Ramzan Special : इबादत, तिलावत में डूबे शहर के माथे पर दिख रही रौशनी ही रौशनी

बाजार, मुहल्ले। घरों पर खुशियों की जगमगाहट

खान आशु
भोपाल। देश के बड़े त्यौहारों दीवाली, दशहरा, न्यू ईयर या वैशाखी की गिनती में रमजान माह और ईद भी शामिल है। उत्सवधर्मी अपने देश में हर त्यौहार को जश्न की तरह मनाने की परंपरा बरकरार है। हर साल रमजान माह में भोपाल शहर के प्रमुख बाजारों में विद्युत सज्जा और आकर्षक डेकोरेशन किया ही जाता है। इस रमजान एक कदम आगे चलकर लोगों ने मुहल्लों और घरों तक में बिजली बल्ब की लड़ियों से अपनी खुशियां जाहिर की हैं। पुराने शहर के सैकड़ों मुहल्ले और हजारों छोटी बड़ी गलियां रंगबिरंगी झिलमिलाहट से रौशन नजर आ रही हैं।
रमजान और ईद की खरीद का मुख्य केंद्र चौक बाजार, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड, लखेरापुरा, जुमेराती, इतवारा, जहांगीराबाद, काजी कैंप, लक्ष्मी टॉकीज आदि इलाका होता है। इन बाजारों की स्थानीय कमेटियां विभिन्न त्यौहारों पर सजावट की व्यवस्था करती हैं। खुशियों को और ज्यादा जोश भरती ये रंग बिरंगी लाइट्स ग्राहकों को भी चकाचौंध करने में कामयाब होती हैं। झिलमिल बाजार देर रात तक लोगों को वक्त की देरी का अहसास नहीं होने देते हैं और अल सुबह तक खरीद फरोख्त का सिलसिला जारी रहता है। परंपरा अनुसार इस रमजान भी बाजार रौशनी से लबरेज और ग्राहकों से गुलजार दिखाई दे रहे हैं।

गलियों तक झिलमिलाहट
आमतौर पर त्यौहार की खुशियां जाहिर करते लोग व्यक्तिगत तौर पर अपने घरों पर सजावट करते रहे हैं, लेकिन इस रमजान सिलसिला ऐसा चला कि मुहल्ले, गलियां, चौक, चौराहे तक सजावट से आबाद होते गए। आरिफ नगर से लेकर जहांगीराबाद तक, अहाता रुस्तम खां से कोहेफिजा और ईदगाह हिल्स तक और बाग दिलकुशाबाद से लेकर फरहत अफ्जा और ऐश बाग तक तरफ बिजली के बल्बों की झालर दिखाई दे रही हैं।

कंट्रीब्यूशन से हुई सजावट
पुराने शहर के विभिन्न मोहल्लों में स्थानीय उत्साही युवाओं ने इस सजावट मुहिम का जिम्मा उठाया। घरों घर दस्तक देकर एक निश्चित राशि का सहयोग लिया गया। जरूरी रकम जमा न होने पर युवाओं ने अपने कंट्रीब्यूशन को बढ़ाया भी और ज्यादा अदा कर पाने वालों से कुछ अतिरिक्त राशि लेकर सजावट काम को पूरा किया। लोगों की छतों पर चढ़कर, ऊंची दीवारों तक पहुंच कर और इन बिजली बल्ब लड़ों को सुंदर आकार देने की मशक्कत भी युवाओं ने की।

खर्च हजारों का
टोल वाली मस्जिद बुधवारा क्षेत्र के रहवासी फरहान खान कहते हैं कि पहले बल्ब की लड़ियां किराए पर लेने की योजना बनी, लेकिन इलेक्ट्रिक सजावट प्रोवाइडर के पास इनकी उपलब्धता न होने ने कदम रोके। जहां से इनकी मौजूदगी हो पा रही थी, उनका महीने भर का किराया बजट से मैच करता नजर नहीं आया। तय हुआ कि इनकी स्थाई खरीदी कर ली जाए तो ये हर मौसम और मौके पर काम आने वाली चीज हो सकती है। फरहान बताते हैं कि उनकी गली को करीब 45 हजार रुपए की बिजली बल्ब लड़ियों से रौशनी मिल पाई है। वे कहते हैं कि मुहल्ले की जरूरत के लिहाज से हर मुहल्ले में खर्च का आंकड़ा कम या ज्यादा है।

फिर आ रहे हैं दारा शिकोह… राजधानी की गंगा जमुनी संस्कृति में एकता, भाईचारा, सर्वधर्म सद्भाव का पैगाम लेकर, मंचन आज शाम को

