भोपाल। प्रदेश में हर घर तिरंगा फहराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस राष्ट्रीय पर्व में हज कमेटी की जिला इकाईयां भी शामिल हों, इसके लिए प्रदेश कार्यालय से आदेश जारी किए गए हैं।
प्रदेश हज कमेटी के अध्यक्ष रफत वारसी ने पत्र जारी किया है। इसमें सभी जिला कमेटियों और सामाजिक संगठन तथा हर नागरिक को स्वतंत्रता दिवस पर्व में शामिल होने की ताकीद दी गई है। रफत ने अपने पत्र में तिरंगा अभियान में अनिवार्य रूप से शामिल होने के लिए कहा है।
हर घर तिरंगा
हर तिरंगा अभियान में शामिल होते हुए रफत वारसी ने हज हाउस, सिंगारचोली पर तिरंगा लगाया। इस दौरान कमेटी अधीक्षक मसूद अख्तर, फाजिल कैफ, अजहर खान, अब्दुल कलाम और अन्य कमेटी कर्मचारी मौजूद थे।
हज में होगा झंडावंदन
स्वतंत्रता दिवस पर सारे देश के साथ हज कमेटी भोपाल में भी झंडावंदन कार्यक्रम होगा। कमेटी अध्यक्ष रफत वारसी, सीईओ फरजाना गजाल और अन्य कर्मचारी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में को लेकर अध्यक्ष ने कहा कि यह हमारी अस्मिता का पर्व है। आजादी के इस पर्व पर हम अपने वीर जवानों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रति कृतज्ञता जताते हैं। राष्ट्रीय ध्वज को अपने माथे सजाकर उसके सामने अदब से सिर झुकाते हैं।
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हर जिले में फहराए हज कमेटी तिरंगा, जारी हुआ आदेश
मामा मोहन, प्रदेश पिछड़ा हुआ है, यहां शिक्षा, स्वच्छता और रोजगार बदहाल…!
भोपाल। प्रदेश विकास के बड़े बड़े सरकारी दावों को एक मासूम ने नकार दिया है। इसके मुताबिक प्रदेश में न शिक्षा की स्थिति अच्छी है और न ही स्वच्छता की। उसके अनुसार प्रदेश में रोजगार के हालात भी अच्छे नहीं हैं। इस मासूम ने बाकायदा एक वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को मामा संबोधित करते हुए यह बात कही है।
एक कार में अपने परिजनों के साथ सफर कर रही इस मासूम ने यह वीडियो बनाया है। जिसमें उसने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को मामा संबोधित किया है। उस e वीडियो में कहा है कि उसने चंबल संभाग के तीन जिले घूमे हैं। इनमें श्योपुर, भिंड और मुरैना जिलों का भ्रमण किया है। उसने मामा को कहा कि इन तीनों जिलों में शिक्षा, स्वच्छता और रोजगार के हालात खराब हैं। वीडियो कहां का है, मासूम के परिजन कौन हैं वह इतनी गंभीर बात क्यों कर रही है, पता नहीं चल पाया है। लेकिन इस वीडियो ने सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव लगातार प्रदेश विकास के दावे कर रहे हैं। वे हर मंच पर प्रदेश की बेहतर शिक्षा और अच्छी सफाई व्यवस्था की बात करते हैं। साथ ही वे हर युवा को रोजगार मुहैया कराने का दावा भी करते नजर आते हैं।
हां और न के बीच झूल रहे कई फैसले…
राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर उप राष्ट्रपति की नियुक्ति है बाकी
भोपाल। अब भी बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो पाया है। एक तरफ उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हैं तो वहीं बीजेपी संगठन की फाइनल रूपरेखा अभी तैयार नहीं हो पाई है। इसी बीच चर्चा थी कि अध्यक्ष पद के लिए नाम पर बीजेपी और आरएसएस के बीच सहमति नहीं बन पाई। अब ख़बर मिली है कि एक नए नाम को लेकर संघ ने हरी झंडी दे दी है। बस अब पीएम नरेंद्र मोदी की मंजूरी का इंतजार है।
भाजपा के सामने फिलहाल दो बड़े काम रखे हैं। हालांकि इन पर अंतिम मोहर पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की लगना है। बावजूद इसके प्रक्रिया पूरी करने की मजबूरी बनी हुई है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर संघ और भाजपा संगठन में जूतमपेजार के हालात बने हुए हैं। जहां संघ इस पद पर अपनी पसंद का व्यक्ति बैठाना चाहता है, वहीं मोदी और शाह की जोड़ी इसके सूत्र अपने हाथ में रखना चाहती है। यही वजह है कि अध्यक्षीय घोषणा अब तक अटकी हुई है। संघ इस पद पर कोई सॉफ्ट नाम सामने लाकर सबका साथ और सबका विकास का नारा बुलंद करना चाहता है। उसने नितिन गडकरी या शिवराज सिंह चौहान जैसे नाम पर अंतिम मोहर लगाने का मन बना रखा है। जबकि मोदी और शाह एक ऐसा चौंकाने वाला नाम सामने लाने के पक्ष में है, जिसकी किसी को कल्पना भी नहीं है। मप्र का सीएम और प्रदेश अध्यक्ष वाला फार्मूला यहां भी अपनाया जा सकता है।
बीच कार्यकाल पद से निवृत्त होने वाले उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के बाद इस पद पर भी नियुक्ति की तैयारी है। मोदी और शाह की जोड़ी इसके लिए भी किसी वफादार का नाम तय करने की फिक्र में हैं। धनखड़ की रुखसत के बाद कई नामों पर चर्चा है, कई नाम उछाले जा रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला दरबार से ही होगा। फिलहाल इंतजार किया जा रहा है।
राहत इंदौरी की बरसी पर खास : राहत जहां की…!
खान आशु
भोपाल। एक आर्टिस्ट, एक शिक्षक, एक शायर… जिस किरदार को उन्होंने छुआ, अमर कर दिया। डॉ राहत इंदौरी ने जब कैनवास पर अपना फन उकेरा तो उस ऊंचाई तक पहुंचे, जहां दुनिया के मारूफ चित्रकार मकबूल फ़िदा हुसैन ने भी उनकी कूंची की तारीफ में कोताही नहीं बरती। हुसैन जब भी इंदौर में होते, या जब राहत मुंबई में होते तो दोनों के बीच मुलाकात जरूर होती। फिल्म अभिनेत्री माधुरी दीक्षित की दीवानगी में जब हुसैन ने फिल्मी पर्दे पर अपने रंग बिखेरे तो इन्हें गजलों के रूप में गीतों को आकार डॉ राहत इंदौरी ने ही दिया।
उर्दू साहित्य की तालीम देने के लिए जब वे इंदौर की नामवर शिक्षा संस्था इस्लामिया करीमिया सोसाइटी से जुड़े तो स्टूडेंट्स कोई सबक पढ़ने से ज्यादा राहत की राहत बटोरने में तलबगार दिखाई दिए। उनके स्टूडेंट्स आज भी अपने इस उस्ताद को अच्छी और बेहतर यादों में सजाए रखते हैं। उनके साथ काम करने वाले टीचर भी इस बात का फख्र महसूस करते हैं कि उन्होंने कभी राहत के भी काम किया था।
मंच का सिलसिला छोटे से शहर देवास से शुरू हुआ… प्रदेश की राजधानी भोपाल से होते हुए देश की धड़कन दिल्ली तक और फिर दुनिया के हर देश और उसके शहर तक उन्होंने साबित कर दिया कि अगर कहीं राहत है तो यहीं है और सिर्फ यहीं है। मंचों पर उनकी मौजूदगी ही किसी महफिल की कामयाबी की गारंटी हुआ करती थी। यही वजह है कि उनके दुनिया से विदा होने के बाद मंच वीरान और सूने दिखाई देने लगे हैं। डॉ राहत इंदौरी के साथ यह भी जोड़ा जाता है कि वे जब तक दुनिया में रहे मंचों के शिखर पर रहे, और जब इस दुनिया से विदा हुए तो शिखर पर बरकरारी के साथ के साथ ही रुखसत हुए।
राहत ने फिल्मों की दुनिया में जब कदम रखा तो उस दौर के महा निर्देशक महेश भट्ट और प्रचलित संगीतकार अन्नू मलिक को अपनी कला का मुरीद बना दिया। सफर आगे बढ़ा तो करीब, मिशन कश्मीर, मुन्ना भाई एमबीबीएस जैसे दर्जनों फिल्मों के गीतों में अपनी पहचान छोड़ गए। सिलसिला लंबा और कामयाब चलता, लेकिन मंच के एक शायर को बंद कमरों का गीतकार पसंद नहीं आया। राहत इंदौरी फिर मंचों के और तत्काल दाद देने वाले रसिक श्रोताओं के हो गए।
जब छोटे पर्दे की तरफ उनका रुख हुआ तो द कपिल शर्मा शो… की हास्य भरी टीवी मौजूदगी में राहत इंदौरी इकलौते शायर बने, जो एक नहीं दो बार इस मंच पर अवतरित हुए। पहली बार कुमार विश्वास और शबीना अदीब के साथ जुगलबंदी करते नजर आए और दूसरी मर्तबा उन्होंने अशोक चक्रधर जैसे प्रख्यात कवि के साथ मौजूदगी दिखाई।
युवा पीढ़ी की अगंभीरता के बीच उनकी मनचाही बात करने के लिए अब राहत इंदौरी सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर मौजूद हैं। उनके रहने के दौर से ज्यादा उनके दुनिया से रुखसत होने के बाद भी वे लोगों के दिलों में हैं, यादों में हैं, बातों में हैं।
सजते हैं राहत के नाम के मेले
डॉ. राहत इंदौरी के दुनिया से रुखसत होने के बाद उनको लोगों के दिलों में जिंदा रखने का अलम उनके बेटों फैसल और सतलज राहत ने उठा रखा है। बेटी शिबली राहत भी उनकी हमकदम हैं। राहत इंदौरी फाउंडेशन नामक संस्था से हर साल पहली जनवरी को बड़ी महफिल सजाई जा रही है। जिसमें दुनिया के नामवर शायर और अदीब जुटकर अपनी खिराज पेश कर रहे हैं। 11 अगस्त वह दिन है, जब दुनिया से राहत रुखसत हो गई। इसी दिन को जहन और लोगों के दिलों में रखने के लिए इंदौर ने एक बड़ी महफिल सजाई है। जिसमें राहत की बात होगी, राहत का अंदाज होगा और वह होगा जो राहत के बहुत करीब हुआ करता था। हमारी तरफ से भी दुनिया के इस महबूब शायर को खिराज ए अकीदत।
ड्रग्स मामले में संरक्षण : बचाव करने वालों पर कार्यवाही कब, सीएम और संगठन की चिट्ठी
भोपाल। शहर को कलंकित करने वाले मामले में अब तक बड़ी कार्यवाहियां हो चुकी हैं। लेकिन पर्दे के पीछे इस कांड के जनक को संरक्षण देने वाले अब भी पकड़ से दूर हैं। इन पर शिकंजा कसने के लिए अखिल भारतीय मुजाविर सेना ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। पत्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और संगठन मंत्री को भी भेजा गया है।
