दिग्विजय

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का एक वार्तालाप शनिवार को सोशल मीडिया पर जमकर वायरल रहा। भाजपा नेत्री ऊषा ठाकुर के साथ बातचीत के इस वीडियो में वे सनातन पर जमकर ज्ञान दे रहे हैं और खुद को पक्का सनातनी भी करार दे रहे हैं। इस बातचीत में उन्होंने धार स्थित कमाल मौला मस्जिद को लेकर दिए गए अदालत के फैसले से भी सहमति जताई।वीडियो किसी कार्यक्रम का बताया जा रहा है। जिसमें दिग्विजय सिंह शामिल थे। यहां भाजपा नेत्री ऊषा ठाकुर भी दिखाई दे रही हैं। ऊषा ने दिग्विजय सिंह को अपना भाई करार दिया। इस पर दिग्विजय ने खुलकर कहा कि वे घोर सनातनी हैं और उनके बाद ही भाजपा ने इसको अपना मुद्दा बनाया। उन्होंने ठाकुर से सवाल भी किया कि क्या उन्होंने नर्मदा परिक्रमा की है या उपवास व्रत का पालन करती हैं। इस बीच जब ऊषा ठाकुर ने दिग्विजय से कहा कि आपको हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए तो दिग्विजय ने जवाब दिया कि ऐसा किसने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ हैं?

चल पड़ी सियासत

दिग्विजय और ऊषा की इस वार्तालाप से उस बात को बल मिल गया है, जिसमें कहा जाता है सभी राजनीतिक जन आपस में बेहतर रिश्ते रखते हैं। उनकी लड़ाई मंच और पोस्टरों पर ही दिखाई देती है।

एक पक्ष में खुशी, दूसरा मायूस

कांग्रेस के दिग्गज और वरिष्ठ नेता का इस तरह खुलेआम चर्चा करना कुछ लोगों के लिए पीड़ा का कारण बन गया है। खासकर उनके लिए जिनसे 80 प्रतिशत वोटों की अपेक्षा की जाती है। इसी बात पर सामने वाली पार्टी उन्हें खुलकर गाली बक रही है। इसके विपरीत वे लोग इस मुलाकात और बातचीत के बिंदुओं से खुश भी हैं, जिनके लिए हमेशा यह चर्चा रही है कि दिग्विजय जब भी कुछ करते हैं, उससे कांग्रेस का नुकसान और भाजपा का फायदा हुआ है।

8वीं तक school की मान्यता और 12वीं तक के बच्चों को दे दिया एडमिशन !

अंधकार में 2 दर्जन बच्चों का भविष्य,INDORE में मात्र 600 वर्गफीट में बनी इमारत में चल रहा था स्कूल

अमित सेन
8085661177

स्कूल प्राचार्य और संचालक पुलिस की गिरफ्त में। स्कूल (School) के फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब स्कूल संचालन ने 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को परीक्षा का रोल नंबर जारी नहीं किया।
दो दर्जन से अधिक विद्यार्थियों को माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा से वंचित करने वाला जय गुरुकुल एकेडमी स्कूल मात्र 600 वर्गफीट में बनी इमारत में संचालित हो रहा है।
शिक्षा विभाग ने स्कूल को आठवीं तक की मान्यता दे दी।
स्कूल संचालक ने बिना मान्यता के ही नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को नियमित प्रवेश देकर पढ़ाया।
2 दर्जन से अधिक विद्यार्थियों को माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा से वंचित करने वाला जय गुरुकुल एकेडमी स्कूल मात्र 600 वर्गफीट में बनी इमारत में संचालित हो रहा है। स्कूल के पास खेल मैदान तक नहीं है। बावजूद शिक्षा विभाग ने स्कूल को आठवीं तक की मान्यता दे दी । स्कूल संचालक ने बिना मान्यता के ही नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को नियमित प्रवेश देकर पढ़ाया। फीस वसूलने के बाद भी विद्यार्थियों का परीक्षा फार्म नहीं भरा। शिकायत के बाद स्कूल प्राचार्य और संचालक पुलिस की गिरफ्त में हैं स्कूल के फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब स्कूल संचालन ने 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को परीक्षा का रोल नंबर जारी नहीं किया। फीस भरने के बाद महीनेभर से विद्यार्थी रोल नंबर जारी करने की मांग कर रहे थे, लेकिन स्कूल संचालक द्वारा भ्रमित किया जा रहा था। पालक मानसिंह ने बताया कि स्कूल संचालक द्वारा 10वीं के विद्यार्थियों से 10 हजार और 12वीं के विद्यार्थियों से 12 हजार रुपये बतौर परीक्षा शुल्क वसूल किया गया था, लेकिन परीक्षा फार्म तक जमा नहीं किए गए। हमारे बच्चों का एक साल बर्बाद हो गया है। हमें तो यह भी नहीं पता था कि स्कूल की मान्यता आठवीं तक ही है। सभी बच्चे परीक्षा देने जा रहे हैं, हमारे बच्चे उदास बैठे है।

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मान्यता पर खड़े हुए सवाल
जय गुरुकुल एकेडमी स्कूल के पास आठवीं तक की मान्यता है, जबकि स्कूल भवन के लिए कम से कम 1500 वर्गफीट जमीन की जरूरत होती है। जिला परियोजना समन्वयक शांता स्वामी भार्गव ने बताया कि स्कूल की मान्यता की जांच की जा रही है। नियम विरुद्ध मिलने पर माान्यता निरस्त कर दी जाएगी।

पूरा साल खराब हो गया
इस स्कूल के 24 विद्यार्थी 10वीं और 12वीं की परीक्षा से वंचित रह गए हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि हम प्रदेश सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि हमें कैसे भी करके परीक्षा में शामिल कर ले, नहीं तो पूरा साल खराब हो जाएगा।

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दूसरे स्कूल से भरा जाता था फार्म
सूत्रों के अनुसार जय गुरुकुल एकेडमी द्वारा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के फार्म बाणगंगा स्थित राय एकेडमी से भरे जाते थे। जय गुरुकुल एकेडमी के विद्यार्थी राय एकेडमी के विद्यार्थी के रूप में परीक्षा देते थे, लेकिन इस बार फार्म राय एकेडमी पहुंचे ही नहीं।

डीबी मॉल में MP Police के गौरवशाली बैंड दल ने दी संगीतमय प्रस्तुति

Bhopal के डीबी मॉल में 20 जनवरी को शाम 7 बजे से प्रारंभ कार्यकम में MP Police ब्रास बैंड के सदस्यों ने प्रसिद्ध ‘भजन ऐ मालिक तेरे बंदे हम की धुन से शुरुआत की। इसके पश्चात जय हो, ऐ मेरे वतन को लोगों, तेरी मिट्टी में मिल जावां, लहरा दो सरकशीं का परचम लहरा दो, दिल दिया है जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए जैसे देशप्रेम से ओतप्रोत धुनों की प्रस्तुति दी गई। दर्शकों की मांग पर मेरे सवालों का जवाब दो, जिमी जिमी आजा-आजा, जमाल कुडु, हंसता हुआ नूरानी चेहरा, हम बंजारों की बात मत पूछो आदि फिल्मी गीतों कीभी प्रस्तुति दी गई। प्रसिद्ध भजन सजा दो घर को गुलशन सा की धुन बजने पर सभी उपस्थितजन उत्साह से भर उठे।

21 जनवरी को शाम 5 बजे बोट क्लब पर होगा आयोजन

भोपाल के बोट क्लब पर भी 21 जनवरी को शाम 5 बजे से कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भी सातवीं वाहिनी के पुलिस ब्रास बैंड के दल द्वारा देशभक्ति से भरपूर गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम का MP Police के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर भी सजीव प्रसारण किया जाएगा।

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