अमित सेन
8085661177

भोपाल। हिंदुस्तान की मिट्टी और यहां की गंगा जमुनी संस्कृति को समर्पित एक किरदार दारा शिकोह इस सोमवार राजधानी भोपाल में आकार लेने वाला है। एकता, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव की रंगत फैलाता यह नाट्य मंचन शहर के लिटिल बैलेट ट्रूप श्यामला हिल्स पर मंचित होगा। मंच कलाकार अदनान खान के निर्देशन और अभिनय से सजे इस नाटक की पूर्व में भी पूरे भारत भर में प्रस्तुति हो चुकी हैं, जिन्हें खूब पसंद किया गया और सराहा गया है।
संस्था रंग मोहल्ला सोसायटी फॉर परफॉर्मिंग आर्ट के अदनान खान ने बताया कि संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की सांस्कृतिक समारोह एवं प्रस्तुति अनुदान योजना के अंतर्गत “नाटक दारा शिकोह” का मंचन 3 मार्च को शाम 7 बजे रंगश्री लिटिल बैले टूप सभागार (एलबीटी) में होगा। इस नाटक के लेखक मोहम्मद हसन हैं एवं इसका निर्देशन प्रदीप अहिरवार द्वारा किया गया है।
उन्होंने बताया कि रंग मोहल्ला सोसायटी फार परफार्मिंग आर्ट्स समिति वर्ष 2013 से रंगकर्म के क्षेत्र में लगातार सक्रिय है। संस्था ने अपनी नाट्य प्रस्तुतियों से प्रदेश में ही नहीं वरन् देश में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
दारा शिकोह शाहजहाँ के सबसे बड़े बेटे थे, मुगल परम्परा के अनुसार अपने पिता के बाद वह सिंहासन के उत्तराधिकारी थे। दारा अपने पिता के बहुत प्रिय लड़के थे। दारा शिकोह भारत का ऐसा बादशाह बनने का सपना देख रहे थे, जो बादशाह के साथ-साथ दर्शन, सूफिज्म और आध्यात्मिकता पर भी महारत रखता हो, दारा शिकोह प्रमुख हिन्दू, बौद्ध, जैनियों, ईसाई और मुस्लिम सूफियों के साथ उनके धार्मिक विचारों पर चर्चा करते थे। इस्लाम के साथ, उनकी हिंदू धर्म में भी गहरी रुचि थी। वे सभी धर्मो को समानता की नजर से देखते थे। नाटक में दारा शिकोह का नजरिया और सोच से आम लोगों से अवगत करने का प्रयास है।

MP News : एक कदम शिक्षा की ओर, वक्फ बोर्ड ने आगे बढ़ाए कदम

खान आशु
भोपाल। वक्फ संपत्तियों से होने वाली आमदनी गरीब, जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे तो इसका होना सार्थक है। इन जायदाद से तालीम का उजाला फैले तो यह आने वाली पीढ़ियों तक रौशनी फैलाने वाली तहरीर कही जाएगी। मप्र वक्फ बोर्ड ने इसी मंशा के साथ वक्फ आमदनी का आधा हिस्सा बजरूरतमंद बच्चों की तालीम पर खर्च करने की कवायद की है। इसके बेहतर परिणाम भी सामने आने लगे हैं।
मप्र वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ सनव्वर पटेल ने यह बात कहीं। वे उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल थे। उन्होंने उज्जैन जिले की वक्फ कमेटियों की ओर से मध्य प्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड की शिक्षा नीति पढ़ो पढ़ाओ राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनो के तहत मदार गेट कम्यूनिटी हाल में स्कॉलरशिप वितरण किया। इस मौके पर डॉ पटेल ने उज्जैन जिले के बच्चों को मेरिट के आधार पर 90 बच्चों को स्कॉलरशिप वितरित की। इन सभी बच्चों को 10 – 10 हजार रुपए के चेक सौंपे गए। कार्यक्रम में बतौर मेहमान ए खास शहर काज़ी खलीकुर्रेहमान, ओलेमा ए शहर उज्जैन और मेहमान ए खुसूसी मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डाॅ सनवर पटेल ने शिरकत कर
स्टूडेंट्स की हौसला अफज़ाई की। मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड मेंबर फैजान खान की अगुआई में हुए इस आयोजन में नूर फलक, परवेज खान, मुस्तकीम शेख, आवेश नागौरी, मुस्तकीम खान, नदीम खान, रईस खान ठेकेदार आदि मौजूद थे।

