आलमी तब्लीगी इज्तिमा : चार दिन मजहबी समागम 14 से

तैयारियां जोरों पर, अंतिम रूप देने में जुटे वालेंटियर

भोपाल। आलमी तब्लीगी इज्तिमा को लेकर ईंटखेडी स्थित इज्तिमागाह पर तैयारियों का दौर जारी है और अधिकांश कामों को पूरा कर लिया गया है। जबकि कई नीतिगत निर्णय अभी लिए जाना बाकी हैं। यह आयोजन 14 नवंबर से शुरू होगा और 14 नवंबर को दुआ-ए-खास के साथ इसका समापन होगा। आलमी तब्लीगी इज्तिमा में इस बार दुनियाभर की जमातों की आमद होगी। जिसमें अफगानिस्तान, कजाकिस्तान, मलेशिया, इंडोनेशिया, जकार्ता, बंगलादेश, अमेरिका, रूस आदि देशों की जमातें शामिल होंगी। हिंदुस्तान के सभी प्रदेशों के जमाती भी यहां पहुंचेंगे। चार दिन चलने वाली मजहबी तकरीरों के दौर के बीच उलेमा लोगों को दुनिया में रखे जाने वाले अपने किरदार और अपने अल्लाह के लिए वफादारी की बातें सिखाएंगे। आमतौर पर उलेमाओं की तकरीरों में इस्लाम के 6 मुख्य बिंदुओं पर केन्द्रित बात ही की जाती है। जिसको लेकर यह भी कहा जाता है कि यहां सिर्फ जमीन से नीचे और आसमान के ऊपर की बात की जाती है, जबकि दुनियावी बातों का जिक्र इस मजमे में नहीं किया जाता।

तैयारियां जोरों पर
ईंटखेडी स्थित इज्तिमागाह पर आयोजन की तैयारियों का दौर तेज है। पिछले कई दिनों से यहां वालेंटियर्स पहुंचकर जमीन समतलीकरण, पांडाल लगाने, वुजूखाने और बॉथरूम के लिए पाइप लाइन बिछाने, बिजली के खंभे खड़े करने आदि के कामों को पूरा करने में जुटे हैं। इज्तिमा प्रबंधन कमेटी का कहना है कि अब तक करीब 70 फीसदी से ज्यादा काम निपट चुका है, जबकि नगर निगम, पीडब्ल्युडी, विद्युत मंडल आदि सरकारी विभागों से जुड़े कुछ काम बाकी हैं, जिनमें अब तेजी आने की उम्मीद की जा रही है।

इस बार नॉनवेज की बिक्री रहेगी जारी
पिछले साल इज्तिमा प्रबंधकों ने इज्तिमागाह में नॉनवेज खाने की बिक्री पर पाबंदी लगाई थी। सफाई व्यवस्था को लेकर लगाई इस पाबंदी को लेकर लोगों ने एतराज भी जताया था और नाराजगी भी। हालांकि प्रशासन ने भी इस पाबंदी को लेकर आश्चर्य व्यक्त किया था। जिसके बाद इस साल खाने के स्टालों को नॉनवेज बिक्री की इजाजत दे दी गई है। जानकारी के मुताबिक इज्तिमागाह में करीब 50 से ज्यादा फूड जोन लगाए जाएंगे। जिनमें चाय, नाश्ता और खाना रियायती दामों पर उपलब्ध रहेगा। यह फूड जोन विभिन्न बिरादरियों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा लगाए जाते हैं, जिनका मकसद नो प्रॉफिट, नो लॉस के आधार पर जमातियों को सस्ता और बेहतर खाना मुहैया कराना होता है।

फैसले कुछ बाकी हैं
आलमी तब्लीगी इज्तिमा के दौरान तीन दिनों तक अलग-अलग समय तकरीर करने वाले उलेमाओं और दुआ-ए-खास की जिम्मेदारी संभालने वाले आलिम का नाम फिलहाल तय नहीं हुआ है। इसके लिए दिल्ली मरकज से नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

