आदेश के बाद नगर निगम रोके बैठा है तोड़ने की कार्यवाही
भोपाल। राजधानी भोपाल के वीआईपी मूवमेंट वाले वीआईपी रोड की विवादित खसरा नंबर 78 की भूमि का मामला अब सीएम दरबार में पहुंच गया है। इस जमीन पर बने मकान को अदालत के आदेश के भी न गिराने की बात भी सीएम की जानकारी में लाई गई है। यहां हुए निर्माण में हिबनामा, निगम अनुज्ञा, इसके खरीद बिक्री और नामांतरण मामले में किए गए भ्रष्टाचार का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है।
सीएम हेल्पलाइन प्लेटफॉर्म पर यह शिकायत दर्ज कराई गई है। इसमें नगर निगम, नजूल और अन्य विभागों की गलतियां, कमियां और कोताही बताते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव से मामले में हस्तक्षेप करने के लिए कहा गया है।
शिकायतकर्ता ने बताया है कि वीआईपी रोड पर स्थित खसरा नंबर 78 पर अव्यवस्थाओं का साम्राज्य छाया हुआ है। जिसके चलते यहां कई बड़े निर्माण ने आकार ले लिया है। इनमें रहवासी मकान, होटल, शादी हाल, कवर्ड कैंपस आदि शामिल हैं।
हुए थे तोड़ने के आदेश
शत्रु संपत्ति में शामिल का स्थान पर एक प्लॉट पर बड़ी कोठी खड़ी कर ली गई है। फर्जी हिबानामे और बिना नगर निगम अनुज्ञा के किए गए इस निर्माण की खरीदी बिक्री भी कर दी गई है। साजिश के तहत एक महिला ने अपने बेटे के नाम ही बिक्री सौदा लिख दिया है। भ्रष्टाचार में लिपटी कार्यवाही के दौरान इसके नामांतरण की कार्यवाही भी पूरी कर ली गई है। इस संपत्ति को लेकर कई अदालती मामले प्रचलन में हैं, लेकिन न्यायालय के आदेशों की अवहेलना भी इस दौरान की गई है।
कमियां, गलतियां, कोताही
कहां : खसरा नंबर 78
हिबानामा: अनधिकृत व्यक्ति
भवन अनुज्ञा : नहीं हुई
नामांतरण : नियम विरुद्ध
अवहेलना : अदालत ने तोड़ने के आदेश दिए थे, नगर निगम ने आदेश दबा दिया है।
अब आगे क्या
सीएम डॉ. मोहन यादव ने पूरे प्रदेश में अवैध निर्माण के खिलाफ छेड़ रखा है। गत दिनों ऐसे कई निर्माण पर बुलडोजर चला है। शिकायत होने के बाद खसरा नंबर 78 पर भी कार्यवाही की उम्मीद की जा रही है। कहा जा रहा है कि अवैध रूप से हुए निर्माण और इससे जुड़े सभी विभागों तथा अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने की तैयारी की जा रही है।