इनसे मिली राशि
जानकारी के मुताबिक स्कॉलरशिप की राशि अमजद खान (अध्यक्ष दरगाह मौलाना मौज), शारिक अनवर (अध्यक्ष जामा मस्जिद), फैजान खान( अध्यक्ष वक्फ मस्जिद एवं दरगाह मदार साहब), इलयास शेख (अध्यक्ष बड़ी मस्जिद मिल्कीपूरा), मुस्तकीम शेख (अध्यक्ष बड़ी कलंदरी मस्जिद), वाजिद खान (अध्यक्ष मस्जिद सारबान), कलीम सेठ (अध्यक्ष लाल मस्जिद), रफीक खान (अध्यक्ष चिमटे का बाड़ा) के सहयोग से एकत्र हुई।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष की मांग – महिला दिवस और होली के अवसर पर लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाकर तीन हजार करे सरकार

भोपाल। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष विभा पटेल ने मध्यप्रदेश सरकार पर लाड़ली बहनों के साथ लगातार धोखाधड़ी करने की गंभीर आरोप लगाए हैं। राजधानी की पूर्व महापौर विभा पटेल के अनुसार योजना की शुरुआत के समय भाजपा ने वादा था कि मासिक सहायता बढ़ाकर तीन हजार रुपये की जाएगी। लेकिन अभी तक यह राशि 1,250 रुपये ही है, और वादे के मुताबिक सरकार द्वारा इसे आगे नहीं बढ़ाया गया है। विभा पटेल ने राज्य सरकार के मुखिया को स्मरण कराया कि 8 मार्च को महिला दिवस और 13 मार्च को होली है। ये दोनो अवसर महिलाओं के लिए बहुत खास है। इसके चलते भाजपा सरकार को सभी लाड़ली बहनों को फरवरी माह से 3000 रुपए देने की घोषणा करनी चाहिए।
मप्र महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती पटेल ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के पहले कहा था कि लाड़ली बहनों की राशि बढ़ाकर 3000 की जाएगी लेकिन अब तक यह नहीं बढ़ाई गई है। इस बात को वे लगातार सरकार को याद दिला रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सरकार लाड़ली बहनों को हर माह 3000 रुपए नहीं देती है तो यह कृत्य धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है कि लाड़ली बहना योजना में नए नाम नहीं जोड़े जा रहे हैं, इसके उलट इस योजना में से महिलाओं के नाम लगातार काटे जा रहे हैं। इस कारण इनकी संख्या 2023 और 2024 में बढ़ने की बजाय घटी है। विभा पटेल ने कहा कि जब योजना शुरू हुई थी तो कुल 1 करोड़ 31 लाख 35 हजार 985 आवेदन आए थे। इसके बाद 2 लाख 18 हजार 858 नाम आपत्तियों को आधार बनाकर काटे गए थे। जिसके बाद यह संख्या 1 करोड़ 29 लाख 5 हजार 457 रह गई थी। अब यह संख्या एक करोड़ 26 लाख हो गई है। साढ़े तीन लाख लाड़ली बहनों के नाम काटे जाने पर विभा पटेल ने कहा कि ऐसे अफसरों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए, जिन्होंने योजना का लाभ नहीं देने के लिए नाम काटे हैं।

प्रयागराज महाकुंभ में पैदल यात्रा कर घर लौटे श्रद्धालुओं का गृह ग्राम में पत्रकार जीतेन्द्र सेन द्वारा किया गया भव्य स्वागत।

जीतेन्द्र सेन
बैरसिया।। ग्राम डुंगरिया गांव से करीब चार दर्जन से भी अधिक श्रद्धालु पदयात्रा करते हुए कुंभ नगरी महाप्रयागराज पहुंचें थे। करीब 22 दिनों की पदयात्रा कर पहुंचे श्रद्धालु ने संगम घाट पर आस्था की डुबकी लगाई। तत्पश्चात वहां से भगवान श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या धाम पहुंचकर रामलाल के दर्शन किए और वहां से फिर दूसरी बार प्रयागराज महा कुंभ में महाशिवरात्रि पर्व पर आस्था की डुबकी लगाकर करीब 32 दिनों की यात्रा कर शुक्रवार को अपने गृह ग्राम डुंगरिया लौटे जहां श्रद्धालुओं के गांव पहुंचने पर ग्राम में डीजे ढोल नगाड़े एवं आतिशबाजी के साथ पुष्प वर्षा करते हुए श्री हनुमान मंदिर मढ माता में यात्रा संपन्न हुई। जहां इसी कड़ी में श्रद्धालुओं का पत्रकार जीतेन्द्र सेन द्वारा निवास पर तिलक लगाकर पुष्प मालाएं पहनाकर अंग वस्त्र एवं ऋतु फल देकर पुष्प वर्षा के साथ स्वागत सम्मान किया गया इस दौरान मुख्य रूप से उपस्थित पं अरुण शर्मा,जगमोहन शर्मा शेखर शर्मा गौरव दस दशरथ सिंह रामबाबू निरंजन सिंह सुरजीत सिंह जीतेन्द्र सिंह शैतान सिंह माखन सिंह राजकुमार भूपेंद्र पाल गब्बर सिंह छोटू सिंह राहुल सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

