छूटी अंतिम तारीख की आस, नहीं बढ़ी किस्त की मोहलत

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बाकी रह गए बड़ी संख्या में हज चाहतमंद

भोपाल। हज 2026 के लिए आठ महीने पहले मांगी गई पहली किस्त हज आवेदकों की मुश्किल बनी हुई है। छुट्टी भरे शेड्यूल में तय की गई आखिरी तारीख बिना इजाफे के सोमवार शाम को खत्म हो गई है।
ऐसे में विभिन्न वजह से बड़ी संख्या में हज चाहतमंद अपनी किस्त की राशि जमा करने से चूक गए हैं। इस स्थिति के चलते इनका चयनित हज फॉर्म कैंसिल भी हो सकता है।
सेंट्रल हज कमेटी ने हज आवेदकों से 25 अगस्त तक पहली किस्त की राशि जमा करने के लिए कहा था।  एक लाख, 52 हजार, 300 रुपए की राशि जमा करने के लिए पहले 20 अगस्त तय की गई थी। बाद में इस तारीख में इजाफा कर 25 अगस्त कर दिया गया था। इसके साथ जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए 30 अगस्त तय की गई थी।

बाकी रह गए कई आवेदक
सूत्रों का कहना है कि आखिरी तारीख तक बड़ी संख्या में हज चाहतमंद अपनी किस्त जमा नहीं कर पाए हैं। समय पूर्व मांगी गई राशि के अलावा कई कारण हैं, जिनके चलते हजयात्री अपनी पहली किस्त जमा नहीं कर पाए हैं।

जमा हुए अरबों रुपए
जानकारी के मुताबिक हज कमेटी ऑफ इंडिया ने फिलहाल एक लाख हाजियों का सिलेक्शन किया है। सऊदी अरब सरकार से कोटा जारी न होने के चलते यह स्थिति बनी है। हाजियों के कोटे की एक और सूची सऊदी अरब सरकार से कोटा जारी होने के बाद होगी। फिलहाल हाजियों से पहली किस्त के रूप में प्रति हाजी एक लाख, 52 हजार रुपए जमा कराए गए हैं। इस लिहाज से हज कमेटी को करीब 15 अरब रुपए की आमद हुई है। यह रकम करीब आठ महीने बाद होने वाले हज सफर पर खर्च की जाएगी। तब तक बैंक से मिलने वाले ब्याज पर हज कमेटी का अधिकार रहेगा। कारण यह है कि कोई भी हाजी अपनी रकम के बदले ब्याज की रकम नहीं लेता है।

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