हर वर्ग और हर समाज को मिले समान अवसर और सम्मान

राहुल गांधी से अल्पसंख्यक एडवाइज़री काउंसिल की लंबी बातचीत

भोपाल। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अल्पसंख्यक एडवाइज़री काउंसिल के पचास से अधिक सदस्यों के साथ विस्तृत संवाद किया। यह बैठक खुली बातचीत और खुली मानसिकता के साथ हुई, जिसमें हर वर्ग और हर समाज के समान अवसर व सम्मान पर जोर दिया गया। राहुल गांधी ने भाजपा के नफ़रत के एजेंडे के खिलाफ “मुहब्बत की राजनीति” के विचार को दोहराते हुए कहा कि हर समुदाय को बराबरी का मुकाम मिलना चाहिए।अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने राहुल गांधी का आभार व्यक्त किया और उनके प्रति धन्यवाद जताया कि उन्होंने अल्पसंख्यक समाज के नेताओं को सुना और उनकी समस्याओं तथा सुझावों को गंभीरता से समझा। बैठक में शामिल प्रमुख प्रतिनिधियों में तारिक अनवर, अभिषेक मनु सिंहवी, अजहरूद्दीन, गुपदीप सप्पल, विधायक आरिफ मसूद, क़नीज़ फ़ातिमा, क्रिस्टोफ़र तिलक, नासिर हुसैन, इमरान मसूद, असलम शेख़, साजिद पठान, इरफ़ान अंसारी, रक़ीबुद्दीन, हमदुल्ला सईद, जेबी माथेर हिशाम सहित अन्य अनेक सदस्य शामिल थे।विशेष रूप से भोपाल से विधायक आरिफ मसूद ने राहुल गांधी को मुस्लिम समुदाय से जुड़ी निर्मनों और सुझावों को बेबाकी से रखा, जिन्हें राहुल गांधी ने ध्यानपूर्वक सुना और गंभीरता से ग्रहण किया। बैठक के दौरान सामाजिक समानता, सुरक्षा, शिक्षा एवं रोजगार जैसी अहम पहलुओं पर चर्चा हुई और कई ठोस सुझाव रखे गए जिन पर आगे कार्यवाही करने का आश्वासन भी दिया गया।बैठक का स्वर समावेशी रहा और प्रतिनिधि मंडल ने आशा जताई कि यह संवाद आगे भी जारी रहेगा तथा समुदायों के बीच भरोसा और आपसी समझ बढ़ाने में मदद करेगा।

एक संदेश शहर के नाम : ताकि सभी ले सकें त्यौहार का मजा

ईद-उल-अज़हा 2026 : स्वच्छता प्लानिंग एवं अवेयरनेस मुहिम

भोपाल। ईद-उल-अज़हा के मौक़े पर इस साल सामाजिक संस्था भोपाल सर्विंग ह्यूमैनिटी ने अनेक संस्थाओं के साथ मिलकर पहले से कहीं ज़्यादा बड़े स्तर पर तैयारी की है। पिछले वर्षों के अनुभव को देखते हुए इस बार पूरी प्लानिंग को और मज़बूत, व्यवस्थित और ग्राउंड लेवल तक प्रभावी बनाया गया है, ताकि भोपाल शहर का हर इलाक़ा ईद के दौरान साफ़, सुरक्षित और व्यवस्थित बना रहे।इस वर्ष इस टीम ने वॉलंटियर्स की संख्या में बड़े स्तर पर इज़ाफ़ा किया है। अलग-अलग वार्डों, कॉलोनियों और मुस्लिम बस्तियों के लिए विशेष टीमें तैयार की गई हैं, जिन्हें उनकी ज़िम्मेदारियाँ पहले से निर्धारित कर दी गई हैं। खास तौर पर उन दूर-दराज़ इलाक़ों और छोटी बस्तियों पर ध्यान दिया जा रहा है जहाँ अक्सर सफ़ाई व्यवस्था पहुँचने में कठिनाई होती है।

स्पेशल ग्राउंड प्लानिंग

नगर निगम के साथ समन्वय बनाकर Waste Collection पर विशेष निगरानी रखा जाएगा।

हर क्षेत्र में अलग-अलग वॉलंटियर टीम तैनात रहेगी।

लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार Announcement और Awareness Campaign चलाए जाएंगे।

संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सफ़ाई टीम और निगरानी रखी जाएगी।

