आसमान में निकला खुशियों का चांद, अकीदतमंद हुए निहाल

रुअत ए हिलाल कमेटी के ऐलान के बाद आतिशबाजी से गूंजा शहर

खान आशु
भोपाल। वक्त ए इफ्तार… मगरिब की नमाज़… आसमान की तरफ उठी उम्मीदों की निगाहें… लौटती नजरें पलकों में खुशियां समेटे चली आईं…! काजी ए शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी ने चांद नजर आने की तस्दीक की, ऐलान किया कि सोमवार का दिन अल्लाह के ईनाम का है, खुशियों का है,  ईद का है….! इसके बाद इस खबर से सबको वाकिफ कराने के लिए शहरभर की मस्जिदों से आतिशबाजी की गई। एक दूसरे को मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू हो गया। ईद के लिए बाकी बची तैयारियों के लिए लोगों के कदम बाजार की तरफ उठ गए। सारी रात आबाद रहे बाजारों ने खूब खरीद फरोख्त कर ईद की खुशियों का ऐलान किया।

रविवार शाम को मोती मस्जिद में रुअत ए हिलाल कमेटी ने ईद का चांद देखने की रस्म अदा की। काजी ए शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी के अलावा शहर के उलेमा इसमें शामिल थे। बड़ी तादाद में पहुंचे बाशिंदों ने भी इस हुजूम में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। मगरिब की नमाज़ के बाद चांद देखने की रस्म अदा की गई। जिसके बाद उलेमाओं ने अन्य प्रदेशों और शहरों से भी इसकी तस्दीक की। हर तरफ से मिली खुशियों वाली खबर के बाद शहर काजी ने सोमवार को ईद उल फितर का त्यौहार मनाए जाने का ऐलान कर दिया।

पहली नमाज ईदगाह में
सोमवार को शहर की दर्जनों मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की जाएगी। मसाजिद कमेटी द्वारा जारी किए गए नमाज के वक्त में पहली नमाज ईदगाह में अदा करने के लिए कहा गया है। सुबह 7.30 बजे ईदगाह में होने वाली नमाज के बाद बाकी मस्जिदों में नमाज ए ईद अदा होगी। इसके बाद जामा मस्जिद, ताजुल मसाजिद, मोती मस्जिद, आरिफ नगर, प्रेस कॉम्प्लेक्स, गोविंदपुरा, निजामुद्दीन मस्जिद आदि में नमाज होगी।

एक रास्ते से जाएंगे, दूसरे से वापसी
नमाज ए ईद के लिए जाने वाले अकीदतमंद घर से निकलकर एक रास्ते से ईदगाह पहुंचेंगे। नमाज से पहले खास बयान और फिर नमाज अदा की जाएगी। इसके बाद ईद का खुतबा होगा। इससे फारिग होकर लोग एक दूसरे को मुबारकबाद देते हुए दूसरे रास्ते से अपने घरों को लौटेंगे। भोपाल में लोगों का घर जाने से पहले कब्रिस्तान जाकर अपने मरहूमीन के लिए दुआ ए मगफिरत का रिवाज भी है।

सीएम पहुंचते रहे हैं ईदगाह
तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने पूरे कार्यकाल में ईदगाह पहुंचकर लोगों को ईद की मुबारकबाद देते रहे हैं। कुछेक बार उन्होंने पुराने शहर के विभिन्न इलाकों में पहुंचकर लोगों को घरों घर जाकर भी ईद की मुबारकबाद दी है। इसके साथ लोगों को ईद के तोहफे भी बांटे गए थे। शिवराज से पहले कांग्रेस सरकार में भी सीएम के ईदगाह पहुंचने का सिलसिला रहा है।

रुख बाजार की तरफ
ईद का चांद दिखाई देने के साथ ही लोगों ने अपनी जरूरतों और बाकी बची तैयारियों को पूरा करने के लिए बाजार की तरफ रुख किया। इब्राहिमपुरा बाजार, मेन रोड, नदीम रोड, लखेरापुरा, जुमेराती आदि बाजारों में सारी रात रौनक दिखाई दी। शहर के अलग अलग इलाकों जहांगीराबाद, इतवारा, बुधवारा, ऐशबाग, बाग मुफ्ती साहब, काजी कैंप, लक्ष्मी टॉकीज आदि के अस्थाई बाजारों ने भी ग्राहकों की जरूरतों को पूरा किया।

सक्रिय हुआ सोशल मीडिया
ईद का चांद दिखाई देने के साथ ही सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म व्हाट्स ऐप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि पर बधाई संदेशों का तांता लग गया।

यहाँ से निकलेगी गेर वहाँ कलेक्टर आशीष ‍सिंह पहुँचे निरिक्षण पर !

