भोपाल। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड हमेशा से ही विवाद और जोड़-तोड़ के लिए हमेशा सुर्खियों में रहा है। वर्तमान वक्फ बोर्ड भी वक्फ बैठकों के पूर्ण कोरम को दर्शाने अपनी जुगत भिड़ाते बैठकों का पूर्ण कोरम दर्शाने नियम विरुद्ध तरीके से हर संभव प्रयास कर रहा है। दिनांक 19.04.2023 को गठित मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का परिदृश्य सात सदस्यों का बोर्ड इस प्रकार है कि एक सदस्य फैज़ान खान के ऊपर हाईकोर्ट ने जाँच उपरांत एफआईआर दर्ज करने के आदेश पारित किये है, दूसरे सदस्य डॉ. इनामउर रहमान पर दिनांक 31.05.2024 को रिटायरमेंट के बाद अनियमता के आरोप है जिसपर भी माननीय उच्च न्यायालय द्वारा नोटिस जारी करते जवाब तलब किया गया है, तीसरे सदस्य डॉ. नजमा हेपतुल्ला ने आज दिनांक तक वक्फ बोर्ड के सदस्य के रूप में पदभार ही ग्रहण नहीं किया और न ही वो किसी बोर्ड बैठक में शामिल हुई है वर्तमान में वह देश में नहीं है बल्कि विदेश में है और चौथे सदस्य आरिफ अकील मरहूम हो चुके है।
इसी कड़ी में मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल, वक्फ बोर्ड सदस्य एवं वक्फ मस्जिद व मज़ार मदार साहब उज्जैन कमेटी अध्यक्ष फैज़ान खान, वक्फ बोर्ड सदस्य अहादुल्ला उस्मानी, वक्फ बोर्ड सदस्य फातिमा चौधरी, वक्फ बोर्ड सीईओ डॉ. फरज़ाना गज़ाल एवं वक्फ मस्जिद व मज़ार मदार साहब उज्जैन कमेटी उपाध्यक्ष मोहम्मद हारून नागौरी, कमेटी सचिव शेख रशीद उद्दीन, कमेटी सदस्य सैयद उवेज अली व झूठे शपथ पत्रों के गवाह आवेश नागौरी एवं नदीम खान के विरुद्ध शिकायतकर्ता आमिर अंसारी द्वारा तथ्यात्मक दस्तावेजी साक्ष्यों सहित लोकायुक्त के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत करते दोषियों पर एफआईआर दर्ज करते कड़ी कार्यवाही की माँग की गई है।
लोकायुक्त के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेज़ो में बताया गया है कि मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड की आहुत होने वाली बोर्ड बैठकों में कोरम पूरा दर्शाने पिछली तारीखों में सदस्यों के दस्तखत कराये जाकर सीईओ द्वारा कार्यवाही विवरण तैयार किये जाते है, इसमें सर्वप्रथम वक्फ बोर्ड सदस्या फातिमा चौधरी जिन्हें वक्फ बोर्ड में शिया इस्लामिक कोटे से वक्फ बोर्ड में स्थान दिया गया है, वक्फ बोर्ड की आयोजित बैठक दिनांक 24.06.2023 में अपनी उपस्थिति दर्शाते फातिमा चौधरी द्वारा बोर्ड बैठक की उपस्थिति पंजी में दिनांक 05.08.2023 को बैक डेट में हस्ताक्षर किये है जबकि इसके ठीक विपरीत उक्त बोर्ड बैठक दिनांक 24.06.2023 के कार्यवाही विवरण में फातिमा चौधरी द्वारा दिनांक 09.07.2023 को हस्ताक्षर किये है जबकि हकीकत यह है कि बोर्ड बैठक दिनांक 24.06.2023 को फातिमा चौधरी हज यात्रा पर गई थी।
