भावांतर योजना के माध्यम से हर घर मनेगी खुशियों की दिवाली : गोविंद सिंह राजपूत

1 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक होगा इस योजना में  रजिस्ट्रेशन

भोपाल। किसी भी क्षेत्र के विकास  में सड़के मील का पत्थर होती है जिनके द्वारा क्षेत्र का विकास सुनिश्चित होता है। यह बात खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने ग्राम सरखड़ी, बांसा, तेंदुडावर में 20 करोड़ के विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि पूजन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र के हर गांव में हर कस्बे में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है ताकि क्षेत्र वासियों को आवागमन में सुविधा मिले साथ ही इससे रोजगार के अवसर मिल सके श्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र का हर गांव अब पक्की सड़कों से जुड़ रहा है । बांसा सरखड़ी मार्ग बनने से करहद ,ताजपुर ,महुआखेड़ा ,खरमऊ,तोड़ा तरफदार, पड़रियाकला एवं तेंदू डाबर से सेमरा गोपालमन मार्ग बनने से ग्राम मोचल, बडेरा,परगासपूरा , तेंदूडाबर सहित लगभग 15 ग्रामों को इससे फायदा मिलेगा।
विकास की यह इबारत सुरखी की तकदीर बदल रही है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा सरकार विकास करने वाली सरकार है जिसने किसानों के लिए भावांतर योजना के माध्यम से खुशियां दी हैं उन्होंने कहा कि भावांतर योजना के माध्यम से हर किसान भाई के घर में खुशियों की दीपावली मनाई जाएगी साथ ही उन्होंने आवाहन किया कि सभी किसान भाई 1 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक इस योजना में अपना रजिस्ट्रेशन कराए और योजना का लाभ उठाएं। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि फसलों का सर्वे शुरू हो चुका है  दल क्षेत्र में पहुंच रहा है सभी लोग अपनी फसलों का सर्वे करवाए।

20 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया भूमि पूजन एवं लोकार्पण

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत द्वारा ग्राम सरखड़ी से बांसा मार्ग, चबूतरा निर्माण, पेवर ब्लॉक कार्य स्कूल परिसर में, शांति धाम में बाउंड्री बाल, हनुमान मंदिर के पास चबूतरा निर्माण कार्य ,बांसा से सरखड़ी मार्ग, ग्राम बांसा में सीसी रोड तथा आरसीसी नाली निर्माण सहित पंचायत भवन गौशाला में मोरम फाइलिंग फर्श शासकीय हाई स्कूल में खेल सामग्री एवं ग्राम तेंदुडाबर से सेमरा गोपालमन में कई विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष रामबाबू बृजेंद्र सिंह ,मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र पटेल, लोकमन लोधी, पूर्व मंडल अध्यक्ष हरनाम सिंह ,किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष धीरज सिंह, योगेश गोलू पड़रई,हेमंत सिंह, सानिल सिंह सरपंच सुरेंद्र सिंह बुंदेला,मनोज कुर्मी, कमल सिंह ,रामचरण कुर्मी, बद्री प्रसाद ,प्रभु दयाल, राजू बड़ोनिया ,शिवदयाल गोस्वामी, पवन साहू दीपक चढ़ार ,गंधर्व सिंह शहर शहर क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

वादे पे तेरे मारा गया…!

चकरघिन्नी. कॉम
खान आशु

वादा.. और वह भी सियासी वादा… सियासत में चुनाव के दौरान किया गया वादा…! वादे तो ही तोड़ने के लिए हैं, यह लोगों की आम धारणा है…!
और चुनावी वादों का क्या, वह तो मंच से लहराते ही हैं, टूटने के लिए हैं…!
लेकिन इच्छाशक्ति… दृढ़ संकल्प… और कुछ कर गुजरने का सच्चा मन…! इसीलिए 29 माह गुजर गए, वादा अडिग रहा, खुशियां बरकरार रहीं, बहनों की मुस्कान लगातार रही…! तनिक देरी से बवाल खड़ा कर देने वाले विरोधियों के मुंह दही जमने के हालात बनते रहे…!
रक्षा बंधन के पवित्र पर्व का सिलसिला इस दीपावली की खुशियों में अधिक मिठास घोले हुए हैं…! एक हज़ार का सिलसिला, 1250 पर पहुंचकर आनंदित करता रहा है… अब 1500 की रकम के साथ प्रफुल्लित करने लगा है…!
बहनों के आत्मविश्वास, बढ़ते संबल और हम भी समाज में भागीदारी रखते हैं के दम को ही सशक्तिकरण कहना गैर मुनासिब नहीं होगा…! अपने छोटे छोटे खर्चों के लिए, बच्चों की छोटी आवश्यकता के लिए और कई बार परिवारिक कार्यों में मदद के हाथ जुटाने लायक बनाने जैसी नारी शक्ति बन गई है…!
स्थानीय, नगरीय और छोटी सियासत से अब विधानसभा और लोकसभा तक में प्रतिनिधत्व का दम भी उन्हें मिला है…! सरकारी दफ्तरों से निजी निकाय तक कल कारखानों तक में बहनों की संख्या तय हो गई है तो प्रदेश और केंद्र के सदन में उनका मुकाम जल्दी ही तय होने वाला है…!
प्रदेश की आधी आबादी पर मुस्कान लाने के प्रयास पिछले उन वर्षों में भी होना संभव था, जब बागडोर महिलाओं के प्रति असंवेदनशील, अगंभीर, गैर ईमानदार लोगों के हाथ हुआ करती थी…! ग़म इसका मनाने की बजाए कि अब तक ऐसा क्यों नहीं हुआ, गर्व इसका मनाया जाना चाहिए कि महिलाशक्तिकरण की नई पहल हो चुकी है, जो सतत जारी रहेगी…!

पुछल्ला
एकता पाठ का सार
राजा उनके घर जा पहुंचे जिनसे उनकी पुरानी खुन्नस मानी जाती है। इस युवा(?) नेता की बुजुर्ग बुआ जी से राजा जी के पंगे थे। लेकिन राजकुंवर का रास्ता साफ करना है। आने वाले वक्त में सत्ता की चाबी राजकुमार को सौंपने की उमंग ने एकता पाठ की आवश्यकता को सामने खड़ा कर दिया है। इसलिए शुरुआत गैरों से की जा रही है, अपनों के साथ देने की उम्मीद बंधी ही है न!
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*12/10/2025*

खाद्य मंत्री राजपूत ने स्व.यशोदा पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संवेदना व्यक्त की

भोपाल।प्रदेश सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण और नरसिंहपुर जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शनिवार को नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव स्थित प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व राज्यमंत्री जालम सिंह पटेल और सरदार सिंह पटेल के निज निवास में आकर उनकी माता स्व.श्रीमती यशोदा पटेल के दु:खद निधन पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से भेंट की और शोक संवेदना व्यक्त की।

कई खट्टी मीठी यादें देकर गया तीन दिवसीय रंगोत्सव

भोपाल। यह समापन नहीं एक अल्पविराम मात्र है। हम कल फिर आएंगे, नई ऊर्जा के साथ आएंगे, कुछ नया सीखकर आएंगे। तीन दिन सुधि और रसिक दर्शकों ने जो स्नेह दिया, वह विस्मरणीय और अभूतपूर्व है। हम आपकी अपेक्षाओं के नजदीक पहुंच सके, यह हमारा सौभाग्य है।

