डिजिटल क्रांति का एक और कदम, अब नहीं देना होगी आधार की कॉपी

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सबसे आवश्यक पहचान पत्र को लेकर बड़ी अपडेट

भोपाल| भारत के सबसे आवश्यक पहचान पत्र आधार कार्ड के बिना अब हर कार्यवाही लगभग अधूरी ही रह जाती है, रेलवे के रिजर्वेशन से लेकर किसी योजना का लाभ लेने तक लगभग हर आवेदन बिना आधार कार्ड प्रस्तुत किए पूर्ण नहीं माना जाता है। इसी कड़ी में सरकार ने एक ऐसा ऐप लॉन्च किया है जिसके बाद व्यक्ति को आधार कार्ड की कॉपी जमा करने की झंझट से मुक्ति मिलेगी। आधार के इस ऐप के लांच होने के बाद अब क्यूआर कोड से ही काम आसान हो जायेगा। मसलन अब आपको होटलों, दुकानों, हवाईअड्डों या किसी अन्य जगहों पर आधार कार्ड की फोटोकॉपी देने की जरूरत नहीं होगी। आधार ऐप से ही आप अपना और अपनी पहचान को वेरिफाई करा सकेंगे।
डिजिटल क्रांति का सदुपयोग कर लोगों को सलूहियत देने के लिए केंद्र सरकार ने मंगलवार को नया आधार एप लॉन्च किया। जिससे आपका काम आसान होगा। QR Code से काम होगा आसान। केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को आधार संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ऐप के आने के बाद होटल और दुकान में आधार की फोटो कॉपी नहीं देनी होगी। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) आधार के नए ऐप का परीक्षण कर रहा। इससे चेहरे के जरिए सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होगी।

ऐसा होगा नया आधार ऐप
नया आधार ऐप पूरी तरह से सुरक्षित होगा, जो यह सुनिश्चित करता है कि आधार से जुड़ा डाटा कहीं पर लिक नहीं होगा। इस ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन किया जा सकेगा। किसी भी व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी पर पूरा नियंत्रण होगा। आधार से जुड़ी सिर्फ उतनी ही जानकारी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा की जाएगी, जितनी आवश्यक है।

अभी क्या होता है
अभी तक आधार सत्यापन के नाम पर किसी भी व्यक्ति का नाम, पता, मोबाइल नंबर से लेकर अन्य व्यक्तिगत जानकारी भी मांग ली जाती है। जबकि उतनी जानकारी की किसी को आवश्यकता नहीं होती है। कार्यक्रम में वरिष्ठ नीति निर्माता, विशेषज्ञ, टेक्नोक्रेट और पेशेवर समेत करीब 750 लोगों ने हिस्सा लिया।

आधार आर्थिक विकास में सहायक
मंत्री ने हितधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि हम विकास को आगे बढ़ाने के लिए एआई को डीपीआई के साथ कैसे एकीकृत कर सकते हैं। इस पर भी गहनता से काम हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने कहा कि आधार समावेशन को गति दे रहा है और आर्थिक विकास में सहायता कर रहा है। आधार परिष्कृत प्रणाली है जो गोपनीयता को सुरक्षित रखती है और पहचान को प्रमाणित करती है।

भविष्य के लिए तैयार यूआईडीएआई
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव डॉ. सौरभ गर्ग ने आधार के उपयोग के विस्तार को सक्षम करने के लिए यूआईडीएआई की सराहना की। वहीं, यूआईडीएआई के सीईओ भुवनेश कुमार ने कहा कि आधार फेस प्रमाणीकरण, पूरे प्रमाणीकरण परिदृश्य की पहचान बन रहा है। आधार पारिस्थितिकी तंत्र बड़ा हो गया है। यूआईडीएआई भविष्य के लिए तैयार है।

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