अखिल भारतीय मुजाविर सेना के संस्थापक शेर मोहम्मद खान ने यह पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि इस ड्रग्स नेटवर्क, इम्स जेहाद, लैण्ड जेहाद में संलिप्त यासीन एहमद, शाहवार एहमद के भाई शहरवार एहमद उर्फ शेरू को पूरा वृहदहस्त वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ सनव्वर पटेल का है। उन्होंने लिखा है कि वक्फ बोर्ड ऑफिस से ही शहरयार शेरू का कार्यालय चलता था। शहरयार शेरू वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सनव्वर पटेल के साथ उनके चैम्बर में ही पूरा समय गुजारता था।
पोस्टर जिहाद
शेर मोहम्मद ने अपनी शिकायत में लिखा है कि शहरयार एहमद उर्फ शेरू मछली और डॉ पटेल की जुगलबंदी का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि कि मप्र वक्फ बोर्ड ऑफिस परिसर में शहरयार एहमद उर्फ शेरू मछली ने पटेल के लिये बड़े-बड़े फ्लेक्स होर्डिंग्स लगाये हैं, जो आज दिनांक तक मौजूद हैं।
बचाना चाहते थे संपत्ति
मुजाविर सेना ने लिखा है कि ड्रग्स काण्ड में संलिप्त मछली परिवार की अवैध संपत्तियों, वेयरहाउस, फार्म हाउस पर जब बुल्डोजर से ढहाने की खबर शेरू मछली को लगी तो दिनांक 30 जुलाई को दोपहर 01:00 बजे शेरू मछली वक्फ बोर्ड ऑफिस जाकर डॉ सनव्वर पटेल से मुलाकात करते बुल्डोजर की कार्यवाही रूकवाने के लिये उनसे मदद करने को कहा। इस बात की तस्दीक बोर्ड कार्यालय भोपाल में लगे CCTV कैमरों से की जा सकती है। साथ ही पटेल के मोबाईल की कॉल डिटेल्स से भी पटेल के ड्रग्स रैकिट चलाने वाले ड्रग्स जिहादियों से संबंध से संबंध साफ नजर आयेंगे।
अखिल भारतीय मुजावर सेना ने सीएम डॉ मोहन यादव और संगठन से मांग की है कि हाई प्रोफाईल ड्रग्स माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण प्रदान करने वाले मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सनव्वर पटेल पर तत्काल भाजपा अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए पद से मुक्त करे।
एक लोटा जल… श्रद्धालुओं से हो रहा जबरदस्त ‘छल’!
पहले होगी 50 की वसूली , फिर होंगे बाबा के दर्शन
अपनी सोने की लंका दान कर देने वाले शमशानवासी के दर्शन भोले के ‘कुबेरों’ की मेहरबानी के चलते इतने दुर्लभ हैं कि जब तक घंटों जाम में ना फंसे रहें… जब तक जेब ढीली ना करवा लें… तब तक उसके द्वार तक नहीं पहुंच पाते… इस बीच कुछ पर ‘कुबेर कृपा’ इस कदर भी हो जाती है कि उनके लिए सीधे ‘बैकुण्ठ धाम’ के द्वार खुल जाते हैं..! पं. प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वशर धाम में आलम यह है कि इस भीषण गर्मी में पानी पीने तक को श्रद्धालु तरस रहे हैं और उन्हें मजबूरी में 20 रुपए की पानी की बोतल 30 या इससे भी अधिक दाम में खरीदना पड़ रही है… वहीं वाहन पार्किंग शुल्क के नाम पर भी जबरदस्त लूट जारी है और 50 रुपए तक शुल्क लिया जा रहा है… इसी तरह अन्य अव्यवस्थाएं तो कायम है ही… खैर! अपना भोला तो ‘भोला’ है ही..! जब वो ‘चोर’ को ‘खजाने की चाबी’ सौंप सकता है तो ‘मोहन राज’ में भी जिस ”……” पर ‘शिव कृपा’ (विशेष वाली) होगी वो भी ‘कुबेर’ बनेगा ही..! श्री शिवाय नमस्तुभ्यं!!!!
2022-23 का विमोचन एवं प्रचार प्रसार हेतु जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन संपन्न हुआ
पंचायत उन्नति सूचकांक पी.ए.आई.1.0 का हुआ विमोचन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतें हुई सम्मानित
जीतेन्द्र सेन
भोपाल। 07 अगस्त 2025 को ईटीसी भोपाल में पंचायत उन्नति सूचकांक (पी.ए.आई.1.0) वर्ष 2022-23 का विमोचन एवं प्रचार-प्रसार हेतु जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर नवरंग सिंह गुर्जर की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। तत्पश्चात उपस्थित सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में पंचायत एवं जिला विकास सूचकांक के 9 विषयों पर जिले की अलग-अलग ग्राम पंचायतों का चयन किया गया। जिसमें सशक्त पंचायत सतत् विकास की अवधारणा के साथ पंचायतों को सशक्त बनाने, उनके कामकाज को पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए किए गए कार्य के आधार पर जिले की ग्राम पंचायत को पंचायत विकास सूचकांक (पी.ए.आई 1.0) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली भोपाल जिले की ग्राम पंचायत बिशनखेड़ी प्रथम पुरस्कार राशि रुपए 11000,ग्राम पंचायत बंगरसिया द्वितीय पुरस्कार राशि 7100,रुपए ग्राम पंचायत नांदनी तृतीय पुरस्कार राशि रुपए 5100 एवं बाकी ग्राम पंचायतों जैसे बरखेड़ा सालम बरखेड़ी अब्दुल्ला झिरनिया डोब कुठार बरखेड़ा बरामद एवं धूतखेड़ी को राशि रुपए 2100 एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए साथ ही अन्य 10 चयनित ग्राम पंचायत कोड़िया बकानिया बरखेड़ा नाथू समसगढ़ छापरी मेंड़ोरी जगदीशपुर बरखेड़ा बोंदर मुगलिया हाट एवं बर्री छींरखेड़ा को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए एवं सभी का टीएमपी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया गया। वही
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य विनय मेहर ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य यही है कि आप लोग अपने-अपने क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक संकेतकों का उपयोग करके पंचायतों के विकास कार्य करें ताकि अन्य पंचायतें आपसे प्रेरणा लेकर अपनी पंचायतों को बेहतर बना सकें। उन्होंने कहा कि यह महज सम्मान नहीं बल्कि एक उदाहरण और चुनौती भी है जिससे बाकी पंचायतों को अपनी कमियों को पहचानकर सुधार की दिशा में प्रयास करना चाहिए।

इस दौरान भोपाल जिला पंचायत अध्यक्षा रामकुवर नवरंग सिंह गुर्जर जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट जिला सदस्य विनय मेहर विनोद राजोरिया अनिल हाडा मिश्री लाल मालवीय भोपाल जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी जनपद पंचायत फंदा सीईओ एवं भोपाल जिले के सरपंच सचिव सहायक सचिव सम्मिलित हुए।

राजधानी में गूंजेंगे आजादी के तराने, आयोजन 2 अगस्त को
भोपाल। देश के आजाद होने की खुशियां अगस्त माह की शुरुआत से शुरू हो जाती हैं।
इसी रिवाज को साहित्यिक संस्था ACFC (असलम चिश्ती फ्रेन्ड सर्कल पुणे) और तहज़ीब फाउंडेशन (रजिस्टर्ड) भोपाल भी अपने तरीके से मना रही है।
दोनों संस्थाएं संयुक्त तत्वाधान में “एक शाम आज़ादी के दीवानों के नाम” नामक अखिल भारतीय मुशायरा आयोजित कर रही हैं।
2 अगस्त की रात यह महफिल
जहाँगीराबाद स्थित एमडी हायर सेकण्डरी स्कूल में सजेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता (पूर्व डीजीपी छत्तीसगढ़) एमडब्ल्यू अंसारी करेंगे। जबकि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि (पूर्व आईजी, रीवा) डॉ. महेन्द्र सिंह सिकरवार करेंगे। इस दौरान तारिक जीलानी (अध्यक्ष “कारवाने इंसानियत”) बाराबंकी, मोहम्मद अमीन, (इंटरनेशनल हॉकी प्लेयर व अध्यक्ष एमडी हायर सेकंडरी स्कूल), पीर बादशाह मियाँ, (आध्यात्मिक गुरु), डॉ. नज़र महमूद (संपादक, “नया नज़रिया” उर्दू दैनिक) विशिष्ट अतिथि होंगे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वसीम राशिद करेंगी। कार्यक्रम संयोजक डॉ. अंजुम बाराबंकवी और डॉ. महताब आलम ने बताया कि इस अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय शायर मंज़र भोपाली, फारूक जायसी, डॉ. अना देहलवी, अशरफ नानपारखी, वारिस वारसी, मैकश आज़मी, फैज़ खुमार बाराबंकवी, साजिद प्रेगी, डॉ. यूनुस फरहत, फारूक अंजुम, डॉ. एहसान आज़मी, डॉ नसीम अहमद खान, सुहेल उमर, शमीम हयात, वली उल्ला वली अपना कलाम पेश करेंगे।
शासकीय हाई स्कूल ललरिया में पुलिस प्रशासन द्वारा नशा मुक्ति अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया
थाना प्रभारी वीरेन्द्र सेन द्वारा नशा मुक्ति अभियान के तहत स्कूली बच्चों और आमजनों को कर रहें जागरूक
जीतेन्द्र सेन
बैरसिया।पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन में मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा नशा मुक्ति जनजागृति हेतु चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियांन के अंतर्गत बैरसिया पुलिस प्रशासन का नशा मुक्ति जन जागरूकता,अभियान नशे से दूरी है जरूरी
के तहत शनिवार को क्षेत्र के शासकीय हाई स्कूल ललरिया में नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें बैरसिया थाना प्रभारी वीरेन्द्र सेन द्वारा स्कूली बच्चों और आमजनों को नशे से होने वाले गंभीर नुक्सान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई!
