जीतेन्द्र सेन
बैरसिया। नगर में वर्षों से पसरे अवैध अतिक्रमण के जाल को आखिरकार प्रशासन की सख़्ती ने तोड़ ही दिया। बस स्टैंड चौराहे से लेकर अस्पताल मार्ग तक फैले ठेले,अस्थाई दुकानें और फुटपाथ पर पसरा सामान न केवल आमजन के लिए परेशानी का कारण बन रहा था, बल्कि कई बार ये अतिक्रमण जानलेवा भी साबित हुआ।आपको बता दें कि मुख्य मार्ग पर सब्ज़ी विक्रेताओं और दुकानदारों द्वारा मनमानी कर कब्ज़ा व्यवस्था से राहगीरों को निकलना मुश्किल हो गया था। रोड़ 10-12 फीट में सिमटकर गलियों में तब्दील हो गई थीं, जिससे आमजन के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे कई हादसों की पीड़ा झेल चुके बैरसिया नगरवासियों के लिए राहत की सांस तब आई, जब एसडीएम आशुतोष शर्मा ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कार्यवाही का बीड़ा उठाया। एसडीएम शर्मा ने पहले तो सब्ज़ी विक्रेताओं और ठेले वालों से संवाद स्थापित कर उन्हें समझाइश दी, और फिर प्रशासन की मदद से उन्हें तयशुदा स्थानों पर व्यवस्थित रूप से शिफ्ट किया गया। साथ ही अस्पताल के सामने वर्षों से फैले अतिक्रमण को हटाते हुए दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने निर्धारित सीमा में ही सामान रखें, अन्यथा कड़ी कार्यवाही की जाएगी। इस तरह की कार्यवाही के बाद न केवल मार्ग सुगम हुआ, बल्कि नगर की खूबसूरती और सुंदरता भी बढ़ी। सबसे बड़ी बात तो यह कि अब अस्पताल जाने वाले गंभीर मरीजों को रास्ते में रुकावटों का सामना नहीं करना पड़ेगा। क्षेत्र समेत नगरवासियों ने एसडीएम आशुतोष शर्मा का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनकी भूरी भूरी प्रशंसा की।