अपील

क़ुर्बानी के जानवरों के अवशेष (Organs/Waste) सड़कों, नालियों या खाली जगहों पर बिल्कुल ना डालें।इन्हें केवल नगर निगम की गाड़ियों में दें या नगर निगम द्वारा निर्धारित Collection Points पर ही जमा करें।

यह कोशिश भी

इस साल स्वच्छता मुहिम को और असरदार बनाने के लिए भोपाल के तमाम सोशल मीडिया Influencers, समाजसेवी और जागरूक नागरिकों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है, ताकि साफ़-सफ़ाई का पैग़ाम शहर के हर घर और हर मोहल्ले तक पहुँचे।

स्वच्छता अवॉर्ड 2026

हर साल की तरह इस साल भी वह वार्ड, मोहल्ला और कॉलोनी जो ईद के दौरान सबसे बेहतर साफ़-सफ़ाई बनाए रखेगी और अपने क्षेत्र की स्वच्छता के Videos एवं Photos साझा करेगी, उन्हें Cleanliness Award 2026 से सम्मानित किया जाएगा।

यह रहेंगे साथ

ईद-उल-अज़हा 2026 के मौक़े पर आयोजित इस विशेष स्वच्छता एवं अवेयरनेस अभियान में शहर की कई सामाजिक एवं खिदमती तंज़ीमें मिलकर अपनी ज़िम्मेदारी अदा कर रही हैं।इनमें भोपाल सर्विंग ह्यूमैनिटी,न्यूज मोहल्ला, टीम बीबीएम, रहमान फाउंडेशन, मेजबान, सेंट्रल खिदमत टीम आदि शामिल हैं।

आगामी त्यौहार ईद -उल-अजहा को लेकर थाना गुन्गा में शांति समिति की बैठक सम्पन्न

जीतेन्द्र सेन

बैरसिया। गुनगा थाना परिसर में आगामी त्योहार ईद उल अजहा को लेकर गुरुवार को शांति समिति की बैठक का आयोजन थाना प्रभारी रिंकू जाटव की उपस्थिति में किया गया। बैठक में थाना प्रभारी रिंकू जाटव ने क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों धर्मगुरुओं को आगामी त्योहार को शांति सद्भावना भाईचारे और साफ सफाई के साथ मनाने की अपील की गई। साथ ही किसी भी असामाजिक गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की बात कही गई वहीं त्यौहार पर सायबर सुरक्षा को लेकर भी जागरूक किया गया इस दौरान पुलिस स्टाफ एवं क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

जिन किसानों के स्लॉट बुक हैं, उनसे 28 मई तक गेहूं खरीदेगी सरकार, सीएम डॉ. मोहन बोले- किसान कल्याण के लिए हम प्रतिबद्ध

बड़ी राहत, जिनके 23 मई तक स्लॉट बुक

स्लॉट बुकिंग के बावजूद खरीदी में आ रही थीं समस्याएं

मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास से इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन होगा

भोपाल। गेहूं उपार्जन के लिए जिन किसानों के स्लॉट 23 मई तक बुक हो चुके हैं, उनके लिए बड़ी खुशखबरी है। अब सरकार उनका गेहूं 28 मई तक खरीदेगी। सरकार ने अंतिम 23 मई की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 20 मई को इस बात की घोषणा की। मध्यप्रदेश सरकार किसान कल्याण के प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास से इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन होगा। इससे किसानों को बड़ा फायदा पहुंचेगा। गेहूं उपार्जन की तारीख को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि किसान कल्याण वर्ष में हमारी सरकार लगातार किसान हितैषी निर्णय ले रही है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि हमने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बीते वर्ष हमने लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने जा रहे हैं। पूरे देश में अगर सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदा गया, तो वो हमारे राज्य मध्यप्रदेश में खरीदा गया है। अभी तक हम 91 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद चुके हैं। इसके लिए अंतिम तारीख 23 मई निर्धारित थी। मुझे किसानों द्वारा बताया गया कि उन्होंने स्लॉट तो बुक कर लिए, लेकिन लाइन लंबी है। इस पर हमने कहा कि जिनके भी स्लॉट बुक हुए हैं, ऐसे सभी किसानों से हम गेहूं खरीदेंगे। इसलिए उन किसानों के गेहूं उपार्जन की तारीख 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक करने की मैं घोषणा करता हूं।

वैश्विक चुनौतियों के बीच समाधान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान-गरीब-महिला-युवा, चारों वर्गों की हम चिंता करते हैं। मैं किसान भाई-बहनों से निवेदन करता हूं कि आप चिंता मत करिए, हम स्लॉट बुकिंग का गेहूं खरीदने का प्रबंधन कर रहे हैं। वैश्विक चुनौतियों के बीच गेहूं भंडारण भी हमारे लिए चुनौती है। बारदाना खरीदना-लाना भी एक चुनौती है। हमारे सामने मौसम और ट्रांसपोर्टेशन भी चुनौती है। इसके बावजूद हमने भंडारण की क्षमता बढ़ाई। उन्होंने कहा कि हम किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम खरीदी केंद्र पर 2625 रुपये क्विंटल गेहूं का दाम देंगे।

बड़बोलेपन ने डाला प्रियंक को मुसीबत में… हो रहीं एक के बाद एक शिकायतें

पहले AI निर्मित तस्वीर, अब प्रताड़ना की एक दास्तां

भोपाल। अब तक एक कौम खास को लेकर टिप्पणियों की बारिश थी, सोचा था कि सरदार खुश होंगे और इनाम भी देंगे… लेकिन कुछ नया पाने की होड़ में लगी इस तेज दौड़ में वे अपनी पार्टी के लोगों को प्रतिद्वंद्वी बना बैठे। नतीजा एक ऐसे प्रकरण के रूप में सामने आया है कि अपने लोगों की नाराज़गी भी ओढ़कर बैठ गए हैं।मामला राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो से जुड़ा है। वैसे तो आयोग के संवैधानिक दायरों में रहते हुए उन्हें सीधे सियासी मामलों में पड़ना नहीं था। लेकिन प्रियंक कानूनगो ने एक कौम खास को टारगेट करते हुए जो बयानबाजी शुरू की तो वे यहां तक भी बोलते गए कि राजधानी की किसी विधानसभा को अपना ठिकाना बनाने की मंशा में घिरे दिखने लगे। मुस्लिम समाज के कई आंतरिक मामलों में वे दखलंदाजी करते दिखाई दिए। इन हालात से वे लोग विचलित भी हुए, जो बरसों से राजधानी में अपनी जमीन तैयार कर रहे हैं। ऐसे में किसी नए समीकरण पर सियासी खलबली का माहौल बन गया। जिसका नतीजा प्रियंक कानूनगो के खिलाफ शिकायतों के रूप में आया है। सूत्र बताते हैं कि इन सब हालात के पीछे कोई और नहीं, बल्कि उनकी अपनी ही पार्टी के लोग लगे हुए हैं।

भगवान को कर दिया कैद

मामला विदिशा जिले की त्योंदा तहसील के ग्राम कस्बा बांगरोद का बताया जा रहा है। यहां स्थित शासन संधारित अति प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर को लेकर उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो के भाई मयंक कानूनगो ने मंदिर पर ताला जड़ दिया है, जिससे भगवान कैद हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि मयंक कानूनगो मंदिर की मूर्तियों को हटवाकर राम जानकी मंदिर में रखवाने पर अड़े रहे जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। इस दौरान जमकर कहासुनी हुई। तब प्रशासनिक अधिकारी द्वारा नवीन पुजारी को व्यस्था सौंपकर मंदिर के ताले खुलवाए।

तुम्हारे पूरे परिवार का पता नहीं चलेगा… धमकीl

मंदिर के पुजारी लकी महाराज ने शिकायत की है कि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो द्वारा उन्हें और उनके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। वह धमकी दे रहे हैं कि तुम यह गांव और जमीन छोड़कर चले जाओ नहीं तो तुम्हारे पूरे परिवार का पता नहीं चलेगा। पुजारी ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रपति को भी की है।

पहले इस तरह किया था माहौल खराब

पिछले सप्ताह प्रियंक कानूनगो के खिलाफ कांग्रेस नेता औसाफ बबलू ने जहांगीराबाद थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि एक AI निर्मित तस्वीर के सहारे प्रियंक ने शहर का माहौल खराब करने की कोशिश की थी। इस तस्वीर में उन्होंने एक मंदिर को जेसीबी से तोड़ते हुए एक कौम खास के लोगों को दिखाया था।

