सीखे, बनाए, साथ ले गए मिट्टी के गणेश…

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भोपाल। मध्यप्रदेश की विपुल पुरासम्पदा की सुरक्षा रख-रखाव एवं इसके प्रचार प्रसार के उद्देश्य से संचालनालय पुरातत्व द्वारा प्रदेश में बिखरी उत्कृष्ट एवं पुरातत्वीय दृष्टि से महत्वपूर्ण कलाकृतियों को संग्रहालयों में संरक्षित किया गया है। इन्हीं कलाकृतियों में से उत्कृष्ट कोटि की विलक्षण एवं अ‌द्भुत पुरातत्वीय प्रतिमाओं की प्रतिकृतियों का निर्माण प्रतिकृति शाखा द्वारा किया जाता है। इसके प्रचार-प्रसार एवं जनसामान्य में पुरातत्वीय प्रतिमाओं के प्रति जगरूकता के लिए यह आयोजन प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।

“मेरे माटी के गणेश” के निर्माण की प्रसांगिकता हमारे आदिकाल प्रकृति जिस तरह पृथ्वी पर 71 प्रतिशत पानी और 29 प्रतिशत मिट्टी की अवधारण को अंगीकृत करते हुये मिट्टी के गणेश निर्माण की यह कार्यशाला सोमवार को प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं जनसामान्य उपस्थित हुये उनके द्वारा स्वयं मिट्टी के गणेश तैयार किये गये यह ईको फ्रेंडली गणेश वे अपने साथ ले गये, साथ ही विभागीय प्रतिकृतियों को तैयार करने के शैली से भी सभी को परिचित कराया गया। उक्त सम्पूर्ण आयोजन आयुक्त, पुरातत्व उर्मिला शुक्ला के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर ज्योति सुन्हरे, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, सारंगपुर जिला-राजगढ़ ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया एवं स्वयं ने गणेश प्रतिमा निर्मित की एवं विभागीय गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।

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