तीन दिन का स्व. प्रदीप अहिरवार नाट्योत्सव शनिवार को इस भावना के साथ संपन्न हुआ। रंग मोहल्ला सोसायटी के अर्जुन अहिरवार ने बताया कि समारोह की परिकल्पना संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की सांस्कृतिक एवं प्रस्तुति अनुदान योजना के तहत की गईं है। इसके अंतर्गत रंग मोहल्ला सोसाइटी फॉर परफार्मिंग आर्ट्स समिति भोपाल द्वारा पहले दिन 9 अक्टूबर को  दिनेश भारती द्वारा लिखित एवं अदनान खान द्वारा निर्देशित हास्य नाटक “द ग्रेट राजा मास्टर टेलर एंड ड्रामा कंपनी” का मंचन किया गया। रंग मोहल्ला सोसाइटी फॉर परफार्मिंग आर्ट्स समिति के कलाकारों ने इसकी प्रस्तुति दी। इसी तरह 10 अक्टूबर को सुनील मिश्र द्वारा लिखित एवं आनंद मिश्र द्वारा निर्देशित नाटक “ऐसे रहो की धरती” की प्रस्तुति सघन सोसायटी फॉर कल्वर एवं वेलफेयर के कलाकार द्वारा दी गई। समारोह के आखिरी दिन 11 अक्टूबर को अब्दुल हक द्वारा लिखित एवं विशाल चतुर्वेदी द्वारा निर्देशित नाटक “संगी रहो संग छूट गव” की प्रस्तुति रामकृष्ण रिपरटायर कल्चर एंड सोशल सोसाइटी के कलाकार द्वारा दी गई।

दिल की बात, दिल से…

चकरघिन्नी.कॉम

खान आशु

सड़क किनारे दर्द से कराहते व्यक्ति की कुशल क्षेम पूछने, उसे इलाज मुहैया कराने, परिजन को सुरक्षित घर तक पहुंचाने वो काफिला रुकवा लेते हैं…! चाय के ठेले, आम या भुट्टे देखकर वो अपना प्रोटोकॉल बिसरा देते हैं…! दूध के कड़ाव पर भी भीड़ भरे इलाके में ठहरने में वे नहीं झिझकते…!
बात मासूमों के अचानक दुनिया से रुखसत हो जाने की हो, तो वे संवेदनशीलता को कहां छोड़ सकते थे…? गलती के लिए कसूरवारों को जांच के घेरे में डालने दल गठित कर दिया गया…! शुरुआती दोषियों को सलाखों के पीछे भी पहुंचा दिया…! मन न माना तो बीमारों से मिलने भी जा पहुंचे, किसी पराए परदेस में…!
आदत कीड़े खोजने की है, खोजे जाने लगे हैं…! मौत पर मातम की बजाए रोटियां सेंकने की आदत है, सेंकी जा रही है…! यह किया होता तो, वह न होता… ऐसा कर लेते तो वैसा न हुआ होता, की पीपडी बजने लगी है…!
संवेदनशीलता, दूसरों का दर्द समझने की आदत, सबके विकास और सबके साथ की धारणा रखने वाले का ही विरोध सिर्फ इसलिए करना है कि हम विपक्षी हैं, तो करो…! लेकिन यह पब्लिक है, सब जानती है, अपने भैया को भी पहचानने में उनसे गलती नहीं होने वाली…!

पुछल्ला
बिल्ली के भाग से छींका नहीं टूटा करता। अपनी कमियों, कमजोरियों, गलतियों से हाथ आई सरकार गंवा बैठे लोग अब बैठे थाले कोई कमी होने की राह तकते रहते हैं। लेकिन हालत यह हैं कि न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी।
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10/10/2025