कलाकार भी पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद गंभीर : शिवराज

मंच कलाकार अदनान खान ने पूर्व मुख्यमंत्री के अभियान में दिया योगदान

भोपाल। पर्यावरण संरक्षण और इसके विकास एवं विस्तार के लिए लगातार काम जारी रहना चाहिए। हर इंसान की इसके लिए ज़िम्मेदारी है। रंगमंच से लेकर सुनहरी पर्दे तक से बेहतर समाज और उज्ज्वल भविष्य के लिए संदेश देने वाले कलाकार भी इस दिशा में अपनी कोशिशें जारी रखे हुए हैं। उम्मीद की जाना चाहिए कि हर मामले में इनको फालो करने वाले इनके लाखों फॉलोअर्स इस भलाई की दिशा को भी चुनेंगे।केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पर्यावरण को लेकर किए जाने वाले हरदिन पौधारोपण में रविवार को रंगमंच के वरिष्ठ कलाकार अदनान खान ने हिस्सा लिया। उन्होंने राजधानी भोपाल में शिवराज के साथ पौधा लगाया और इसको फलने फूलने में और सतत देखभाल का भी संकल्प लिया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज ने अदनान का स्वागत किया। उन्होंने अदनान के इस सहयोग का धन्यवाद भी किया।

5 साल का अभियान

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पौधारोपण की शुरुआत 19 फरवरी 2021 को अमरकंटक से हुई थी। इसके तहत वे प्रतिदिन एक पौधा लगाते हैं और आम जनता से भी अपने जन्मदिन या वर्षगांठ जैसे विशेष अवसरों पर पेड़ लगाने की अपील करते हैं।

शिवराज का प्रयास

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अभियान को अधिक विकसित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे अधिक से अधिक नागरिक इस पहल से जुड़ सकें। उन्होंने संतों, मनीषियों, सामाजिक संगठनों और पर्यावरणविदों से भी अपने प्रवचनों और अभियानों के माध्यम से पौधारोपण के लिए जन-जन को प्रेरित करने का आह्वान किया।

इंसाफ की मांग करने वाले ही कटघरे में…

आयोग सदस्य कानूनगो की शिकायत

भोपाल। वैसे जिम्मेदारी तो उन्हें मानवों के अधिकार की सुरक्षा की दी गई। चिंता वे सियासत की बहती धारा में हाथ धोने की कर रहे हैं। लागतार बयानों और क्रियाकलाप में खुद को हिंदूवादी बताने के प्रयास कर रहे हैं। इन कोशिशों में मुस्लिम समाज को भी अपना लक्ष्य उन्होंने बना लिया है। राजधानी भोपाल के एक मामले को गलत तरीके से पेश करते हुए वैमनस्यता फैलाने की हिमाकत उन्होंने कर दी है। जिसे लेकर समाज का एक धड़ा नाराज है और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करा आया है।

मामला राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो से जुड़ा है। जिन्हें लेकर राजधानी भोपाल में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता औसाफ बबलू और साथियों ने पुलिस को लिखित आवेदन दिया है। जिसमें कहा गया है कि आयोग सदस्य कानूनगो ने एकएआई जनरेटेड भ्रामक पोस्ट से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की है। उन्होंने इस मामले में भोपाल पुलिस से सख्त कार्यवाही की मांग की है।

यह है मामला

मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म फेसबुक पर एक कथित एआई जनरेटेड तस्वीर साझा की गई है। जिसको लेकर शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने गंभीर आपत्ति व्यक्त की है।वायरल तस्वीर में संत रविदास मंदिर के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों को टोपी पहने हुए तथा जेसीबी मशीन के साथ मंदिर तोड़ते हुए दर्शाया गया है। साथ ही मंदिर के समीप मस्जिद को भी दिखाया गया है। आपत्ति करने वालों का कहना है कि यह तस्वीर पूरी तरह काल्पनिक, भ्रामक और सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाली है, जिसका उद्देश्य शहर की शांति और भाईचारे को प्रभावित करना प्रतीत होता है।*सब कुछ काल्पनिक*सामाजिक प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम समाज का न तो इस कथित घटना से कोई संबंध है और न ही समुदाय का कोई व्यक्ति जेसीबी मशीन लेकर वहाँ पहुँचा था। यदि किसी निर्माण या संरचना को हटाने का प्रस्ताव है, तो वह मेट्रो परियोजना अथवा अन्य शासकीय विकास कार्यों के अंतर्गत प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। ऐसे मामलों को किसी विशेष समुदाय से जोड़कर प्रस्तुत करना दुर्भावनापूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना कदम माना जा रहा है।

