भोपाल। रंगमंच संस्था सेवन कलर्स कल्चरल एंड वेलफेयर सोसायटी अपनी एक नई प्रस्तुति के साथ हाजिर हो रही है। संस्था की नाट्य प्रस्तुति “ओरछा के राम” का आयोजन 18 फरवरी को होगा। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की सांस्कृतिक समारोह एवं प्रस्तुति अनुदान योजना के अंतर्गत किए जाने वाले इस नाटक का राजधानी में पहला मंचन है। संस्था सेवन कलर्स के पदाधिकारियों ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम से जुड़ी ये बहु संदेशीय प्रस्तुति दर्शकों को जरूर पसंद आएगी। इस कहानी में भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम के लिए आस्थाओं में बहते राजा और रानी की भावनाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि नाटक ओरछा के राम का मंचन रंगश्री लिटिल बैलेट ट्रूप ऑडिटोरियम में 18 फरवरी की शाम 6.30 बजे किया जाएगा। जिसमें सभी दर्शकों के लिए प्रवेश खुला रहेगा।
खजुराहो।आर्कियोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) विश्व प्रसिद्ध खजुराहो के मंदिरों के रखरखाव का काम कर रहा है। हर 10 साल में ASI का साइंस डिपार्टमेंट मंदिरों के पत्थरों पर एक खास तरह के केमिकल का छिड़काव करता है, ताकि मंदिर के पत्थरों की चमक बरकरार रहे, लेकिन इसके उल्टे नतीजे दिखाई दे रहे हैं। एएसआई जिस केमिकल का इस्तेमाल कर रहा है वह मंदिरों की सुंदरता को खराब रहा है। कई जगहों पर मूर्तियों की ऊपरी परत खराब होकर सफेद पड़ गई है। केमिकल एक्सपर्ट का कहना है कि मंदिर बलुआ पत्थर (सेंड स्टोन) से बने हैं। इनके रखरखाव के लिए जो केमिकल इस्तेमाल हो रहा है वो क्षारीय (बेस) प्रकृति का है। एएसआई के अधिकारियों का कहना है कि रखरखाव का काम उनकी साइंस विंग करती है। जिस केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है वो पूरी तरह से जांचा परखा है।
10 साल में एक बार होती है पत्थरों की सफाई
यूनेस्को के विश्व धरोहर में शामिल खजुराहो के मंदिर बलुआ और ग्रेनाइट पत्थरों से बने हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (आर्कियोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया) 10 साल में एक बार इनकी सफाई करता है। इसके लिए खास तरह के केमिकल का इस्तेमाल होता है। इस केमिकल से काले पड़ चुके पत्थरों की सफाई होती है। इसकी एक पूरी प्रक्रिया है। एक मंदिर की सफाई में करीब 2 साल का वक्त लगता है। यहां 25 मंदिर हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो हर दिन किसी ना किसी मंदिर की सफाई का काम एएसआई की तरफ से किया जाता है। इस समय मतंगेश्वर मंदिर में सफाई का काम चल रहा है।
मूर्तियों पर चढ़ी सफेद परत, घिसने से टूट रहा पत्थर
न्यूज़ डायरी ने खजुराहो के मंदिरों का जायजा लिया तो पाया कि भले ही मंदिरों की मूर्तियों की साफ-सफाई का काम किया जा रहा है, लेकिन सफाई के कुछ सालों बाद पत्थर पर सफेद रंग की परत चढ़ रही है। इनकी चमक भी पहले से कम हो रही है। कई मंदिरों की परतें भी उखड़ी हुई देखने को मिली।
सिलिकॉन बेस्ड केमिकल का किया जा रहा इस्तेमाल
