खान आशु
भोपाल। प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर के लिए अब किताबें या इंटरनेट खंगालने की मशक्कत से निजात मिलने वाली है। एक समग्र जानकारी वाली पोर्टल तैयार की गई है, जिसमें वांछित धरोहर की हर बात महज एक सिंगल क्लिक पर उपलब्ध होगी। किए गए इन प्रयासों से पुरातत्व प्रेमियों के लिए आसानी तो होगी ही, साथ ही इससे स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीद भी की जा रही है।
संस्कृति विभाग के तहत कार्यरत पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय निदेशालय के प्रयासों से यह आसानियां हो पाई हैं। इन कोशिशों के बीच प्रदेश के 502 ऐतिहासिक स्मारकों और 46 संग्रहालयों का संपत्ति मानचित्रण पूरा कर लिया है। इस मानचित्रण को मध्यप्रदेश के भू-स्थानिक पोर्टल (Geo Portal) के साथ एकीकृत किया गया है, जो अब सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है।
ताकि आए पारदर्शिता
इस पहल का उद्देश्य राज्य के ऐतिहासिक धरोहरों को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाना है। अब लोग इस पोर्टल के माध्यम से इन स्मारकों और संग्रहालयों का स्थान, उनकी स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रयास राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और इन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि करने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
जानकारी होगी सुलभ
निदेशालय के अधिकारियों ने बताया कि इस कदम से राज्य के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों की महत्ता को जागरूक करना और उन्हें विश्वस्तरीय मानक पर पेश करना संभव हो पाएगा। इस एकीकृत पोर्टल की मदद से लोग अब सरलता से इन स्मारकों और संग्रहालयों का दौरा कर सकेंगे, जिससे प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जानने का अवसर मिलेगा।
साथ ही इस पहल से न केवल ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण सुनिश्चित होगा, बल्कि इससे स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा।
MP News : अपनी धरोहर को देखना, जानना, समझना होगा आसान, सब कुछ मिलेगा सिंगल क्लिक पर, जानिए क्या है तैयारी
