भोपाल। दुनिया का निजाम है, सदियों से यूंही चल रहा है, कयामत तक ऐसे ही चलता रहेगा। इंसान कल नहीं था, आज है, कल नहीं रहेगा…! मतलब जो आया है, उसे लौटकर अल्लाह की तरफ जाना है। दुनिया और आखिरत की बेहतरी के लिए जरूरी है कि हम जब तक दुनिया में हैं, अल्लाह की रजा के लिए काम करते रहें।
काजी ए शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी ने यह बात कही। वे शनिवार को इज्तिमगाह पहुंचे थे। उन्होंने यहां अगले सप्ताह शुरू होने वाले आलमी तबलीगी इज्तिमा की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए खुशी और फख्र की बात है कि इस शहर करीब 77 बरस से यहां आलमी तबलीगी इज्तिमा का इंतजाम किया जा रहा। शहर काजी ने कहा कि इज्तिमा का मकसद ही लोगों को जिंदगी गुजारने के तरीके सिखाना है। उन्होंने कहा कि भलाई के काम करते रहें, यही अल्लाह को राजी रखने का आसान तरीका है।
अल्लाह ने भेजा इबादत के लिए
शहर काजी ने कहा कि अल्लाह ने हमें इस दुनिया में इबादत के लिए भेजा है। इसीलिए हम सभी पर फर्ज है कि एक एक लम्हे को अच्छे कामों, लोगों की भलाई, इबादत में गुजारें। उन्होंने कहा कि इंसान एक दूसरे के लिए अच्छे ख्याल रखे। किसी इंसान का दूसरे इंसान को मुस्कुरा कर देखना भी अल्लाह की इबादत जैसा ही है। उन्होंने कहा कि एक दूसरे को देखकर नाराज होना, बुरा मानना, उसके लिए नुकसान का सबब बनना किसी जानवर का किरदार हो सकता है, यह इंसानी फितरत नहीं कही जा सकती।
शिरकत करें, दूसरों को भी दावत दें
शहर काजी ने कहा कि शहर के बाशिंदों के लिए अहम और फख्र करने जैसा मौका है, जब उनके शहर में इज्तिमा आयोजन हो रहा है। इसमें सभी लोगों को पाबंदी से शिरकत करना चाहिए। साथ ही बाकी लोगों को भी इसके लिए दावत देना चाहिए। उन्होंने इज्तिमा की कामयाबी की दुआ की। साथ ही इस काम को पूरा करने में जुटे लोगों की बेहतरी की भी दुआ की।
इंसान नहीं था, आज है, कल नहीं रहेगा… जब तक हैं, भले काम करें : शहर काजी
