विश्व का सबसे बड़ा कवि सम्मेलन, दिल्ली का मंच, अपने शहर का शायर

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प्रसार भारती के गणतंत्र कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग में शामिल होंगे डॉ. अंजुम बाराबंकवी

भोपाल। कभी भगवान श्रीराम पर गजलें लिखकर वे चर्चाओं में रहते हैं तो कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रशंसा किए जाने से जिक्र उनके आसपास आ जाता है। अपने फन-ओ-कलाम से बिरलेपन की इंतहा छूने वाले अंतरराष्ट्रीय शायर डॉ. अंजुम बाराबंकवी इस बार इसलिए पुकारे जा रहे हैं कि उन्हें विश्व के सबसे बड़े कवि सम्मेलन में शामिल होने का न्यौता आया है।  प्रसार भारती के दिल्ली कार्यालय से इसकी रिकॉर्डिंग होना है। यह कार्यक्रम 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर प्रसारित किया जाएगा। इसकी भव्यता का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं।
प्रसार भारती ने अपने गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में वरिष्ठ शायर डॉ. अंजुम बाराबंकवी को उर्दू भाषा के मूल कवि के रूप में चयनित किया है। उन्हें  सर्वभाषा कवि सम्मेलन 2026 में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है। जानकारी के मुताबिक इस वर्ष यह आयोजन रविवार 23 नवम्बर होगा। यह आयोजन आकाशवाणी दिल्ली के रंगभवन सभागार में किया जाएगा। कहा जाता है कि यह सर्वभाषा कवि सम्मेलन विश्व का सबसे बड़ा कवि सम्मेलन है।

अंजुम के राम
मूलतः उत्तर प्रदेश के रहने वाले डॉ. अंजुम बाराबंकवी ने राम जन्मभूमि को नजदीक से देखा है। इस जगह को बहुत प्यार किया भी है और पाया भी है। इसी के चलते उन्होंने अपनी लंबी अदबी जिंदगी में भगवान श्रीराम को भी शामिल किया। इस श्रृंखला में लिखी गई उनकी ग़ज़लें बहुत सराही गईं। यहां तक इन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय से भी प्रशंसा मिली है। पीएम मोदी ने उन्हें इसके लिए चिट्ठी भी भेजी है।

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