बताया शांति को खतरा

शिकायतकर्ता का कहना है कि सबंधित व्यक्ति आयोग के पद पर बैठ कर एक समुदाय विशेष के खिलाफ दूसरे समुदायों को भड़का रहा है फेसबुक पेज https://www.facebook.com/share/18Zxshkptp/जबकि संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह समाज में विश्वास, शांति और सद्भाव को मजबूत करे। बिना सत्यापन के भ्रामक सामग्री साझा करना न केवल पद की गरिमा के प्रतिकूल है, बल्कि इससे सामाजिक तनाव भी बढ़ सकता है।

उठी कार्यवाही की मांग

शिकायतकर्ता ओसाफ बबलू द्वारा जहांगीराबाद थाना में एक शिकायती आवेदन प्रस्तुत कर मांग की है कि पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी आदेश के अनुसार एआई जनरेटेड और भ्रामक सामग्री के माध्यम से समाज में तनाव फैलाने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति भोपाल की गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक सौहार्द से खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।===============

मैं घोर सनातनी, भोजशाला फैसले से कोई विरोध नहीं: दिग्विजय

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का एक वार्तालाप शनिवार को सोशल मीडिया पर जमकर वायरल रहा। भाजपा नेत्री ऊषा ठाकुर के साथ बातचीत के इस वीडियो में वे सनातन पर जमकर ज्ञान दे रहे हैं और खुद को पक्का सनातनी भी करार दे रहे हैं। इस बातचीत में उन्होंने धार स्थित कमाल मौला मस्जिद को लेकर दिए गए अदालत के फैसले से भी सहमति जताई।वीडियो किसी कार्यक्रम का बताया जा रहा है। जिसमें दिग्विजय सिंह शामिल थे। यहां भाजपा नेत्री ऊषा ठाकुर भी दिखाई दे रही हैं। ऊषा ने दिग्विजय सिंह को अपना भाई करार दिया। इस पर दिग्विजय ने खुलकर कहा कि वे घोर सनातनी हैं और उनके बाद ही भाजपा ने इसको अपना मुद्दा बनाया। उन्होंने ठाकुर से सवाल भी किया कि क्या उन्होंने नर्मदा परिक्रमा की है या उपवास व्रत का पालन करती हैं। इस बीच जब ऊषा ठाकुर ने दिग्विजय से कहा कि आपको हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए तो दिग्विजय ने जवाब दिया कि ऐसा किसने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ हैं?

चल पड़ी सियासत

दिग्विजय और ऊषा की इस वार्तालाप से उस बात को बल मिल गया है, जिसमें कहा जाता है सभी राजनीतिक जन आपस में बेहतर रिश्ते रखते हैं। उनकी लड़ाई मंच और पोस्टरों पर ही दिखाई देती है।

एक पक्ष में खुशी, दूसरा मायूस

कांग्रेस के दिग्गज और वरिष्ठ नेता का इस तरह खुलेआम चर्चा करना कुछ लोगों के लिए पीड़ा का कारण बन गया है। खासकर उनके लिए जिनसे 80 प्रतिशत वोटों की अपेक्षा की जाती है। इसी बात पर सामने वाली पार्टी उन्हें खुलकर गाली बक रही है। इसके विपरीत वे लोग इस मुलाकात और बातचीत के बिंदुओं से खुश भी हैं, जिनके लिए हमेशा यह चर्चा रही है कि दिग्विजय जब भी कुछ करते हैं, उससे कांग्रेस का नुकसान और भाजपा का फायदा हुआ है।

बैरसिया इलाके के कई गांवों में बे मौसम बारिश हवा आंधी तूफान से हुआ फसलों में नुकसान

