जिनका चलता है मसाजिद कमेटी में सिक्का, उन सीईओ की नियुक्ति ही अवैध और नियमाविरुद्ध

Share :

कई उलेमाओं समेत कई की शिकायत

भोपाल। तीन जिलों की मस्जिदों एवं इमाम-मुअज्जिन की देखरेख करने वाले विभाग मसाजिद कमेटी की नियुक्तियों पर सवाल उठे हैं। यहां कार्यरत दर्जनों लोगों की नियुक्ति की शिकायत की गई है। इनमें एक शिकायत इस कमेटी के सचिव को लेकर भी शामिल है। नियमों से बांधे रखने वाले इस कर्मचारी की नियुक्ति भी अवैध बताई गई है। साथ ही कई उलेमाओं को भी इस दायरे में शामिल किया गया है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को की गई शिकायत में मसाजिद कमेटी में नियमों की अवहेलना का हवाला दिया गया है। शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2001 में मोहतमिम (अधीक्षक) द्वारा इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्ति की गई थी। जबकि उन्हें इस नियुक्ति का अधिकार नहीं था। सूत्रों का कहना है कि वास्तविक तौर से कमेटी में इंस्पेक्टर के पद की स्वीकृति ही नहीं है। मसाजिद कमेटी नियम 1960 के नियम8-1 के (VI) के अनुसार बिना इस पद की स्वीकृति के यह नियुक्ति कर दी गई। कालांतर में इस पद पर कार्य करते हुए सम्बंधित व्यक्ति सैयद उवैस अली कमेटी के प्रभारी सचिव के पद तक पहुंच गए हैं। बताया जाता है कि बिना शासकीय स्वीकृति के हुई इस नियुक्ति पर उवैस इस कार्यालय के सर्वाधिक प्राप्त करने वाले कर्मचारी भी बन गए हैं।

नियुक्ति का आसान रास्ता
सूत्रों का कहना है कि मसाजिद कमेटी द्वारा एक स्कूल का संचालन भी किया जाता है। इस कमेटी में जगह हासिल करने का सबसे आसान तरीका इस स्कूल को ही माना जाता है। बताया जाता है कि कमेटी में किसी व्यक्ति को दाखिला देने के लिए पहले उसे स्कूल में कर्मचारी बनाया जाता है। इसके बाद पिछले रास्ते से उसे कमेटी कार्यालय में शामिल कर लिया जाता है। शिकायत में ऐसे कई कर्मचारियों का हवाला दिया गया है, जिनकी नियुक्ति स्कूल के लिए की गई थी, लेकिन अब वे मसाजिद कमेटी में कार्य कर रहे हैं।

कई उलेमाओं का भी जिक्र
सूत्रों का कहना है कि शिकायत में मसाजिद कमेटी से संबद्ध कई उलेमाओं का भी जिक्र किया गया है। जिनकी नियुक्ति नियमों को दरकिनार कर की गई है। इनमें काजी, नायब काजी, मुफ्ती और नायाब मुफ्ती का भी उल्लेख है।

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu