आ गया फरमान : हज कमेटी की नजर हाजियों के 30 अरब रुपए पर

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कुर्रे के साथ ही जारी कर दी पहली किस्त की मांग,मई 2026 में होगा हज सफर

खान आशु
भोपाल। मई 2026 में होने वाली हजयात्रा के लिए सेंट्रल हज कमेटी को पैसा 8 महीने पहले चाहिए़। इस मांग की तैयारी उसने प्रदेशों का हज कोटा और इसके मुताबिक कुर्रा करने से पहले ही कर ली थी। दरअसल उसकी नजर हाजियों से मिलने वाले करीब 30 अरब रुपए पर है। जिसका बैंक ब्याज उसे 8 महीने तक मिलता रहेगा। इस राशि का उपयोग कमेटी क्या करती है, इसका जवाब भी किसी के पास नहीं है।
हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज कुर्रा के तुरंत बाद 13 जुलाई की शाम को चयनित हाजियों से पहली किस्त की रकम मांग ली है। यह रकम 20 अगस्त की समय सीमा में डीडी के जरिए जमा करने के लिए कहा गया है। 1 लाख, 52 हजार, 300 रुपए से 300/रुपए नॉन रिफंडेबल बताए गए हैं। इस प्रक्रिया से पूरे देश से करीब 30 अरब रुपए जमा होने की उम्मीद की जा रही है।

8 महीने होगा उपयोग
देश भर से करीब 2 लाख हाजी मुकद्दस सफर पर जाते हैं। इन चयनित हाजियों से पहली किस्त के रूप में 1 लाख, 52 हजार, 300 रुपए की राशि मांगी गई है। इसके मुताबिक हज कमेटी को 30 अरब, 460 लाख रुपए जमा होंगे। इसका इस्तेमाल मई माह में होने वाले हज के लिए किया जाएगा। तब तक यह राशि हज कमेटी के बैंक खाते में जमा रहेगी। इस पर मिलने वाला ब्याज भी हज कमेटी को मिलेगा, जिसका कोई हिसाब नहीं है।

कमेटी कर रही गैर शरई काम
मजहब ए इस्लाम में ब्याज का लेना और यहां तक कि लेना भी गैर शरई माना जाता है। हज कमेटी मिलने वाले बैंक ब्याज से क्या काम कर रही है, यह नहीं बताया गया है। लिए हज जैसे मुकद्दस सफर में अगर यह राशि शामिल होती है तो किसी अकीदतमंद के हज खर्च में ब्याज का घालमेल होने की संभावना रहेगी।

कैसे जमा होंगे 20 तक
हज कमेटी ऑफ इंडिया ने पहली किस्त 20 अगस्त तक जमा कराने के लिए कहा है। लेकिन 13 अगस्त की शाम आए इस फरमान की सूचना चयनित हाजियों को 14 अगस्त को दी गई है। इसके बाद 15, 16 और 17 को बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद उन्हें पहली किस्त की राशि जमा करने के लिए महज तीन दिन का समय मिलेगा।

इनका कहना है
हज कमेटी ऑफ इंडिया किस्तों में राशि की मांग करती है। पैसा भी उनके खाते में ही जमा होता है। अंतिम तारीख बढ़ाने के लिए पत्र लिखा जाएगा।
रफत वारसी
अध्यक्ष, प्रदेश हज कमेटी

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