किसानों के अरमानों पर फिरा पानी चार महीने की मेहनत मिट्टी में मिली

जीतेन्द्र सेन
बैरसिया।। बीते बुधवार गुरुवार की रात बे मौसम हल्की बारिश और हवा आंधी तूफान से बैरसिया तहसील के कई इलाकों में गेहूं चना यदि की पकी खड़ी फसलें तो कही  कच्ची ओर हरी फासले पूरी तरह से जमीन में बिछकर धराशाई हो गई जिससे किसानों की पूरी चार महीने की मेहनत पर पानी फिर गया और भारी नुकसान होने की संभावना है। गौरतलब हैं कि एक तरफ किसानों ने महंगे महंगे दामों में खाद,बीज दवाइयां आदि खरीदी और चार महीने तक किसान अपना सीना ताने दिनरात खेतों में खड़ा रहा तब जाकर फसल तैयार की थी, लेकिन बे मौसम बारिश आंधी तूफान ने कई खेतों की फसलों को बुरी तरह से नष्ट कर दिया जिससे किसान दुखी और चिंतित नजर आ रहे हैं। वहीं किसानों की मांग है कि शीघ्र ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और शासन प्रशासन इस और ध्यान आकर्षण कर जल्द ही अधिकारी कर्मचारियों ओर पटवारीयों का दल बनाकर गांवों में भेजे जाए और नुकसान हुई फसलों का निष्पक्षता के साथ शीघ्र ही सर्वे कराकर उचित मुआवजा राशि तत्काल दी जाए जिससे किसानों को कुछ राहत मिल सके।

‘ज्ञान’ से ‘ज्ञानी’ तक… मप्र बजट में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के साथ इंडस्ट्री पर भी जोर…!

खान आशु
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ज्ञान’ (GYAN) का लक्ष्य लेकर समग्र समाज के विकास, विस्तार और बेहतरी की बात रखी थी। इसी ‘ज्ञान’ (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) को केंद्र में रखकर विकास योजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। मप्र भी इसी गति पर कदमताल कर रहा है। बुधवार को पेश किए गए बजट में इस ‘ज्ञान’ को ‘ज्ञानी’ तक विस्तार दिया गया है। ‘ज्ञान’ के गर्भ में छिपे चारों वर्गों के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को भी इस बजट में तरजीह दी गई है।
बुधवार को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश किए गए 4 लाख, 38 हजार, 317 करोड़ रुपए के बजट में जहां मूलभूत सुविधाओं को जगह दी गई है, वहीं विकास के लिए आवश्यक क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी सेवाओं को इस बजट से राहत है तो नारी सशक्तिकरण के विभिन्न आयाम भी छूने की कोशिश की गई है। मजदूर और बेरोजगार भी खुद को इस बजट बारिश में तर पा रहे हैं।

ज्ञान सूत्र
प्रस्तुत हुए प्रदेश के बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्ञान सूत्र गरीब के कल्याण की उन योजनाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं, जो उसके लिए इस श्रेणी से बाहर निकलकर जीने की राह देते हैं। सस्ता अनाज, रियायती घरेलू गैस, पक्के मकान जैसी सुविधाओं का इसमें समावेश है। देश के युवा के शिक्षा, उच्च शिक्षा से लेकर स्पोर्ट्स गतिविधियों को इस बजट में शामिल किया गया है। साथ ही कृषिप्रधान इस देश को गति देने वाले किसान भी इस बजट में कई तरह से लाभांवित होते नजर आ रहे हैं। सिंचाई के माकूल प्रबंध, सौर ऊर्जा के जरिए बिजली खर्च की बचत, उन्नत खाद और बीज एवं बिक्री का उचित दाम उन्हें मिलेगा, ऐसी व्यवस्था यहां कर दी गई है। यह बजट नारी सशक्तिकरण के विभिन्न आयाम भी छूने जैसा है, जिसमें महिलाओं को राहत देने वाला बहुत कुछ शामिल किया गया है।

और ऐसे हुआ ज्ञानी
मप्र सरकार ने अपनी ज्ञान सूत्र प्रतिबद्धता में इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को भी शामिल कर लिया है। अब तक किए जा रहे प्रयासों को विस्तार देते हुए अब प्रदेश में तेजी से फैल रहे उद्योग को और अधिक प्रभावी बनाने के जतन इस बजट व्यवस्था से हो रहे हैं। विभिन्न स्तर पर किए गए निवेश प्रयासों को मूर्त रूप देने के लिए ज्ञान सूत्र की ज्ञानी तक ले जाने की कोशिश की गई है।

क्या कहते हैं मुखिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बजट पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के संकल्प के साथ आज मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के संकल्प में हमारी सरकार ने आई भी जोड़ा है। वर्ष 2026-27 का बजट ज्ञानी (GYA NII) के मार्गदर्शी सिद्धांत पर है। सीएम मोहन ने कहा कि इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर दो दिखते हैं। यह देश का पहला बजट है, जो रोलिंग बजट है। इस बजट के जरिए अगले दो साल के डेवलपमेंट का ब्लूप्रिंट खींचा जाएगा। अमृतकाल 2047 के लिए डेवलपमेंट का पैमाना बनाया गया है।

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