खान आशु
भोपाल। त्योहारी खुशियों में भी सियासी घालमेल होता दिखाई देने लगा है। मप्र सरकार द्वारा जारी किए गए गौवर्धन पूजा को सरकारी तौर पर मनाए जाने के आदेश पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि सरकार को ऐसे आयोजन करने की बजाए उन गाय की फिक्र और व्यवस्था करना चाहिए, जो सड़कों पर भटक रही हैं।
राजधानी भोपाल की मध्य विधानसभा के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सरकारी तौर पर गौवर्धन पूजा किए जाने पर ऐतराज जताया है। मसूद ने कहा कि त्यौहारी व्यवस्थाएं करना सरकार का काम है, न कि इस तरह सरकारी खर्च पर त्यौहार मनाना। मसूद ने कहा कि प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार इवेंट करने में इतनी व्यस्त है कि वह विकास और मूलभूत सुविधाओं को भूल गई है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई त्यौहारों का सरकारीकरण और इससे बढ़कर भाजपाकरण किया जा चुका है। लेकिन न तो यह सरकार की संवैधानिक व्यवस्था के अनुकूल है और न ही इस तरह की कोई जरूरत आमजन को है। मसूद ने कहा कि गौवर्धन पूजा के लिए मंत्रियों को निर्देशित करने की जरूरत नहीं थी। इससे बेहतर तो यह होता कि सड़कों पर परेशान हो रहीं गौ माता के लिए उचित प्रबंधन किए जाते।
करोड़ों का अनुदान, गौमाता फिर भी परेशान
विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि प्रदेश में मौजूद दर्जनों गौ शालाओं के लिए करोड़ों रुपए का सरकारी अनुदान दिया जा रहा है। लेकिन चंद लालची लोगों के हाथों में मौजूद इस व्यवस्था का नतीजा यह है कि पैसा लोगों की जेब में है और गौवंश सड़कों पर हैं। इसका असर यह है कि गौमाता भी परेशान हैं और आमजन भी। विधायक मसूद ने कहा सड़कों पर खुलेआम विचरण कर रहे पशुओं की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं। कई एजेंसियों से जारी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा भी हो चुका है, लेकिन सरकार इस तरफ से आँखें बंद किए बैठी है।
क्या है आदेश
प्रदेश की डॉ मोहन सरकार के दौर में त्यौहारों के सरकारी आयोजन की नई परम्परा शुरू की गई है। जन्माष्टमी से लेकर गौवर्धन पूजा तक के लिए सरकारी व्यवस्था की जा रही हैं। इस गौवर्धन पूजा के लिए भी सभी मंत्रियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अपने क्षेत्र की गौशाला में विशेष पूजन व्यवस्था करें। इस आयोजन को सरकारी स्वरूप में मनाने के लिए कहा गया है।
MP News : गौवर्धन पूजा के सरकारी आदेश पर किलकिल, मसूद ने जताया ऐतराज, जानें क्या बोले कांग्रेस विधायक