आने लगीं जमातें, कर रहीं शहर गश्त
आलमी तब्लीगी इज्तिमा में शिरकत करने वालों की तादाद में हर साल लगातार बढोतरी होती जा रही है। पिछले आयोजनों में यहां 10 से 12 लाख तक जमाती शिरकत करते रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस साल इस आयोजन में इस तादाद में और इजाफा होगा। इज्तिमा में शामिल होने के लिए शहर की विभिन्न मस्जिदों में अलग-अलग शहरों से जमातों का आने का सिलसिला शुरू हो गया है। यह जमातें मस्जिदों की स्थानीय गतिविधियों में जुटकर दीनी काम कर रहे हैं। साथ ही लोगों को इज्तिमा में शिरकत की दावत भी दे रहे हैं।

यह हो रहे इंतजाम
वर्ष : 78वां
जमाती आएंगे: करीब 15 लाख
पंडाल : 120 एकड़ में
पार्किंग : करीब 70 जोन
कितनी जगह : 300 एकड़ जगह पर

मुकद्दस सफ़र में न हों बदनीयती के शिकार, संभलकर चुनें हमराह : मुफ्ती रईस

भोपाल। आजकल देखने में आ रहा है कि बदनीयत और बेइमानी के धंधों में मुब्तिला लोग मुकद्दस सफ़र हज और उमराह के नाम पर भी लोगों को धोखा दे रहे हैं। इसलिए जरूरी हो गया है कि इन सफ़र के लिए ऐसा हमराह चुनें, जो शरई तरीके से मुनासिब, सहूलियत भरा और ईमानदार सफ़र पूरा करा सकें। ईमानदारी से साथ ले जाकर शरई अरकान की अदा करवा सकें और हिफाजत के साथ वापस घर तक लेकर आएं।
मुफ्ती रईस अहमद कासमी ने यह बात कही। वे कोहेफिजा स्थित उमर इंटरनेशनल टूर्स द्वारा आयोजित उमरा दल के प्रशिक्षण कार्यक्रम में बात कर रहे थे। इस टूर एजेंसी के दो उमराह ग्रुप जल्दी ही रवाना होने वाले हैं। इनमें एक भोपाल से 4 को और दूसरा 14 नवंबर को इंदौर से रवाना होगा। इस ग्रुप में शामिल होने के इच्छुक लोग मीर जाहिद अली से 8688011777 पर और हाजी सैयद बिलाल से 9175402021 मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इस मौके पर मुफ्ती साहब ने उमराह ग्रुप को उमरा के दौरान अपनाए जाने वाले जरूरी अरकान विस्तार से समझाएं। उन्होंने सभी जरूरी दुआएं और आवश्यक गाइड लाइन से संबंधित जानकारी भी ग्रुप को दी। मुफ्ती साहब ने उमराह के नाम पर होने वाली ठगी से भी सावधान रहने की हिदायत सबको दी। इस मौके पर मीर जाहिद अली और हाजी सैयद बिलाल ने उमर इंटरनेशनल टूर्स की सफल यात्रा, बेहतर सुविधाएं और सबके लिए बेहतर सुरक्षा का जिक्र किया।

किसानों के हित में बड़ा फैसला : 16 जिलों में बचे हुए किसानों का धान पंजीयन अब 6 नवंबर तक होगा

सरकार की मंशा, “हर किसान को मिले उसका हक

भोपाल। किसानों के हित में मध्यप्रदेश सरकार ने एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु बचे हुए किसानों का पंजीयन अब 6 नवंबर तक हो सकेगा। यह निर्णय प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की विशेष पहल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसान-हितैषी सोच का परिणाम है।
मप्र के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस संबंध में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार डिण्डौरी, मण्डला, बालाघाट, सतना, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनूपपुर, दमोह, सिवनी, मैहर, उमरिया, जबलपुर, सीधी, अलीराजपुर, बैतूल और पन्ना जिलों में अब शेष किसानों का पंजीयन निर्धारित नोडल अधिकारियों की उपस्थिति में किया जाएगा।
खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों से यह सुझाव प्राप्त हुए थे कि तकनीकी कारणों, समयाभाव या मौसम की बाधाओं के चलते कुछ किसान समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन नहीं करा पाए हैं। कलेक्टरों द्वारा भेजे गए इन प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करते हुए सरकार ने कृषक पंजीयन की अवधि में विस्तार का निर्णय लिया है ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी खरीदी से वंचित न रह जाए।

पंजीयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी :

खाद्य संचालनालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि, प्रत्येक पंजीयन केन्द्र पर खाद्य, सहकारिता, राजस्व एवं कृषि विभाग के नोडल अधिकारी की उपस्थिति में ही बचे हुए किसानों का पंजीयन किया जाएगा।
केन्द्रवार केवल उन शेष कृषकों का ही पंजीयन होगा, जिनके नाम जिला प्रस्ताव में उल्लेखित हैं। किसान पंजीयन हेतु आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद ही पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि 6 नवंबर तक शेष रहे किसानों का पंजीयन हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए।

सरकार की मंशा, “हर किसान को मिले उसका हक” :

खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार किसानों के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कोई भी किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने से वंचित न रह जाए, यह हमारा दायित्व है। इसीलिए पंजीयन अवधि बढ़ाई गई है।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खरीफ उपार्जन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाया जा रहा है ताकि किसान को मंडियों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हमेशा किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा है। उनकी पहल पर प्रदेश में कृषि आधारित योजनाओं का विस्तार किया गया है। सिंचाई, बीज, खाद, बिजली और फसल बीमा जैसी योजनाओं से किसानों को लगातार राहत दी जा रही है। धान उपार्जन पंजीयन अवधि बढ़ाए जाने का यह निर्णय इसी दृष्टि का विस्तार है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि राज्य का कोई भी किसान समर्थन मूल्य का लाभ पाने से वंचित न रहे।
सरकार के इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलेगी, जो अभी तक पंजीयन नहीं करा पाए थे। अब वे 6 नवंबर तक अपने नजदीकी पंजीयन केन्द्रों पर जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन करा सकते हैं। यह कदम प्रदेश सरकार की “किसान हित सर्वोपरि” नीति को एक बार फिर पुष्ट करता है।

राष्ट्र की एकता और अखंडता में सरदार पटेल का योगदान देश भुला नहीं सकता : गोविंद सिंह राजपूत

खाद्य मंत्री ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर एकता दौड़ को दिखाई हरी झंडी

भोपाल। सरदार वल्लभ भाई पटेल के 150वें जन्मोत्सव 31 अक्टूबर को सागर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर  एकता दौड़ (रन फॉर यूनिटी) को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने  राष्ट्र की एकता के लिए शपथ दिलाई और हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।
इस अवसर पर मंत्री राजपूत ने कहा कि राष्ट्रीय एकता, अखण्डता और सुरक्षा को बनाये रखने एवं मजबूत करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।  राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आज प्रदेश के सभी पुलिस थानों पर एकता दौड़ (रन फॉर यूनिटी) का आयोजन कर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान का  देश हमेशा उनका ऋणी रहेगा।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष सागर श्याम तिवारी, कलेक्टर संदीप आर, पुलिस अधीक्षक, संजीव ऊईके, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, लोकेश सिन्हा सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी अधिकारी मौजूद थे।
इस दौड़ में युवा खिलाड़ी, नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के सदस्य, स्कूल-कॉलेज के बच्चे, एनसीसी, एनएसएस कैडेट्स, सृजन समूह की बालिकाए, अभिमन्यु सामुदायिक पुलिस के बालक, पुलिस कर्मी एवं विसबल वाहिनियों के पुलिस कर्मी अधिक से अधिक मात्रा में भाग लिया। दौड़ के प्रारंभिक एवं अंतिम स्थल पर राष्ट्रीय एकता दिवस से संबंधित पोस्टर, बेनर एवं हॉर्डिंग्स लगाये गए।

सभी पात्र हितग्राहियों को मिले योजनाओं का लाभ-कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह

कलेक्टर ने ग्राम भानपुर केकड़िया में शिविर का किया निरीक्षण एक बगिया मां के नाम” योजना में आम के पौधे का किया रोपण


जीतेन्द्र सेन
भोपाल।। कलेक्टर  कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने ग्राम भानपुर केकड़िया के ग्राम पंचायत भवन में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत आयोजित शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाए तथा निरंतर हितग्राहियों के लिए शिविरों का आयोजन कर योजनाओं का लाभ सुलभ तरीके से उपलब्ध कराया जाए।
इसके पश्चात कलेक्टर  सिंह ने साईं बाबा समूह की हितग्राही श्रीमती मंजू बाई पति सूरज सिंह के “एक बगिया मां के नाम” योजना में आम के पौधे का रोपण किया। हितग्राही श्रीमती मंजू बाई को ₹2.79 लाख की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत हितग्राही द्वारा आम के 100 पौधे रोपित किए जाएंगे।

