चकरघिन्नी. कॉम
खान आशु
विकास की उड़ान के स्वप्नों से सजा एक आयोजन पहली बार भोपाल में हो रहा है…! प्रधानमंत्री पहली बार भोपाल में रात्रि विश्राम करने वाले हैं…! यह भी पहली बार है, जब पीएम मंत्रियों और विधायकों से चर्चा करेंगे, विकास मंथन करेंगे, भविष्य के लिए मार्गदर्शन भी देंगे…! पीएम और होम मिनिस्टर बैक टू बैक एक ही प्रोग्राम में शामिल होंगे, यह भी बार ही है…! 25 से ज्यादा मुल्कों के नामचीन इंडस्ट्रियलिस्ट एक मंडप की शोभा बनेंगे, ऐसा भी पहले नहीं हुआ… न ही ऐसा हुआ था, जब देश के तमाम बड़े उद्योगपति एक साथ जुटे हों(कम से कम भोपाल में तो नहीं)…!
शहर की साजसज्जा, पुराने से लेकर नए शहर तक की बदली रंगत भी पहली बार नजर आ रही है…! दीवारों पर उकेरी गईं कलाकृतियां, सड़क किनारे लहराती खुशनुमा हरियाली, सड़कों, बिल्डिंगों और चौक चौराहों पर जगमगाती रोशनी भी दिवाली या राष्ट्रीय पर्व के अलावा तो दिखाई नहीं देती थी… यह भी भोपाल पहली बार ही देख रहा है…! लगे हाथ नई नवेली दुल्हन की तरह सजी नवाबकालीन इमारत सदर मंजिल भी मेहमानों की पहली आगवानी में शामिल हो गई…!
वीआईपी रोड, बोट क्लब, मानव संग्रहालय, श्यामला हिल्स, सीएम हाउस, शहर के कई स्टार होटल्स और शहर के आसपास फैली पर्यटन, ऐतिहासिक, पुरातत्विक और धार्मिक जगहें भी पहली बार ही इतनी झमाझम महसूस करने वाली हैं…!
ग्लोबल इंवेस्टर समिट के दो दिन, कुछ सत्र और सैंकड़ों बातें जब समापन की तरफ बढ़ें तो यह भी पहली बार होना चाहिए कि एक मुलाकात से औद्योगिक विकास की एक नई तहरीर लिख दी गई…! शहडोल से लेकर सतना… सागर से लेकर जबलपुर और रीवा तक भी विकास की वह बयार ठंडक बने, जो भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों के नसीब में ही सिमटी हुई थी…! “इस जमीन में चुंबकीय आकर्षण है” की कथोक्ति सत्यता के इतने करीब पहुंचे, कि यह कल्पना वाला सच साबित हो जाए…!
पुछल्ला
हर कोई चाहे मिलना…
महानायक की प्रदेश आमद है। देखने, मिलने, बात करने को लालायित। पार्टी से जुड़े लोगों तक बात स्वीकार्यता तक थी। जब विपक्ष भी इसके लिए ख्वाहिश जाहिर करने लगे तो किसी शख्सियत का अंदाज लगाया जा सकता है। अब जब मुलाकात की जुगत नहीं बन पाई तो कार्यक्रम में कीड़े निकालने की कवायद शुरू हो गई है। लेकिन पब्लिक है, सब समझ रही है कि यह खिसियानपन विपक्ष के हिस्से सिर्फ विकास बाधा बनने की नीयत की वजह से आया है।
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22/फरवरी/2025