इंदौर – छोटा मुंबई कहे जाने वाले इंदौर में परम्परागत रूप से निकलने वाली रंगपंचमी की गेरों के आयोजन की व्यापक तैयारियां जारी है। कलेक्टर आशीष सिंह ने आज अधिकारियों के दल के साथ गेर मार्ग का निरीक्षण किया। इंदौर में 19 मार्च रंगपंचमी के अवसर पर रंगारंग गेर निकलेंगी। निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त श‍िवम वर्मा, अपर पुलिस आयुक्त अमित सिंह, एडीएम रोशन राय सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर आशीष सिंह ने गेर मार्ग के निरीक्षण की शुरूआत टोरी कार्नर चौराहे से की। इसके बाद वे निर्धारित गेर मार्गों पर पहुंचे और उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे जल्द से जल्द मार्ग की मरम्मत कर दें। ‍विद्युत सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। विद्युत के तारों को आवश्यकता अनुसार ऊंचा करें। डीपी पर भी सुरक्षा के प्रबंध रखें। पूरे मार्ग पर सभी आवश्यक बंदोबस्त सुसुनिश्चित कर ली जाये। कार्यों में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाये। व्यवस्थाओं को समयसीमा में पूरा करें। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम रखें जायें। कलेक्टर सिंह ने बताया कि पूरे मार्ग पर ‍निगरानी के लिये सीसीटीवी कैमरे लगाये जाएंगे। साथ ही कंट्रोल रूम भी बनाया जायेगा। बेरिकेटिंग की भी व्यवस्था रहेगी। आकस्मिक चिकित्सा के लिये भी प्रबंध ‍किये जा रहे हैं। निर्धारित स्थानों पर एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहनों की व्यवस्था भी रहेगी।

बागेश्वर धाम में तीन दिवसीय होली महा महोत्सव आज से, बालाजी को समर्पित होगी रंग गुलाल

12 को चित्रलेखा जी, 14 को आएंगी प्राची देवी, क्षेत्रीय सहित बाहरी कलाकार मचाएंगे संगीत की धूम


छतरपुर। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र बागेश्वर धाम में होली महा महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। यह महोत्सव तीन दिनों का होगा। महोत्सव की शुरुआत आज बुधवार से हो रही है। बालाजी सरकार को रंग गुलाल समर्पित करने के साथ ही महोत्सव की शुरुआत होगी। महोत्सव के पहले दिन जानी-मानी कथा वाचिका चित्रलेखा जी शामिल हो रही है। वहीं तीसरे दिन प्रख्यात कथा वाचिका प्राची जी बागेश्वर धाम पधारेंगीं। महोत्सव में क्षेत्रीय कलाकारों सहित देश भर से आने वाले बागेश्वर बगिया के फूलों की भी प्रस्तुति होगी। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देश भर के बागेश्वर धाम प्रेमियों और भक्तों को रंगों के पर्व होली की अनंत शुभकामनाएं देते हुए सबकी मंगल कामना की है।
जानकारी के मुताबिक बागेश्वर धाम में बुधवार से तीन दिवसीय होली महा महोत्सव की शुरुआत हो रही है। कहते हैं जीवन में रंग नहीं है तो फिर वह जीवन किस काम का। सनातन धर्म के सभी पर्व जीवन में उल्लास और खुशियां बिखरते हैं। रंगों का पर्व होली हर साल लोगों द्वारा अनूठे अंदाज में मनाया जाता है। बागेश्वर धाम में भी विगत वर्ष की तरह इस वर्ष होली का विशाल आयोजन हो रहा है। इस महोत्सव में जहां देश भर के बागेश्वर धाम से शिष्य मंडल के सदस्य आएंगे तो वहीं बागेश्वर धाम से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के लोग भी शामिल होंगे। महोत्सव में जहां संतो की मौजूदगी होगी तो वही राजपीठ से भी लोगों के आने की खबरें है। क्षेत्रीय कलाकारों के साथ ही बागेश्वर धाम से जुड़े अन्य कलाकार महोत्सव में शामिल होंगे। परंपरागत गीतों और होली संगीत की धूम मचने वाली है। शास्त्री ने सबको महोत्सव में शामिल होने का न्योता दिया है।

दौर इफ्तार का… अलग अलग दावतों में विभिन्न तरह की जमावटें

खान आशु
भोपाल। माह ए रमजान अपना पहला अशरा पूरा कर चुका है। शहर की कई मस्जिदों में तरावीह का पहला दौर खत्म होकर मुकम्मल कुरआन के जश्न भी होने लगे हैं। साथ ही राजधानी में रिवाज के मुताबिक इफ्तार दावतें भी शुरू हो गई हैं। अलग अलग दावतों में अलग अलग तरह के लोग जुटाए जा रहे हैं। इन दावतों के जरिए सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक धाराओं के संदेश भी दिए जा रहे हैं।
राजधानी समेत प्रदेश और देशभर में अपने मुरीदों की बड़ी फेहरिस्त रखने वाले पीर साहब बादशाह मियां ने मंगलवार को इफ्तार दावत का आयोजन किया है। शहर के सियासी, प्रशासनिक, गणमान्य लोगों की मौजूदगी वाले इस समागम में पीर साहब के मुरीदीन भी शामिल रहेंगे। पीर साहब की दावतों के जरिए लोगों की जुटाई पुरानी आदत है। वे साल भर में कई बार ऐसे मौके निकाल लेते हैं, जब उनके आंगन में मेहमानों की चहल पहल नजर आती है। दरअसल पीर साहब रोजा इफ्तार का आयोजन माह ए रमजान के आखिर में करने का रिवाज रखते हैं, लेकिन इस बार पहले अशरे में इस आयोजन की एक खास वजह है। वे अगले सप्ताह में सफर ए उमराह पर जाने वाले हैं।