डुंगरिया से प्रयागराज अयोध्या धाम तक श्रद्धालुओं की करीब आठ सौ किलोमीटर पदयात्रा का भव्य समापन

पदयात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी बल्कि समाज में सद्भाव एकता और सेवा भाव का संदेश भी दे गई।

जीतेन्द्र सेन
बैरसिया। ग्राम डुंगरिया से करीब 48 श्रद्धालुओं ने धर्म आस्था और भक्ति की अद्वितीय मिसाल पेश करते हुए करीब आठ सो किलोमीटर की पैदल पदयात्रा पूरी की। यह यात्रा प्रयागराज अयोध्या धाम तक संपन्न हुई जिसमें श्रद्धालुओं ने 22 दिन लगातार पदयात्रा कर धार्मिक स्थलों के दर्शन किए
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का विभिन्न स्थानों पर स्थानीय भक्त गणों द्वारा फूल मालाओं और प्रसाद के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। रात्रि विश्राम के समय श्रद्धालु समीपस्थ मंदिरों में रुकते और रामधुन भजन-कीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बना देते करीब 32 दिन की यात्रा के बाद सभी श्रद्धालु सकुशल अपने गृह गांव डुंगरिया लौटे गांव पहुंचने पर ओम सिद्धि कृषि सेवक केंद्र मेंगरा जोड़ पर किसान संघ के जिला मीडिया प्रभारी विनय पटेल द्वारा श्रद्धालुओं का शाल श्रीफल और पुष्पमालाओं से स्वागत किया सभी श्रद्धालुओं के लिए सत्कार एवं सामूहिक भोजन की व्यवस्था की गई

इस अवसर पर ग्राम सरपंच शैतान सिंह राजपूत सचिव बद्री प्रसाद दांगी.सचिव कैलाश नारायण साहू जी.आर.एस.दशरथ सिंह पं. कैलाश नारायण बैरागी सहित अनेक गणमान्य नागरिक पत्रकार गण एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

नम्र आंखों के साथ251 बेटियों की गई विदाई…बेटियों को स्वाबलंबी और सशक्त बनाना समाज का दायित्व – द्रौपदी मुर्मु

251 बेटियों को राष्ट्रपति ने दिया सुखमय जीवन का आशीर्वाद

रिक्की सिंह

छतरपुर। सिद्ध क्षेत्र बागेश्वर धाम में बुंदेलखंड षष्ठम् महाकुंभ 251 बेटियों के परिणय सूत्र में बंधने के साथ विराम की ओर चला गया। बुधवार को बेटियों को आशीर्वाद देने देश की राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मु बागेश्वर धाम पधारीं। महामहिम ने बेटियों को आशीर्वाद देते हुए अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि बेटियों को स्वाबलंबी और सशक्त बनाना समाज का दायित्व है। उन्होंने कहा कि संतों ने वाणी से समाज को राह दिखाई है, छुआछूत दूर करने की आज के कार्यक्रम से प्रेरणा मिलती है। बेटियों को उचित सम्मान दिलाने का सभी वर्गों को प्रयास करना चाहिए। बागेश्वर धाम के विवाह महामहोत्सव में साक्षी के रूप में प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अलावा सासंद वीडी शर्मा, गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज, आचार्य बालकृष्ण, सांसद मनोज तिवारी मंचासीन रहे।
जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सुबह करीब साढ़े 11 बजे खजुराहो एयरपोर्ट पहुंची जहां राज्यपाल मंगू भाई पटेल और डॉ. मोहन यादव ने उनकी अगवानी की। राष्ट्रपति के बागेश्वर धाम आने पर सबसे पहले उनके द्वारा मंदिर जाकर बालाजी को प्रणाम किया गया। पूजा-अर्चना के बाद वे आयोजन स्थल पर पहुंची, जहां उन्होंने सामूहिक कन्या विवाह में दुल्हन बनीं 251 बेटियों को आशीर्वाद दिया। मंच पर बागेश्वर महाराज ने तुलसी की माला, हनुमान यंत्र, धाम से जुड़ा साहित्य और बालाजी का विग्रह भेंट कर राष्ट्रपति का स्वागत किया। अपने उद्बोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि वे यह आयोजन देखकर अत्यंत प्रसन्न हैं। हम सबके ऊपर महादेव की कृपा है, तभी यह संभव हो सका है। उन्होंने महाराजश्री को आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए बेटियों को विवाह सूत्र में बांधने तथा उनके सुखमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि महिलाएं सबल होंगी तो देश सबल होगा। आयोजन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन से छुआछूत वाली मानसिकता को दूर करने की सीख मिलती है। कार्यक्रम में राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, छतरपुर विधायक ललिता यादव, राजनगर विधायक अरविंद पटैरिया सहित लाखों लोग उपस्थित रहे।
खाली हाथ नहीं, उपहार के साथ आईं महामहिम
यह अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण रहा जब देश की राष्ट्रपति महामहिम बेटियों को उपहार भेंट करने दिल्ली से सामग्री लेकर आईं। एक ट्रक से अधिक सामग्र्री बेटियों को देने के लिए लाई गई थी। महामहिम 251 बेटियों के विवाह में खाली हाथ नहीं आईं। उन्होंने बेटियों को साड़ी और दूल्हों को सूट उपहार के रूप में भेंट किया।