प्रदीप अपने जीवनकाल में रहे मंच को समर्पित, जीवंत किए कई किरदार

3 दिवसीय नाट्योत्सव की शुरुआत

भोपाल। सुबह की रुपहली रंगत, दिन का उजियारा और रात की सुरमई छटा में उन्हें सिर्फ रंगमंच ही नजर आता था। प्रदीप अहिरवार ने अपने जीवनकाल में कई किरदार जीवंत किए। अब दुनिया से रुखसत के बाद भी वे रंगमंच की हर बारीकी में समाए हुए हैं।
तीन दिवसीय प्रदीप अहिरवार नाट्योत्सव के पहले दिन मेहमानों ने स्व. प्रदीप अहिरवार को इन शब्दों में याद किया। उनकी पत्नी रंजना प्रदीप, भाई अर्जुन अहिरवार, मित्र अदनान खान और रंग मोहल्ला सोसायटी के सदस्य इस अवसर पर मौजूद थे। अतिथियों ने कहा कि बेहतर कल एक अच्छे मन से होकर ही गुजर सकती है। प्रदीप ने अपने कोमल हृदय और कुशल व्यवहार से कई पात्रों को जीवंत किया है। उनकी कला आज भी याद की जाती है और भविष्य में याद की जाती रहेगी। प्रदीप की कमी भोपाल का रंगमंच हमेशा महसूस करेगा।


तीन दिन का नाट्योत्सव
स्व. प्रदीप अहिरवार को श्रद्धांजलि भी उनके अंदाज में नाट्योत्सव से दी जा रही है। इसके लिए तीन दिवसीय आयोजन की परिकल्पना की गई है। संस्था के अर्जुन अहिरवार ने बताया कि समारोह की परिकल्पना संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की सांस्कृतिक एवं प्रस्तुति अनुदान योजना के तहत की गईं है। इसके अंतर्गत रंग मोहल्ला सोसाइटी फॉर परफार्मिंग आर्ट्स समिति भोपाल द्वारा पहले दिन 9 अक्टूबर को  दिनेश भारती द्वारा लिखित एवं अदनान खान द्वारा निर्देशित हास्य नाटक “द ग्रेट राजा मास्टर टेलर एंड ड्रामा कंपनी” का मंचन किया गया। रंग मोहल्ला सोसाइटी फॉर परफार्मिंग आर्ट्स समिति के कलाकारों ने इसकी प्रस्तुति दी।

दो दिन जारी रहेगा सिलसिला
अहिरवार ने बताया कि समारोह के अगले दिन 10 अक्टूबर को सुनील मिश्र द्वारा लिखित एवं आनंद मिश्र द्वारा निर्देशित नाटक “ऐसे रहो की धरती” की प्रस्तुति सघन सोसायटी फॉर कल्वर एवं वेलफेयर के कलाकार द्वारा दी जाएगी। समारोह के आखिरी दिन 11 अक्टूबर को अब्दुल हक द्वारा लिखित एवं विशाल चतुर्वेदी द्वारा निर्देशित नाटक “संगी रहो संग छूट गव” की प्रस्तुति रामकृष्ण रिपरटायर कल्चर एंड सोशल सोसाइटी के कलाकार द्वारा दी जाएगी।

तीन दिवसीय प्रदीप अहिरवार नाट्योत्सव आज से

आज शाम होगा अदनान खान निर्देशित “द ग्रेट राजा मास्टर टेलर एंड ड्रामा कंपनी” का मंचन

भोपाल। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की सांस्कृतिक एवं प्रस्तुति अनुदान योजना के अंतर्गत, रंग मोहल्ला सोसाइटी फॉर परफार्मिंग आर्ट्स समिति भोपाल 3 दिवसीय प्रदीप अहिरवार नाट्य उत्सव का आयोजन भोपाल में करेगी।
यह 9 से 11 अक्टूबर तक चलेगा। आयोजन  रंगश्री लिटिल बैले द्रूप (एल.बी.टी), साइंस सेंटर के पास, स्मार्ट सिटी रोड, श्यामला हिल्स, पर होगा।
रंग मोहल्ला सोसायटी के अध्यक्ष अर्जुन अहिरवार ने बताया कि इस समारोह में प्रतिदिन शाम 7 बजे से नाटक का मंचन किया जाएगा। इसके तहत 9 अक्टूबर को दिनेश भारती द्वारा लिखित एवं अदनान खान द्वारा निर्देशित हास्य नाटक “द ग्रेट राजा मास्टर टेलर एंड ड्रामा कंपनी” का मंचन किया जाएगा। जिसकी प्रस्तुति रंग मोहल्ला सोसाइटी फॉर परफार्मिंग आर्ट्स समिति के कलाकार देंगे। 10 अक्टूबर को सुनील मिश्र द्वारा लिखित एवं आनंद मिश्र द्वारा निर्देशित नाटक “ऐसे रहो की धरती” की प्रस्तुति सघन सोसायटी फॉर कल्वर एवं वेलफेयर के कलाकार द्वारा दी जाएगी। समारोह के आखिरी दिन 11 अक्टूबर को अब्दुल हक द्वारा लिखित एवं विशाल चतुर्वेदी द्वारा निर्देशित नाटक “संगी रहो संग छूट गव” की प्रस्तुति रामकृष्ण रिपरटायर कल्चर एंड सोशल सोसाइटी के कलाकार द्वारा दी जाएगी।

पुलिस ने प्राणघातक हमले के चार सालो से फरार आरोपियो को गिरप्तार कर भेजा जेल

जीतेन्द्र सेन                                  

भोपाल।।पुलिस अधीक्षक देहात भोपाल रामशरण प्रजापति द्वारा फरार/ज्ञात/अज्ञात आरोपियों की पतारसी कर शीघ्र गिरफ्तारी करने हेतु निर्देश दिये गये थे। पुलिस अधीक्षक देहात के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात भोपाल डाँ नीरज चौरसिया अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) संभाग बैरसिया  सर्वप्रिय सिन्हा (आईपीएस) के नेतृत्व में समस्त थाना प्रभारी देहात भोपाल को प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया था  इसी तारतम्य में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के पालन में फरार आरोपियो की पतारसी हेतु विशेष टीम गठित की गई।पुलिस टीम द्वारा चार साल से फरार दो आरोपियो को पकडने मे सफलता पाई गई।
जिसमें घटना का संक्षित विवरण

फरियादी बंटी बिजोरी पिता बेगमसिंह बिजोरी निवासी ग्राम ढेंकपुर ने रिपोर्ट किया कि पुराने जमीन के विवाद को लेकर उसके गांव के राजू बिजोरी, अजमेर, इंदर अनिल एवं बलवीर ने एक राय होकर जान से मारने की नियत से राजू बिजोरी ने बंदूक से फायर किया व अन्य लोगो ने हाथ डंडा से प्राण घातक चोटे पहुचांई है जिस पर से थाना बैरसिया मे अप क्र – 258/21 धारा 294,323,506,34,307 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।
प्रकरण की विवेचना के दौरान वर्ष 2021 मे आरोपी इंदरसिंह बिजोरी, अनिल बिजोरी व अजमेर बिजोरी को गिरप्तार कर न्यायालय पेश किया तथा आरोपी राजू बिजोरी व बलवीर बिजोरी घटना दिनांक से लगातार फरार थे जिनकी पतारसी के काफी प्रयास किये गये पंरतु कोई पता नही चला। आरोपीगणो की पतारसी हेतु पुलिस अधीक्षक महोदय उत्तर क्षेत्र भोपाल द्वारा ईनाम उदघोषणा आदेश जारी किये गये थे।दिनांक 05.10.25 को पुलिस टीम को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी राजू व बलवीर अपने गांव आये है जो अभी अपने खेत पर है पुलिस टीम द्वारा त्वरीत कार्यवाही करते हुये तुंरत प्रथक-प्रथक पुलिस टीम बनाकर ग्राम ढेकपुर पहुंचकर खेत के चारो तरफ घैराबंदी कर आरोपी राजू व बलवीर बिजोरी को पकडा। आरोपीगणो से पूछताछ कर घटना मे प्रयुक्त आलाजरर जप्त कर आरोपीगणो को न्यायालय पेश कर जेल दाखिल किया गया।
गिरफ्तार आरोपीयो के नाम