यहां दिखेगी सामाजिक समरसता

हाजी मोहम्मद हारून

जमीयत उलेमा मप्र के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून ने भी दसवें रोजे यानी मंगलवार को ही इफ्तार दावत आयोजित की है। हाजी साहब की इस दावत की खासियत इसमें शामिल किए जाने वाले सर्वधर्म के मेहमान होते हैं। दशकों की उनकी इस इफ्तार परम्परा में पंडित राकेश जी शामिल रहते हैं तो ज्ञानी दलीप सिंह भी दिखाई देते हैं। फादर आनंद मुतुंगल, भंते सागर के अलावा कई मुस्लिम विद्वान भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहते हैं। हाजी मोहम्मद हारून सर्वधर्म सद्भाव का यह सिलसिला रमजान माह के अलावा भी चलाते रहते हैं।

यह नया नजरिया है…

पीर साहब बादशाह मियां

दिल्ली, भोपाल, उज्जैन समेत मप्र के कई और जिलों से पब्लिश हो रहे उर्दू दैनिक नया नजरिया ने एक सांस्कृतिक सिलसिले की शुरुआत की है। हर माह आयोजित किया जाने वाला सिलसिला ए अदब रमजान माह में भी अपनी रौशनी बिखेरेगा। कार्यक्रम में इस माह एक अतिरिक्त आयोजन रोजा इफ्तार भी जोड़ दिया गया है। कार्यक्रम आयोजक डॉ नजर महमूद ने बताया कि इस माह के खास आयोजन की सदारत मशहूर शायर जफर सहबाई करेंगे। मेहमान ए खास पीर साहब बादशाह मियां होंगे। इस मौके पर होने वाली नशिस्त में हृदेश शुक्ला कानपुरी, डॉक्टर अहसान आज़मी, डॉ नसीम अहमद, वली उल्लाह वली, इनायत अब्बास अपने शेर ओ कलाम पेश करेंगे। कार्यक्रम का संचालन डॉ महताब आलम करेंगे। इस आयोजन को खास रंग देने के लिए एक अतिरिक्त कार्यक्रम अफसांचा भी जोड़ा गया है। डॉ मोहम्मद आजम इस खास मौके पर एक विशेष अफसाना अपने मुख्तलिफ अंदाज में पेश करेंगे।

DR. NAZAR MAHMOOD

Ramzan Special : इबादत, तिलावत में डूबे शहर के माथे पर दिख रही रौशनी ही रौशनी

बाजार, मुहल्ले। घरों पर खुशियों की जगमगाहट

खान आशु
भोपाल। देश के बड़े त्यौहारों दीवाली, दशहरा, न्यू ईयर या वैशाखी की गिनती में रमजान माह और ईद भी शामिल है। उत्सवधर्मी अपने देश में हर त्यौहार को जश्न की तरह मनाने की परंपरा बरकरार है। हर साल रमजान माह में भोपाल शहर के प्रमुख बाजारों में विद्युत सज्जा और आकर्षक डेकोरेशन किया ही जाता है। इस रमजान एक कदम आगे चलकर लोगों ने मुहल्लों और घरों तक में बिजली बल्ब की लड़ियों से अपनी खुशियां जाहिर की हैं। पुराने शहर के सैकड़ों मुहल्ले और हजारों छोटी बड़ी गलियां रंगबिरंगी झिलमिलाहट से रौशन नजर आ रही हैं।
रमजान और ईद की खरीद का मुख्य केंद्र चौक बाजार, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड, लखेरापुरा, जुमेराती, इतवारा, जहांगीराबाद, काजी कैंप, लक्ष्मी टॉकीज आदि इलाका होता है। इन बाजारों की स्थानीय कमेटियां विभिन्न त्यौहारों पर सजावट की व्यवस्था करती हैं। खुशियों को और ज्यादा जोश भरती ये रंग बिरंगी लाइट्स ग्राहकों को भी चकाचौंध करने में कामयाब होती हैं। झिलमिल बाजार देर रात तक लोगों को वक्त की देरी का अहसास नहीं होने देते हैं और अल सुबह तक खरीद फरोख्त का सिलसिला जारी रहता है। परंपरा अनुसार इस रमजान भी बाजार रौशनी से लबरेज और ग्राहकों से गुलजार दिखाई दे रहे हैं।

गलियों तक झिलमिलाहट
आमतौर पर त्यौहार की खुशियां जाहिर करते लोग व्यक्तिगत तौर पर अपने घरों पर सजावट करते रहे हैं, लेकिन इस रमजान सिलसिला ऐसा चला कि मुहल्ले, गलियां, चौक, चौराहे तक सजावट से आबाद होते गए। आरिफ नगर से लेकर जहांगीराबाद तक, अहाता रुस्तम खां से कोहेफिजा और ईदगाह हिल्स तक और बाग दिलकुशाबाद से लेकर फरहत अफ्जा और ऐश बाग तक तरफ बिजली के बल्बों की झालर दिखाई दे रही हैं।

कंट्रीब्यूशन से हुई सजावट
पुराने शहर के विभिन्न मोहल्लों में स्थानीय उत्साही युवाओं ने इस सजावट मुहिम का जिम्मा उठाया। घरों घर दस्तक देकर एक निश्चित राशि का सहयोग लिया गया। जरूरी रकम जमा न होने पर युवाओं ने अपने कंट्रीब्यूशन को बढ़ाया भी और ज्यादा अदा कर पाने वालों से कुछ अतिरिक्त राशि लेकर सजावट काम को पूरा किया। लोगों की छतों पर चढ़कर, ऊंची दीवारों तक पहुंच कर और इन बिजली बल्ब लड़ों को सुंदर आकार देने की मशक्कत भी युवाओं ने की।

खर्च हजारों का
टोल वाली मस्जिद बुधवारा क्षेत्र के रहवासी फरहान खान कहते हैं कि पहले बल्ब की लड़ियां किराए पर लेने की योजना बनी, लेकिन इलेक्ट्रिक सजावट प्रोवाइडर के पास इनकी उपलब्धता न होने ने कदम रोके। जहां से इनकी मौजूदगी हो पा रही थी, उनका महीने भर का किराया बजट से मैच करता नजर नहीं आया। तय हुआ कि इनकी स्थाई खरीदी कर ली जाए तो ये हर मौसम और मौके पर काम आने वाली चीज हो सकती है। फरहान बताते हैं कि उनकी गली को करीब 45 हजार रुपए की बिजली बल्ब लड़ियों से रौशनी मिल पाई है। वे कहते हैं कि मुहल्ले की जरूरत के लिहाज से हर मुहल्ले में खर्च का आंकड़ा कम या ज्यादा है।

टी आई अरविंद कुजूर की आत्महत्या में ब्लैकमेलिंग या आशिकी में धोखा या….? फिलहाल जांच का विषय

“चारित्रिक, नैतिक पवित्रता पॉवर, अनैतिक पैसा” टीआई अरविंद कुजूर को दी गयी भावभीनी विदाई

छतरपुर सुसाइड केस में चरित्र, नशा और लेनदेन की जो परतें खुल रही या चर्चा हो रही यदि इनमें एक रत्ती भी सत्यता है तो अब समाज क्या करे ?गहन चिंतन करे, पहल करे। इससे पहले की सब कुछ भ्रष्ट हो जाए।पावर में रहते हुए जो चारित्रिक, आर्थिक रूप से पवित्र हो ऐसे अधिकारियों का गुणगान करे, ना कि पीठ पीछे उन्हें , बेबकूफ जैसे अलंकारों से सुशोभित करे। ऐसे लोगों को अपने गुणगान की कोई अभिलाषा नहीं होती,उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, वह अपना कर्तव्य पवित्रता से निर्वाहित करते है। लेकिन यदि इनका गुणगान हो, समाज में सम्मान हो तो अन्य लोग भी इसके बारे में विचार करेंगे। परिवर्तन की पहली सीढ़ी विचार ही है

छतरपुर। छतरपुर सिटी कोतवाली के टीआई अरविंद कुजूर के पार्थिव शव को शुक्रवार की दोपहर पुलिस लाइन में पुलिस परिवार और शहर के लोगों ने अंतिम श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर पुलिस परिवार ने गार्ड ऑफ ऑर्नर के साथ नम आंखों से उन्हें विदा किया। शहर के अनेक जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी गमगीन नजर आए। उल्लेखनीय है कि अरविंद कुजूर ने 6 मार्च की शाम पेप्टेक टाउन स्थित अपने किराए के आवास पर खुद को गोली मारकर मौत के घाट उतार लिया था।
शुक्रवार की सुबह सागर से अरविंद कुजूर की पत्नि अंजना और उनके भाई व परिवार के कुछ लोग भी छतरपुर पहुंचे। इसके बाद 5 डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ अरविंद कुजूर के शव का पोस्टमार्टम किया। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम होने के बाद उनके शव को पुलिस लाइन ले जाया गया जहां पुलिस बैण्ड की उपस्थिति में सशस्त्र सलामी देकर अरविंद कुजूर के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान डीआईजी ललित शाक्यवार, एसपी अगम जैन, एएसपी विक्रम सिंह, सीएसपी अमन मिश्रा सहित जिले का पुलिस अमला गमगीन नजर आया। समारोह में विधायक ललिता यादव, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह, नपाध्यक्ष ज्योति चौरसिया, पूर्व अध्यक्ष अर्चना सिंह, व्यापारी नेता लालू लालवानी सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने भी नम आंखों से अपने जाबांज अफसर को विदा किया। समारोह के दौरान अरविंद कुजूर की पत्नि जब पुष्पगुच्छ लेकर उनके शव की तरफ बढ़ीं तो बिलख-बिलख कर रोने लगीं। पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि समारोह के बाद अरविंद कुजूर के शव को सागर ले जाया गया जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।
कौन थे अरविंद कुजूर, जिनके लिए शहर दुखी
अरविंद कुजूर मूलत: छत्तीसगढ़ के जसपुर गांव के निवासी थे। विलियम कुजूर के बेटे अरविंद कुजूर को मप्र के काबिल और बहादुर इंस्पेक्टर में शुमार किया जाता था। वे छतरपुर और पन्ना में कई वर्षों तक अलग-अलग थानों में सेवाएं देते हुए इस इलाके से काफी जुड़ चुके थे। उन्हें दो बार अपनी बहादुरी और सही जांच प्रयासों के लिए रूस्तम अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका था। अरविंद कुजूर अगस्त 2024 में छतरपुर कोतवाली में हुए पथराव काण्ड के मुख्य फरियादी भी थे जब मुस्लिम समाज की एक भीड़ ने विवाद के बाद थाने में पथराव कर दिया था तब वे जख्मी भी हुए थे। अरविंद कुजूर को अधिकारियों का खास इंस्पेक्टर भी माना जाता था। हालांकि कार्यकाल के दौरान उन पर कई तरह के आरोप भी लगते रहे लेकिन इसके बाद भी वे हमेशा मुख्यधारा में रहकर पुलिसिंग करते रहे।