इसके अलावा वक्फ बोर्ड के एक और सदस्य अहादुल्ला उस्मानी जो मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड में बार कॉउंसिल सदस्य कोटे से शामिल किये गए है उनके द्वारा भी मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड बैठक में बैक डेट में हस्ताक्षर करते गड़बड़ झाला किया गया है, वक्फ बोर्ड की आहुत बैठक दिनांक 05.11.2024 में वक्फ बोर्ड सदस्य अहादुल्ला उस्मानी द्वारा वक्फ बोर्ड की उपस्थिति पंजी में अपनी उपस्थिति दर्ज करते हस्ताक्षर किया गया है जबकि दूसरी ओर उसी दिन दिनांक 05.11.2024 को वक्फ बोर्ड सदस्य अहादुल्ला उस्मानी माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय मुख्य खंडपीठ जबलपुर के समक्ष प्रकरण क्रमांक CONCR 02/2022 में पैरवी करते जबलपुर में उपस्थित थे।
इसके अलावा एक अन्य वक्फ बोर्ड सदस्य फैज़ान खान जो कि मुतवल्ली कोटे से वक्फ बोर्ड में शामिल किये गए है उनकी अध्यक्षता में गठित वक्फ मस्जिद व मज़ार मदार साहब कमेटी उज्जैन का कार्यकाल दिनांक 22.07.2024 को समाप्त होने के पश्चात दोबारा कमेटी का गठन 4 दिवस बीत जाने के बाद दिनांक 26.07.2024 को झूठे शपथ पत्र के आधार पर गठित की गई, वक्फ बोर्ड सदस्य फैजान खान पिता अब्दुल रज्जाक खान की अध्यक्षता में 07 सदस्यीय वक्फ कमेटी का गठन किया गया। वक्फ मस्जिद व मज़ार मदार साहब मदार गेट उज्जैन के गठन हेतु दिनांक 03.06.2024 को प्रस्तुत किए गए दस्तावेजो के साथ-साथ कमेटी के प्रत्येक सदस्य द्वारा वक्फ बोर्ड के समक्ष स्वयं अपने शपथ पत्र प्रस्तुत किए गए, जिसमें वक्फ बोर्ड सदस्य व वक्फ मदार साहब कमेटी अध्यक्ष फैजान खान, उपाध्यक्ष मोहम्मद हारून नागौरी, सचिव शेख रशीद उद्दीन एवं सदस्य सैयद उवेज अली द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्र दिनांक 03.06.2024 में अपने अपने प्रस्तुत शपथ पत्रों की कंडिका क्रमांक 03 एवं कंडिका क्रमांक 6 (4) में शपथपूर्वक कथन किया गया है कि उन्हें पूर्व में कभी भी वक्फ मस्जिद व मज़ार मदार साहब मदार गेट उज्जैन की प्रबंध कमेटी में नियुक्त नहीं किया गया है, जबकि वास्तविकता यह है कि मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड, भोपाल द्वारा पूर्व में पारित अपने आदेश क्रमांक 3248 दिनांक 23.07.2021 को वक्फ मस्जिद व मज़ार मदार साहब मदार गेट उज्जैन के प्रबंध हेतु फैजान खान की अध्यक्षता में गठित की गई 07 सदस्यीय कमेटी में फैजान खान को अध्यक्ष एवं मोहम्मद हारून नागौरी और सैयद उवेज अली को कमेटी में शामिल करते उक्त कमेटी में सदस्य के पद पर नियुक्त किया गया था, इसके अलावा उक्त कमेटी के उपाध्यक्ष मोहम्मद सारून नागौरी एवं सचिव शेख रशीद उद्दीन पर दर्ज एफआईआर को छुपाते वक्फ कमेटी में नियुक्ति हेतु शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया कि उनके विरुद्ध किसी भी न्यायालय में किसी भी प्रकार का आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध नहीं है। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड भी इस बात से भली भांति अवगत है कि फैजान खान पूर्व में भी वक्फ मस्जिद व मज़ार मदार साहब मदार गेट उज्जैन का अध्यक्ष रह चुका है जिसके चलते वक्फ अधिनियम की धारा 14 (1) (1) के अंतर्गत मुतवल्ली कमेटी की श्रेणी में चुनाव लड़कर आदेश क्रमांक 14/निर्वाचन/2023 दिनांक 05.04.2023 को मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के सदस्य के रूप में निर्वाचित किया गया, जिसके पश्चात दिनांक 22.07.2024 को फैजान खान की अध्यक्षता में गठित वक्फ मस्जिद व मज़ार मदार साहब मदार गेट उज्जैन की प्रबंध कमेटी का कार्यकाल समाप्त हो गया। वक्फ मस्जिद व मज़ार मदार साहब मदार गेट उज्जैन की वक्फ कमेटी में पुनः नियुक्ति पाने हेतु वक्फ बोर्ड सदस्य फैजान खान सहित मोहम्मद हारून नागौरी, शेख रशीद उद्दीन व सैयद उवेज अली द्वारा मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के समक्ष झूठे शपथ पत्र प्रस्तुत किए गए, उक्त झूठे शपथपत्रों में बतौर गवाह आवेश नागौरी एवं नदीम खान ने अपने हस्ताक्षर किए है।
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के सदस्यों फैज़ान खान, अहादुल्ला उस्मानी, डॉ. इनामउर रहमान एवं फातिमा चौधरी के इन सभी के क्रियाकलापों की जानकारी से भलीभांति अवगत होने के पश्चात भी वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल एवं सीईओ डॉ. फरज़ाना गज़ाल द्वारा इन सब अवैधानिक कृत्यों पर मौन स्वीकृति देते इस कारगुज़ारी में पूर्ण रूपेण भागीदार है, वक्फ बोर्ड के इस नियम विरुद्ध कार्यों की शिकायत शिकायतकर्ता आमिर अंसारी द्वारा लोकायुक्त को करते उक्त कृत्य में संलिप्त व सम्मिलित डॉ. सनवर पटेल, फैज़ान खान, अहादुल्ला उस्मानी, सदस्य फातिमा चौधरी, डॉ. फरज़ाना गज़ाल, मोहम्मद हारून नागौरी, शेख रशीद उद्दीन, सैयद उवेज अली, आवेश नागौरी एवं नदीम खान के विरुद्ध अपने पद का दुरुपयोग करते प्रदेश शासन के साथ धोखाधड़ी झूठे शपथ पत्र प्रस्तुत करते वक्फ मस्जिद व मज़ार मदार साहब उज्जैन की कमेटी गठित करवाना, मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड सदस्य अहादुल्ला उस्मानी एवं फातिमा चौधरी द्वारा बैक डेट में हस्ताक्षर करते अपने पदीय व्यवस्था का दुरुपयोग, मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल, सीईओ डॉ. फरज़ाना गज़ाल द्वारा अपने सदस्यगण फैज़ान खान, अहादुल्ला उस्मानी, डॉ. इनामउर रहमान एवं फातिमा चौधरी द्वारा अपराध कारित करने के पश्चात भी उनके द्वारा किए गए अपराध पर पर्दा डालते प्रदेश शासन को अवगत न कराते इस कृत्य में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहते इन समस्त नामजद पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करते प्रस्तुत ससाक्ष्य दस्तावेजी प्रमाणों के आधार पर दोषियों को दण्डित करवाने वक्फ हित में एफआईआर पंजीबद्ध करने की अपील की गई है।
इनका कहना है
वक्फ अधिनियम के अनुसार सात सदस्यीय वक्फ बोर्ड में हमेशा निर्वाचित सदस्यों की संख्या मनोनीत सदस्यों से अधिक होनी चाहिये परन्तु मौजूदा वक्फ बोर्ड में निर्वाचित सदस्यों की संख्या कम और मनोनीत सदस्यों की संख्या अधिक होने से वर्तमान वक्फ बोर्ड नियम विरूद्ध संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा ऑनलाईन बोर्ड बैठक आयोजित करने का उल्लेख वक्फ एक्ट में कहीं भी प्रावधानित नहीं है अपितु वक्फ एक्ट की धारा 20 (1) (c) के अंतर्गत स्पष्ट प्रावधान है कि वक्फ बोर्ड की लगातार 3 बैठकों में बिना ठोस कारण अनुपस्थित होने पर बोर्ड की सदस्यता समाप्त कर दी जायेगी।
तकमील नासिर,
अधिवक्ता,
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय
बैक डेट का खेल चालू आहे… लोकयुक्त पहुंची वक्फ बोर्ड अध्यक्ष और सदस्यों की शिकायत
