भोपाल। पुरातत्विक महत्व रखने वाली मूर्तियां प्रदेश के अलग अलग स्थानों पर मौजूद हैं। इनके इतिहास और महत्व के साथ इनसे जुड़े खास तत्वों को जन जन तक पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। इसी धारणा को लेकर संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय ने एक वेबिनार का आयोजन किया। इस दौरान जहां विशेषज्ञों ने कई खास जगहों की बारीकियों से रूबरू कराया, वहीं इनसे जुड़ी लोगों की जिज्ञासाओं को भी पूरा किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में विभाग की आयुक्त उर्मिला शुक्ला ने कार्यक्रम का उद्देश्य बताया। उन्होंने वेबिनार में शामिल विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए उन्हें विषय पर बात के लिए आमंत्रित किया। “मास्टर पीसेस ऑफ मप्र” विषय पर आधारित इस कार्यक्रम के वक्ता के रूप में डेक्कन कॉलेज ऑफ आर्कियोलॉजी, पुणे के डॉ गोपाल जोगे, पुरातत्व विभाग के पूर्व अधीक्षक डॉ मैनुएल जोसेफ और वरिष्ठ पुरातत्वीय अधिकारी डॉ रमेश यादव मौजूद थे। वक्ताओं ने अलग अलग विषयों पर अपने उद्बोधन देते हुए प्रदेश की कई विरासत की विशेषताओं से अवगत कराया। इस दौरान शहडोल म्यूजियम की नरसिंहा प्रतिमा, स्टेट म्यूजियम की हरिहर कृति और देव बडला के मंदिरों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने इन धरोहरों को लेकर विस्तृत जानकारी देते हुए इनका पुरातात्विक महत्व बताया।
हुईं जिज्ञासाएं शांत
वेबिनार में अलग अलग शहरों और विभिन्न क्षेत्रों से संबद्ध करीब 80 से ज्यादा लोगों ने भागीदारी की। वक्ताओं के उद्बोधन के बाद कई प्रतिभागियों ने सवाल किए। जिनके जवाब देकर वक्ताओं ने उनकी जिज्ञासा शांत की।
MP News : “मास्टर पीसेस ऑफ मप्र” के लिए जुटे जानकार, साझा की अपनी विरासत की खूबियां, वेबिनार के माध्यम से हुईं कई जिज्ञासाएं पूरी
