प्रदेश के पहले स्पेस सेंटर से युवाओं को मिलेगी अंतरिक्ष विज्ञान की ट्रेनिंग

” डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का सौंपा प्रस्ताव

केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने की भेंट

भोपाल। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन से मुलाकात की। उन्होंने केन्द्रीय राज्यमंत्री कुरियन को प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत भोपाल में “डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का प्रस्ताव भी सौंपा।
राज्यमंत्री गौर ने बताया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित पीएमजेवीके योजना अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास और आधारभूत संरचना को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं में विज्ञान, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से यह सेंटर स्थापित करने को लेकर प्रतिबद्ध है।
राज्यमंत्री गौर ने बताया कि प्रस्तावित केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान, उपग्रह तकनीक और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से परिचित कराया जाएगा। यह केंद्र युवाओं को भविष्य में अंतरिक्ष एवं तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा और विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देगा।
राज्यमंत्री गौर ने केंद्र सरकार से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया, ताकि योजना का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में विज्ञान आधारित सशक्त युवा शक्ति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उज्जैन में 12 फरवरी से आरंभ हो रहा 139 दिवसीय विक्रमोत्सव

शुभारंभ कार्यक्रम 15 फरवरी को, महाशिवरात्रि पर सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम करेंगे महादेव की आराधाना

भोपाल। सृष्टि सृजनकर्ता महादेव के भव्य-दिव्य महाशिवरात्रि उत्सव से विक्रमोत्सव 2026 का आरंभ कर सृष्टि निर्माण दिवस वर्ष प्रतिपदा से होते हुए पंच महाभूतों में अतिविशिष्ट जल तत्व के संरक्षण, संवर्धन के लिए विशिष्ट रूप से नियोजित जल गंगा संवर्धन अभियान का आयोजन होगा। 12 फरवरी से 30 जून, 2026 की तिथियों में होने वाला यह 139 दिवसीय आयोजन भारत और देश तथा दुनिया में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का एक अनूठा उत्सव होगा। जिसका प्रथम चरण महाशिवरात्रि के अवसर पर सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम द्वारा शिवोऽहम महादेव की आराधना से प्रारंभ होगा। द्वितीय चरण 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत सम्पन्न होगा। जिसमें 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों में 4 हजार से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी जायेंगी। यह जानकारी संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला द्वारा प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दी। इस अवसर पर संस्कृति संचालनालय के संचालक एन. पी. नामदेव, माननीय मुख्यमंत्रीजी के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी एवं दत्तोपंत ठेंगडी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश मिश्रा उपस्थित थे।
अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि 139 दिवसीय इस महोत्सव में 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियाँ शिवरात्रि मेलों का समारंभ, महाकाल वन मेला, कृषि मेला, कलश यात्रा, विक्रम व्यापार मेला, संगीत, नृत्य, वादन, शिवोद्य, शिवपुराण, अनादि पर्व, विक्रम नाट्य समोराह, पुतुल समारोह, संगीत का उद्भव और विकास पर केंद्रित अनहद वैचारिक समागम, चित्र प्रदर्शनियाँ, संगोष्ठी, विक्रमादित्य का न्याय समागम, भारतीय इतिहास समागम, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, वेद अंताक्षरी, कोटि सूर्योपासना, शिल्प कला कार्यशाला, प्रकाशन लोकार्पण, पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, बोलियों एवं हिन्दी रचनाओं का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मातृशक्ति कवयित्री सम्मेलन, ड्रोन शो व ख्यात कलाकारों प्रीतम तथा विशाल मिश्रा की प्रस्तुतियाँ शामिल है। इसके साथ ही भारतीय कालगणना पर केन्द्रित विक्रम पंचांग सहित विविध पुस्तकों का लोकार्पण एवं सबसे महत्वपूर्ण देश का सबसे बड़ा सम्मान सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय अलंकरण विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।

उज्जैन के दशहरा मैदान में महाकाल वनमेला का आयोजन
विक्रमोत्सव अंतर्गत 12 से 16 फरवरी की तिथियों में उज्जैन के दशहरा मैदान में महाकाल वन मेला आयोजित किया जा रहा है। जिसमें हर्बल उत्पादों एवं पारंपरिक हर्बल ज्ञान के विषय में प्रदर्शनी, उत्पादकों का प्रदर्शन किया जायेगा। साथ ही इसमें आयुर्वेदिक डॉक्टरों द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच की जायेगी। तथा इस मौके पर सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही है।

देव महादेव पर्वः प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलों का आयोजन
महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की कलापरक और सांस्कृतिक आराधना के अंतर्गत प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलो का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मंदिरों की साजसज्जा, साफ-सफाई एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ प्रमुख है।

पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, जनजातीय विषयों पर केन्द्रित प्रदर्शनियाँ
विक्रमोत्सव अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर एवं कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, जनजातीय विषयों पर 7 विभिन्न प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह, पताकाएँ, शंख, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक, श्रीकृष्ण प्रभात एवं रागमाला प्रमुख है। इन प्रदर्शनियों को महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा तैयार किया गया है।

विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की प्रस्तुतियों का मंचन
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुकी नाट्य प्रस्तुतियों पर केन्द्रित दस दिवसीय इस विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा तैयार की गया प्रस्तुतियों जटायुवधम्, चारूदत्तम, भरतवाक्य, जाति जीवनम्, अभिज्ञान शाकुन्तलम् और चतुर्भाणी शामिल है। इसके साथ ही अंधायुग, भूमि सूर्य वीरगाथा, आदि-अनंत, अभंग नाद, सौगंधिकाहरणं का भी मंचन होगा।

25 से 28 फरवरी में होगा पुतुल समारोह
भारत की विभिन्न पुतुल (कठपुतली) शैलियों पर आधारित पुतुल समारोह में 6 विभिन्न शैलियों में कठपुतलियों के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य, भीम और बकासुर, आठवां, द आर्चर स्टूड अलोन, दुर्योधन वधम् व पद्मगाथा की प्रस्तुतियाँ होगी।

भारतीय कवि सम्मेलनों का आयोजन
1 मार्च को लोकरंजन के अंतर्गत जनजातीय भाषा एवं बोलियों का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिसमें देश भर के विभिन्न बोलियों एवं भाषा के लगभग 9 कवि अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर नारी शक्ति अखिल भारतीय कवयित्री सम्मेलन आयोजित किया जायेगा। जिसमें देश-प्रदेश की 9 महिला कवयित्रियों का कविता पाठ होगा। इसके साथ ही 14 मार्च को देशभर के 10 सुप्रसिद्ध एवं जाने-माने कवियों का कविता पाठ होगा। जिसका संचालन अंतरराष्ट्रीय कवि दिनेश दिग्गज करेंगे।

शिव पुराण
13 से 17 मार्च तक शिवपुराण के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा के अठारह पुराणों में से एक शिव पुराण आख्यान पर आधरित चित्र प्रदर्शनी, लोक नृत्य तथा नृत्य नाटिकाओं का आयोजन होगा।

अंतरराष्ट्रीय पौराणिक फिल्म महोत्सव में इस बार 25 से अधिक देश होंगे शामिल
पौराणिक फिल्मों का अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव 13 से 17 मार्च 2026 तक उज्जैन में आयोजित किया जा रहा है। जिसमें 25 से देश शामिल हो रहे है। इसके साथ ही समारोह में अंग्रेजी, फ्रेंच, हिबरू, रसियन, स्पेनिश, अइसलेन्दीक, इटेलियन, डच, मंगोलियन, फिजियन, इन्डोनेशियन, अफरीकन, नाइजिरियन, सिंहली, ग्रीक,, भाषाओ की 25 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन होगा। इस फिल्म समारोह में महाभारत पर केन्द्रित फिल्मों का भी प्रदर्शन किया जायेगा।

देश का सबसे बड़ा सम्मान होगा सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण
मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ ने ऐसे युग निर्माता गणनायक की स्मृति को सुरक्षित रखने तथा उनके शौर्य, औदार्य, न्यायप्रियता तथा धर्म एवं प्रजावत्सल गुणों को समाज में पुनःस्थापित करने की दृष्टि से राशि रूपये 1 करोड़ 1 लाख का अंतरराष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया गया है। यह देश का सबसे बड़ा सम्मान होने जा रहा है। इसके अलावा सम्राट विक्रमादित्य के नाम से 21 लाख रूपये का एक राष्ट्रीय सम्मान एवं 5-5 लाख रुपये राशि के तीन राज्य स्तरीय सम्मान स्थापित किये हैं।

नेशनल पार्क से आई खुशखबरी, आशा ने पाँच स्वस्थ शावकों को दिया जन्म, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश के लिए अभूतपूर्व क्षण

भोपाल|मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क से  बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहां मादा चीता ‘आशा’ मां बनी हैं।खास बात ये है कि, उन्होंने एक साथ पांच शावकों को जन्म दिया है। कूनों प्रबंधन ने इसकी पुष्टि कर एक वीडियो जारी किया है, जिसमें मादा चीता अपने शावकों को दुलारती नजर आ रही हैं।

भारत में जन्मे शावकों की संख्या बढ़कर हुई 24, सीएम डॉ.यादव ने शेयर किया वीडियो

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो शेयर कर लिखा कि कूनो ने गर्व के एक अभूतपूर्व क्षण का अनुभव किया है क्योंकि आशा ने पाँच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है, जिससे भारत की चीता संरक्षण यात्रा को और अधिक मजबूती मिली है।इसके साथ ही, भारत में जन्मे शावकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है और चीतों की कुल आबादी 35 तक पहुँच गई है।यह उपलब्धि हमारे वन कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों के अथक समर्पण को दर्शाती है। यह राज्य वन्यजीव संरक्षण के एक प्रमुख केंद्र (एपिसेंटर) के रूप में उभर रहा है।

इंदौर में दिनेश प्रजापत की समस्या का मानवीय संवेदनशीलता के साथ समाधान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जताया आभार

भोपाल। इंदौर में सामने आए एक प्रकरण को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए त्वरित और संवेदनशील हस्तक्षेप किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर दिनेश प्रजापत एवं उनकी माता  रामप्यारी बाई की वर्षों से चली आ रही समस्या का मानवीय दृष्टिकोण के साथ समाधान सुनिश्चित किया गया।
परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल KYC पूर्ण कर पेंशन प्रक्रिया प्रारंभ कराई गई, वहीं अरविंदो अस्पताल में समुचित उपचार की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की गई तथा BLO के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू कराई गई है।

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इस त्वरित कार्रवाई से परिवार को बड़ी राहत मिली है, मुख्यमंत्री का जताया आभार

दिनेश प्रजापत ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनकी माता की पेंशन प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और सरकार द्वारा इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील सहयोग के लिए वे माननीय मुख्यमंत्री जी के सदैव कृतज्ञ रहेंगे।
इंदौर में हुए इस प्रकरण को संज्ञान लेते हुए‌ दिनेश प्रजापत एवं उनकी माता रामप्यारी बाई की समस्या का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया गया है। परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल KYC कर पेंशन प्रक्रिया शुरू कराई गई एवं अरविंदो अस्पताल में उपचार की व्यवस्था की गई है।
परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ ही BLO द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है।

तालीम के साथ तरबियत भी, ईमान की हिफ़ाज़त के साथ आगे बढ़ने का रास्ता…

भोपाल। तालीम और तरबियत एक साथ मिल जाए तो इंसान को आने वाले वक्त की आसानियां मिल सकती हैं। एक ऐसी जगह जहां दीनी माहौल में दुनियावी तालीम दी जाए, इसकी लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। इसी कमी को पूरी करने के लिए कस्तूरबा शिक्षा समिति ने पहल की है। परवरिश इंटरनेशनल स्कूल की शुरुआत इसी मंशा को पूरा करने के लिए की गई। जिसमें फिलहाल नर्सरी से पांचवीं तक के बच्चों को दाखिला दिया जा रहा है।
संस्थान से जुड़े शिक्षाविद मोहम्मद शोएब कुरैशी बताते हैं कि आज के दौर में बच्चों और अभिभावकों को क्वालिटी एजुकेशन की दरकार है। उन्हें बेहतर पढ़ाई के साथ सौम्य वातावरण की भी जरूरत है।

