प्रशिक्षण से सीखी बारीकियां, ताकि गूंजता रहे, ये आकाशवाणी है और आप सुन रहे हैं….!

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भोपाल। रेडियो का दौर चरम पर रहा, लोगों के दिल ओ दिमाग और जिंदगियों पर हावी रहा। फिर जमाना बदला, रेडियो और उससे प्रसारित होने वाले प्रोग्राम विलुप्त होते गए। जमाना एक बार फिर बदला, रेडियो ने अपने लिए फिर जगह बना ली। रेडियो से प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों की गुणवत्ता बनी रहे, उसकी ख्याति बढ़ती जाए और इसकी पहुंच मनोरंजन के हर साधक तक हो सके, इसी मंशा के साथ अपडेशन और नवीनीकरण से जुड़ाव के प्रयास जारी हैं।
इसी कड़ी में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ ब्रॉडकास्टिंग एंड मल्टीमीडिया, भुवनेश्वर द्वारा आकाशवाणी भोपाल के सहयोग से 10 किलोवाट डीबीई एफएम ट्रांसमीटर की ट्रेनिंग एवं वर्कशॉप का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्घाटन आशीष पोतनीस, यशवंत हरिश्चंद्र चिवंडे, और अजीम अहमद हाशमी, उपनिदेशक, की उपस्थिति में किया गया।
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ ब्रॉडकास्टिंग एंड मल्टीमीडिया (एनएबीएम) प्रसार भारती का एक प्रमुख संस्थान है, जिसका उद्देश्य आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना है। एनएबीएम भुवनेश्वर के उप महानिदेशक आनंद चंद्र सुबुधि द्वारा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, और गुजरात के विभिन्न आकाशवाणी केंद्रों से आए इंजीनियरों को एफएम ट्रांसमीटर के संचालन का विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के समापन पर, आकाशवाणी भोपाल के उप महानिदेशक यशवंत हरिश्चंद्र चिवंडे और उपनिदेशक अजीम अहमद हाशमी द्वारा सफल प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में  विनय गुप्ता, सहायक निदेशक दूरदर्शन केंद्र भोपाल, सुभाष चंद्र सक्सेना, सहायक निदेशक,  राजीव सक्सेना, सहायक अभियंता, और आकाश ताम्रकार का विशेष योगदान रहा।

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