मंदिर की साफ-सफाई के लिए जिस केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है वह सिलिकॉन बेस्ड है। सॉल्वेंटलैस प्रक्रिया के लिए इसी केमिकल का इस्तेमाल होता है। ये केमिकल सिलेन और सिलोक्सेन नाम के केमिकल के मिश्रण से बना है। इसे कार्बनिक सॉल्वेंट्स के साथ पतला किया जाता है। केमिकल को जल विरोधी माना जाता है। एक तरह से ये पानी को पत्थर के भीतर जाने से रोकने के लिए लगाया जाता है।
एक्सपर्ट के मुताबिक खजुराहो के मंदिर एक के ऊपर एक कर रखे गए पत्थरों के ब्लॉक से बनाए गए हैं। पत्थरों को लोहे के क्लैंप (एक तरह का तार) से जोड़ा गया है। इस कारण मंदिर में बारिश का पानी आसानी से घुस जाता है, जिससे नमी की मात्रा बढ़ जाती है। नमी को बाहर निकालने के लिए मंदिरों में हवा के प्रवेश का रास्ता भी सीमित हैं। यदि नमी बनी रहेगी तो इससे पत्थर कमजोर होगा और मूर्तियों के खराब होने का खतरा बना रहेगा।
केमिकल एक्सपर्ट बोली- केमिकल सीमेंट कंक्रीट के लिए सही मगर पत्थर के लिए नहीं
मूर्तियों के रखरखाव के लिए इस्तेमाल किए जा रहे केमिकल को लेकर भास्कर ने इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सीलेंस इन हायर एजुकेशन भोपाल की केमिस्ट्री प्रोफेसर डॉ. पुष्पा मूलचंदानी रावतानी से बात की। उन्होंने बताया कि खजुराहो के मंदिर सेंड स्टोन से बने हैं। ये नेचुरल स्टोन नाजुक होता है। इनकी साफ-सफाई के लिए अमोनिया और जिस केमिकल का इस्तेमाल हो रहा है वो अम्लीय (एसीटिक) प्रकृति का है। इस केमिकल में सिलिकॉन है जो लंबे समय बाद पत्थरों को नुकसान पहुंचाता है। उनके मुताबिक ऐसे पत्थरों के रखरखाव के लिए न्यूट्रल सिलिकॉन से बने केमिकल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमोनिया की प्रकृति भी क्षारीय (बेस) होती है। उसकी जगह भी किसी ऐसे केमिकल का इस्तेमाल होना चाहिए जो अम्लीय या क्षारीय प्रकृति का न हो।
एएसआई के अधिकारी ने कहा- साइंस टीम बेहतर काम कर रही है
जबलपुर मंडल के इंचार्ज ASI अधिकारी शिवकांत वाजपेयी का कहना है कि खजुराहो के सभी मंदिरों का फाउंडेशन ग्रेनाइट से बना हुआ है। बाकी मूर्तियां सेंड स्टोन यानी बलुआ पत्थरों से बनी हुई हैं। ग्रेनाइट बहुत हार्ड होता है, इसलिए उस पत्थर में मूर्तियों को उकेरना कठिन होता है, इसलिए इन्हें सेंड स्टोन में बनाया गया है उनके मुताबिक खजुराहो मंदिर के संरक्षण के लिए एएसआई की एक अलग टीम है। सफाई का जिम्मा इसी टीम के पास होता है। उन्होंने कहा कि एएसआई की साइंस ब्रांच मंदिरों की मॉनिटरिंग करती है। सभी मंदिरों की सफाई का काम क्रमानुसार चलता है। पहले एक मंदिर की सफाई होती है फिर दूसरे
मंदिर की। जहां ज्यादा जरूरत होती है उस मंदिर की
सफाई प्राथमिकता के आधार पर होती है।
सफाई के लिए इस्तेमाल हो रहे केमिकल को लेकर उन्होंने कहा कि जिस केमिकल का इस्तेमाल हो रहा है उसकी पूरी जांच की गई है। टीम जो काम कर रही है वो बेहतर है। विश्व धरोहर होने की वजह से खजुराहो के मंदिरों की अतिरिक्त देखभाल की जाती है।