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत भोपाल जिले के एकमात्र ग्राम भानपुर केकड़िया में 17 विभागों की 25 अधोसंरचना एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाना है। इस अभियान के अंतर्गत ग्राम चयन हेतु 500 या उससे अधिक जनसंख्या तथा 50 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या होना अनिवार्य है। ग्राम भानपुर केकड़िया की कुल जनसंख्या 2120 है, जिसमें से 1119 जनसंख्या जनजाति वर्ग की है।

सीखकर जाएंगे, पूरे अरकान निभाएंगे, उमराह के लिए भी दे रहे तरबियत

भोपाल। लोगों में इन दिनों उमराह के लिए उत्साह बढ़ा है। दिल्ली, मुंबई या कश्मीर, नैनीताल की तफरीह की बजाए लोगों ने मजहबी सफ़र को तरजीह दी है। यही वजह है कि दर्जनों टूर एजेंसियां हर माह कई उमराह ग्रुप रवाना कर रहे हैं।
उमराह पर जाने वाले भी इस मुबारक सफ़र के अरकान पूरे करके लौटें, यह कोशिश की जा रही है। इसके लिए अलग अलग तारीखों में तरबियती कैंप लगाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में भोपाल के उमर इंटरनेशनल टूर एंड ट्रेवल्स ने एक नवम्बर को राजधानी भोपाल में उमराह तरबियती कैंप का आयोजन किया है। यह कैंप कोहेफिजा स्थित उमर इंटरनेशनल टूर एंड ट्रेवल्स के दफ्तर में आयोजित किया जाएगा। सुबह 10  बजे से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम दोपहर 1:00 तक जारी रहेगा। इसे मौलाना मुफ्ती रईस अहमद खान क़ासमी संबोधित करेंगे और उमराह के अरकान समझाएंगे। आयोजक काजी सैयद अनस अली नदवी ने बताया कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के इच्छुक मोबाइल नंबर 9175402021 और
8688011777 पर संपर्क किया जा सकता है।

लौह पुरुष सरदार पटेल : भारत की एकता के अमर शिल्पीगांधी और नेहरू के संग आत्मीयता से गढ़ी राष्ट्रीय एकता की अटूट नींव

(श्रीमती विभा पटेल)
भारत की स्वतंत्रता का इतिहास जिन महापुरुषों के बिना अधूरा है, उनमें सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित है। वे केवल स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा नहीं, बल्कि स्वतंत्र भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय चरित्र के जीवंत प्रतीक थे। उनका जीवन त्याग, अनुशासन, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति की वह गाथा है, जो हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।
संघर्षों से तपकर बना लौह व्यक्तित्व
31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नाडियाड में जन्मे वल्लभभाई पटेल साधारण किसान परिवार से थे, किंतु उनकी प्रतिभा असाधारण थी। सीमित संसाधनों में शिक्षा प्राप्त कर वे एक सफल वकील बने, पर उनके भीतर जनसेवा का ज्वार निरंतर उमड़ता रहा। उनका जीवन सादगी और कठोर परिश्रम का संगम था। वे मानते थे कि “सच्चा नेतृत्व वाणी से नहीं, कर्म से प्रकट होता है।” यही कर्मठता उन्हें आगे चलकर “लौह पुरुष” के रूप में प्रतिष्ठित करने वाली बनी।
स्वतंत्रता आंदोलन के दृढ़ सेनानी
महात्मा गांधी के नेतृत्व से प्रेरित होकर सरदार वल्लभ भाई पटेल ने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई। 1918 के खेड़ा सत्याग्रह और 1928 के बारडोली आंदोलन ने उन्हें जनता का सच्चा नेता बना दिया। अन्यायपूर्ण कर नीति के विरुद्ध उन्होंने किसानों को संगठित किया और ब्रिटिश हुकूमत को झुकने पर विवश कर दिया। इसी आंदोलन के बाद जनता ने उन्हें स्नेहपूर्वक “सरदार” की उपाधि दी।
भारत छोड़ो आंदोलन के समय उनका जोश और अडिगता जन-जन में स्वाधीनता की नई चेतना लेकर आई। गांधीजी ने उनके लिए कहा था — “वल्लभभाई अविचल संकल्प और अडिग चरित्र के व्यक्ति हैं।”
भारत के एकीकरण का अद्भुत अध्याय
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत 562 रियासतों में बँटा हुआ था। यह नवनिर्मित राष्ट्र के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी। देश के पहले गृह मंत्री और उपप्रधानमंत्री के रूप में सरदार पटेल ने दृढ़ संकल्प, राजनीतिक कुशलता और असाधारण संगठन क्षमता से इन रियासतों का भारत में विलय कराया। हैदराबाद, जूनागढ़ और कश्मीर जैसी जटिल रियासतों से निपटने में उन्होंने संयम और कठोरता का अद्भुत संतुलन दिखाया। कुछ ही महीनों में लगभग सभी रियासतें भारत का अभिन्न अंग बन गईं। इस महान कार्य के कारण वे सदा के लिए “भारत के एकीकरण के शिल्पी” और “लौह पुरुष” कहलाए।
गांधी और नेहरू के संग आत्मीयता व सहयोग
सरदार पटेल और महात्मा गांधी का संबंध गहन आत्मीयता का था। गांधीजी के विचार उनके जीवन का आधार बने। वे सदैव तर्क और व्यवहारिक दृष्टि से निर्णय लेते थे। दोनों उद्देश्य सदैव एक — राष्ट्रहित — ही रहता था। गांधीजी उन्हें “मेरा सबसे विश्वसनीय साथी” कहते थे।
पंडित जवाहरलाल नेहरू से भी उनके संबंध काफी मजबूत थे। जहां नेहरू ने भारत के आधुनिक निर्माण की दिशा दी, वहीं पटेल ने उसकी नींव को एकता के सीमेंट से मजबूत किया। दोनों के संयुक्त प्रयासों से भारत का लोकतांत्रिक ढांचा साकार हुआ। नेहरू ने कहा था — “यदि सरदार न होते, तो भारत का मानचित्र शायद आज ऐसा न होता।”
एकता में ही भारत की आत्मा
सरदार पटेल ने सदा कहा — “हमारी जाति, धर्म और भाषा भिन्न हो सकती है, पर भारत हमारी साझा पहचान है।” आज जब समाज में विभाजन और असहिष्णुता के स्वर सुनाई देते हैं, तब पटेल का यह संदेश पहले से अधिक प्रासंगिक प्रतीत होता है। उन्होंने दिखाया कि मतभेदों के बावजूद मिलकर चलना ही राष्ट्र की असली शक्ति है।
अमर संकल्प की प्रेरणा
सरदार पटेल का जीवन यह सिखाता है कि सच्चा राष्ट्रभक्त वह है जो अपने निजी हितों से ऊपर उठकर देश की एकता और सम्मान के लिए कार्य करे। उनकी दृढ़ता, निष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी हमारे लिए आदर्श है।
31 अक्टूबर, उनकी जयंती के अवसर पर आइए हम सब यह संकल्प लें कि हम भी अपने कर्म, अनुशासन और निष्ठा से उस भारत का निर्माण करें जिसका सपना सरदार पटेल ने देखा था — एक ऐसा भारत जो विविधता में एकता का प्रतीक हो, सशक्त, अखंड और आत्मनिर्भर हो।
सरदार पटेल की यह पंक्ति आज भी उतनी ही सार्थक है —
“एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, और यही भारत की आत्मा है।”
(लेखिका मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष हैं)

थाना बैरसिया पुलिस ने नाबालिग बालिका को उज्जैन से सकुशल दस्तयाब कर परिजनो के सुपुर्द किया

जीतेन्द्र सेन
भोपाल।। पुलिस अधीक्षक भोपाल देहात रामशरण प्रजापति के द्वारा अपहरण एवं महिला संबंधी अपराधो मे त्वरित कार्यवाही एवं निकाल करने हेतु निर्देशित किया गया है। पुलिस अधीक्षक भोपाल देहात के निर्देशन के तारतम्य मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपाल, देहात डॉ नीरज चौरसिया,  अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) संभाग बैरसिया मंजू चौहान के नेतृत्व मे सभी थाना प्रभारियों को  प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया था इसी तारतम्य में थाना बैरसिया द्वारा एक अपहृत बालिका को उज्जैन से सकुशल दस्तयाब करने मे सफलता पाई गई।जिसमें                                                                        घटना का सक्षिंप्त विवरण
दिनांक 14.10.25 को फरियादी निवासी बैरसिया ने रिपोर्ट किया की उसकी नाबालिग लडकी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहलाफुसलाकर भगा ले गया जिस पर से थाना बैरसिया मे अपहरण का मामला पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया
चुकिं मामला नाबालिग लडकी से संबंधित होने से थाना प्रभारी बैरसिया के नेतृत्व मे एक विशेष पुलिस टीम का गठन कर पुलिस टीम द्वारा अपर्हता की पतारसी अलग-अलग स्थानो पर सतत रूप से  एवं तकनीकि साक्ष्यो तथा मुखबिर तंत्र के आधार पर की गई जो तकनीकि आधार पर पता चला की  अपहृता उज्जैन मे है पुलिस टीम द्वारा अथक प्रयास व मेहनत से उज्जैन मे दबिश देकर अपहृत लडकी को सकुशल दस्तयाब किया गया तथा परिजनो के सुपुर्द किया गया

इनकी रही सराहनीय भूमिका
कार्यवाही में निरी. वीरेन्द्र कुमार सेन ,उनि प्रियांशी कौरव,म.आर. शीला दांगी.प्रआर.मुश्ताक सायबर सेल देहात भोपाल एवं एनआरएस बबलू राजपूत एवं मोकम सिंह का विशेष योगदान रहा।

बैरसिया में एसडीएम आशुतोष शर्मा तहसीलदार दीपक चौरसिया की मौजूदगी में किसानों को वितरित किया गया खाद

एसडीएम शर्मा ने करवाई खाद वितरण स्थल पर टेंट कुर्सियां एवं पेयजल की व्यवस्था

जीतेन्द्र सेन
बैरसिया।। मंगलवार को  बैरसिया में मंडी प्रांगण स्थित खाद वितरण गोदाम व अन्य खाद गोदामों पर यूरिया और डीएपी खाद वितरण में हो रही जमकर धांधली पर अंकुश लगाने एसडीएम आशुतोष शर्मा एवं तहसीलदार दीपक चौरसिया मंडी स्थित खाद वितरण गोदाम एमपी एग्रो पर बैठे और खाद वितरण कराया इसके साथ ही एसडीएम आशुतोष शर्मा ने सबसे पहले खाद लेने आए किसानों से चर्चा की और किसानों को बैठने के लिए खाद वितरण स्थल पर टेंट व कुर्सियां लगवाने के साथ ही पेयजल की व्यवस्था कराई गई इसके बाद कृषि विभाग और राजस्व विभाग अमला आरआई,पटवारियों ने किसानों की सुविधा अनुसार टोकन वितरण कर खाद वितरण किया गया इस दौरान एसडीएम  आशुतोष शर्मा तहसीलदार दीपक चौरसिया नायब तहसीलदार पुलिस जवान एवं राजस्व विभाग का अमला कृषि विभाग के अधिकारी गण और कृषक बंधु मौजूद रहे।

अब मोबाइल में कॉल करने वाले का नाम और नंबर दोनों दिखेंगे, नहीं पढ़ेगी ट्रू कॉलर की जरूरत !

भोपाल- अब आपके मोबाइल पर कॉल आएगी तो सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि सामने वाले कॉलर का असली नाम भी दिखेगा. दूरसंचार विभाग यानि DoT ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे अगले एक हफ्ते के भीतर कम से कम एक सर्किल में कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन सेवा शुरू करें। अब इस सुविधा के लागू होने के बाद फोन उठाने से पहले ही आपको यह पता चल जाएगा कि कॉल किसके नाम से आ रही है.यह Truecaller जैसी ऐप्स का सरकारी विकल्प है, लेकिन नेटवर्क लेवल पर काम करेगा। शुरुआत में 4G और 5G नेटवर्क्स पर ही, क्योंकि 2G यूजर्स के लिए तकनीकी रूप से संभव नहीं है। टेस्टिंग हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे सर्कल्स में सफल रही है।

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