खान आशु
भोपाल। सरकारी विभागों में होने वाली दिक्कतों, परेशानियों और अव्यवस्थागत शिकायतों के निवारण के लिए बनाए गए सीएम हेल्पलाइन प्लेटफॉर्म के हालात नाजुक हैं। यहां होने वाली शिकायतों को विभाग अपने तौर पर ट्रीट कर रहे हैं। जिसके चलते न तो शिकायत होने का डर लोगों में बाकी रह गया है और इससे भ्रष्टाचार की रवानी बढ़ गई है, सो अलग।
सूत्रों का कहना है कि राजधानी भोपाल में स्थित एक स्कूल, इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में यहां के एक शिक्षक ने एक मासूम बच्ची के साथ सेक्सुअल असाल्ट की कोशिश की। प्रबंधन ने कोशिशें कर इस मामले की शिकायत पुलिस में नहीं होने दी। इस मामले को मीडिया के बड़े प्लेटफॉर्म तक जाने से भी रोक दिया गया। लेकिन अगस्त माह में इसको लेकर सीएम हेल्पलाइन पर एक शिकायत दर्ज कर दी गई। सूत्रों का कहना है कि तभी से इस शिकायत पर शिक्षा विभाग द्वारा टालमटोल की जा रही है। बताया जाता है कि करीब तीन माह से जारी इस शिकायत पर अब तक जांच तो दूर, अभी तक जांच अधिकारी ही तय नहीं हो पाया है। बताया जाता है कि अब तक करीब 14 अधिकारियों को यह जांच सौंपी जा चुकी है, लेकिन इस पर फैसला अब तक नहीं हो पाया है।

भरोसा आरोपी पर
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के प्रबंधन से जवाब तलब किया गया है। जिसमें उसने साफ तौर पर इस तरह की कोई घटना होने से इनकार कर दिया है। बताया जाता है कि स्कूल शिक्षा विभाग, स्कूल प्रबंधन के इस जवाब को ही अंतिम मान रहा है। वह शिकायतकर्ता को इसी बात मान्य करने पर दबाव बना रहा है कि स्कूल प्रबंधन ऐसे कृत्य के होने से इनकार कर रहा है।

दिक्कत यहां है
आमतौर पर किसी शिकायत की जांच उसी विभाग को सौंप दी जाती है, जिससे संबंधित यह शिकायत होती है। ऐसी स्थिति में संबंधों के आधार पर एक दूसरे को बचाने में लग जाने की कोशिशें शुरू हो जाती हैं।
उलझाने का एक तरीका यह भी
सूत्रों का कहना है कि सीएम हेल्पलाइन पर हुई अधिकांश शिकायतों में जांच अधिकारी ही गलत दर्ज कर दिया जाता है। जिससे जांच प्रभावित भी होती है और उसको समय पर कोई समाधान नहीं मिल पाता है।