खजुराहो। करोड़ों लोगों की आस्था के केन्द्र सिद्ध संतों की तपोस्थली बागेश्वर धाम में यूं तो वर्ष भर धार्मिक अनुष्ठान एवं महोत्सव आयोजित होते रहते हैं लेकिन महाशिवरात्रि के पर्व पर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पूज्य महाराजश्री गरीब एवं बेसहारा कन्याओं के विवाह करते हैं। पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी 8 मार्च महाशिवरात्रि को 151 गरीब कन्याओं के विवाह का महामहोत्सव आयोजित किया जा रहा है। आयोजन की श्रंखला में 14 फरवरी से 20 फरवरी तक महाराजश्री के मुखारविंद से कथा रसपान करने का भक्तों को अवसर मिलेगा। वहीं जाने-माने राष्ट्रीय कवि एवं कथावाचक डॉ. कुमार विश्वास अपने-अपने राम थीम पर 27 से 29 फरवरी तक कथा करेंगे। रविवार को बागेश्वर धाम में मीडिया से संवाद करते हुए महाराजश्री ने कार्यक्रम की बिंदुवार जानकारी दी। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पूज्य महाराज श्री ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि 27 से 29 फरवरी तक डॉ. कुमार विश्वास की कथा शाम 4 से 7 बजे तक होगी। महाराजश्री ने बताया कि 1 मार्च से 7 मार्च तक प्रख्यात कथा वाचक इन्द्रेश जी महाराज की श्रीमद्भागवत कथा आयोजित होने जा रही है। देश विदेश से जुड़े बागेश्वर धाम बगिया के पुष्प इन धार्मिक आयोजनों और विवाह महामहोत्सव के साक्षी बनेंगे। 8 मार्च महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर 151 गरीब बेसहारा कन्याओं को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ परिणय सूत्र में बांधा जाएगा। महाराजश्री ने गत वर्ष जिन बेटियों को विवाह सूत्र में बांधकर विदा किया था, उनसे भेंटकर उनका हाल-चाल जाना। महाराजश्री ने मीडिया के माध्यम से धर्म प्रेमियों, समाजसेवियों से आग्रह किया है कि वे धाम में होने वाले इन धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर पुण्यलाभ अर्जित करें।
10 दिव्यांग, 24 अनाथ, 59 पितृहीन,10 मातृहीन कन्याओं के होंगे हाथ पीले बागेश्वर धाम में होने वाले कन्या विवाह महामहोत्सव में देश के 6 राज्यों की 151 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा जाएगा। जिन 151 कन्याओं का चयन किया गया है उनमें छतरपुर जिले से 75, पन्ना से 14, टीमगढ़ से 10, झांसी से 7, दमोह से 7, महोबा से 7, सागर से 4, सतना से 4 बेटियां शामिल हैं। इन कन्याओं में 10 दिव्यांग कन्याएं भी शामिल हैं। इसके अलावा 24 कन्याओं के सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है। 59 ऐसी कन्याएं है जिनके पिता देवलोक चले गए हैं 10 उन कन्याओं के भी हाथ पीले हो रहे हैं जिनकी जननी नहीं है। इस महोत्सव में 48 अति गरीब कन्याओं को परिणयसूत्र में बांधा जा रहा है।
श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही पूरा देश अभी भगवा मय हो रहा है वहीं छोटे बड़े संघटन भी अपने अपने स्तर से कई तरह के आयोजन कर रहें है वहीं राजधानी भोपाल के अखिल भारत हिंदुत्व संघठन भी 20 फ़रवरी मंगलवार को महाराजा छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर संगीतमय श्री श्याम संकीर्तन का आयोजन करने जा रहा है समिति के अध्यक्ष आकाश अहिरवार ने बताया की शाम 7 बजे से प्रारम्भ होगा जो श्याम इक्छा तक चलेगा इस आयोजन में सभी व्यापारी बंधुओ ने एवं संघठन के सभी पदअधिकारीयों द्वारा हमें भरपूर सहयोग मिलता रहा है और आज भी दिया जा रहा है वहीं आयोजन में मुख्य अतिथि नरेला विधानसभा विधायक एवं केबिनेट मंत्री विश्वास कैलाश सारंग होंगे !
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लेकर बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले सीएए को लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी और इसे लागू कर दिया जाएगा।
उन्होंने पिछले साल दिसंबर में अपने पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान दावा किया था कि सीएए को लागू करने से कोई नहीं रोक सकता है।
लकी ड्रॉ के माध्यम से होगा चयन चयनित बच्चे का पूरा खर्चा वहन करेगा फाउंडेशन।
धर्मेंद्र सिंह ठाकुर
माधुरी नायक मेमोरियल फाउंडेशन के तत्वाधान में आरएलएम स्कूल खुरई में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें फाउंडेशन द्वारा किंए जा रहे कार्यों से समस्त पत्रकार बंधुओं को अवगत कराया संस्था के निदेशक डॉ प्रमोद नायक ने बताया कि स्व. माधुरी नायक स्मृति में स्थापित इस फाउंडेशन के अब तक कार्यकलापों से अवगत कराया यह संस्था विगत 2 वर्षों से राम नाम बैंक, तथा प्रत्येक शनिवार को सुन्दरकाण्ड पाठ तथा माह की प्रत्येक एकादशी पर अखण्ड रामायाण के पाठ जैसे धार्मिक कार्यों का सफलतम संचालन कर रही है, जिसमें खुरई क्षेत्र के समस्त धर्मावलम्बी आकर रामायण का संगीतमय पाठ करते हैं.साथ ही फाउंडेशन द्वारा साल में एक बच्चे का चयन कर बच्चे की पढ़ाई का पूरा खर्चा वहन किया जाता है इस वार भी चयन प्रक्रिया आयोजित की जायेगी जिसका चयन लकी ड्रॉ के माध्यम से किया जायेगा।
भोपाल। हज 2024 के लिए चयन किए गए हाजियों को हज खर्च की पहली किस्त जमा कराने की ताकीद की गई है। इसके लिए 9 फरवरी की तारीख निर्धारित की गई है। सेंट्रल हज कमेटी ने सभी हज यात्रियों को मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जमा करने के लिए भी कहा है। इसके अलावा पासपोर्ट और बाकी जरूरी दस्तावेज भी इसी माह जमा करने की हिदायत दी गई है। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने प्रदेश के 6 हजार से ज्यादा चयनित हाजियों को खर्च की पहली किस्त 81हजार 800 रुपए जमा करने के लिए कहा है। इसकी शुरुआत एक फरवरी से हो गई है। किस्त जमा कराने की आखिरी तारीख 9 फरवरी तय की गई है। सहायक कार्यपालन अधिकारी मसूद अख्तर ने बताया कि सभी हाजियों को मेडिकल स्क्रीनिंग एंड फिटनेस सर्टिफिकेट भी इसी तारीख तक जमा करने हैं। ये सर्टिफिकेट किसी भी एलोपैथिक डॉक्टर से बनाया जा सकता है।
12 तक जमा करें दस्तावेज प्रदेश के सभी चयनित हाजियों को हजयात्रा से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज भी जमा करने के लिए कहा गया है। इन दस्तावेजों में हज आवेदन फॉर्म, अंतरराष्ट्रीय पासपोर्ट, फोटो, पहली किस्त जमा किए जाने की पे इन स्लिप और मेडिकल सर्टिफिकेट आदि शामिल हैं। इन दस्तावेज की मूल प्रति हज कमेटी दफतर में जमा करना होगी। जिन्हें हज कमेटी जिम्मेदारी के साथ हज कमेटी ऑफ इंडिया को पहुंचाएगी।
इनका कहना है हाजियों को सफर के दौरान बेहतर व्यवस्थाएं देने की तैयारी की जा रही है। पहली किस्त और दस्तावेजों के जमा होने के बाद जल्दी ही हज फ्लाइट्स की तारीखों का ऐलान किया जाएगा। फरजाना गजाल मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रदेश हज कमेटी
ज्ञानवापी परिसर में व्यासजी के तहखाने में जिला अदालत के आदेश के बाद बुधवार देर रात पूजा-अर्चना हुई। बृहस्पतिवार तड़के मंगला आरती भी हुई। तहखाने में 30 साल बाद दीप जले। कोर्ट का आदेश आने के बाद रात में ही तहखाने से बैरिकेडिंग हटा दी गई थीं। तड़के से ही पूजा के लिए लोग जुटने भी लगे हैं। कड़े प्रशासनिक सुरक्षा घेरे में पूजा की शुरुआत हुई। Gyanvapi Case: व्यासजी के तहखाने में 30 साल बाद जले दीप, पूजा-अर्चना के बाद मंगला आरती भी हुई कोर्ट के आदेश के बाद तहखाने में कड़ी सुरक्षा के बाद हुई मंगला आरती भी हुई !
वहीं वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में बने व्यासजी के तहख़ाने में आज सवेरे से पूजा शुरू हो गई. अदालत के फ़ैसले के कुछ ही घटों बाद सारे इंतज़ाम कर लिए गए. विश्वनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी ओम प्रकाश मिश्रा और अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त निकालने वाले गणेश्वर द्रविड़ ने पूजा कराई !
ज्ञानवापी परिसर के अंदर पूजा की अनुमति वाले आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मुस्लिम पक्ष !
लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना दिव्य दरबारदूर दराज से पहुंच रहे श्रद्धालु
भारत भूषण विश्वकर्मा 7400794801
भोपाल/सागर। हमारे देश को विविधताओं का देश कहा जाता है लेकिन एक सच यह भी है कि भारत में जितनी विविधताएं हैं उतने ही चमत्कार भी। यदि भारत को चमत्कारों का देश भी कहा जाए तो शायद अतिश्योक्ति नहीं होगी। यहां हर राज्य, हर क्षेत्र के अपने चमत्कार और अपना अनूठा इतिहास है, फिलहाल हम बात करेंगे एक ऐसे चमत्कार की जिससे कई लोगों का जीवन बदल गया है। इस चमत्कार को देखने के उत्सुक लोग दूर दूर से सागर जिले की रजवांस मालथोन तहसील के वामन पथरिया गांव में लगने वाले दिव्य दरबार मे पहुंच रहे हैं, जहां हर मंगलवार को आयोजित होने वाले श्री नाथेश्वर बालाजी सरकार के दिव्य दरबार मे नाथेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ओमकार जी महाराज आपकी समस्याओं और समाधान को पर्चे पर लिख कर समाधान करते हैं चमत्कार कर देते हैं।
नाथेश्वर धाम पीठाधीश्वर ओमकार महाराज
ऐसा क्या होता है दरबार में जिससे अचंभित रह जाते हैं लोग नाथेश्वर धाम पीठ के पीठाधीश्वर नाथेश्वर धाम सरकार ओमकार जी महाराज के अनुसार वे श्री हनुमानजी महाराज की प्रेरणा से दिव्य दरबार आयोजित करते हैं। दरबार मे हाज़िरी लगाने वाले भक्तों और श्रद्धालुओं के मन को पढ़कर (बिना उनसे कोई बात किये) उनकी समस्याओं और समाधान को पर्चे पर लिख देते हैं। यहाँ गौर करने वाली बात ये भी है कि दरबार मे आने वाले श्रद्धालुओं को बताए जाने वाले निराकरण पूर्णतः सात्विक और बेहद प्रभावी होते हैं। सैकड़ो की भीड़ में किसी का मन पढ़कर समस्याओं और समाधान को लिख देना हर किसी को अचंभित कर देता है तो दूसरी तरफ दरबार से मिलने वाले समाधान भी श्रद्धालुओं के जीवन को सुखमय बना रहे हैं।
कैसे पहुंचे नाथेश्वर धाम सरकार तक मध्यप्रदेश के सागर जिले की रजवांस तहसील के वामन पथरिया गांव में हर मंगलवार को नाथेश्वर बालाजी धाम में दिव्य दरबार आयोजित होता है। यहाँ पहुंचने के लिए सागर खुरई सड़क मार्ग से जाना होता है, इसके साथ ही खुरई और बीना रेल्वे स्टेशन से भी ये स्थान ज्यादा दूर नहीं है। यहाँ जाकर आप जाग्रत स्वरूप श्री हनुमान जी के दर्शन कर अपनी समस्याओं का निराकरण पा सकते हैं।