वे अपने बच्चों को ऐसे स्कूल में दाखिला चाहते हैं, जहां वे दुनियावी तालीम के साथ दीन की बारीकियां भी सीख सकें। उन्हें ऐसा संस्थान भी चाहिए, जिससे फारिग होकर वे भविष्य की तालीम अच्छे संस्थानों से आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। स्कूली जीवन में ही उनके अंदर तरबियत के वह बीज अंकुरित हो सकें, जिनसे वे कल के बेहतर समाज की कल्पना को साकार कर सकें। शोएब कहते हैं कि इस तरह के संस्थान की कमी महसूस की जा रही थी। परवरिश इंटरनेशनल स्कूल इन्हीं सब ख्वाहिशात को पूरी करेगा। उन्होंने बताया कि एयरोसिटी रोड पर बिशनखेड़ी की खुली वादियों में इस आधुनिक शिक्षण संस्थान को आकार दिया गया है। जहां वर्तमान में नर्सरी से पांचवीं तक के होनहार बच्चों को दाखिला दिया जा रहा है। भविष्य की आवश्यकता के लिहाज से इसका विस्तार किया जाएगा। इस संस्थान से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी के लिए 0755=3178196 या 9926671653 एवं 9300612709 पर संपर्क किया जा सकता है।

नज़ीराबाद में जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी ने किया औचक निरीक्षण

नल-जल व स्वच्छता कार्यों की ली समीक्षा,
सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करे,सीईओ इला तिवारी


जीतेन्द्र सेन
भोपाल। भोपाल जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) इला तिवारी ने बुधवार को नज़ीराबाद क्षेत्र का औचक दौरा कर विभिन्न शासकीय योजनाओं और विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उनके अचानक पहुंचने से संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया और अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटना पड़ा।
दौरे के दौरान सीईओ ने विशेष रूप से नल-जल योजना साफ सफाई और स्वच्छता व्यवस्था व ग्रामीण विकास से जुड़े अन्य कार्यों की विस्तार से समीक्षा की एव स्वच्छता पर जोर देकर कहा की नज़ीराबाद समेत पूरे क्षेत्र में नियमित साफ सफाई की जावे।

उन्होंने अधिकारियों से जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि नल-जल योजना को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाए ताकि ग्रामीणों को नियमित रूप से पर्याप्त साफ और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।

उन्होंने आवश्यकतानुसार नए कूप खुदवाने पानी के भंडारण के लिए कुओं के निर्माण तथा जल स्टॉक की समुचित व्यवस्था करने के पी.एच.ई विभाग को सख्त निर्देश भी दिए। साथ ही कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही,और अनियमिताएं बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीईओ तिवारी ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना है और सभी अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। इस दौरान जनपद सीईओ देवेश सराठे समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे!

पीएम आवास योजना ग्रामीण में अब तीन किश्तों में मिलेगा आवास निर्माण का लाभ

जीतेन्द्र सेन
भोपाल। पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत मध्यप्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत आवासों के निर्माण को लेकर विकास आयुक्त कार्यालय ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। संशोधित व्यवस्था के अनुसार, अब हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए कुल 1 लाख 20 हजार रुपए की सहायता राशि तीन किश्तों में प्रदान की जाएगी। जिसमें प्रत्येक किश्त 40,40 हजार रुपए की होगी, जबकि मनरेगा के तहत मजदूरी की राशि अलग से हितग्राही को दी जाएगी। जारी आदेश के मुताबिक, पहली किश्त आवास स्वीकृति के तत्काल बाद जारी होगी। दूसरी किश्त प्लिंथ स्तर का निर्माण पूर्ण होने पर तथा तीसरी किश्त लिंटल स्तर पूरा होने के बाद दी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया के लिए आवास सॉफ्ट
पोर्टल पर आवश्यक प्रावधान पहले से ही उपलब्ध करा दिए गए हैं। दिशा-निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आवास स्वीकृति से पूर्व हितग्राही का जॉब कार्ड सक्रिय होना अनिवार्य रहेगा। पहली किश्त जारी होते ही मनरेगा का मस्टर रोल जारी करना भी अनिवार्य होगा, ताकि निर्माण कार्य में लगी मजदूरी का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जा सके। प्रत्येक चरण में निर्माण की प्रगति दर्शाने वाली जियो-टैग्ड फोटो पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।
इसके साथ ही राशि के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए मैन-टू-मैन मार्किंग की व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि आवास निर्माण कार्य वास्तविक रूप से हितग्राही द्वारा ही कराया जा रहा है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि आवास पूर्ण होने से पहले ही मनरेगा के अंतर्गत देय मजदूरी राशि का भुगतान कर दिया जाए।

हुजुर तहसील के ईंटखेड़ी में अवैध कॉलोनियों पर चली जेसीबी मशीन

आठ करोड़ की जमीन में डेवलप हो रही थी कॉलोनी , शेड,गेट और सड़कों पर चली जेसीबी

जीतेन्द्र सेन
भोपाल। भोपाल के हुजूर तहसील क्षेत्र में शनिवार को अवैध कॉलोनियों पर बड़ी कार्रवाई की गई ईंटखेड़ी में 4 कॉलोनी में जेसीबी की मदद से गेट-शेड तोड़े गए,जबकि सड़कें उखाड़ दी। वहीं, एक जगह से अतिक्रमण हटाया गया। करीब 8 करोड़ रुपए की जमीन पर ये कॉलोनी विकसित हो रही थी। गौरतलब है कि जिले में अवैध कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद अब जमीनी स्तर पर भी कार्रवाई शुरू की गई है। यहां पर जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण तोड़े जा रहे हैं।शनिवार को अवकाश के दिन हुजूर तहसील के अंतर्गत ईंटखेड़ी में करीब 8 करोड़ की जमीन से कब्जा हटाया गया। हुजुर एसडीएम विनोद सोनकिया और तहसीलदार आलोक पारे के नेतृत्व में यह कर्रवाई हुई।ईंटखेड़ी में रुखसाना पति मो.मोहसिन,विनोद पिता उमेश साहू, रिजवान पिता मो. हनीफ और हीरालाल पिता बालमुकुंद द्वारा अवैध तरीके से कॉलोनियां विकसित कर रहे थे। एसडीएम विनोद सोनकिया ने बताया, अवैध कॉलोनियों में किए गए निर्माण की पहले जांच की गई। जांच के बाद शनिवार को पुलिस बल के साथ कार्रवाई की गई। बता दें कि अवैध कॉलोनियों पर जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। कुछ दिन पहले हुजूर अनुभाग क्षेत्र की अवैध कॉलोनियों को लेकर थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
इसके बाद अब जमीनी कार्रवाई करने का फैसला लिया गया। जिसमें
अवैध निर्माण भी तोड़ा गया ग्राम परवारखेड़ा में सरकारी जमीन पर टीन शेड और बाउंड्रीवॉल बनाने को लेकर भी कार्रवाई की गई। यहां जेसीबी की मदद से इन्हें तोड़ दिया गया। पशुओं के लिए यह टीन शेड बनाया गया था।

भोपाल जिला पंचायत  साधारण सभा की बैठक मे अध्यक्ष उपाध्यक्ष सहित सदस्यों ने उठाए जन हितैषी मुद्दे

क्षेत्र में साफ पानी बिजली की समस्या पर संबंधित विभाग ध्यान दें – विनय मेहर

जीतेन्द्र सेन
बैरसिया। बुधवार को महीनो बाद भोपाल जिला पंचायत साधारण सभा की बैठक ईटीसी कार्यालय में आयोजित हुई बैठक में 14 विभागों की समीक्षा हुई जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष उपाध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्यों ने जन हितेसी मुद्दों पर बात की एवं अधिकारियों को अवगत कराया कि जिला पंचायत की अध्यक्षा राम कुवर नवरंग सिंह गुर्जर ने पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाया जा रहा रोड का जिक्र किया उन्होंने अधिकारियों को बताया कि वहरावल से नायसमंद रोड जल्द से जल्द पूरा करें वहां बरखेड़ी धाम आने वाले श्रद्धालुओं को एवं क्षेत्र वासियों को असुविधा होती है वहीं जिला पंचायत के उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने अधिकारियों को सबूत के साथ अवगत कराया की ग्राम मेंगरा कला में हाई स्कूल की नवीन बिल्डिंग बहुत ही जर्जर है और करोड़ों की लागत से बिल्डिंग बनी है लेकिन वह कब गिर जाए उसका  कोई पता नहीं अगर बच्चों को कुछ हुआ तो इसका जिम्मेदार संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार होंगे बरसात के समय में उसकी छत में से पानी टपकता है मैंने और उस क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य विनय मेंहर के साथ भवन का निरीक्षण किया है जिस ठेकेदार ने उस भवन को बनाया है उस पर तत्काल कार्रवाई हो वही विनय मेहर ने क्षेत्र में पानी की टंकियो की नियमित साफ सफाई हो आगे कहा कि पीने के पानी की समस्या को देखते हुए पीएचई विभाग को अवगत कराया और कहा कि क्षेत्र का निरीक्षण कर जहां नल जल योजना बंद पड़ी है वहां तत्काल शुरू करवाये अगर पानी की कमी है

तो तत्काल बोर करवा कर वहां पर व्यवस्था करें वन विभाग एवं बिजली विभाग के अधिकारियों पर विनय मेहर ने किसानों को बेवजह परेशान करने पर जमकर फटकार लगाई एवं वन विभाग के अधिकारियों से कहा निर्माण कार्यों के लिए वन विभाग तत्काल परमिशन की अनुमति दे एवं परमिशन की प्रक्रिया को सरल करें विनय मेहर ने बैठक में वन विभाग के अधिकारियों को कहा कि  जिस भूमि पर 40 वर्षों से किसान का कब्जा है उनको उसी जगह पर पट्टा दिया जाए और प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजें मेहर ने लोक निर्माण विभाग एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में छोटे मजरे टोलो तक सड़क पहुंचे वही मेहर ने विभाग को कई गांव के प्रस्ताव भी दिए.जिला पंचायत के उपाध्यक्ष ने बैरसिया जनपद के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि जनपद के अधिकारी बगैर रिश्वत के काम नहीं करते हैं अगर 15 दिन में सुधार नहीं किया तो मैं उनके खिलाफ धरने पर बैठूंगा मेहर ने कहा खितवास से दमीला जोड़ तक लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 6 करोड़ की लागत से सड़क बन रही है लेकिन 2 किलोमीटर का रोड छोड़ दिया है  अधिकारियों को बताया कि परमिशन के लिए वन विभाग को भेजें अगर वन विभाग परमिशन नहीं देता है और वन विभाग भोपाल के अधिकार क्षेत्र से परमिशन नहीं होती है तो उच्च स्तर पर परमिशन के लिए प्रस्ताव भेजें बैठक में खितवास हाई स्कूल प्राचार्य का मामला भी गरमाया वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए
बैठक में जिला पंचायत की अध्यक्ष उपाध्यक्ष जिला पंचायत सदस्य समेत संबंधित विभाग के सभी अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य अभिलेखागार में सुरक्षित दुर्लभ दस्तावेज में शामिल है पहला समाचार पत्र और नेहरू जी का करारनामा

