किसी के आश्वासन, भ्रष्टाचार के भरोसे करोड़ी प्रॉपर्टी के हुए सौदे

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भोपाल। वीआईपी रोड पर स्थित खसरा नंबर 78 की लंबी चौड़ी जमीन पर विकसित हो गए अधिकांश निर्माण झूठे आश्वासन पर टिके हुए हैं। भ्रष्टाचार की फसल ने इसे पोषित किया है। प्रमाण और सुबूतों के नाम पर इनके पास झूठे आश्वासन और भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा दिया गया बल ही मौजूद है।
सूत्रों का कहना है कि वीआईपी रोड स्थित खसरा नंबर 78 के बीच बसा एक भवन नशेमन नाम के साथ खड़ा हुआ है। बताया जाता है कि नवाब हमीद उल्लाह के स्टॉफ में कार्यरत कर्नल ईनाम उल्लाह खान ने इस जमीन को अपनी बेटी को हिबा किया था। जबकि इस हिबानामा का अधिकार उनको इसलिए नहीं था कि यह संपत्ति कभी उनके नाम हुई ही नहीं थी। भ्रष्टाचार की प्रक्रिया के बीच आगे बढ़ी कार्यवाही ने जरीना बसीर ने इसका सौदा अपने ही बेटे सौलत बसीर को कर दिया। फर्जी हिबानामा के आधार पर हुए निर्माण और सौदे को भ्रष्ट अधिकारियों ने नामांतरण भी कर दिया। जबकि शत्रु संपत्ति में शामिल इस जमीन को लेकर अदालत में केस भी चल रहा था।

बाकी जमीनें भी विवाद में
सूत्रों का कहना है कि नशेमन विला के पास स्थित इसी खसरे की एक खाली पड़ी जमीन पर वर्तमान में निर्माण कार्य जारी है। सूत्रों का कहना है कि एक बड़े व्यापारिक घराने द्वारा किए जा रहे निर्माण को अवैध इसलिए भी साबित किया जा सकता है कि इसको पूरा करने के लिए एक राजनीतिक पार्टी के झंडों डंडों का सहारा लेना पड़ रहा है।

बन रहे संघर्ष के हालात
सूत्रों का कहना है कि खसरा नंबर 78 की शत्रु संपत्ति को लेकर कई मामले अदालत में विचाराधीन हैं। बावजूद इसके यहां खरीदी बिक्री धड़ल्ले पर जारी है। एक ही जमीन को कई लोगों को बेच दिए जाने के चलते कई बार यहां विवाद के हालात बनते हैं। यह विवाद कभी शहर के लिए अप्रिय स्थिति भी बना सकते हैं।

प्रशासन सो रहा
सूत्रों का कहना है कि शत्रु संपत्ति को लेकर जारी अदालती मामले को लेकर प्रशासन उदासीन है। विवादों के बीच हो रहे सौदों के नामांतरण और रजिस्ट्री आदि भी हो रही हैं। कुछ मामलों में अदालत इन निर्माण को अवैध मानकर तोड़ने के आदेश भी कर चुकी है, लेकिन प्रशासन इस पर अमल नहीं करवा पा रहा है।

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