जिनका कोई नहीं, उनका सहारा बनकर देखो: बागेश्वर महाराज

बुंदेलखंड के महाकुंभ के रूप में आयोजित 8 दिवसीय महामहोत्सव के अंतिम दिन 251 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा गया। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में आईं महामहिम राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि पूरे बुंदेलखंड और बागेश्वर धाम परिवार की ओर से आप सभी का स्वागत है। बागेश्वर धाम परमार्थ का सबसे बड़ा केन्द्र बनकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि जिनका कोई सहारा नहीं होता, उनके लिए बागेश्वर धाम की तिजोरी खुली है। महाराजश्री ने कहा कि समाज के अनाथ वंचित और दीन-हीन वर्गों का सहारा बनकर देखोगे तो उससे बड़े आनंद की अन्य किसी कार्य में अनुभूति नहीं होगी। महाराजश्री ने कहा कि आज बेटियां अंतरिक्ष तक छलांग लगा रही हैं। बड़े दिलवालों के घर भगवान बेटियां पैदा करता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति संकल्प ले कि वे बेटियों के विवाह में अपने योगदान देंगे।
आज बना नया कीर्तिमान, महाराजश्री ने मंगवाएं 251 घोड़े: डॉ. मोहन यादव

प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज यहां आकर मन अत्यंत प्रफुल्लित है। महत्वपूर्ण तो यह है कि महाराजश्री ने दूल्हों को बैठाने के लिए 251 घोड़े मंगवाए हैं। महाराजश्री की यह शैली समाज में फैले जातिगत भेदभाव को घोड़ों के पैरों तले कुचल रही है। उन्होंने कहा कि यह मंच शासन, सत्ता और संत की त्रिवेणी के रूप में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि मप्र सरकार की ओर से 51 हजार रुपए देने की भावना है, इसलिए सरकार की योजना का लाभ यहां आए जोड़ों को मिलेगा।
भावी पीढ़ी को अच्छे संस्कार और आदर्शों की सीख मिलती है- मंगू भाई पटेल

प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने सभी नवविवाहित जोड़ों के सुखमय जीवन की कामना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल समाज का विकास होता है बल्कि भावी पढ़ी को अच्छे संस्कारों और आदर्शों की सीख मिलती है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा गौरवशाली है। उन्होंने प्रभु से प्रार्थना करते हुए कहा कि सभी नवदंपत्तियों का जीवन सुखी और समृद्ध रहे।


20 लाख लोगों के भोजन प्रसाद की रही व्यवस्था
आयोजन में लगभग 20 लाख लोगों के भंडारे की व्यवस्था रही। मेन्यू में जलेबी, मालपुआ, पुलाव, मटर पनीर, कश्मीरी आलू, दाल तड़का, वेज पुलाव, सादा पूड़ी, पालक पूड़ी, बूंदी रायता, रबड़ी, सूजी का हलवा, बूंदी, शुद्ध घी की जलेबी समेत 13 व्यंजन परोसे गए। बागेश्वर धाम में भंडारे की जिम्मेदारी सागर के कैटरर्स को दी गई। इसके संचालक राजा ठाकुर बताते हैं कि करीब 400 लोगों का स्टाफ खाना बनाने में जुटा रहा। इतने ही धाम के शिष्य मंडल की टीम के सदस्य भी शामिल रहे। इसके अलावा राजस्थान से 20 लाख छेना के रसगुल्ले भी मंगवाए।
उपहार में मिली लाखों रुपए की सामग्री, बेटियां बनेंगी आत्मनिर्भर


251 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधकर महाराजश्री ने घर-गृहस्थी के जरूरत की समस्त सामग्री उपहार के रूप में दी गई है। नवविवाहित जोड़ों को उपहार के रूप में बालमुकुंद भगवान विग्रह, बालाजी सरकार विग्रह, रामचरितमानस, बागेश्वर धाम कैलेंडर, गाय-बछड़ा, वर को शेरवानी, पगड़ी, दुल्हन का लहंगा, चुनरी, मंगलसूत्र, पायल, बिछिया, नाक की कील, कान के टॉप्स, कूलर, 7 साड़ियां, दुल्हन के लिए सैंडिल, चांदी का सिक्का, चांदी का श्रीफल, मेकअप किट, चूड़ी सेट, डबल बेड, सोफा, ड्रेसिंग, अलमारी, दो गद्दा, तकिया, कंबल, ट्रॉली बैग, कलर एलईडी टीवी 38 इंच, सिलाई मशीन, सीलिंग फैन, वॉटर हीटर, इलेक्ट्रिक प्रेस, दीवार घड़ी, गैस सिलेंडर, चूल्हा, बर्तन सेट (5), प्रेशर कुकर (5 लीटर), स्टील कलश, टिपारा, सुपा, मिक्सी, खिचड़ी, कांसे का कटोरा, मसाला दानी, हॉट पॉट, दुल्हन के लिए स्वेटर, नेपाली जयमाला, लेडीज पर्स, लाइटर, आर्टिफिशियल हार, बाथरूम किट के अलावा बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए आटा चक्की सहित करीब 60 प्रकार के उपहार दिए गए।
देश के प्रख्यात संत, फिल्म जगत, क्रिकेटर, समाजसेवी बने ऐतिहासिक पलों के साक्षी


सामूहिक विवाह महोत्सव में जहां संतों के रूप में बद्रीनाथ धाम से आए संत बालक योगेश्वर दास महाराज, कथा वाचक संजीव कृष्ण ठाकुर, रामजी महाराज, बक्सर बिहार के गंगा पुत्र दंडी स्वामी, फिल्म अभिनेत्री उर्वशी रौतेला, सुरभी तिवारी, बुंदेली गायिका कविता शर्मा, शुक्ति दुबे, एस्सार ग्रुप के प्रशांत रूईया, झारखंड के सांसद निशिकांत दुबे, दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा, पूर्व क्रिकेटर वीरेन्द्र सहवाग, रॉबिन उथप्पा, आरपी सिंह सहित कई नामी-गिरामी हस्तियां बेटियों को आशीर्वाद देने उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां
बेटियों को सजाने के लिए मेकअप आर्टिस्ट बुलाए गए।
एसएएफ छठवीं बटालियन जबलपुर के बैंड ने प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम में साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट ने सभी के भाषण को ट्रांसलेट किया।
सुरक्षा के लिहाज से डॉग स्क्वॉड रोमियो की ड्यूटी रही, पहाड़ी पर पुलिस बल तैनात रहा।
चिकित्सा के लिए 20 बेड का मिनी अस्पताल बनाया गया, 10 एम्बुलेंस तैनात रहीं।

LIVE Ujjain Mahakal Darshan: आज रात 2:30 बजे खुले महाकाल मंदिर के पट, लगातार 44 घंटे कर सकेंगे दर्शन

उज्जैन /- महाशिवरात्रि पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में 44 घंटे तक दर्शन होंगे। चार प्रहर की पूजा, विशेष आरती और शृंगार किए जाएंगे। भक्तों की सुविधा के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार, पार्किंग, निशुल्क बस सेवा और प्रसाद वितरण की व्यवस्था होगी। शीघ्र दर्शन सुविधा स्थगित रहेगी, सामान्य दर्शन मार्ग निर्धारित किए गए हैं।

