* उलेमा ने कहा, ऐसे लोग हमारे नहीं हो सकते
* बनेंगी टोलियां, करेगी निगरानी
खान आशु
भोपाल। राजधानी भोपाल को शर्मसार करने वाले रेप कांड के बाद अब उलेमा ने सख्त फैसला लिया है। उलेमा ने मजहब ए इस्लाम को बदनाम करने वाले मामले से जुड़े गुनाहगारों को कौम से बेदखल करने का फैसला लिया है। इनका कहना है कि इस्लाम को मानने वाला कुरआन की सिखाई बातों पर अमल करता है, जबकि इन गुनाहगारों के क्रियाकलाप इस्लाम ही नहीं किसी भी मजहब की सीख नहीं हो सकती। उलेमा ने भोपाल रेप केस के सभी आरोपियों, उनके सहयोगियों और इन्हें संरक्षण देने वाले हर इंसान को इस्लाम के बाहर का करार दिया है।
राजधानी भोपाल के उलेमा ने कहा कि इस्लाम का तानाबाना आसमानी किताब कुरआन से जुड़ा है। यह किताब औरत की इज्जत, उसकी हिफाजत, उसके लिए अच्छे और बेहतर ख्याल रखने का हुक्म देती है। कुरआन ने किसी गैर मेहरम (जिससे कोई शरई रिश्ता न हो) की तरफ देखना भी गुनाह करार दिया है। ऐसी किसी महिला को देखना, बात करना या उससे कोई ताल्लुक बनाना जीना एक बड़ा गुनाह करार दिया गया है। अल्लाह ऐसे गुनाहगार को कभी माफ नहीं करता।
उलेमा ने कहा कि भोपाल में हुआ मामला न सिर्फ शहर और सूबे के साथ देश को शर्मसार करने वाला है, बल्कि इसने मजहब ए इस्लाम को भी नजरें झुकाने के हालात बना दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी एक इंसान की वजह से पूरी कौम को नफरत की नजर से देखा जा रहा है। इनके लिए होने वाले किसी फैसले या मिलने वाली हर सख्त सजा की पूरा मुस्लिम समुदाय पैरवी कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुरआन, हदीस और इस्लाम के खिलाफ काम करने वाला कोई भी व्यक्ति हमारे बीच का नहीं हो सकता। उलेमा ने इस मामले के सभी गुनाहगारों को कौम से बेदखल करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि इन गुनाहगारों का अब से मजहब ए इस्लाम से कोई संबंध नहीं रहेगा। यह लोग न हमारी मस्जिदों में दाखिल हो सकेंगे और न ही इन लोगों से शादी, ब्याह या अन्य किसी तरह के ताल्लुक भी मुस्लिम समुदाय रखेगा।

मांगी सख्त सजा
शहर के उलेमा ने भोपाल रेप केस के सभी आरोपियों के लिए सख्त सजा की मांग की है। उन्होंने कहा कि सामने दिखाई देने वाले गुनाहगारों के साथ वह लोग भी कसूरवार हैं, जो इन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मदद कर रहे हैं या करते रहे हैं। सियासी और बहुल का संरक्षण भी इस सजा का ही हकदार है। उन्होंने कहा कि इस मामले में हिन्दू मुस्लिम या सियासी घालमेल करने की बजाए पूरे शहर और सूबे को मिलकर इन सभी घृणित लोगों के लिए सजा की मांग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कानूनी दायरा न हो तो ऐसे लोगों को सार्वजनिक सजा दी जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों का दोहराव न हो सके।
निकाहख्वाह को ताकीद
उलेमा ने कहा कि हमारे प्रदेश में एक कानून अमल में है। जिसके मुताबिक दो अलग धर्मों के लड़के लड़कियों के बीच रिश्ता नहीं हो सकता। उन्होंने प्रदेश के सभी निकाह ख्वाह को ताकीद की है कि ऐसे किसी भी निकाह से बचें। इस तरह की शिकायत पाए जाने पर ऐसे निकाह ख्वाह के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। उनको भविष्य में किसी निकाह की तकमील करने का अधिकार भी नहीं रहेगा। शहर के उलेमा ने हिन्दू सम्प्रदाय से भी गुजारिश की है कि इस तरह की विवादित शादियों को मंदिर या किसी संस्था में न होने दिया जाए।
बनेंगी टोलियां, रखेंगी नजर
शहर के उलेमा ने समाज में वैमनस्यता फैलाने वाले युगलों पर निगरानी रखने के लिए पूरे प्रदेश में टीमें गठित करने का ऐलान किया है। यह टीमें सार्वजनिक स्थानों, स्कूल कॉलेज, वर्किंग प्लेस या होटल, ढाबों, रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट पर साथ दिखाई देने वाले लड़का लड़कियों पर निगरानी रखेंगी। ऐसे जोड़े मिलने पर तत्काल इनके परिवार और संबंधित थाने पर सूचित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अलग अलग धर्मों के लड़के लड़कियों का इस तरह साथ घूमना समाज में विकट हालत बना रहा है। इसको रोकने के लिए सभी को अपने परिवार में भी निगरानी रखने और बेहतर शिक्षा देने की जरूरत है।
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