MP News : वेतन के बदले मिली दुत्कार, सुनना पड़े जाति सूचक शब्द, अब थाने से भी हो रही टाल मटोल… लगी अदालत में गुहार, जानिए क्या है मामला

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खान आशु
भोपाल। मामला झुग्गी बस्ती में रहने वालों के बीच होता तो इसको आम मान लिया जाता। किस्सा उच्च शिक्षित और डॉक्टरी जैसे पेशे से जुड़ा हुआ है। एक अनुबंध के तहत दी गईं सेवाओं के बदले पार्टनर को गलियों से नवाजा गया, उसे जाति सूचक शब्दों से जलील किया गया और उसकी एक मोटी रकम भी दबा ली गई। न्याय की आस में पीड़ित व्यक्ति  अजाक थाने पहुंचा तो उसे वहां से भी हिला हवाली से ज्यादा कुछ हाथ नहीं लगा। मजबूर होकर पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उम्मीद जताई है कि उसके साथ हुए धोखे के बदले कसूरवारों को सजा मिले, उसके अपमान और तिरस्कार के लिए दोषियों पर कार्यवाही भी हो। साथ ही उसके अधिकार की राशि उसे सम्मान के साथ लौटाई जाए।
मामला राजधानी भोपाल से जुड़ा हुआ है। जहां चिकित्सा जैसे स्वस्थ पेशे में संलग्न लोगों ने इस तरह के हालात बनाए हैं। पीड़ित डॉक्टर सुमित कुमार ने बताया कि उन्होंने अद्वितीय अमेजिंग सेंटर कंपनी के अधीन काम करने वाली संस्था संकेत अमेजिंग सेंटर के साथ कुछ तयशुदा शर्तों पर काम शुरू किया था। उनका अनुबंध संस्था के डायरेक्टर डॉ राजीव मिश्रा के साथ हुआ था, जो इस कंपनी के समान अंश के हिस्सेदार हैं। मई 2024 में हुए इस अनुबंध के तहत डॉ राजीव मिश्रा ने डॉ सुमित को सेवा के बदले प्रति माह 4.50 लाख रुपए देने का समझौता किया था।

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पहले टालते रहे, फिर हुए उग्र
डॉ सुमित वर्मा अपनी नियुक्ति के बाद से अद्वितीय अमेजिंग सेंटर के लिए होशंगाबाद स्थित सेंटर पर भी सेवाएं देते रहे हैं। इसके बदले जब उन्होंने अपने वेतन की मांग की तो डॉ राजीव पहले उन्हें टालते रहे। लेकिन कई बार तगादा करने पर वे उखड़ गए और डॉ सुमित को भला बुरा कहते हुए गाली गलौज करने लगे। उन्होंने डॉ सुमित को उनकी अनुसूचित जाति से जोड़कर भला बुरा कहा और उन्हें ओकात याद दिलाने और सामाजिक एवं आर्थिक बहिष्कार करने की धमकी भी दी।

थाने से नहीं हुई कार्यवाही
डॉ सुमित वर्मा ने बताया कि वे अनुसूचित जाति से संबद्ध होकर कोरी समाज से वास्ता रखते हैं। उनके साथ हुई अभद्रता, सामाजिक तिरस्कार और साख पर लगे दाग को लेकर वे आदिम जाति कल्याण थाने पर अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। लेकिन पुलिस ने न तो उनके आवेदन पर विचार किया और न ही दोषियों के खिलाफ किसी कार्यवाही को आगे बढ़ाया। इसके बाद डॉ सुमित ने इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने डॉ राजीव मिश्रा  के खिलाफ अदालत में मामला दायर किया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण से संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य के साथ अदालत से न्याय की गुहार लगाई है।

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