सामाजिक सौहार्दता की मिसाल : वक्फ की जमीन, खुद के प्रयास, कई विवाद के बीच बनवा दिया मंदिर

Share :

भोपाल। समाज में धर्म और मजहब को लेकर भले कितनी भी वैमनस्यता फैली हो।एकिन गंगा जमुनी तहजीब हम भारतीयों में भीतर तक समाई हुई है। समय आने पर हिन्दू धर्म के अनुयाई अपनी विश्वसनीयता पीछे नहीं हटते। ऐसे ही एक अल्लाह को मानने वाले मुस्लिम धर्मावलंबी भी अपनी वफ़ा साबित करने में कोताही नहीं बरतते हैं। उज्जैन जिले के कालियादेह में आकार लिया एक मंदिर इसी बात का प्रमाण है। हिंदू समाज की आस्था का केंद्र बना यह मंदिर मुस्लिम समुदाय द्वारा उपलब्ध कराई गई जमीन पर अपनी शान लिए हुए खड़ा है। इसको मूर्तरूप देने में एक मुस्लिम व्यक्ति का ही बड़ा योगदान है।
उज्जैन जिले की तहसील में शामिल है एक स्थान कालियादेह। सूत्रों का कहना है कि पिछले 3 या 4 वर्षों पहले यहां एक मंदिर बनाने की कल्पना की गई। जब इस मंदिर को लेकर बात शुरु हुई तो जमीन उपलब्ध कराने की पहल एक मुस्लिम व्यक्ति ने की। डॉ. सनव्वर पटेल ने इस मंदिर के लिए पर्याप्त मात्रा में जमीन ही उपलब्ध नहीं कराई, बल्कि इस निर्माण में जरूरी सहयोग भी उन्होंने दिया। भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा, हज कमेटी और अब मप्र वक्फ बोर्ड से ताल्लुक होना एक अलग बात है, डॉ सनव्वर पटेल ने मंदिर निर्माण में सहयोग मानवीय व्यवहार और आपसी भाईचारे को बरकरार रखने के लिए किया है। हिंदू आस्थाओं में गहरी रुचि रखने की बात इस उदाहरण से भी समझी जा सकती है डॉ सनव्वर पटेल का शिक्षित बेटा भी रंगमंच पर भगवान श्री राम का किरदार निभाता रहा है। इस बात को लेकर कई बार विवाद भी उठे हैं, लेकिन इसका जवाब डॉ पटेल ने सामाजिक सौहाद्र के तकाजों के साथ ही दिया है।

बताया जाता है विवाद
सूत्रों का कहना है कि कालियादेह में मंदिर निर्माण के लिए जो भूमि उपलब्ध कराई है, वह वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड में दर्ज है। इसके जवाब में डॉ सनव्वर पटेल में यही कहते रहे हैं कि यह जमीन उनके पिता शेर मोहम्मद के आधिपत्य और मालिकी अधिकार की है, जिसका उपयोग अपने तरीके से करने का उन्हें अधिकार है। इधर डॉ सनव्वर पटेल के विपक्षी लोग यह भी कहते हैं मप्र वक्फ बोर्ड अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने मप्र वक्फ बोर्ड के करीब 16 खसरे अपने पिता और परिवार के नाम करवा लिए हैं, जिनमें कालियादेह की यह मंदिर भूमि भी शामिल है।

आरोप यह भी
सूत्रों का कहना है कि उज्जैन महाविद्यालय में हुए एक हत्याकांड में डॉ सनव्वर पटेल ने भाजपा संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मदद की थी। जिसके चलते संगठन द्वारा उन्हें बार बार पदों से नवाजा जाता रहा है। वर्तमान में वे मप्र वक्फ बोर्ड अध्यक्ष हैं और उनको कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है। साथ ही वे संगठन के प्रदेश प्रवक्ता भी हैं। इससे पहले वे हज कमेटी के अध्यक्ष और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। भाजपा के इतिहास में प्रदेश या पूरे देश में एक ही व्यक्ति को कभी इतने पदों से नहीं नवाजा गया है। यही वजह है कि भाजपा के मुस्लिम कार्यकर्ताओं में इस बात की चर्चा है कि इस एक व्यक्ति के आसपास ही भाजपा की मुस्लिम सियासत सिमटी हुई है।

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu