भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय हमेशा से अपने विभिन्न हितधारकों के साथ विविध आयोजनों, गतिविधियों और सतत पहलों के माध्यम से जुड़ाव बनाए रखता है। भगवान विश्वकर्मा दिव्य शिल्पी और कारीगरों, शिल्पकारों, मैकेनिकों तथा वास्तुकारों के आराध्य देव माने जाते हैं। इसी प्रेरणा से, 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती के शुभ अवसर पर संचालनालय ने कलाकारों और विद्यार्थियों के साथ प्रतिकृति निर्माण का प्रशिक्षण आयोजित कर यह पर्व मनाया।

संचालनालय का प्रतिकृति अनुभाग विभागीय कलाकारों के माध्यम से प्रायोगिक विधियों से प्रतिकृति निर्माण करता है। प्रशिक्षण और शिक्षा के उद्देश्य से इस अवसर पर एकत्रित कलाकारों और विद्यार्थियों को उपकरणों, औजारों और प्रतिकृति निर्माण की प्रत्यक्ष प्रस्तुति दी गई। उन्हें विभिन्न साँचे भी दिखाए गए। संचालनालय ने एक प्रदर्शनी भी लगाई, जिसमें प्रतिकृति निर्माण से संबंधित कच्चा माल और साँचे प्रदर्शित किए गए। 56 महत्वपूर्ण प्रतिकृतियाँ भी प्रदर्शन के लिए रखी गईं।
संयुक्त निदेशक डॉ. मनीषा शर्मा के अनुसार, “हम विद्यार्थियों और कलाकारों की प्रतिक्रिया तथा उनकी सीखने की उत्सुकता से बेहद प्रसन्न हैं। हमारे संग्रहालय अगले छह महीनों के लिए एक रोचक, सहभागितापूर्ण और शैक्षिक गतिविधियों का कैलेंडर जारी करने जा रहे हैं।
