प्रदीप अपने जीवनकाल में रहे मंच को समर्पित, जीवंत किए कई किरदार

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3 दिवसीय नाट्योत्सव की शुरुआत

भोपाल। सुबह की रुपहली रंगत, दिन का उजियारा और रात की सुरमई छटा में उन्हें सिर्फ रंगमंच ही नजर आता था। प्रदीप अहिरवार ने अपने जीवनकाल में कई किरदार जीवंत किए। अब दुनिया से रुखसत के बाद भी वे रंगमंच की हर बारीकी में समाए हुए हैं।
तीन दिवसीय प्रदीप अहिरवार नाट्योत्सव के पहले दिन मेहमानों ने स्व. प्रदीप अहिरवार को इन शब्दों में याद किया। उनकी पत्नी रंजना प्रदीप, भाई अर्जुन अहिरवार, मित्र अदनान खान और रंग मोहल्ला सोसायटी के सदस्य इस अवसर पर मौजूद थे। अतिथियों ने कहा कि बेहतर कल एक अच्छे मन से होकर ही गुजर सकती है। प्रदीप ने अपने कोमल हृदय और कुशल व्यवहार से कई पात्रों को जीवंत किया है। उनकी कला आज भी याद की जाती है और भविष्य में याद की जाती रहेगी। प्रदीप की कमी भोपाल का रंगमंच हमेशा महसूस करेगा।


तीन दिन का नाट्योत्सव
स्व. प्रदीप अहिरवार को श्रद्धांजलि भी उनके अंदाज में नाट्योत्सव से दी जा रही है। इसके लिए तीन दिवसीय आयोजन की परिकल्पना की गई है। संस्था के अर्जुन अहिरवार ने बताया कि समारोह की परिकल्पना संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की सांस्कृतिक एवं प्रस्तुति अनुदान योजना के तहत की गईं है। इसके अंतर्गत रंग मोहल्ला सोसाइटी फॉर परफार्मिंग आर्ट्स समिति भोपाल द्वारा पहले दिन 9 अक्टूबर को  दिनेश भारती द्वारा लिखित एवं अदनान खान द्वारा निर्देशित हास्य नाटक “द ग्रेट राजा मास्टर टेलर एंड ड्रामा कंपनी” का मंचन किया गया। रंग मोहल्ला सोसाइटी फॉर परफार्मिंग आर्ट्स समिति के कलाकारों ने इसकी प्रस्तुति दी।

दो दिन जारी रहेगा सिलसिला
अहिरवार ने बताया कि समारोह के अगले दिन 10 अक्टूबर को सुनील मिश्र द्वारा लिखित एवं आनंद मिश्र द्वारा निर्देशित नाटक “ऐसे रहो की धरती” की प्रस्तुति सघन सोसायटी फॉर कल्वर एवं वेलफेयर के कलाकार द्वारा दी जाएगी। समारोह के आखिरी दिन 11 अक्टूबर को अब्दुल हक द्वारा लिखित एवं विशाल चतुर्वेदी द्वारा निर्देशित नाटक “संगी रहो संग छूट गव” की प्रस्तुति रामकृष्ण रिपरटायर कल्चर एंड सोशल सोसाइटी के कलाकार द्वारा दी जाएगी।

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