1. राजू बिजोरी पिता अनार सिंह बिजोरी उम्र 25 साल निवासी ग्राम ढेंकपुर

2. बलवीर बिजोरी पिता फूलसिंह बिजोरी उम्र 41 साल निवासी ग्राम ढेकपुर

इनकी रहीं सराहनीय भूमिका 
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी बैरसिया निरीक्षक वीरेन्द्र सेन उनि आर.सी मीणा,उनि साहबसिंह इवने,उनि दिलीप जायसवाल उनि प्रियांशी कौरव,सउनि उमाशंकर शर्मा, सउनि राजेश दुबे, सउनि हरिशचन्द्र कौरव,  प्रआर रामनिवास ओझा, प्रआर वीरेन्द्र सिंह आर. जितेन्द्र सिंह,आर.मनीष, आर जयवर्धन सिंह,आर अमरसिंह आर मांगीलाल, आर रामसेवक,आर देवेन्द्र सिंह आर अजय गुर्जर आर सरदार आर ब्रजमोहन यादव  एनआरएस सदस्य इसराईल राहुल बबलू मोकम कमल गुर्जर का विशेष योगदान रहा

दिव्यांग , बच्चे , प्रौढ़ और वृद्धजनों को स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने घर पहुँचे पुनर्वास विशेषज्ञ

भोपाल! समेकित क्षेत्रिय कौशल विकास पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (सी.आर.सी. भोपाल) द्वारा ग्राम चोपड़ा कलां के ग्राम पंचायत भवन और आयुष्मान आरोग्य मंदिर में समुदाय आधारित पुनर्वास कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में गाँव से कई लोग सम्मिलित हुए जिसमें से कुल 47 लाभार्थि (दिव्यांग, बच्चे, प्रौढ़ और वृद्ध) लाभान्वित हुए। सी.आर.सी. भोपाल की टीम (डॉ प्रतीक कुमार विन्दुवा व्याख्याता भौतिक चिकित्सा, विशाल शर्मा व्याख्याता विशेष शिक्षा एवं दो विद्यार्थी द्वारा लाभार्थियों की आवश्यकता के अनुरूप उनका आंकलन / पहचान, परामर्श, मार्गदर्शन, भौतिक चिकित्सा, विशेष शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा आदि पुनर्वास सेवाएं ग्राम चोपड़ा कलां के पंचायत भवन में और घर-घर जाकर प्रदान की गई। यह कार्यक्रम बहुत ही सफल और सराहनीय रहा !

दवा कंपनियों की लापरवाही उस पर भारी अज्ञानता

पड़ताल : क्योंकि, सच जानना जरूरी है

राजस्थान और मध्य प्रदेश में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। मामले के तूल पकड़ते ही अब सरकार और दवा कंपनी कटघरे में आ गई है।
हालांकि, दवा ही ज़हर बन गई, यह बात इतनी आसानी से गले नहीं उतर रही, लिहाजा इस मामले की पड़ताल जरूरी थी ताकि सच के करीब पहुंचा जा सके। जो हमने जाना-समझा उसकी चर्चा से पहले हम दवा कंपनियों की लापरवाही पर आते हैं। कफ सिरप ही क्यों?, ऐसी कोई भी दवा जो गुणवत्ताहीन है, दूषित है या एक्सपायरी है वह मार्केट तक पहुंची कैसे? जाहिर है सरकारीतंत्र से मिलीभगत और कालाबाजारी ने ऐसी दवाओं को बाज़ार तक पहुंचाया जो बच्चों की मौत का कारण बनीं। यहां इस बात का जिक्र करना भी लाजिमी है कि ज्यादातर मामलों में ऐसा देखा और पाया गया है कि, गिफ्ट, कमीशन और नगद उपहार के लालच में आकर कतिपय डॉक्टर्स दवा कंपनियों के ऑफर को स्वीकार कर ऐसी दवाएं लिख देते हैं, जो जरूरी नहीं होतीं।