साथ ही विभिन्न प्रकार के नशे को लेकर स्कूली बच्चों और आमजनों को शपथ भी दिलाई गई इस दौरान बैरसिया थाना प्रभारी वीरेन्द्र कुमार सेन ललरिया चौकी प्रभारी हेमंत सिंह, सरपंच बबलू भाई,जावेद भाई स्कूल प्रभारी फाईम खान समेत स्कूली बच्चे शिक्षक शिक्षिकाएं आमजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
बरसा सावन भादौ, सजी सुरों की महफिल, रसिक श्रोता हुए मुग्ध
भोपाल। इंदौर की सांस्कृतिक संस्था स्वरांगिनी कराओके क्लब द्वारा स्व. मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, मुकेश की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम
“तुमको ना भूल पाएंगे” का सफ़ल कार्यक्रम अभिनव कला समाज सभागार में सुप्रसिद्ध भजन गायक पं रविन्द्र शर्मा एवं कराओके गुरु दीपक मल्होत्रा के आतिथ्य में संपन्न हुआ।
अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के पश्चात संस्थापक जनार्दन शर्मा द्वारा श्री गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की और डॉ अरुणा सर्राफ व भारती दुबे ने मां सरस्वती वंदना-प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का आगाज कारगिल दिवस होने से जनार्दन शर्मा ने देशभक्ति गीत जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया से किया।
तत्पश्चात डॉ ज्योति सिंह ने राग शिव रंजनी पर आधारित मेरे नैना सावन भादो से बारीश का स्वागत किया, पं रविन्द्र शर्मा ने हे शंभू बाबा मेरे भोलेनाथ भी इसी राग पर आधारित शिव भजन गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अन्य कलाकारों में डाक्टर्स ग्रुप से ओ हंसीनी, अनूप दुबे, आज पुरानी राहों से प्रकाश सुरोशी, बड़े बेवफा ये हुस्न वाले कश्मीर सिंह, मनीष दवे, ने देखा ना हाय रे सोचा ना से सबको नचा दिया।
डॉ अनिल राठौड़, आने से उसके आए बहार, डॉ ज्योति शर्मा ने हम बेवफा भी रफ़ी, और किशोर दा के गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
राजेश पुरोहित, मेरे दिल के चैन सीमा जोशी, जाइए आप कहां जायेंगे, कविता विजयवर्गीय ने इस मोड़ से जाते हैं, आर,बी सिंह, आशा अय्यर, निलेश पाटील, रीना पाटिल विक्रम कर, रमेश बोरकर, अशोक ठाकुर उषा मंडलोई ने भी अपने पुराने फिल्मी गीतों से बहुत समां बांधा। दीपक मल्होत्रा ने भी मुकेश की आवाज में मुझको इस रात कि तन्हाईयो की सुंदर प्रस्तुति दी। बारिश के बाद भी श्रोताओं की उपस्थिति बनी रही और कार्यक्रम का आंनद लिया। स्वरांगिनी संस्था की ओर से अतिथियों का सम्मान किया गया। इस सुमधुर कार्यक्रम का सफ़ल संचालन जनार्दन शर्मा, सुषमा शुक्ला ने किया !