भोपाल। भारत के 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर, मध्य प्रदेश राज्य अभिलेखागार ने अपने संग्रह में सुरक्षित ऐसे दुर्लभ और ऐतिहासिक दस्तावेजों को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया है, जो भारतीय गणराज्य के निर्माण, रियासतों के एकीकरण तथा मध्य भारत में लोकतांतिक शासन के विकास की कहानी कहते हैं।
वर्ष 1975 में अभिलेखागार की स्थापना की गई थी तथा 1994 में संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय में विलय किया गया। वर्तमान में मध्य प्रदेश के अभिलेखागार में 6.88 करोड़ से अधिक दस्तावेज संरक्षित है, जो इसे भारत के सबसे बड़े राज्य स्तरीय अभिलेखागारों में से एक बनाता है। यह अभिलेखागार केवल सरकारी रिकॉर्ड का संग्रह नहीं है, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक, सामाजिक और प्रशासनिक इतिहास की सामूहिक स्मृति का संरक्षक है।
अभिलेखागार में सुरक्षित सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में वह दुर्लभ समाचार पत्र भी शामिल है, जिसमें पंडित जवाहरलाल नेहरू के ऐतिहासिक प्रस्ताव के पारित होने की घोषणा की गई थी, जिसके माध्यम से संविधान सभा ने भारत को एक स्वतंत्र और संप्रभु गणराज्य घोषित किया। यह दस्तावेज भारतीय संविधानिक इतिहास का एक निर्णायक क्षण दर्ज करता है।
संग्रह में रियासतों के एकीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण आधिकारिक पत्राचार भी सुरक्षित हैं, जिनमें वर्ष 1948 के हैदराबाद अभियान के बाद के दस्तावेज शामिल हैं। ये अभिलेख स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र के प्रशासनिक और राजनीतिक एकीकरण की प्रक्रिया को दर्शाते हैं।
एक अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख जनवरी 1950 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय की पहली बैठक के लिए जारी आधिकारिक आमंत्रण पत्र है, जो स्वतंत्र भारत में विधि के शासन और संवैधानिक संस्थाओं के प्रारंभ का प्रतीक है।


गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन द्वारा मध्य भारत के राजप्रमुख को भेजा गया पत्र संघीय शासन प्रणाली के प्रारंभिक स्वरूप और केंद्र राज्य संबंधों की ऐतिहासिक झलक प्रदान करता है।
अभिलेखागार में सुरक्षित क्षेत्रीय प्रकाशनों में ‘जयाजी प्रताप’ जैसे समाचार पत्र भी शामिल हैं, जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद के प्रारंभिक वर्षों में मध्य भारत की राजनीतिक घटनाओं, विधानसभाओं की कार्यवाही और जनमत को दर्ज किया। ये समाचार पत्र यह दर्शाते हैं कि राष्ट्रीय घटनाओं को क्षेलीय स्तर पर कैसे अनुभव किया गया
इन सभी दस्तावेजों के माध्यम से मध्य प्रदेश राज्य अभिलेखागार के संग्रह की व्यापकता स्पष्ट होती है, जो संविधान निर्माण, शासन व्यवस्था, न्यायिक संस्थाओं की स्थापना, रियासतों के एकीकरण और जनमत के विकास तक फैली हुई है। ये अभिलेख इतिहास, राजनीति, विधि, लोक प्रशासन, पत्रकारिता और विरासत अध्ययन के शोधकर्ताओं के लिए अमूल्य प्राथमिक स्रोत हैं, साथ ही नागरिकों को अपने अतीत से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय के अंतर्गत कार्यरत यह अभिलेखागार 47 संग्रहालयों और 499 से अधिक राज्य संरक्षित स्मारकों के साथ मिलकर एक समन्वित प्रणाली का हिस्सा है, जिससे मध्य प्रदेश में धरोहर संरक्षण को समग्र दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया जा रहा है।
हाल के वर्षों में अभिलेखागार द्वारा डिजिटाइजेशन, वैज्ञानिक संरक्षण और सार्वजनिक उपलब्धता को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए गए हैं। अब तक 40 लाख से अधिक दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है, जिससे ऐतिहासिक अभिलेख शोधकर्ताओं और नागरिकों के लिए सुगमता से उपलब्ध कराये जा रहे हैं।


77वें गणतंत्र दिवस पर भारत देश संविधान में निहित लोकतंत्र, न्याय, स्वतंत्रता और समानता के मूल्यों का उत्सव मना रहा है। इस अवसर पर मध्य प्रदेश राज्य अभिलेखागार यह स्मरण कराता है कि ये आदर्श लिखित निर्णयों, विचार-विमर्श और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से निर्मित हुए हैं। इन दस्तावेजों का संरक्षण कर अभिलेखागार गणराज्य की लिखित नींव को सुरक्षित रख रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भारत के इतिहास से अर्थपूर्ण रूप से जुड़ सके।

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