भोपाल। वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को लेकर मध्य प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस पर आपत्ति जताई है। बोर्ड का कहना है कि इसमें कुछ बदलाव स्वीकार नहीं। बोर्ड ने सरकार पर देश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक सिर्फ और सिर्फ गुमराह करने का है। केवल भ्रम पैदा करना और सरकार का अपनी नाकामी को छुपाना है। इसमें कोई भी ऐसा पॉइंट नजर नहीं आता है। इसी को लेकर गुरुवार को राजधानी भोपाल में एक शांतिपूर्ण धरने का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें नारेबाजी, प्रदर्शन, झंडे बैनर, रैली को दरकिनार रखते हुए लोगों को शामिल होने के लिए कहा गया है।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि वक्फ की संपत्ति पर बहुत समय से सरकार की नजर है। सरकार की निगाह वक्फ संपत्ति पर थी, वह हड़प नहीं पा रही थी। वक्फ की जमीन को लेकर हम लोग शुरू से विरोध कर रहे हैं। लोकसभा में भी हमारे जितने सदस्य हैंस बोर्ड में भी हमने बात की है। एक-एक को बताया जाए यह लोग भ्रम फैला रहे हैं। वक्फ की संपत्ति को सरकार अपनी संपत्ति बनाना चाह रही है। उन्होंने कहा कि वक्फ की प्रॉपर्टी निजी है, यह हमारे लोगों के दान की हुई संपत्ति है। इसको दान किया गया है, जब तक बहुत अच्छा निजाम चला तो लोग चैरिटी के लिए संपत्ति दान करते रहे। उसके बाद डोनेशन भी बंद हो गया। दान करने से भी लोग डरने लगे। इसका नुकसान चैरिटी वालों को हो रहा है।
विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि संशोधन विधेयक के अनुसार अब वक्फ की जमीन पर कुछ भी कार्य करने से पहले कलेक्टर से पूछना होगा। यह प्रक्रिया लंबी भी होगी और अनावश्यक भी।
मसूद की अपील
राजधानी भोपाल में वक़्फ़ बिल के खि़लाफ़ 10 अप्रैल को दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक सेंट्रल लायब्रेरी ग्राउण्ड में धरना दिया जाएगा। ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने ऐलान किया है कि पूरे मुल्क में वक़्फ़ बिल के खि़लाफ़ एहतेजाज करना है, इसी सिलसिले में भोपाल में धरना वक्फ कानून के खिलाफ दिया जाएगा। बोर्ड के मेम्बर आरिफ़ मसूद ने अवाम से अपील की है कि इस धरने पर बिना किसी झण्डा, बैनर व बिना रैली बनाए खामोशी के साथ ज़्यादा से ज़्यादा तादाद में सेंट्रल लायब्रेरी ग्राउण्ड पहुंचकर अपना एहतेजाज दर्ज कराएं।
वक्फ संशोधन बिल: सिर्फ विरोध, न प्रदर्शन, शक्ति प्रदर्शन
