सिलसिला-ए-अदब समर्पित रहा पैगम्बर हजरत मुहम्मद के नाम, नामवर शायरों ने सुनाए नातिया कलाम
भोपाल। सिलसिला-ए-अदब का महाना प्रोग्राम इस बार कुछ अलग रंगत लिए हुए था। पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब को समर्पित इस प्रोग्राम में मौजूद शहर के नामवर शायरों ने नातिया कलाम पेश कर महफिल को रूहानी बना दिया। इस मौके पर मेहमान-ए-खुसूसी के तौर पर मौजूद उलेमाओं इकराम ने भी हजरत मुहम्मद साहब की जिंदगी, आज के हालात और आम लोगों द्वारा किए जा रहे व्यवहार का जिक्र किया।

महमूद जकी फाउंडेशन और दैनिक नया नजरिया के
मासिक कार्यक्रम सिलसिला-ए- अदब में इस माह नातिया महफिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मेहमान-ए- खास मौलाना शराफत नदवी थे। इस मौके पर मुफ्ती मोहम्मद अहमद और मौलाना नेमत उल्लाह नदवी भी बतौर मेहमान मौजूद थे। मौलाना शराफत ने इस मौके पर कहा कि शायरी की जुबान अल्लाह तआला भी सुनता है। उन्होंने इस्लाम के आखिरी पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब का जिक्र करते हुए कहा कि उनका नाम अज़ान, नमाज और दुआ तक में शामिल है। मौलाना ने कई हदीस के हवाले से भी पैगम्बर की जिंदगी पर रौशनी डाली।

इस अवसर पर मौजूद शायरों ने अपने नातिया कलाम पढ़कर महफिल को रूहानी बना दिया। कार्यक्रम में शायर अजीज रौशन, बद्र वास्ती, विजय तिवारी विजय, खलील असलम कुरैशी, कासिम अजहर आदि ने कलामों की रौशनी में हुजूर-ए- पाक की शान में तारीफ बयान की और खूब दाद लूटी। डॉ. नजर महमूद के किए गए इंतजामों को खूब सराहा गया और सिलसिला-ए-अदब की अब तक की बेहतरीन कड़ी इस कार्यक्रम को करार दिया गया। डॉ. महताब आलम के संचालन में हुए इस प्रोग्राम में दुनियाभर के लोगों ने ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम का मजा लिया। इस मौके पर डॉ. अंजुम बाराबंकवी, डॉ. कमर अली शाह, इकबाल मसूद, डॉ. अहसान आज़मी, डॉ. नसीम अहमद, रजा दुर्रानी, खालिद महमूद, शमीम अख्तर, फरहान खान, अनवर खान एडवोकेट, तौफीक अहमद, खलील खान, नमीर नजर महमूद आदि मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में मेहमानों का शुक्रिया अदा करते हुए डॉ. नजर महमूद ने कहा कि यह कार्यक्रम का समापन नहीं, बल्कि कुछ वक्त के रोका गया एक लम्हा है, अगली बार नए जोश, उत्साह और एजेंडा के साथ सिलसिला-ए-अदब जारी रखा जाएगा।