आजीविका मिशन के अंतर्गत तीन दिवसीय ग्रामीण उत्पाद मेला का आयोजन आज से

“जीआईएस मध्यप्रदेश ” कार्यक्रम के तहत हो रहा आयोजन

भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत भोपाल जिले में 23 फरवरी 2025 से 25 फरवरी 2025 तक 3 दिवसीय “ग्रामीण उत्पाद मेला” का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाएं अपनी कला और उत्पादों का प्रदर्शन करेंगी। भोपाल जिले में वर्तमान में 4334 (SHG) और 50798 समुह जुड़े हुए हैं, जिनमें लगभग 11000 महिलाएं विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं। विशेष रूप से “वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट” योजना के तहत ज़री – ज़र्दोज़ी उत्पादों के लिए करीब 105 महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर कार्य कर रही हैं। इन उत्पादों को ‘राग भोपाली’ ब्रांड के तहत विपणन किया जाता है । इस मेले में SHG द्वारा तैयार विभिन्न प्रकार के उत्पादों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जिनमें मुख्य रूप से जरी जरदोजी के उत्पाद, चंदेरी साड़ी, रेडिमेट कुर्ते, सोया बडी, बाग प्रिंट सूट साड़ी सिल्क सूट साड़ी, भेलपुरी, चाय नाश्ता, चाट -फुल्की एवं अन्य ग्रामीण उत्पाद स्टॉल लगाये जा रहे है। फूड स्टॉल के साथ-साथ यहां मनोरंजन के लिए संगीत संध्या का भी आयोजन किया जाएगा। ऐसे प्रयासों से एक तरफ स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं को अपने हुनर और व्यापार कौशल को बढ़ाने का अवसर मिलता है वहीं दूसरी ओर अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने का प्रोत्साहन मिल रहा है। स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास के रूप में यह मेला ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए आयोजित किया गया है, जिससे उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। वहीं मूल्यवर्धन और विपणन के क्षेत्र में भी लाभ होगा, इस मेले में प्रदर्शित उत्पादों को व्यापक बाजार में पहचान मिलेगी, जिससे ग्रामीण उत्पादों की बिक्री और आय में वृद्धि होगी। वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट योजना के तहत स्थानीय उत्पादों जैसे ज़री – ज़र्दोज़ी, आंवला, बाग़ प्रिंट सूट साड़ी आदि बढ़ावा दिया जाएगा, जो हर जिले के लिए विशिष्ट होते हैं। स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन से भी उम्मीदें बढ़ती दिख रहीं हैं, इस मेले में स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो ग्रामीण महिलाओं की कारीगरी और उद्यमिता को बढ़ावा देंगे। इन सब तथ्यों से अतिरिक्त आर्थिक और सामाजिक समावेशन के अवसर भी महिलाओं को यहां मिलेंगे, यह आयोजन ग्रामीण महिलाओं को व्यवसाय और बाज़ार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगा, और उनकी सामाजिक स्थिति को मजबूत करेगा ।

मन्दिर होगा अस्पताल, पण्डित धीरेन्द्र महाराज का अनूठा संकल्प।

दुआ के साथ दवा, प्रधानमंत्री मोदी बागेश्वर धाम में रखेंगे आज रखेंगे कैंसर अस्पताल की आधारशिला

रिक्की सिंह

खजुराहों। वर्षों से जिसकी कामना की जा रही थी वह अब समय आ गया है। बुन्देलखण्ड की दशा बदलने के लिए एक संत ने जो संकल्प लिया उसको धरातल पर उतारने की वह घड़ी आ गई। देश के प्रधानमंत्री एवं विश्वमित्र की भूमिका निभाने वाले नरेन्द्र मोदी बागेश्वर धाम में महाराजश्री के कैंसर अस्पताल के संकल्प की आधारशिला रखने आज आ रहे हैं। दोपहर साढ़े 12 बजे बागेश्वर धाम में बनने वाले 100 बिस्तरों के कैंसर अस्पताल का शिलापूजन करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आ रहे हैं। इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने लाखों लोग पहले से ही बागेश्वर धाम में पहुंच गए हैं।
सिद्धक्षेत्र बागेश्वर धाम पूरी दुनिया में आस्था और अनुकरण का केन्द्र बन गया है। यहां से दुनिया भर में जनकल्याण का संदेश जा रहा है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने संकल्प लिया कि मंदिर परिसर में अस्पताल बनना बेहद आवश्यक है क्योंकि दवा के साथ दुआ भी जरूरी है। बागेश्वर धाम में कैंसर अस्पताल बनाने का महाराजश्री ने संकल्प लिया और इस संकल्प को मूर्तरूप देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शिलापूजन के लिए आज बागेश्वर धाम आ रहे हैं। शिलापूजन के साथ ही कैंसर अस्पताल के निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। बुन्देलखण्ड में हजारों लोग इस गंभीर और घातक बीमारी से पीडि़त हैं लेकिन यदि जल्द से जल्द बागेश्वर धाम में यह अस्पताल बन गया तो बुन्देलखण्ड के 17 जिलों के लिए रामबाण का काम करेगा। गरीब और बेसहारा लोगों का इस अस्पताल में नि:शुल्क इलाज होगा।




बागेश्वर धाम में हुई धनुषयज्ञ की लीला


बीती रात बागेश्वर धाम के सांस्कृतिक मंच से धनुष यज्ञ की लीला का मंचन किया गया। लाल कड़क्का रामलीला समिति छतरपुर की ओर से रामलीला का मंचन किया गया। खचाखच भरे मैदान को भावविभोर करने वाले प्रसंगों की प्रस्तुति हुई। लाल कड़क्का रामलीला समिति के सदस्यों ने अपनी प्रस्तुति से सबको अपनी ओर आकर्षित किया। पूरी लीला का सार लक्ष्मण एवं परशुराम संवाद में दिखाई दिया। एक-दूसरे पर साहित्य की बौछार करने वाले लक्ष्मण-परशुराम के संवाद लोगों को आनंदित कर रहे थे।
देश भर से लाखों लोग आए बागेश्वर धाम

बुन्देलखण्ड का महाकुंभ 19 फरवरी से शुरू हो गया था। हर रोज लाखों लोग इस महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने के लिए आ रहे हैं। लाखों लोग प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के साक्षी बनेंगे। बागेश्वर धाम में सिर्फ धर्मप्रेमियों की कतारें दिखाई दे रही हैं जहां देखो उस ओर सिर्फ लोग ही लोग दिखते हैं। सबकी आंखों में एक ही आकांक्षा है कि यहा महाकुंभ जिन उम्मीदों और अपेक्षाओं को लेकर शुरू हुआ है वह पूरा हो।


खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री मप्र, राजस्थान के शिक्षा मंत्री ने लिया आशीर्वाद


बागेश्वर धाम में हर रोज देश भर से राजनेता भी आ रहे हैं। शुक्रवार की रात प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग बागेश्वर धाम आए। उन्होंने बालाजी के दर्शन करने के पश्चात महाराजश्री का आशीर्वाद लिया। शनिवार को राजस्थान के शिक्षा मंत्री ने बालाजी के दर्शन किए। उन्होंने महाराजश्री को वस्त्र और टोपी भेंट कर सम्मान किया। महाराजश्री ने भी शिक्षा मंत्री का मान बढ़ाया।

यातायात पुलिस ने जारी किया बागेश्वर धाम का रूटचार्ट



बागेश्वर धाम में चल रहे विशाल धार्मिक अनुष्ठान और प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर पुलिस बल अलर्ट मोड पर है। विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक 3 हजार पुलिसकर्मी जहां आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था सभाल रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर 3 सैकड़ा से अधिक यातायात पुलिसकर्मी धाम पर आने वाले वाहनों को कंट्रोल कर रहे हैं। बागेश्वर धाम पर बनने जा रहे कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखने के लिए आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आगमन होगा, जिसके लिए पार्किंग स्थल एवं परिवर्तित मार्ग निर्धारित किए गए हैं। यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत ने बताया कि आज बागेश्वर धाम आने वाली समस्त बसें पहाड़ी मैदान में बनी पार्किंग क्रमांक 4 में पार्क कराई जाएंगी। वैकल्पिक बस पार्किंग गढ़ा तिगैला के पास फोरलेन के किनारे बनी पार्किंग क्रमांक 7 और ग्राम गंज के पास पार्किंग क्रमांक 8 में रहेगी। चार पहिया वाहन काव्या गेस्ट हाउस के पास मेन पार्किंग क्रमांक 2 में पार्क कराई जाएगी, वैकल्पिक पार्किंग गंज कदोहा रोड पार्किंग क्रमांक 5, हंस होटल के पास पार्किंग क्रमांक 6 में रहेगी। ऑटो और बाईक बाईपास तिराहा पार्किंग क्रमांक 3 में पार्क कराई जाएगी। राजनगर रेलवे क्रॉसिंग से कोड़ा ग्राम आने वाले वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। बागेश्वर से वापस लौटने वाले 4 पहिया वाहन, ऑटो रिक्शा, बाइक आदि पहाड़ी मैदान डायवर्सन पॉइंट से ग्राम कदौंहा से होते हुए गंज की ओर जायेंगे और वहां से फ्लाईओवर से हाइवे पर निकलेंगे।

पीएम मोदी का बागेश्वर दौरा आज 23 फरवरी को देखिए रोडमैप..।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल 23 फरवरी को बागेश्वर धाम गढा आएंगे,वहां कैंसर अस्पताल का शिलान्यास करेंगे। उनका प्रस्तावित कार्यक्रम 11:20 बजे दिल्ली विमानतल से वायुयान से प्रस्थान करेगे, 12:30 बजे खजुराहो विमानतल पहुंचेगे, 12:35 बजे खजुराहो से हेलिकॉप्टर द्वारा गढा के लिए प्रस्थान करेगे, 12:55 बजे हैलीपैड गढा पहुंचेगे, वहाॅ से 01:00 बजे सङक मार्ग द्वारा बागेश्वर धाम पहुंचेगे, 01:10 पर बागेश्वर धाम मे चिकित्सा एवं विज्ञान शोध संस्थान का शिलान्यास रखेंगे, 02:00 बजे बालाजी मंदिर के दर्शन करेगे, 02:10 बजे हैलिपैड से हेलिकाप्टर द्वारा खजुराहो एयरपोर्ट प्रस्थान करेगे, 02:30 बजे विमानतल खजुराहो पहुंचेगे, 02:35 बजे खजुराहो विमानतल से भोपाल प्रस्थान करेगे और 03:35 बजे भोपाल पहुंचेगे।

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