पहले होगी 50 की वसूली , फिर होंगे बाबा के दर्शन
अपनी सोने की लंका दान कर देने वाले शमशानवासी के दर्शन भोले के ‘कुबेरों’ की मेहरबानी के चलते इतने दुर्लभ हैं कि जब तक घंटों जाम में ना फंसे रहें… जब तक जेब ढीली ना करवा लें… तब तक उसके द्वार तक नहीं पहुंच पाते… इस बीच कुछ पर ‘कुबेर कृपा’ इस कदर भी हो जाती है कि उनके लिए सीधे ‘बैकुण्ठ धाम’ के द्वार खुल जाते हैं..! पं. प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वशर धाम में आलम यह है कि इस भीषण गर्मी में पानी पीने तक को श्रद्धालु तरस रहे हैं और उन्हें मजबूरी में 20 रुपए की पानी की बोतल 30 या इससे भी अधिक दाम में खरीदना पड़ रही है… वहीं वाहन पार्किंग शुल्क के नाम पर भी जबरदस्त लूट जारी है और 50 रुपए तक शुल्क लिया जा रहा है… इसी तरह अन्य अव्यवस्थाएं तो कायम है ही… खैर! अपना भोला तो ‘भोला’ है ही..! जब वो ‘चोर’ को ‘खजाने की चाबी’ सौंप सकता है तो ‘मोहन राज’ में भी जिस ”……” पर ‘शिव कृपा’ (विशेष वाली) होगी वो भी ‘कुबेर’ बनेगा ही..! श्री शिवाय नमस्तुभ्यं!!!!