आत्महत्या काण्ड में संदिग्ध आशीराजा की तलाश

अरविंद कुजूर आत्महत्या काण्ड में पिछले 24 घंटों से उनकी एक महिला मित्र आशी राजा सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। मूलत: बिजावर की रहने वाली 25 वर्षीय आशी राजा अपनी मां के साथ छतरपुर के रजा हॉल के समीप निवास करती थीं। सूत्र बताते हैं कि अरविंद कुजूर और आशीराजा के बीच काफी निकट संबंध थे। इस मामले में सूत्रों का दावा है कि आत्महत्या के पहले भी अरविंद कुजूर और आशीराजा के बीच कई बार बात हुई थी। पुलिस की एक टीम आत्महत्या के बाद से ही आशी राजा की तलाश में जुटी है। 6 मार्च को ही एक टीम ने आशीराजा के छतरपुर आवास पहुंचकर उनकी तलाश की लेकिन यह लड़की तब तक घर से फरार हो चुकी थी। पुलिस ने उसकी मां से पूछताछ की और इसके बाद उसकी तलाश शुरू कर दी। बताया गया है कि अरविंद कुजूर के साथ आशीराजा का रिश्ता लगभग एक साल पुराना था। आशीराजा बेहद गरीब परिवार से थीं जो छतरपुर आकर विद्यार्थी परिषद की छात्र राजनीति से जुड़ीं और इसी दौरान अरविंद कुजूर के निकट आ गयी थीं। पुलिस की जांच में यह साफ हो सकेगा कि इस आत्महत्या काण्ड में आशीराजा की क्या भूमिका है। पुलिस उसके सीडीआर खोजकर उसकी तलाश कर रही है।


अब हर्ष परमार और कुजूर के लेनदेन का क्या होगा ?

शहर के तमाम लोगों के करोड़ों रुपए लेकर रफू चक्कर हुआ शातिर खिलाड़ी हर्ष परमार पुलिस से आंख मिचोली खेल रहा है। जिन लोगों के पैसे हर्ष परमार ले गया है उन लोगों ने कोतवाली में शिकायत भी दर्ज कराई है ऐसा कहा जा रहा है कि उसे किसी न किसी रूप में संरक्षण मिल रहा था इसलिए वह पुलिस के हाथ नहीं आया। दिवंगत टीआई कोतवाली अरविंद कुजूर के भी 55 लाख रुपए हर्ष परमार ने अपनी चिकनी चुपड़ी बातों में फंसा कर ले लिए थे। श्री कुजूर की यह मोटी रकम भी वापस नहीं हो सकी।
सूत्रों का कहना है कि नटवरलाल हर्ष परमार अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर न केवल आम लोगों को चूना लगाता रहा बल्कि रकम को जल्द दुगना और तिगुना करने का भरोसा देकर अधिकारियों से भी मोटी रकम ऐंठ ली थी। सूत्रों पर भरोसा करें तो दिवंगत टीआई अरविंद कुजूर से भी 55 लाख रुपए लेकर हर्ष परमार ने अपने कथित व्यवसाय में लगा दिए थे। चूंकि रकम ज्यादा है इसलिए अरविंद कुजूर अपने साथ घटित हुई धोखाधड़ी को किसी के समक्ष आधिकारिक तौर पर कभी नहीं सके। हालांकि उनसे जुड़े लोगों को इस बारे में बेहतर जानकारी थी।

Women’s Day Special : महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं स्वयं सिद्धा, दिखा दिया, अकेले हैं तो क्या ग़म है…!

खान आशु
भोपाल। नारी… हर दौर में अपने दम पर तटस्थ, मजबूत और सब कुछ कर दिखाने की इच्छा शक्ति रखने वाली। बेटी, बहन, बीवी और मां बनकर सबको संबल देने को तत्पर, लेकिन किसी के साथ न होने की वजह से पिछड़, ठिठक या ठहर जाने को कतई तैयार नहीं। हमारे आसपास ही ऐसी कई महिलाएं खड़ी हैं, जिन्होंने अकेले दम पर खुद को साबित भी किया और समाज में सशक्तीकरण की नई मिसाल भी स्थापित कर दी है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मुलाकात कीजिए प्रदेश की कुछ ऐसी ही कुछ महिलाओं से जिन्होंने अपने दम पर खुद को साबित भी किया और लोगों को एक राह भी दिखाई।

हुमैरा खान

हुमैरा खान : बनाई अपनी राह, दूसरों के रास्ते किए आसान
खिलौनों से खेलने की उम्र में ही हुमेरा के सिर से पिता का साया उठ गया। दुनिया की सबसे बड़ी त्रासदी भोपाल गैस कांड के दौरान वे यतीम हो गईं। अम्मा सितारा बी ने मशक्कतों के साथ एक बेटे और एक बेटी का लालन पालन शुरू किया। घर खर्च चलाने वे सिलाई कढ़ाई का काम किया करती थीं। हुमेरा ने हुनर का पहला सबक यहीं से सीखना शुरू किया। जरी जरदोजी के इंस्ट्रूमेंट उनके हाथ उस उम्र में आ गए, जब इन हाथों में किताबें और खिलौने होना थे। मुश्किलों में बचपन से जब हुमेरा बाहर निकलीं तो उनके हाथ जरी जरदोजी का परफेक्शन था। वर्ष 2007 में उनके काम को सराहा गया और प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हुमेरा को राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया। सिलसिला शुरू हुआ तो कामयाबी की कहानियां लिखता गया। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय ने हुमेरा को इंम्पेनेल करते हुए विभाग से होने वाली सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मास्टर ट्रेनर बना लिया। करीब डेढ़ दशक के अपने जरी जरदोजी संसार में वे हजारों महिलाओं को हुनरमंद और आत्मनिर्भर बना चुकी हैं। देश की राजधानी दिल्ली से लेकर हर बड़े शहर तक अब उनकी कला के पताके लहराते नजर आते हैं। अपने काम संसार में खुश और संतुष्ट हुमेरा कहती हैं कि साथ अगर जरूरी है तो अपने जोश, उत्साह और बेहतर ऊर्जा वाले साथियों का, जिनसे कामयाबी के रास्ते आसान किए जा सकते हैं। फैशन की दुनिया में खास मुकाम रखने वाली ऋतु बैरी के साथ दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय शो करने से लेकर हाल ही में भोपाल में हुई ग्लोबल इंवेस्टर समिट में अपने हुनर का लोहा मनवा चुकीं हुमेरा को हाल ही में ऊर्जविस्ता अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है।

डॉ. कुसुम बौरासी

डॉ. कुसुम बौरासी : मुश्किलें हजार आईं, लेकिन तोड़ नहीं पाईं भरापूरा परिवार, दादा, पिता, मां से लेकर भाइयों का सुखद साथ। कुसुम पढ़ाई के दौर से निकलीं और असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का तमगा उनके साथ जुड़ गया। हिंदी भाषा पर महारत रखने वालीं कुसुम के जिम्मे कॉलेज के बच्चों को हिंदी परिपक्वता देना आया। अपने गृह नगर धार से दूरस्थ तहसीलों मनावर और उसके बाद धरमपुरी तक उनकी दौड़ लगी। परिवार से दूर रहते हुए खुद को मजबूत करने का सिलसिला शुरू हुआ। इन मुश्किल दिनों में उनके जीवन का नया अध्याय इंजीनियर राजेश बौरासी के साथ शुरू हुआ। खुशियों से कदमताल करते हुए कुसुम इस दौर में डॉक्टरेट उपाधि हासिल करने में भी कामयाब हो गईं। तहसीलों की सेवा से बाहर निकल कर जिला मुख्यालय धार में उन्हें नियुक्ति भी मिल गई। लेकिन इसी बीच पति राजेश अचानक साथ छोड़ गए। डॉ कुसुम के लिए अब तसल्ली के नाम पर राजेश की दी हुई निशानियां अमन और नमन रह गए थे। जीवन की गाड़ी को वह भारी मन से खींच ही रही थीं कि एक हादसे ने उनसे अपनी खुशियों के सहारे छोटे बेटे नमन से भी जुदा कर दिया। अब अमन और अम्मा का सहारा लेकर वे चलती रहीं और खुद को शिक्षा के लिए समर्पित करते हुए गमों को भुलाने में जुट गईं। जीवन में कुछ स्थिरता बनने के हालात बनने लगे थे लेकिन खुशियां इतनी आसान भी नहीं होती हैं। पहले बाबा ने साथ छोड़ा और उसके कुछ समय बाद अम्मा भी दुनिया से कूच कर गईं। ज्यादा समय नहीं बीता था और जिंदगी की दुश्वारियों में संबल देने वाले भाई ने भी डॉ कुसुम को अकेले छोड़ने का ऐलान कर दिया। पति, बेटे, पिता, अम्मा, भाई से जुदा होने के बाद अब डॉ कुसुम अपने इकलौते बेटे में सारी दुनिया खपाए हुए हैं। ज़िंदगी को सुकून, राहत, तसल्ली देने वह अपने स्टूडेंट्स के साथ समय बिताना पसंद करती हैं। डॉ. कुसुम कहती हैं कि जीवन के निर्वाह के लिए रिश्तों की बहुत अहमियत है, लेकिन कुदरत का दस्तूर स्वीकार करना भी जरूरी है। मुश्किलें आती हैं लेकिन सच्ची लगन और मेहनत हर सफलता की सीढ़ी बनती है।

डॉ इरशाद खानम

डॉ.इरशाद खानम : अकेले लिखी कामयाबी की नई तहरीर
उज्जैन की डॉ. इरशाद खानम प्रदेश की इकलौती महिला हैं, जिन्होंने यूजीसी के टफ कंपीटिशन में हिस्सा लेकर पोस्ट डॉक्टर ऑल इंडिया फैलोशिप फॉर वूमेन हासिल की है। राष्ट्रीय स्तर पर इस फैलोशिप में 100 से अधिक महिलाओं को अलग अलग विषय पर फैलोशिप के लिए चुना जाता है। डॉ. इरशाद खानम ने ये उपलब्धि उन हालात में पाई है, जब महज दो साल के बेटे को लेकर वे अपने पति से सेपरेट हो गई थीं। अकेले जीवन यापन करते हुए उन्होंने न सिर्फ खुद की शख्सियत को संवारा, बल्कि बेटे को भी सशक्त और काबिल बनाया। इस्लामिक वातावरण में रहते हुए डॉ. इरशाद खानम ने उच्च शिक्षा प्राप्त करते हुए लॉ में डॉक्टरेट उपाधि हासिल की। कॉलेज में अतिथि शिक्षक की भूमिका निभाने के साथ वे खुद का निजी मदरसा संचालित कर रही हैं। साथ ही कानूनी बारीकियां सिखाने के लिए एक न्यूज पोर्टल भी उन्होंने खड़ा किया है। सामाजिक दायरा वृहद हुआ तो डॉ इरशाद ने भाजपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव भी लड़ा। ऊर्जा से भरी और कुछ कर गुजरने की ललक रखने वाली डॉ. इरशाद खानम ने अकेले रहते हुए भी ये साबित किया है कि किसी कामयाबी के लिए जरूरी नहीं है कि पीछे कोई मजबूत सहारा खड़ा हो। इरशाद ने अपने दम पर बेटे फैजान को काबिल बनाया, जिसके चलते वे अब सक्रिय सियासत में व्यस्त रहते हुए उज्जैन जिला भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष हैं। साथ ही मप्र वक्फ बोर्ड के सदस्य भी हैं। वर्तमान में इंदौर के एक कॉलेज में बतौर प्राचार्य सेवाएं दे रहीं डॉ इरशाद का मानना है कि जीवन की वैतरणी पार करने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा सहारा होती है। इसके दम पर हर जंग आसानी से जीती जा सकती है।

माही भजनी

माही भजनी : सम्मान लेने में नहीं सम्मानित करने में विश्वास पति जी की अति व्यस्तता वाली लाइफ स्टाइल ने माही को कुछ अकेला तो किया, लेकिन इस समय को उन्होंने किसी और के चेहरों पर खुशियां लाने के लिए समर्पित कर दिया। अनुनय संस्था के जरिए उन्होंने गरीब और जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई को अपना लक्ष्य बनाया। करीब 14 बरस से माही दर्जनों बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी ओढ़े एक बड़े लक्ष्य की तरफ बढ़ी हुई हैं। साथ ही समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कुछ हटकर और बेहतर कर गुजरने वाली महिलाओं के सम्मान की एक श्रृंखला भी उन्होंने शुरू की है। मंच से सम्मानित होने वाली सैंकड़ों महिलाओं ने इस उपक्रम से खुद को अधिक ऊर्जा से भरा पाया है। माही कहती हैं कि अपने लिए तो सभी जीते हैं, किसी और के लिए जीने का आनंद मुश्किल से ही नसीब हो पाता है।

Bhopal News : इस महिला दिवस पर होगा तकनीक और नवाचार का संगम, आयोजन 9 को होगा

अमित सेन
8085661177

भोपाल। राजधानी भोपाल एक नए डिजिटल परिवर्तन का साक्षी बनने वाला है, जहां तकनीक और नवाचार का संगम होगा। एमपावरWP भोपाल 2025 वर्डप्रेस और टेक समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन बनने जा रहा है, जो विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को केंद्र में रखेगा। इस साल, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित यह कार्यक्रम तकनीकी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए समर्पित होगा।
कार्यक्रम 9 मार्च को भोपाल के ऑरेंज स्ट्रीट होटल में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। जिसमें तकनीकी विशेषज्ञ, वर्डप्रेस पेशेवर, डिजिटल उद्यमी और उभरते हुए डेवलपर्स एक साथ आएंगे। यह मंच उन महिलाओं को प्रेरित करने का कार्य करेगा, जो करियर ब्रेक के बाद दोबारा अपनी राह तलाश रही हैं, छोटे व्यवसाय मालिक जो डिजिटल युग में आगे बढ़ना चाहते हैं, और वे सभी जो वर्डप्रेस के विशाल अवसरों का लाभ उठाना चाहते हैं।