दवाओं में एडवाइजरी क्यों नहीं?
अब दूसरा पहलू यह भी है कि, 2 साल और पांच साल के बच्चों को दवा पिलाने को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जो एडवाइजरी इस घटना के बाद जारी की है, वह पहले से दवा कंपनियों के लिए जरूरी क्यों नहीं की गई। अगर दो साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप नहीं पिलाना चाहिए तो यह बात कफ सिरप की बोतल में लिखी होनी चाहिए थी।( कम से कम उस डॉ को तो यह बात पता होनी चाहिए थी, जिसने दवा लिखी।) अब इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है? सवाल यह भी है कि महज डॉक्टर पर कार्यवाही कर इस संगीन अपराध से सरकार अपना पल्ला नहीं झाड़ सकती, संबंधित दवा कंपनी पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। यह दर्शाता है कि सरकार और दवा कंपनी के बीच “कुछ” तो है। खैर, “कुछ” हो ना हो आम जनमानस में यही भाव जागेगा।

अज्ञानता भी एक बड़ी वजह
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया तहसील में कफ सिरप पीने से जिन बच्चों की मौत हुई, हमारी पड़ताल में व्यक्तिगत तौर पर की गई लापरवाही भी सामने आई है। ( मैं यहां यह स्पष्ट कर दूं कि इस पड़ताल से सरकार और दवा कंपनी की घोर लापरवाही पर पर्दा डालने का कतई मकसद नहीं है।) “व्यक्तिगत लापरवाही” को हम यूं समझें कि, जागरूकता की कमी या ना समझी। कमोवेश यह घटनाएं जहां जहां हुईं, वहां दवा देने की टाइमिंग और डोज को लेकर अज्ञानता भी देखी गई। 2 साल या उससे कम उम्र के बच्चों को कितनी मात्रा में और कब कब दवा पिलानी है यह जानकारी भी पेरेंट्स को होनी चाहिए। कई बार ज्यादा खांसी चलने पर घबराहट में माता-पिता बच्चों को दवा की ओवरडोज दे देते हैं ताकि वे जल्दी ठीक हो जाएं ,लेकिन ऐसा करना जानलेवा होता है। हमारी पड़ताल में यह बात भी निकल कर सामने आई है। (लेकिन हम इसी को एकमात्र कारण मान लें यह भी जरूरी नहीं।) दरअसल कफ सिरप किडनी और हार्ट को प्रभावित करता है और यदि यह ओवरडोज बच्चों को दे दी जाए तो यह कितना घातक हो सकता है इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। इसीलिए बच्चों को डॉक्टर की निगरानी में ही दवाएं देनी चाहिए।
पड़ताल का दूसरा पहलू यह भी गौर करने लायक है कि, बीमार बच्चों के मामले में कफ सिरप के साथ-साथ दूसरी अन्य मेडिसिन भी दी गईं, (बुखार और सर्दी जुकाम से संबंधित) जिसका नॉलेज भी पेरेंट्स को होना चाहिए। यह पता होना चाहिए कि दवाओं का मिश्रित रूप स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है।
बहरहाल, दूषित दवा, अज्ञानता या व्यक्तिगत लापरवाही हम किसी निष्कर्ष या नतीजे पर नहीं पहुंच सकते। बच्चों की मौत का मामला बेहद दुखद, मार्मिक और संगीन है, इसकी पूरी निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए और ऐसी दवाओं पर भी रोक लगनी चाहिए ताकि भविष्य में और जिंदगियां मौत के मुंह में जाने से बच जाएं।
(लेखक जितेंद्र सूर्यवंशी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं)

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