होंगे कई सेशन कार्यक्रम
प्रतिभागियों के लिए एक समृद्ध अनुभव भरा होगा। दिनभर चलने वाले इस कार्यक्रम में तकनीकी वर्कशॉप, विशेषज्ञ पैनल चर्चा, और एक विशेष योगदान सत्र शामिल होगा। जहां प्रतिभागी वर्डप्रेस के ओपन-सोर्स इकोसिस्टम में सक्रिय रूप से भागीदारी कर सकते हैं। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण प्रतिष्ठित महिला वक्ताओं की उपस्थिति होगी, जो उद्योग में अपनी सफलता की कहानियां साझा करेंगी और प्रतिभागियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी। कार्यक्रम में भाग लेने वालों को न केवल तकनीकी ज्ञान और नेटवर्किंग के अवसर मिलेंगे, बल्कि आयोजन के दौरान विशेष गुडीज़ और स्वादिष्ट लंच का भी आनंद मिलेगा। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के इवेंट टेक इंडस्ट्री में समावेशिता को बढ़ावा देने और नई प्रतिभाओं को पहचान देने का एक सशक्त माध्यम हैं।

सभी के लिए खुला मंच
एमपावर WP भोपाल 2025 उन सभी के लिए खुला है, जो डिजिटल दुनिया का हिस्सा बनना चाहते हैं और वर्डप्रेस के असीमित संभावनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं। इस पहल का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है, जिससे एक मजबूत और समावेशी समुदाय का निर्माण हो सके।

क्या होगा खास :
• महिला सशक्तिकरण के लिए होगा आयोजन
• 9 मार्च को अहम पहल
• वर्डप्रेस और टेक क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं के लिए वर्कशॉप
• प्रतिष्ठित महिला वक्ता साझा करेंगी तकनीकी ज्ञान और नेटवर्किंग के गुर
• प्रतिभागियों के लिए विशेष गिफ्ट्स और लंच की व्यवस्था
• भोपाल के कस्तूरबा नगर में स्थित ऑरेंज स्ट्रीट होटल में आयोजन।

स्कूलों में बच्चों से मारपीट या शारीरिक सजा पर लगाई रोक वर्ना टीचर पर होगी कानूनी कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने लिखा था पत्र

जीतेन्द्र सेन
बैरसिया।। मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में अब छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट या किसी भी तरह की शारीरिक सजा पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। टीचर्स और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई भी होगी। बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चि‌ट्ठी के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए ऐसी हालत में कार्रवाई के लिए कहा है। साथ ही ऐसे मामलों की रिपोर्ट भी देने के लिए कहा गया है। लोक शिक्षण संचालनालय के अपर संचालक रवीन्द्र कुमार सिंह की ओर से शारीरिक दंड, कॉर्पोरल पनिशमेंट पर पूर्ण प्रतिबंध और कड़ी कार्रवाई संबंधी आदेश मंगलवार को जारी किए गए हैं। मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इसको लेकर 4 फरवरी 2025 को स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र लिखा था।

शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना,भेदभाव दंडनीय अपराध

आदेश के बाद अब इस मामले में सख्त एक्शन के निर्देश दिए जा रहे हैं। अपर संचालक ने कहा है कि मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 की धारा 17-1, में शारीरिक मानसिक प्रताड़ना और भेदभाव पूरी तरह प्रतिबंधित है। साथ ही धारा 17-2 के तहत ऐसा करना दंडनीय अपराध है। भारतीय दंड संहिता की धारा 323 के तहत शारीरिक दंड भी प्रतिबंधित है। इसलिए प्रदेश के सभी जिलों में संचालित सरकारी और निजी स्कूलों में छात्रों को शारीरिक दंड देने की घटनाओं की त्वरित पहचान करने और इस तरह की स्थितियों पर रोक लगाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को ये निर्देश भी दिए गए हैं कि किसी स्कूल या शिक्षक द्वारा शारीरिक दंड देने के मामले में तत्काल एक्शन लेकर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाए।

Bhopal News : वित्त आयोग की टीम ने देखा पुरातत्व, बोले दूसरों को भी करेंगे प्रेरित

अमित सेन
8085661177

भोपाल। मप्र दौरे पर पहुंची 16वें वित्त आयोग की टीम के सदस्य भोपाल में हैं। इस दौरान आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया और डॉ. मनोज पांडा ने अपने अपने परिवार के साथ भोपाल  स्थित राज्य पुरातत्व संग्रहालय का दौरा किया। इस उन्होंने थीम गैलरी, आर्काइव्स गैलरी, स्कल्पचर गैलरी, शस्त्र गैलरी, ब्रोंज़  गैलरी, मैनुस्क्रिप्ट  गैलरी सहित कई अन्य गैलरी का निरीक्षण किया।

उन्होंने संग्रहालय के समृद्ध संग्रह और प्रदर्शनों की सराहना करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि संग्रहालय  बेहद सूचनात्मक हैं। संग्रहालय एवं वहाँ संग्रहित पुरासंपदा से काफी कुछ नया जानने को मिला। संग्रहालय देखने के बाद अमिता पनगढ़िया एवं पुष्पांजलि पांडा ने यह भी कहा कि वे अन्य लोगों को भी इस संग्रहालय का दौरा करने की सलाह देंगे । साथ ही शाम को वर्तमान नियंत्रक-महालेखापरीक्षक भारत सरकार के संजय मूर्ति एवं उप नियंत्रक- महालेखापरीक्षक  जयंत सिन्हा  ने राज्य पुरातत्व संग्रहालय भोपाल का भ्रमण किया। जिसमें उनके द्वारा यहाँ पर प्रदर्शित महत्त्वपूर्ण पुरा सामग्री एवं व्यवस्था के संबंध में प्रशंसा की गई।

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